एक सभ्य लड़के से मेरी मित्रता

antarvasna, kamukta हाय दोस्तो, चलो आज मैं आपको अपनी चुदाई के विषय में कुछ सुनाने वाली हूँ | मेरे घर के सामने से एक लड़का गुजरा करता था | जब वो लड़का मेरे घर के सामने से गुजरा करता था तो वो मुझे देखा करता था | लेकिन कुछ महीने के बाद उस लड़के से मेरी मित्रता हो गयी | उस लड़के के विषय में इतना कह सकती हूँ की वो एक सभ्य लड़का था | उसकी सभ्यता के कारण मैंने उस लड़के से मित्रता किया था | वो लड़का देखने में उचा था | इसलिए उसका लंड भी लम्बा था | जब उसने मुझे चोदा था तो उसने मुझे बताया था की ये उसका पहेला अनुभव था | मुझे चोदने से पहेले उसने कभी किसी अन्य लड़की को नही चोदा था | जब वो मुझे चोद रहा था तब उसने मुझे नंगा कर दिया था | वो मुझे नंगा करके चोदने के बाद उसने मेरे बदन पर माल गिरा दिया | फिर वो उसके माल को मेरे बदन पर लगा रहा था | ऐसा करने के बाद उस लड़के ने कपडा पहना और फिर मैं अपने घर लौट आई | चलो अब जानते है की उस दिन क्या हुआ था जब उस लड़के ने मुझे चोदा था | उस लड़के ने कैसे उसका अनुभव पाया था | वो लड़का मेरे घर के सामने से गुजरा करता था | वो मुझे देखता रहता था | जब मैं बाजार जाया करती थी तो वो लड़का भी मुझे देखने के लिए बाजार पर पहुच जाता था |

वो मुझे बाजार की सब्जी खरीदते हुए देखा करता था | कुछ महीने तक वो लड़का मेरे करीब आने से डरता था | लेकिन कुछ महीने बीतने के बाद वो लड़का मेरे करीब आने लगा | जब वो लड़का मेरे करीब आने लगा तो मुझे मालूम चल गया की वो मुझ से मित्रता करने के लिए ऐसा कर रहा है | मैं अपनी स्कूटी से कही भी जाया करती थी वो लड़का भी मेरे पीछे आया करता था | वो लड़का मुझे पटाने के लिए अलग अलग तरीके अपनाया करता था जैसे वो लड़का कभी नए कपडे पहनकर मोटरसाइकिल की सिटी बजाकर मेरे घर के सामने से निकला करता था | तो कभी वो लड़का एक किराये की कार लाया करता था | मैंने अपने एक भाई को बताया की वो लड़का मुझे देखा करता है | मेरे भाई जो की मेरे मामा का लड़का था | उसने मुझे बताया की वो लड़का तुम्हे पटाने के लिए लगा रहता है इसलिए उसने तुम्हारे लिए एक किराये की कार लाया था ताकि वो तुम्हे प्रभावित कर सके | एक दिन उस लड़के ने मेरे सगे भाई से मित्रता कर ली | जब उस लड़के ने मुझ से मित्रता कर ली तो वो एक दिन मेरे सागे भाई ने उसको घर लाया था | वो लड़का मेरे घर पर आया हुआ था और मेरे घर के सोफा पर बैठा हुआ था | वो लड़का मेरे सामने बैठा हुआ था |

कुछ महीने के बाद उस लडके से मेरी मित्रता हो गयी | जब मेरी उस लड़के से मित्रता हो गयी तो वो लड़का मुझ से बाजार में बात किया करता था | मैं जब बाजार में सब्जिया खरीदा करती थी तो मुझ से पूछा करती था की मैं क्या सब्जी खरीद रही हूँ | वो लड़का भी बाजार पर सब्जी खरीदने के लिए आया करता था | वो लड़का बाजार की सब्जी खरीदने के लिए आया करता ताकि वो मुझ से बात कर सके | वो एक सभ्य लड़का था इसलिए वो मेरे घर भी आता था मेरे भाई से मिलने के लिए | मेरे भाई से मिलने के बहाने वो मेरे घर पर आया करता था और वो मुझ को देखा करता था | जब वो मुझे देखा करता था तो मैं भी उसे देखा करती थी | एक दिन वो लड़का मेरे घर पर आया था | तभी उसकी कोई परिचित वाली बुआ जो की उसकी सग्गी बुआ थी मेरे घर पर आई थी | उसकी बुआ मेरे घर फुर्सत के समय पर घुमने के लिए आया करती थी | उसकी बुआ ने उस लड़के को पहचान लिया जब वो लड़का मेरे घर पर आया हुआ था | वो लड़का अब मेरे घर का खास परिचय वाला बन्दा बन चूका था | उसने एक दिन मुझ उसके घर पर चल रहे एक खास कार्यकर्म में बुलाया था | जब उसके घर पर एक खास कार्यकर्म चल रहा था तो मैं उसके घर गई हुई थी |

जब उसके घर पर उसके मामा की सालगिरा का कार्य कर्म चल रहा था | तब उस लड़के ने मुझ से कहा की आप कुछ खा सकती हो | तो मैंने उससे कहा हा | फिर उस लड़के ने मुझ से कहा की मैंने आपके खाने के लिए मिटाई ले कर आया हूँ | फिर उस लड़का का दिया हुआ मिटाई मैंने खाया | फिर उस लड़के ने मुझे पीने के लिए सरबत दिया | उस लड़के ने मुझे फिर नए कपडे दिया और कहने लगा की ये एक उपहार है जो की वो उनके खास पहचानने वालो को केवल दे रहा है | उस लडके ने मुझ से कहा की मैं उसके लिए खास हूँ इसलिए उसने मुझे उस दिन नया कपडा दिया था | महमान मेरे घर पर आये हुए थे | मैं जब उसके घर अकेली थी किसी कमरे पर तब वो लड़का मेरे पास आया | फिर वो मुझे देख रहा था और मैं उस लड़के को देख रही थी | फिर उस लड़के ने हसी मजाक करना शुरु कर दिया और वो मुझे गले लगा लिया | मैंने भी उस लड़के का साथ दिया | मैंने भी उस लड़के को गले लगा लिया | जब मैंने उसे गले लगाया तो उसने मेरी चूत को अपने हाथो से सहलाने लगा | वो बिना मेरे कपडे उतारे मेरी चूत को अपने हाथो से मेरी चूत को सहला रहा था | फिर उसने मेरी गाड को दबाया | उस समय कोई आस पास नही था इसलिए उस लड़के ने मेरे गाड को भी दबाया | जब उस लड़के ने मेरी गाड को दबा लिया तब वो मेरे दूध को दबाने लगे | दूध को दबाने के बाद वो रुक गया और मुझ से कहा की कभी किसी दिन मैं तुमारे बदन को दबा सकता हूँ क्योकि कोई भी घर पर आ सकता है | अगले दिन वो मेरे घर पर आया हुआ था |

वो मुझे देख कर हस रहा था और मैं उसे देखकर हस रही थी | फिर उस लड़के ने मुझ से बात करना शुरु कर दिया | कुछ समय तक मैं उस लड़के से अपने घर पर बात कर रही थी | फिर वो लड़का मेरा घर से बाहर निकल गया | एक दिन मैं उस लड़के के घर अपनी बुआ के साथ गयी हुई थी | उसकी बुआ ने मुझ से कहा था की मैं उस लड़के के घर घुमने के लिए जा रही हूँ तब मैंने उस लड़की की बुआ से कहा की मुझे भी उस लड़के के घर घुमने के लिए चलना है | उस लड़के की बुआ के साथ मैं उस लड़के के घर पर पहुच गयी | लेकिन वो लड़का उस समय घर पर नही था | इसलिए मैं घर के बाहर घूम रही थी | कुछ समय के बाद वो लड़का घर पर आया और वो मुझे देखकर हसने लगा | जब वो लड़का मुझे देखकर हस रहा था तो उसने मुझ से मेरा फोन नम्बर मंगा था | वो मेरे परिचय का लड़का था इसलिए मैंने उसे अपने फोन नम्बर दे दिया | कुछ समय के बाद उसने उसके घर पर जब मैं मौजूद थी तब उसने मुझे फोन लगाया और मुझ से कहने लगा की तुम कहा पर हो वो लड़का उस समय मुझ से हसी मजाक कर रहा था | वो घर के बाहर था और मैं उसके घर के अन्दर थी |

जब उसके घर पर रुकते हुए मुझे लम्बा समय हो गया तो उसकी बुआ के साथ मैं अपने घर लौटकर आ गयी | वो लड़का मुझे फोन लगाया करता था और मुझ से मिलने के लिए कहा करता था | उस लड़के ने मुझ से कहा की जब तुम्हारे पास फुर्सत का समय रहेगा तब तुम मुझ से मिलने के लिए आना | जब मेरे पास फुर्सत का समय रहता था तब मैं अपने जीजा के घर पर जाती थी | वो लड़का मेरा पीछा किया करता था इसलिए उस लड़के को मालूम चल गया था की मैं जीजा के घर जाती हूँ | वो मेरा पीछा करते हुए एक दिन मेरे जीजा के घर पर पहुच गया | जब वो मेरे जीजा के घर पर खड़ा था तब उसने मुझे फोन लगाया और मुझ से कहने लगा की तुम कहो पर हो मैं तुम्हारे जीजा के घर के पास मिल सकता हूँ | जब मैं घर के बाहर पहुच गयी तो वो लड़का मुझे मिला उस लड़के ने मुझे बताया की मैं तुम्हारा पीछा करते हुए यहा पर पहुच गया हूँ | कुछ समय तक मैं उस लड़के से बाहर बात करती रही तभी मेरे जीजा बाहर आ गए | मेरे जीजा जी ने मुझे उस लड़के से बात करते हुए देखा | जब मेरे जीजा को मालूम चल गया की वो मेरा बॉयफ्रेंड है तो उन्होने मुझे सलाह दी की तुम जो भी करो सतर्क रह कर करो वर्ना एक दिन ऐसा आ सकता है की तुम्हारे कारण मुझे और तुम्हारे परिवार वाले को बदनामी उठाना पड़ सकता है | बदनामी के भय से मैंने उस लड़के से कहा की तुम मेरा पीछा नही किया करो वर्ना एक दिन ऐसा हो सकता की तुम मेरे बॉयफ्रेंड हो मेरे घरवालो को मालूम चल जायेगा | वो लड़का फिर मेरा पीछा नही करता है |

अब वो लड़का जब मुझ से मिलने के लिए आता है तो पहेले सावधानी अपनाता है ताकि उसकी वजय से मेरी बदनामी न हो | वो लड़का ने केवल एक सभ्य लड़का है बल्कि होसियार बन्दा भी है जो समय पड़ने पर किसी भी समस्या को आसानी से हल कर सकता है | जब मेरे जीजा को मालूम चल गया की मेरा एक बॉयफ्रेंड है तो उन्होने मुझ से एक दिन कहा की तुम उस लड़के से नही मिला करो वर्ना मैं तुम्हारे पापा को बता दूंगा | जब मैंने उस लड़के को ये बताया की मेरे जीजा पापा को बताने वाले है तो वो लड़का चकित रह गया | उस लड़के ने मुझ से कहा की तुम घबरायो नही | तुम एक ड्रामा करो और तुम्हारे जीजा से कहो की मैंने उस लड़के को छोड़ दी हूँ | जब तुम्हारे जीजा को मालूम चलेगा की तुमने मुझे छोड़ दिया है तो वो तुम्हारे पापा से मेरे विषय में कुछ नही कहेंगे | एक दिन मैं घर पर अकेली थी तब मेरे जीजा मेरे घर पर आ गए तब वो लड़का भी मेरे साथ था | मेरे जीजा ने मुझे उस लड़के के साथ रंगे हाथ पकड लिया था | उस समय वो लड़का मेरे होटो को चूम रहा था | मेरे जीजा ने उस लड़के को अपने हातो से पकड लिया | लेकिन कुछ समय के बाद मेरे जीजा ने उस लड़के को छोड़ दिया |

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