अपनी गर्लफ्रेंड को फुर्सत में चोदा

kamukta, antarvasna हेल्लो दोस्तो | आज मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाती हूँ | जब आप इस कहानी से परिचित होंगे तब आपको मालूम चलेगा की मेरी चुदाई कैसे हुई | मैं एक कॉल सेन्टर में कार्य करती थी | जिस कॉल सेन्टर में कार्य करती थी उस कॉल सेन्टर में एक लड़का भी कार्य करता था | उस लड़के से मेरी मित्रता हो चुकी थी | उस लड़के ने मुझे उसके घर पर चोदा था | मैं उसके घर पर उससे मिलने के लिए गयी हुई थी | उस लड़के ने मुझे बताया था की वो उसके पापा के साथ रहता है | उसकी मा किसी अन्य शहर पर रहती थी | मैं जब कॉल सेन्टर में कार्य करती थी तब वो लड़का भी वहा पर आया करता था | जब कॉल सेन्टर में लंच होता था तब मैं उस लड़के के साथ भोजन खाया करती थी | जब मैं कॉल सेन्टर आई हुई थी पहेले दिन तो वो लड़का मुझे देखा करता था | मैं भी उस लड़के को देखा करती थी | हम लोग शुरु में सिर्फ देखा करते थे |

कुछ दिन तक देखने के बाद उस लड़के ने मुझ से मित्रता कर लिया | मेरी एक सहेली ने मुझ से कहा की वो लड़का तुम्हे सिर्फ देखा करता है और सिर्फ तुमको देखता रहता है मुड मुडकर | एक दिन मैं उस लड़के से मिलने के लिए अपनी एक सहेली के साथ गयी | वो कुछ दूर पर एक कॉल सेन्टर की एक कुर्शी पर बैठा हुआ था | मैं अपनी सहेली के साथ उस लड़की के पास गयी | फिर कुछ समय के बाद उस लड़के से मैं अपनी सहेली के साथ बात करने लगी | बात करने के दौरान मुझे उस लड़के के विषय में सब मालूम चला | उस दिन के बाद से उस लड़के से मेरी मित्रता हो चुकी थी | जब मेरी उस लड़के से मेरी मित्रता हो चुकी थी तो मैं कॉल सेन्टर पर उससे बात किया करती थी | एक दिन उस लड़के ने मुझ से कहा की क्यो न हम लोग तुम और कॉल सेन्टर की तुम्हारी कुछ सहेलिया कही पर किसी होटल पर घुमने के लिए चलते है | मैं और कुछ लडकियो ने एक ऑटो किराये पर लिया था ताकि होटल पर पहुच सके | उस लड़के ने मुझ से कहा की वो उसके मोटरसाइकिल से आने वाला है | मैं अपनी सहेलीयो के साथ होटल की कुर्सी पर बैठी हुई थी | तब वो लड़का आया जिसके लिए मेरी सहेलिया इन्तेजार कर रही थी | वो लड़का आया और फिर वो होटल की कुर्सी पर बैठ गया | तब मैं उस लड़के से बात करने लगी | मेरे पास तब तक उस लड़के का फोन नम्बर नही था | उस दिन होटल पर समोसा खाने के बाद और होटल का बना हुआ पकवान खाया | उस दिन फिर उस लड़के से किसी वजय से मैंने उसका नम्बर ले लिया |

अगले दिन वो लड़का कॉल सेन्टर आया | उस दिन के बाद से जब मेरा फोन नम्बर उसके पास था तब वो मुझे फोन लगाया करता था और मैं उसे फोन लगाया करती थी | ऐसा करने से वो मेरा एक खास मित्र बन गया | एक दिन जब मैं उस लड़के के साथ कही पर घुमने के लिए अपनी सहेलियो के साथ थी तब उस लड़के ने मेरा दूद को दबा दिया था | वो मेरे दूद को दबाने के बाद मेरे होटो को चूम रहा था | वहा पर मेरी सहेलिया भी थी लेकिन वो कुछ दूर पर थी | उस दिन मैं उस लड़के के साथ कॉल सेन्टर से छुट्टी मिली हुई थी इसलिए हम लोग घुमने के लिए गए हुए थे | घूमते समय उस लडके ने मेरे दूद को दबाया और मेरे होटो को चूमा | मैंने भी उस लड़का का साथ दिया | कुछ समय के बाद उस लड़के ने मुझे गले लगा लिया | लडकियो के वहा पर मौजूद होने के वजय से उस लड़के ने मुझ से कहा की मैं कभी किसी अन्य दिन तुमसे मिलूँगा | कुछ समय के बाद मैंने उस लड़के के हाथ को पकड लिया | उस लड़के की अदाए मुझे पसन्द आती थी इसलिए मैं उस लड़के को पसन्द करती थी | मैंने भी उस लड़के को कहा अगर तुम जिस दिन अकेले रहोगे तो उस दिन मुझे फोन करना और मैं तुम्हारे साथ घुमने के लिए चल सकती हूँ | एक दिन जब कॉल सेन्टर की छुट्टी थी तब मैंने उस लड़के को फोन लगाया |

मेरा फोन आने पर वो लड़का मुझे लेने के लिए आया था | मैं अपनी स्कूटी पर थी और वो लड़का उसकी मोटरसाइकिल से आया हुआ था | मैं फुर्सत के समय पर उस लड़के के साथ मोटरसाइकिल से घुमने के लिए जाया करती थी लेकिन वो अलग मोटरसाइकिल से रहा करता था और मैं स्कूटी पर रहा करती थी | एक दिन उस लड़के ने उसकी बहन से मेरी मित्रता करवा दिया | मैं अब उसकी बहन से मिलने के लिए उसके घर पर जाया करती थी | एक दिन जब उसके घर पर कोई नही था तब मुझे मालूम था की वो लड़का सिर्फ घर पर है | मैं उस लड़के से मिलने के लिए उसके घर पर गई हुई थी | उसके घर पर पहुचने पर उस लड़के ने मेरा स्वागत किया | फिर उस लड़के ने मुझ से कहा की आज घर पर कोई नही है | फिर उसने अपनी बहे पहलाया और मेरे होटो को चूमने लगा | उसके बाद उस लड़के ने मेरे चूत की चड्डी को खोल दिया और उंगली डालने लगा | उसने मेरी चूत को चाटने के लिए मेरी चड्डी को उतार दिया | जब मेरी चड्डी उतर गयी तो उसने उसके घर की जमीन के ऊपर चादर को भिछा दिया | मैं फिर उस लड़के के भीछाये हुए चादर पर लेट गयी | फिर उस लड़के ने मेरी चूत को चाटता रहा | कुछ समय तक चूत को चाटने के बाद उस लड़के ने मेरी चूत के अन्दर अपना लंड डाल दिया | उसका लंड मेरी चूत के अन्दर और बाहर हो रहा था | वो लड़के देर तक मेरी चुदाई कर रहा था | कुछ समय के बाद वो मुझे चोदकर थक गया | फिर उस लड़के ने मुझ से कहा की तुम अब कपडे पहन लो वर्ना कोई घर पर आ सकता है |

कपडे पहनकर उस लड़के ने दरवाजा को खोला | लेकिन जब उसने दरवाजा खोला तब उस समय कुछ दूर पर उसकी बहन घर पर आ रही थी | फिर उसने मुझ से कहा की मेरी बहन आ रही है इसलिए सतर्क रहना | उसकी बहन घर के अन्दर घुस गयी | उसकी बहन ने मुझ से पूछा की तुम यहा पर कब आई तो उसकी बहन से कहा की मैं तुमसे मिलने के लिए आई हूँ | फिर मैं उस लड़के की बहन के साथ छत के उपर चली गयी | छत पर कुछ समय बिताने के बाद घर के बाहर चली गयी |

फिर मैंने उस लड़के को फोन लगाया और कहा की मैं कभी किसी दिन आऊँगी जब घर पर कोई मौजूद नही रहेगा | एक दिन मैं उस लड़के के एक गार्डन घुमने के लिए गयी थी | जब मैं उस लड़के के साथ गार्डन में घूम रही थी तब हमने ठेले की बनी हुई समोसा का लुफ्त उठाया | मुझे उस समय भूख लग रही थी इसलिए मैंने उस लड़के से कहा की हम लोग घुमने से पहेले समोसा खा लेते है | उस लड़के ने फिर मुझ से कहा की चलो अब हम लोग कही किसी एकान्त जगह पर चलते है | उस समय मैं अपनी स्कूटी से आई हुई थी और वो लड़का उसकी मोटरसाइकिल से आया हुआ था | वो लड़का मेरे साथ घूम रहा था |  फिर उस लड़के ने मुझ से कहा की चलो किसी एकान्त जगह पर चलते है | फिर उस लड़के के साथ मैं किसी एकान्त जगह पर चली गयी | एकान्त वाली जगह पर पहुचकर उस लड़के ने मेरी चुदाई करना शुरु किया | वो मुझे एक पहाड़ वाली जगह पर लेकर चला गया | मैं उस लड़के के साथ पहाड़ वाली जगह पर रुकी हुई थी | फिर उस लड़के ने जो किया उसे जानकर आप चाकित रह जाओगे | उस लड़के ने मेरे कपडे उतार दिया | ऊपर का कुरता खोलने के बाद उस लड़के ने मेरे दूद को दबाया | दूद को दबाने के बाद उस लड़के ने मेरी चड्डी को निचे उतरा और फिर मेरे लंड को मेरी चूत के अन्दर डाल दिया | फिर वो लड़का मेरी चूत में उसका लंड डालकर चोद रहा था | उस लड़के ने मुझे चोद लिया तो वो कहने लगा चलो अब देर हो रही है और फिर मैं घर लौटकर आ गई | जब वो लड़का मुझे चोद रहा था तब कुछ समय के बाद उस लड़के के लंड से वीर्य निकलने लगी | वीर्य निकलने के कारण उसके लंड के उपर चिकनाई आ गई थी | फिर वो लड़का मेरी चूत को उसके लंड से चोद रहा था | उसका लंड मेरी चूत के अन्दर और बाहर घुस रहा था | उसकी चुदाई करने के वजय से मेरी चूत लाल हो गयी थी | मेरी चूत लाल हो गयी थी फिर भी वो मेरी चूत को चोद रहा था |

कुछ समय तक मेरी चूत के साथ कुस्ती करने के बाद उस लड़के ने मुझे चोदना बन्द कर दिया | जब उसने मुझे चोदना बन्द किया तो उसके लंड से वीर्य गिर रहा था | चोदने से पहेले उस लड़के ने मुझे उसका लंड चूसने के लिए दिया था | मैं उसका लंड चूस रही थी फिर मैंने उस लड़के से कहा मैं तुम्हारा लंड चूस कर थक गयी हूँ | लंड चूसने के बाद उस लड़के ने मेरी चुदाई करना शुरु किया | उस दिन मैं सुबह से उस लड़के के साथ घूम रही थी | जब शाम हो गया तो मैं उस लड़के के साथ घर लौटकर आ गयी | उस लड़के का साथ पाना मुझे पसन्द आता है |  इसलिए मैं उस लड़के के साथ घुमने के लिए जाया करती थी | वो लड़का एक व्यवसायिक लड़का था इसलिए वो मेरे ऊपर खर्चा भी किया करता था | उसकी इस खास अदा ने मुझे प्रभावित भी किया था | वो एक आम लड़का था लेकिन एक खर्च करने वाला लड़का था | मैं उसको इसलिए पसन्द करती थी क्योकि वो मेरे ऊपर खर्च किया करता था | जब मेरे पास फुर्सत का वक्त रहता था तब मैं उस लड़के को फोन लगाया करती थी | उस लड़के के फोन आने पर मैं कभी कभी उससे मिलने के लिए भी जाया करती थी | मैं उससे मिलने के लिए तब जाती थी जब मेरे पास फुर्सत का समय हुआ करता था | मैं उस लड़के के साथ एक गार्डन पर घुमने के लिए जाया करती थी | वो लड़का अब मेरा एक खास मित्र बन चूका है | जब मेरे पास फुर्सत का समय रहता था तब मैं उस लड़के से मिलने के लिए अपने घरवालो से बचकर जाया करती थी |

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