अपने दोस्त की बीवी के साथ चुदाई 2

प्रेषक : विजय …

हैल्लो दोस्तों, मेरी कामुकता डॉट कॉम पर यह पहली स्टोरी है, यह स्टोरी मेरी और मेरे दोस्त कि बीवी के बीच की है। अब में आपको अपने दोस्त की बीवी के साथ चुदाई पार्ट -1 की आगे की स्टोरी बताने जा रहा हूँ। अब मेरे दिल्ली से लौटने के बाद सुष्मिता भाभी का फोन अक्सर आने लगा कि जब से तुमने चोदा है तुमसे बार-बार चुदवाने का मन करता है, तुम 2-3 दिनों के लिए ही फिर आ जाओ ना। तो मैंने कहा कि में आ तो जाऊं, लेकिन में तुम्हें चोद कैसे पाउँगा? में अमर के रहते हुए तुम्हें नहीं चोद सकता हूँ और अमर की अनुपस्थिति में आने का मतलब लोग गलत निकालेंगे। तो भाभी बोली कि तुम आ जाओ बाकी में सब कुछ देख लूँगी, अमर तुमसे खुद मुझे चोदने के लिए कहेगा बस तुम देखते रहना। फिर मुझे भाभी के अलावा अमर का भी फोन आया कि छुट्टियों में 2-3 दिनों के लिए ही आ जाओ, तो मैंने कह दिया कि अगले शनिवार को शाम की फ्लाइट से आ रहा हूँ।

अब शनिवार को एयरपोर्ट पर अमर और सुष्मिता भाभी मौजूद थे, अब भाभी वही साड़ी और ब्लाउज पहने थी, जो मैंने उन्हें खरीदवाए थे और उन्होंने हीरे के टॉप्स भी पहने थे, शायद ब्रा, पेंटी और पेटिकोट भी वही पहने हों। फिर अमर ने मुझे गले लगाया और फिर भाभी भी मुझे देखकर बहुत खुश हुई। फिर हम सब घर आ गये और जाने कितनी इधर-उधर की बातें करते रहे। फिर मैंने अमर से पूछा कि तुम्हारे टेंडर का क्या हुआ? तो अमर ने कहा कि उसका टेंडर पास हो गया है।

तो मैंने कहा कि इसका तो सेलीब्रेशन होना चाहिए, तो अमर ने कहा कि मैंने कब माना किया है? तो मैंने कहा कि में जानता था कि तुम्हारा टेंडर पास हो जाएगा इसलिए उसे सेलीब्रेट करने के लिए में जॉनी वॉकर ब्लू लेबल विस्की लेकर आया हूँ। फिर मैंने भाभी से कहा कि तीन गिलास, सोड़ा और बर्फ और स्नैक्स ले आइए, तो भाभी तीन गिलास, सोड़ा और बर्फ ले आई। फिर उन्होंने अमर से पूछा कि स्नैक्स में क्या लाए? तो अमर ने कहा कि सॉल्टेड काजू, सॉल्टेड पिस्ता और चिप्स ले आओ, तो भाभी वो तीनों चीजे ले आई। फिर हम तीनों ने ब्लू लेबल विस्की पी, तो भाभी बोली कि यह सचमुच बहुत बढ़िया विस्की है। तो अमर बोला कि यह सबसे महँगी विस्कीयों में से है तो बढ़िया तो होगी ही। तो मैंने कहा कि अभी हाल ही में में विदेश गया था तो वहीं से लेता आया, मुझे खुशी है कि भाभी जी को विस्की अच्छी लगी। फिर थोड़ी देर विस्की पीने के बाद सबको विस्की का असर चढ़ने लगा और जैसा हमेशा होता है सब लोग बहकी-बहकी बातें करने लगे। फिर अमर बोला कि सूशी जरा वो सी.डी लगा दो, जो अभी हाल ही में में लाया हूँ।

तो भाभी ने टी.वी ऑन करके वो सी.डी लगा दी, वो एक ट्रिपल-जे मूवी थी, जिसमें एक औरत दो आदमियों से एक साथ सेक्स का मज़ा ले रही थी। उसमें कई सीन्स ऐसे थे, जिसमें एक औरत एक आदमी का लंड चूस रही थी और साथ-साथ अपनी चूत चुदवा रही थी, तो किसी सीन में एक औरत अपनी चूत चुदवाने के साथ-साथ एक दूसरे आदमी से अपनी गांड मरवा रही थी, तो एक सीन में एक औरत एक आदमी से अपनी चूत चुदवा रही थी और उस आदमी की दूसरा आदमी गांड मार रहा था और एक सीन में दोनों आदमी एक औरत की एक-एक चूची चूस रहे थे और एक आदमी उसकी चूत में उंगली डालकर अंदर बाहर कर रहा था और दूसरा आदमी उस औरत की गांड सहला रहा था, इसी तरह के उसमें कई सीन्स थे। फिर अमर मुझसे बोला कि तुमने यह फिल्म देखी है अभी हाल ही में कई सी.डी इस तरह की आई थी, जिसमें एक औरत दो आदमियों से सेक्स का मज़ा लेती हुई दिखाई गई है। तो इन्हें देखकर सूशी की भी इच्छा हुई की वो भी दो आदमियों से एक साथ सेक्स का मज़ा ले, उसने कहीं पढ़ा भी था की एक साथ चूत और गांड मराने में औरत को सबसे ज़्यादा मज़ा आता है। तो मैंने उससे कहा कि विजय को बुला लो तभी यह मज़ा मिल पाएगा, तो तभी से वो बार-बार तुम्हें फोन कर रही है।

तो उसकी यह बात सुनकर मैंने कहा कि कैसी बातें कर रहे हो? में भाभी को कैसे चोद सकता हूँ? आख़िर वो मेरी भाभी है। तो अमर इस पर बोला कि सुष्मिता मेरी बीवी है फिर भी में तुमसे उसे चोदने के लिए कह रहा हूँ, तो फिर तुम्हें क्या एतराज़ है? क्या तुम नहीं चाहते की जो मजा वो लेना चाहती है, वो उसे मिले? तो मैंने कहा कि अगर तुम कह रहे हो तो जो तुम कहोगें, वो में करूँगा। फिर भाभी ने बढ़िया सा खाना परोसा और हम तीनों ने खाया। फिर खाना खाने के बाद अमर ने कहा कि आज शराब पी जाए, तो फिर भाभी तीन छोटे गिलासों में शराब ले आई और फिर हम तीनों ने शराब पी। अब हम तीनों को ही शराब का शुरूर हो गया था। फिर इसके बाद अमर बोला कि अब सब हमारे बेडरूम में चलते है, आज वहाँ सूशी को एक साथ दो आदमियों से सेक्स का मज़ा दिया जाए और यह कहकर बेडरूम में पहुँचकर अमर ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए और बिल्कुल नंगा हो गया।

फिर उसने मुझसे और भाभी से भी अपने सभी कपड़े उतारने के लिए कहा। तो इस पर हम दोनों ने भी अपने पूरे कपड़े उतार दिए और हम दोनों भी अमर की तरह बिल्कुल नंगे हो गये। फिर भाभी मेरा लंड अमर को दिखाकर अमर से बोली कि तुम ठीक ही कहते थे कि इसका लंड बहुत लंबा और मोटा है, इसके सामने तुम्हारा लंड तो बिल्कुल ही छोटा सा लगता है। तो अमर ने कहा कि मैंने तुम्हें पहले ही बता दिया था कि विजय का लंड हम सब में सबसे लंबा और मोटा है। फिर अमर ने सुष्मिता से पीठ के बल लेट जाने के लिए कहा, तो वो अपनी पीठ के बल लेट गई। फिर उसने मुझसे सुष्मिता की एक चूची चूसने के लिए कहा और दूसरी चूची वो खुद चूसने लगा और अपनी एक उंगली उसकी चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगा था।

अब में भी भाभी की गांड पर क्रीम लगाकर सहलाने लगा था। तो अब भाभी की दोनो चूचीयाँ चूसने से और गांड के सहलाने से और चूत में उंगली अंदर बाहर होने से भाभी बहुत चुदासी हो गई थी और चोदने के लिए कहने लगी कि आ आ अब रहा नहीं जाता, अब जल्दी से मुझे चोद दो। तो इस पर अमर ने मुझसे भाभी को चोदने के लिए कहा और उसने अपना लंड भाभी के मुँह में डाल दिया, जिसे भाभी जोर- जोर से चूसने लगी। फिर मैंने भाभी की दोनों टाँगों के बीच में आकर अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और कस-कसकर धक्के लगाने लगा। तो भाभी मस्त हो गई और अब उन्हें बहुत मज़ा आने लगा था और फिर अमर भाभी के मुँह में ही झड़ गया। फिर मैंने और अमर ने अपने-अपने लंड भाभी की चूत और मुँह से बाहर निकाल लिए और फिर मैंने भाभी को डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया। अब वो मेरे लंड के ज़ोरदार झटकों से चिल्ला रही थी, लेकिन साथ ही साथ कह रही थी कि रूको मत आज मेरी चूत को फाड़ डालो, इसे अपने लंड के साईज़ का बना दो।

अब तक भाभी 2 बार झड़ गई थी और फिर में तकरीबन आधे घंटे के बाद झड़ गया, अब भाभी बहुत ही बुरी तरह से थक गई थी। फिर मैंने उनसे पूछा कि आपको कैसा लगा? तो उन्होंने कहा कि बहुत ही अच्छा लगा। फिर उसके बाद हम लोगों ने अपने आपको बाथरूम में जाकर साफ किया और सो गये। फिर दूसरे दिन रविवार को भी हम तीनों लोगों ने ब्लू लेबल विस्की पी और रात में भाभी की एक साथ चूत चोदने और गांड मारने का प्रोग्राम बनाया। फिर अमर ने भाभी से पूछा कि तुम किससे चुदवाना चाहती हो? और किससे गांड मराना चाहती हो? तो भाभी बोली कि विजय के लंबे और मोटे लंड से क्या मुझे अपनी गांड फड़वानी है? जो उससे गांड मराऊंगी, मेरी गांड तुम मारो और में विजय से ही चुदवाऊंगी। अब मैंने सी.डी में जो मोविए देखी थी, उसके हिसाब से में अपनी पीठ के बल लेट गया और भाभी ने मेरे ऊपर चढ़कर मेरा लंड अपनी चूत में घुसेड़ लिया। अब में उचक-उचककर धक्के लगाने लगा और साथ-साथ उनकी चूची भी चूसने लगा था।

तो फिर अमर ने भी भाभी की गांड में और अपने लंड पर क्रीम लगाकर अपना लंड भाभी की गांड में धीरे-धीरे घुसेड़ दिया और धक्के लगाने लगा। यह पहला अवसर था जब मैंने इस तरह की चुदाई की हो और मुझे तो बहुत मज़ा आया था। फिर थोड़ी देर के बाद अमर भाभी की गांड में ही झड़ गया। फिर मैंने भाभी से पूछा कि अगर आप इजाज़त दें तो में आपकी गांड मारना चाहता हूँ। लेकिन भाभी एकदम चिल्लाने लगी कि में उसकी गांड फाड़ दूँगा, लेकिन मेरे और अमर के समझाने पर वो राज़ी हो गई। फिर अमर ने उसकी गांड पर थोड़ी क्रीम लगाई और मैंने अपने लंड पर क्रीम लगाई और फिर धीरे-धीरे उसकी गांड में अपना लंड डालना शुरू किया। तो वो एकदम से चिल्ला उठी और फिर जब मेरा लंड पूरा उसकी गांड में अंदर तक चला गया तो में कुछ देर के लिए रुक गया और फिर धीरे-धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

अब कुछ टाईम के बाद उसे बहुत मज़ा आने लगा था, तो इतने में अमर का लंड भी फिर से खड़ा हो गया था। फिर सुष्मिता ने अमर से कहा कि तुम मेरी चूत को चोदो, तो अमर उसके नीचे आ गया और उसकी चूत को चोदने लगा। अब हम दोनों ने उसे अपनी पूरी स्पीड से चोदना शुरू कर दिया था, अब हम दोनों के बॉल्स आपस में टकरा रही थी। अब भाभी जोर-जोर से चिल्ला रही थी और बोली कि में तो 2 बार झड़ चुकी हूँ, तुम लोग कब झड़ोगें? आज क्या मेरा कचुंबर निकालोगें? फिर कुछ देर के बाद हम दोनों भी झड़ गये और फिर हम तीनों एक साथ लेट गये। फिर भाभी बोली कि आज सबसे ज़्यादा मज़ा आया और फिर सोमवार की सुबह में वापस दिल्ली की पहली फ्लाइट से लौट गया। फिर मैंने जाते-जाते भाभी से कहा कि में तुम्हें मान गया, तुमने अमर के सामने ही मुझसे चुदवा लिया और यही नहीं अमर से भी मुझसे चोदने के लिए कहला दिया। तो भाभी हंसकर बोली कि मैंने प्लान ही ऐसा बनाया था कि अमर तुमसे मुझे चोदने के लिए कहे, अब तो मुझे तुमसे चुदवाने में कोई अड़चन नहीं आएगी।

धन्यवाद …

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