इशारो में बंगाली भाभी को घुमाया

प्रेषक : अर्णव …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अर्णव है और में रौरकेला का रहने वाला हूँ, मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है और में दिखने में सुंदर हूँ, में हर दिन ज़िम जाता हूँ। अब में आपको अपने बारे में ना बताते हुए सीधा स्टोरी पर आता हूँ ये बात उन दिनों की है जब में बस्सर में 12वीं की पढाई कर रहा था। हम 5 फ्रेंड्स एक रूम किराये पर लेकर रहते थे, जो कि ग्राउंड फ्लोर पर था। मुझे उस वक़्त रसोई का काम करना नहीं आता था, तो मेरे दोस्तों ने मुझे रूम की साफ सफाई और बर्तन साफ़ करने का काम दिया गया था, अब मेरा हर रोज यही काम था। एक बार में सुबह जल्दी उठकर बर्तन साफ कर रहा था तो मेरी नज़र एक खूबसुरत बला पर पड़ी, वो रोड़ के उस पार एक बिल्डिंग में रहती थी, वो Ist फ्लोर पर रहती थी। उनका बेडरूम हमारे किचन से सीधा दिखता था और उनका किचन हम लोग के बेडरूम से सीधा दिखता था, मुझे उस रूम पर रहते हुए ज्यादा दिन नहीं हुए थे, अब में रोज उन्हें देखता रहता था।

फिर एक दिन जब में सुबह 5 बजे जल्दी उठ गया था, नॉर्मली हम लोग 5 बजे उठते थे लेकिन उस दिन में जल्दी उठ गया। तो मैंने सोचा कि क्यों ना बर्तन साफ कर लिए जाए? अब जैसे ही में बर्तन साफ कर रहा था कि कुछ मिनट के बाद वो भाभी अपने बेडरूम में आई, तो में उन्हें देखता ही रह गया। वो टावल लपेटे हुई आई और अलमारी से अपने कपड़े निकालने लगी। अब मेरी यह सब देखकर हालत खराब होने लगी थी, अब में अपनी बिना पलके झपकाए उन्हें देखने लगा था। अब उन्होंने पहले अपनी ब्रा के हुक को आगे से लगाया और अपना टावल खोल दिया। अब उनके बड़े-बड़े बूब्स देखकर तो मेरा लंड पूरा तन गया था, हाए क्या बूब्स थे? मैंने अपनी लाईफ में ऐसा सीन कभी नहीं देखा था।

फिर उन्होंने अपनी ब्रा को घुमाया और ब्रा के कप में अपने बड़े-बड़े बूब्स को सेट किया, उनके बूब्स इतने बड़े थे कि उनके बूब्स कप से बाहर निकले हुए थे। अब में तो ये सब देखकर पागल ही हो गया था। अब वो नीचे झुककर अपनी पेंटी पहनने लगी, उनकी खिड़की से मुझे उनकी कमर के नीचे से ज्यादा कुछ नहीं दिख रहा था। फिर भी मैंने जो देखा वो कमाल के पल थे, अब में वही किचन में भाभी को देखकर अपना लंड हिलाने लगा था। फिर उन्होंने अपनी नाइटी पहनी और किचन की तरफ चली गई, अब में झट से अपना काम निपटाकर बेडरूम में जा कर उनको रसोई का काम करते हुए देखने लगा। मैंने आपको बताया था कि उनकी किचन की खिड़की हम लोगों के बेडरूम की खिड़की के एक ही सीध पर है। फिर में उस दिन कॉलेज नहीं गया और में पूरे दिन उन्हें देखता रहा। अब मेरे एक दोस्त को मेरे ऊपर शक़ हो गया था, क्योंकि मैंने अपना बेड खिड़की के सामने लगा लिया था।

फिर उस दिन के बाद से में रोज सुबह जल्दी उठ जाता और अपना काम करने लगता और रोज भाभी को कपड़े चेंज करते हुए देखता। फिर एक दिन मेरे शकी दोस्त ने भी मुझे उस भाभी को नंगा देखते हुए देख लिया, तो उसने सारे दोस्त को बता दिया और सारे दोस्त सुबह 5 बजे उठकर उसे देखने लगे, अब ऐसे ही एक महिना गुजर गया। फिर एक दिन उस भाभी ने हमें उसे देखते हुए देख लिया और तब से वो खिड़की बंद करके अपने कपड़े बदलने लगी, फिर हमें वो नज़ारा और देखने को नहीं मिला। अब में बहुत ही दुखी हो गया था, अब मेरे दिमाग में उनका बूब्स हमेशा घूमता रहता था। फिर ऐसे ही दिन गुजरने लगे, फिर एक दिन में कॉलेज नहीं गया और अपने बेड पर बैठा रहा। तब वो भाभी अपने किचन में खाना बना रही थी तो उन्होंने मुझे उनको घूरते हुए देख लिया और 3 या 4 बार जब हम दोनों की आँखे टकराई, तो मैंने एक स्माइल दे दी, तो वो भी हंस पड़ी। अब में तो बहुत ही खुश हो गया और अब क्या था? मुझे लगा कि हंसी मतलब फंसी। फिर में उन्हें रोज देखने लगा, लेकिन जब रूम में सारे दोस्त होते तो में उन पर ज्यादा ध्यान नहीं देता क्योंकि कोई शक़ ना करे, अब ऐसे ही चलता रहा।

फिर एक दिन मेरी तबीयत ख़राब हो गई तो में कॉलेज नहीं गया और पूरे दिन भाभी को देखता रहा। तो भाभी ने मुझे देखकर स्माइल दी, तो मैंने भी उन्हें स्माइल दे दी। फिर मैंने हिम्मत करके इशारो में उन्हें अपना हाथ दिखाया कि वो बहुत खूबसूरत है, तो वो हंस पड़ी। फिर वो भी मुझे इशारे में अपना हाथ दिखाते हुए बोली कि तुम्हें बहुत मार पड़ेगी, तो में हंस दिया और वो भी हँसने लगी। अब हमारी ऐसे ही रोज-रोज इशारो-इशारो में बात होने लगी थी। अब में उन्हें रोज घूरता, तो वो रोज इशारो में बोलती कि तुम क्या देख रहे हो? तो में बस बोलता कि तुम बहुत खूबसुरत हो। तो वो इशारे में अपना हाथ दिखाती और बोलती कि आपको मार पड़ेगी, अब कुछ दिन तक ऐसे ही चलता रहा। अब जब वो खाना बनाने के बाद अपने बेडरूम में आती, तो में अपने किचन में खाना बनाने चला जाता और किचन से उन्हें देखता रहता।

अब वो अपनी खिड़की के पास बैठकर बुक्स पढ़ती रहती और में उन पर लाईन मारता रहता। अब हम ऐसे ही इशारो-इशारो में बात करने लगे थे। अब में उनको अपना हाथ दिखाकर बोला कि आप बहुत खूबसुरत हो, तो वो भी मुझे इशारे में बोली कि में भी हैडसम हूँ। फिर वो बोली कि तुम क्या देखते रहते हो? तो मेरा जवाब वही था कि आप बहुत खूबसुरत हो, तो वो हंस पड़ी। फिर वो अपने माथे पर सिंदूर दिखाते हुए बोली कि में शादीशुदा हूँ। तो मैंने भी इशारे से बोला कि तो क्या हुआ? तुम बहुत सुंदर हो। तो वो फिर से हंसी और अपने सिर के साईड पर हाथ घुमाकर बोली कि तुम पागल हो, तो में हंस पड़ा और वो भी हँसने लगी। फिर कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता रहा, अब हम इशारो-इशारो में रोज बातें करने लगे थे।

अब मेरा एक दोस्त जो कि मेरा बेस्ट फ्रेंड था उसको मुझ पर शक़ हो गया था, तो मुझे मजबूरन ना चाहते हुए भी उसको सब कुछ बताना पड़ा। तो वो बोला कि अब भाभी पट गई है तो वहाँ जा कर उसे चोद डाल। तो मैंने बोला कि लेकिन कैसे? मैंने कभी उनसे फेस टू फेस तो बात भी नहीं की थी, वो अलग अप्पार्टमेंट में रहती थी और में वहाँ किसी को जानता तक नहीं था तो उनके घर कैसे जाऊं? फिर मेरा दोस्त बोला कि कभी ना कभी तो जरुर मौका मिलेगा। फिर एक दिन हम शॉपिंग करने बिग बाजार गये थे कि अचानक से मुझे भाभी वहाँ दिखी, वो अपने बेबी के साथ लिफ्ट के पास खड़ी थी तो में झट से उनके पास गया। अब वो मुझे देखकर डर गई और अपने बेबी की तरफ इशारा किया, लेकिन अब में कहाँ सुनने वाला था। फिर लिफ्ट में घुसने के बाद ही मैंने उनसे पूछ लिया, हाउ आर यू? तो वो हंस पड़ी और बोली कि आई एम फाईन। फिर मैंने उनका एक हाथ पकड़ लिया, तो वो बोली कि आपका क्या नाम है? तो में बोला कि पिंटू, तो वो बोली कि हम दोनों के नाम कि शुरआत एक ही शब्द से होती है।

अब 3 महीने में पहली बार हम दोनों ने बात की और हमारी इतनी ही बात हुई थी कि लिफ्ट का दरवाजा खुल गया। अब हमारे सामने मेरे दोस्त खड़े थे तो हम लोग वहाँ से निकल गये। फिर अगले ही दिन मैंने इशारो से उनको हाय कहा, तो वो भी हाय बोली और इशारो में कहा कि आज 3 बजे तुम यहाँ आना। अब मेरा तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा था, फिर में कॉलेज से छुट्टी करके 3 बजने का इंतजार करने लगा। फिर में दबे पैर उनके घर जाने लगा कि किसी को शक़ ना हो, तब दोपहर को चारो तरफ पूरा सन्नाटा था और कोई आस पास नहीं था। फिर मैंने जा कर उनका दरवाजा खटखटाया, तो उन्होंने दरवाजा खोला और जल्दी से मुझे अंदर ले गई और मुझे बैठने को कहा। अब वो पिंक कलर की नाइटी में क्या कमाल की लग रही थी? अब में अपने आप पर यकीन नहीं कर पा रहा था।

फिर वो मेरे लिए एक ड्रिंक्स बनाकर लाई और मेरे पास बैठ गई, फिर हम एक दूसरे को देखने लगे अब वो हंस रही थी। तो मैंने बोला कि आप बहुत खूबसूरत हो और उनके गाल पकड़कर किस करने लगा। अब वो कुछ नहीं बोल पाई और वो भी मेरा साथ देने लगी। फिर 15 मिनट के बाद में उनके गले में अपना हाथ डालकर उनके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा। तो वो जोर से चिल्ला पड़ी और बोली कि ज़ोर से मत करो, मुझे बहुत दर्द होता है, इतने उतावले क्यों हो रहे हो? आपके पास शाम तक का समय है। तो मैंने उनसे उनकी बेटी और पति के बारे पूछा, तो वो बोली कि वो दोनों अपने एक रिश्तेदार के वहाँ गये है और वो शाम से पहले नहीं आएगे। फिर वो मेरा हाथ पकड़कर मुझे अपने बेडरूम में ले गई और में उनको बेड के ऊपर पटक कर उन पर टूट पड़ा और ज़ोर-ज़ोर से उनके लिप्स को चूसने लगा। वाऊ अब उनकी सांसो की महक मुझे पागल कर रही थी, क्या कमाल का एहसास था? वाऊ अब में पहली बार किसी के बूब्स पकड़कर चूस रहा था।

फिर मैंने उनकी नाइटी उतार दी, क्या बताऊँ दोस्तों? वो क्या कमाल की माल लग रही थी? अब में उनके बूब्स देखकर पूरा पागल हो गया था। अब मैंने उनके पिंक निपल को चूस-चूसकर पूरा लाल कर दिया था। अब उन्हें किस करते हुए में उनकी नाभि के पास किस करने लगा, अब वो मेरे बालों से खेल रही थी। उनके पेट पर एक कट का निशान था तो मैंने उनसे पूछ लिया कि ये क्या है? तो वो बोली कि उनका बेबी ऑपरेशन से हुआ था। तो मैंने पूछा कि नॉर्मल क्यों नहीं हुआ? तो वो बोली कि मेरा छेद थोड़ा छोटा था तो ऑपरेशन करना पड़ा। फिर मैंने उनकी पिंक पेंटी उतार दी, तो मैंने उन्हें देखा तो देखता ही रह गया, क्या गुलाबी चूत थी उनकी? छोटी सी चूत, पिंक लिप्स, पूरी लाल। फिर मैंने उनकी चूत को फैलाया तो मुझे लाल छोटा सा छेद नज़र आया, जहाँ से पानी टपक रहा था। अब में उनकी चूत के पास अपनी नाक ले जा कर सूंघने लगा, वाऊ अब में मस्त हो गया मुझे चूत सूंघना और चाटना बहुत पसंद है। तो पिंकी भाभी बोली कि क्या कर रहे हो? मुझे गुदगुदी हो रही है।

अब में बिना कुछ बोले ही उनकी चूत के पिंक लिप्स को चूसने लगा। अब वो कुछ बोल ही नहीं पा रही थी अयाया उसस्स्स एससस्स क्या कर रहे हो? ऑश स्स्स आह आ मज़ा आ रहा है। अब में उनकी चूत के लिप्स को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा था तो अब वो छटपटाने लगी और अपने सिर को ज़ोर-जोर से पटकने लगी और बोली कि में खुद को संभाल नहीं पा रही हूँ। तो मैंने बोला कि अच्छा नहीं लग रहा है क्या? तो वो बोली कि बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन पहले मुझे भी अपना लंड दिखाओ सब कुछ तुम ही करोगे क्या? और फिर वो मुझे नंगा करने लगी। अब वो मेरा लंड देखकर डर गई और बोली कि क्या लंड है तुम्हारा? कितना बड़ा और मोटा है, मैंने आज तक ऐसा लंड नहीं देखा और अपने हाथों से मेरे लंड के साथ खेलने लगी। फिर मैंने उनको मेरा लंड चूसने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया और बोली कि मुझे चूसना अच्छा नहीं लगता और हिला-हिलाकर देखने लगी।

अब मेरे लंड पर उनका हाथ लगने से मेरा लंड फुल टाईट हो गया था और में उनको 69 की पोजिशन में ला कर उनकी चूत के लिप्स को चूसने लगा। अब में जितनी ज़ोर से चूस रहा था, तो वो मेरे लंड को मसल रही थी। फिर मैंने उनकी चूत को थोड़ा अपने हाथों से फैलाया और मेरी लंबी जीभ उनकी चूत के छेद में डाल दी, तो मुझे नमकीन सा स्वाद लगा। अब वो भी छटपटाने लगी थी, अब में उनको अपनी जीभ से फुक करने लगा था। तो अब वो भी खुद को संभाल नहीं पाई और उन्होंने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया। अब मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे में जन्नत में हूँ, अब उनका पानी निकल रहा था और में लगातार उनको अपनी जीभ से चोद रहा था। फिर कुछ देर के बाद उन्होंने मेरी गांड में उंगली कर दी और मैंने अपना पूरा लंड उनकी गर्दन तक डाल दिया और उनकी चूत को जोर-जोर से चूसने लगा। अब वो सांस भी नहीं ले पा रही थी तो उसने मुझे अपने ऊपर से हटने को कहा और बोली कि तुम तो आज मेरी जान ही निकाल दोंगे।

फिर में उनके बूब्स पर टूट पड़ा, तो वो बोली कि जानू अब और मत तड़पाओं, अब अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल ही दो। फिर मैंने उनके दोनों पैरो को पूरा फैलाया और उनकी पिंक चूत पर अपना पिंक सुपड़ा रगड़ने लगा। अब उनकी चूत के पानी से पच-पच की आवाज़ आ रही थी, फिर वो मेरी गांड की तरफ अपना हाथ लाई और मेरे लंड को अपनी चूत में डालने के लिए टटोलने लगी। फिर मैंने मेरा लंड उनकी चूत पर सेट किया और धीरे से धक्का लगाया था कि मेरा हल्का सा सुपाड़ा उसकी चूत के अंदर चला गया और वो जोर चिल्ला पड़ी। अब मेरे लंड की चमड़ी भी दर्द कर रही थी, फिर मैंने एक धक्का और मारा तो मेरा सुपाड़ा पूरा अंदर चला गया, अब मुझे ऐसा लगा कि में कुछ चीरता हुआ आगे जा रहा हूँ। अब वो और सहन नहीं कर पाई तो फिर मैंने एक और ज़ोर का झटका मारा, तो वो पूरी चिल्ला उठी।

अब मेरा आधा से ज्यादा लंड उसकी चूत के अंदर था, अब वो मचल रही थी। फिर मैंने मेरा पूरा लंड उनकी चूत से बाहर निकाल दिया और फिर दुबारा से एक झटका मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उनकी चूत के अंदर घुस गया। अब मेरा लंड दो बार डालने से ही उनका पूरा का पूरा पानी निकल गया था। अब उनकी चूत से पच-पच की आवाज़ आ रही थी, अब में अपनी गांड को उठा-उठाकर ठप-ठप मारने लगा था। अब मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लंड पूरा गर्म पानी से नहा रहा है, फिर में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा और फिर कुछ 10 मिनट के बाद मेरा पानी भी निकल गया, लेकिन फिर भी में उनकी चूत को पेलता गया, उनकी चूत में इतनी गर्मी थी कि अब मेरा माल निकलने के बाद भी मेरा लंड फिर से आधा तन गया था। अब में बहुत थक गया था, लेकिन फिर भी में धक्के मारे जा रहा था। अब मैंने उनकी चूत से अपना लंड बाहर नहीं निकाला और ऐसे ही कुछ देर के बाद मेरा लंड फिर से कड़क हो गया, अब उनकी चूत की गर्मी के कारण में और ज़ोर-ज़ोर से उन्हें चोदने लगा था।

अब वो तो चौक ही गई थी कि मेरा माल क्यों नहीं निकल रहा है? लेकिन उनको पता ही नहीं चला कि में अपना माल उनकी चूत के अंदर ही छोड़ चुका हूँ। फिर मैंने उनको स्टाइल बदलने को बोला, तो वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट करके ऊपर नीचे होने लगी। तो अब मेरा पूरा लंड उनकी चूत में जा रहा था, अब उनके वो बड़े-बड़े बूब्स क्या हिल रहे थे? अब में पागल सा हो रहा था। अब मेरा लंड और भी ज्यादा टाईट हो गया था, अब वो अया आहह उफ़फ्फ़ उहह आ आ करके ज़ोर- ज़ोर से पेलने लगी थी। हाए अब मुझे क्या मज़ा आ रहा था? अब बीच-बीच में वो मेरे निपल को भी काट लेती थी, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर वो बोली कि तुम्हारा निकल क्यों नहीं रहा है? मज़ा तो आ रहा है ना तुम्हें। फिर मैंने उनको मेरे नीचे सुलाया और ज़ोर-ज़ोर से पेलने लगा, अब में ज़ोर-ज़ोर से उनके बूब्स को मसलने लगा था। अब उनकी चूत के पानी की वजह से पूरा झाग-झाग सा हो गया था।

अब वो फिर से एक बार और झड़ने वाली थी, तो मैंने उनको कस कर पकड़ लिया और मेरी कमर में उनके पैर लॉक कर लिए और ज़ोर-ज़ोर से उनकी चूत मारने लगा। तो उन्होंने जोर से चिल्लाकर इतनी ज़ोर से पानी छोड़ा कि वो गर्म पानी मेरा लंड भी संभाल ना सका और में भी उनकी चूत में ही झड़ गया। फिर में निढाल हो कर उनके बूब्स पर अपना सिर रखकर सो गया और वो मेरे बालों को सहलाने लगी और मुझे ज़ोर से एक स्मूच किया। अब हम बुरी तरह से थक गये थे, फिर उन्होंने अपनी पेंटी से मेरा लंड को साफ़ किया और कहा कि बहुत मज़ा आया उनको पूरी जिंदगी में कभी इतना मज़ा नहीं आया था। फिर हमने जब घड़ी में देखा तो शाम के 6 बज रहे थे, तो वो बोली कि बहुत देर हो गई तुम जल्दी जाओं नहीं तो अपार्टमेंट का कोई तुम्हें देख लेगा तो प्रोब्लम हो जाएगी। फिर में वहाँ से निकल गया और फिर जब भी हमें मौका मिला, तो हमने उस मौके का भरपूर फायदा उठाया और हमने एक दूसरे के खूब मजे लिए ।।

धन्यवाद …

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