ऑफिस की पुरानी बॉस की सेक्स की भूख को मिटाया

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मेरा नाम शांतनु है मैं कोलकाता का रहने वाला हूं। मैं बहुत ज्यादा ही गर्म दिमाग का हूं और इस वजह से मैंने कई जगह से अपने ऑफिस से काम छोड़ दिया है। मुझे हमेशा ही किसी न किसी बात पर गुस्सा आ जाता है इसीलिए ना तो मेरा कोई दोस्त है और ना ही मैं किसी के साथ रहता हूं। मेरे परिवार वाले भी मुझसे ज्यादा बात नहीं करते। उन्हें लगता है कि मेरा दिमाग ठिकाने पर नहीं है। मैं जिस कंपनी में काम करता हूं उस कंपनी की बॉस ने एक दिन मुझे फोन कर दिया। उस दिन मुझसे कुछ गलती हो गई थी और उस गलती की वजह से उस दिन कंपनी में बहुत ज्यादा हंगामा हो गया। जब यह बात मेरी ऑफिस की बॉस को पता चली तो उन्होंने मुझे फोन कर दिया। पहले वह मुझसे बड़े प्यार से बात कर रही थी लेकिन उसके बाद उन्होंने मुझे डांटना शुरू कर दिया। मैं काफी देर तक उनकी बात सुनता रहा लेकिन जब मेरा पारा गरम हो गया तो मैंने उन्हें भी खरी खोटी सुनाना शुरू कर दिया।

मैंने उन्हें कहा कि मुझे कल से आप की नौकरी नहीं करनी है और ना ही मैं कल से ऑफिस आने वाला हूं। उसके बाद वह थोड़ा शांत हुई और कहने लगे कि मुझे तुम कल ऑफिस में आकर मिलना। मैंने उनसे कहा कि यदि मेरा मूड होगा तो मैं आपसे आकर मिल लूंगा नहीं तो आप मेरा रिजाइन खुद ही बना लेना या फिर मैं आपको घर से भेज दूंगा। मेरे पिताजी एक अच्छे पद पर हैं और उन्होंने मेरे लिए काफी कुछ चीजें जोड़ कर रखी है। मैं घर पर एकलौता ही हूं इस वजह से मैं हमेशा ही अपनी अकड़ में रहता हूं। मुझे कभी भी कोई नौकरी जाने का डर नहीं है। मैं जब अगले दिन अपने ऑफिस गया तो मेरी बॉस सारिका ऑफिस में बैठी हुई थी। वह मुझसे कहने लगी कि कल तुम मुझसे बड़े ही बदतमीजी से बात कर रहे थे। मैंने उन्हें कहा कि आपने भी मुझसे कुछ अच्छी तरीके से बात नहीं की है और मैं ना तो अब ऑफिस में काम करने वाला हूं और ना ही अब मुझे आप कुछ कह सकती हैं।

वह मुझे कहने लगी कि तुम्हारा तो बहुत ही ज्यादा एटीट्यूड है। मुझे नहीं पता था कि तुम इस तरीके के हो। मैं तो तुम्हें बहुत अच्छा मानती थी। मैंने उस दिन उन्हें अपना रिजाइनिंग लेटर दिया और मैं ऑफिस से घर आ गया। उसके बाद मैं घर पर ही काफी समय तक था। मैंने अब वह ऑफिस भी छोड़ दिया था इसलिए मेरे घर वाले मुझसे पूछने लगे कि क्या तुमने अपनी नौकरी छोड़ दी है। मैंने उन्हें बताया कि हां मैंने उस नौकरी से रिजाइन दे दिया क्योंकि वहां की बॉस ने मुझे एक दिन फोन पर बहुत ही खरी खोटी सुना दी थी इसलिए मैंने भी वहां से काम छोड़ दिया। जब मैंने यह बात अपने पिताजी से कहीं तो उन्होंने मुझे कहा कि क्या तुम कभी एक जगह पर रहकर कुछ काम नही कर सकते हो।  तुम हमेशा ही कुछ दिनों बाद कहीं ना कहीं से नौकरी छोड़ कर घर पर बैठ जाते हो। उस दिन मेरा मूड अच्छा था। तो मैंने अपने पिताजी से कहा कि मैं अब नौकरी नहीं करना चाहता। मैं अपना ही कुछ कारोबार शुरू करना चाहता हूं। उसके लिए मुझे आपकी मदद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ठीक है इस बारे में तुम मुझसे कुछ दिनों बाद बात करना। मैं सोचने लगा कि मैं किस प्रकार का कारोबार शुरू करूं क्योंकि मुझे तो ऐसी कोई भी जानकारी नही थी जो मैं कुछ काम कर संकू लेकिन मैंने सोचा कि मैं अपना एक डिपार्टमेंटल स्टोर खोल लेता हूं। मुझे यह सलाह मेरे एक दोस्त ने दी थी। मैंने जब अपने पिताजी से इस बारे में बात की तो वह कहने लगे कि हमारी एक प्रॉपर्टी है। यहीं पर कंस्ट्रक्शन करवाकर डिपार्टमेंटल स्टोर खोलो तो शायद तुम्हारा काम वहां पर अच्छा चल पड़े। मैंने उनसे कहा ठीक है यदि मैं वहां पर काम कर लेता हूं तो क्या आप मुझे वहां के लिए पैसे देंगे। वह कहने लगे ठीक है तुम पहले वह लोकेशन जा कर देख लो। जब मैं उस लोकेशन में गया तो मुझे बहुत पसंद आई। मैंने वहां का पूरा नक्शा बना दिया कि किस प्रकार से मैं वहां पर काम करूंगा। मैंने अब वहां पर काम करवाना शुरू कर दिया। जब मेरा डिपार्टमेंटल स्टोर बनकर तैयार हुआ तो उसके बाद मैंने अपने पिताजी को ही उद्घाटन के लिए बुलाया था। मेरे पिताजी मुझे समझाने लगे कि तुम यहां पर अच्छे से काम करना। यहां पर भी यदि तुम गुस्से से ही काम लोगे तो तुम्हारा काम नहीं चलेगा। मैंने भी सोचा कि अब मैं बिल्कुल भी गुस्सा नहीं करूंगा। सिर्फ अपने काम पर ही में ध्यान दूंगा इसीलिए मैं अब ज्यादा गुस्सा ना करते हुए सिर्फ अपने काम पर ध्यान देने की कोशिश करने लगा।

मैं सब लोगों से अच्छे से बात करता हूं और अब मेरा काम भी थोड़ा बहुत अच्छा चलने लगा था क्योंकि मुझे ज्यादा समय नहीं हुआ था इसलिए मेरे इतने ज्यादा कस्टमर नहीं बने थे लेकिन मैंने भी अपना प्रमोशन करवाना शुरू कर दिया और उसके बाद थोड़े बहुत कस्टमर मेरे पास आने लगे और धीरे-धीरे मेरा काम भी अच्छा चलने लगा था। एक दिन मेरी बॉस सारिका मेरे स्टोर में आई हुई थी। जब उन्होंने सामान लिया तो उसके बाद मैं बिल काउंटर पर ही बैठा हुआ था। जैसे ही उन्होंने मुझे देखा तो उन्होंने अपना मुंह मोड़ लिया और वह सामान वहीं पर पटक कर चली गई। जब वह जा रही थी तो मैंने उन्हें आवाज देकर रोका और कहा कि क्या आप अब भी मुझसे गुस्सा  है। वह कहने लगी मैं तुमसे किस प्रकार से बात कर सकती हूं। तुमने मुझसे मेरे ऑफिस में इतनी बदतमीजी से बात की। उसके बाद भी यदि मैं तुमसे बात करूं तो यह मेरे उसूलों के खिलाफ है। मैंने उन्हें समझाया कि मैं अपना काम कर रहा हूं और मैं नहीं चाहता कि आप मुझसे झगड़ा करें। ना तो मैं अब आपके ऑफिस में काम करता हूं और ना ही मैं आपका अब एंप्लॉय हूं।

जब मैंने उनसे यह बात कही तो वह कहने लगी तुमने यह काम कब शुरू किया। मैंने उन्हें सब कुछ बताया और कहा कि मुझे मेरा स्टोर खोलने में मेरे पिताजी ने बहुत मदद की। उनकी मदद से मै यह स्टोर खोल पाया। सारिका मुझे कहने लगी कि क्या तुम्हारा गुस्सा अब भी पहले जैसा ही है। या फिर अब थोड़ा बहुत शांत हो चुका है। मैंने उन्हें कहा कि नहीं अब मैं बिल्कुल भी पहले जैसा नहीं हूं और मैं बिल्कुल भी गुस्सा नहीं करता। जब मैंने उन्हें यह बात बताई तो वह कहने लगी ठीक है यदि तुम अब गुस्सा नहीं करते तो यह तुम्हारी सेहत के लिए भी अच्छा है क्योंकि तुम्हारे अंदर बहुत ज्यादा एटीट्यूड है। उस दिन वह मुझे समझाने लगी और कहने लगी कि यदि तुम इसी प्रकार से सब लोगों से गुस्से में बात करोगे तो शायद तुम्हारा काम भी अच्छे से नहीं चलेगा। मैंने उन्हें कहा कि आप एक बार मेरे स्टोर में आ जाइए और आपने जो सामान लिया था वह सामान आप ले लीजिए। मैंने उनसे बहुत ही रिक्वेस्ट की उसके बाद वह मेरे स्टोर में आकर सामान ले गई। वह मुझे पैसे दे रही थी लेकिन मैंने उनसे पैसे नहीं लिए। मैंने उन्हें कहा कि मैंने जो आप से बदतमीजी से बात की थी उसकी तरफ से मैं आपको सॉरी बोल रहा हूं इसलिए मैं आपसे पैसे नहीं लेना चाहता। अब वह भी अपने घर चली गई।  उनका घर भी वहीं कहीं आस-पास था। वह जब भी मेरे स्टोर में आती तो हमेशा ही मुझसे बात करती और मुझे समझाती। मुझे नहीं पता था कि सारिका इतनी अच्छी है। एक दिन वह मेरे स्टोर में आई हुई थी और उस दिन वह कुछ ज्यादा ही माल बन कर आई थी। मैंने आज तक उन्हें कभी भी इस नजर से नहीं देखा था। जब वह मुझे मिली तो मैंने उन्हें कहा कि आज आप बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही है और आपने जो लिपस्टिक लगाई है वह आपके कपड़ों से बिल्कुल मैच कर रही है। वह मुझे कहने लगी आज तुम तो बड़े ही प्यार से बात कर रहे हो। मैं उन्हें अपने साथ अपने स्टोर रूम में ले गया और वहीं पर मैंने उन्हें बैठा दिया। हम लोग बात कर रहे थे तो मैंने उनसे कहा कि आज आप वाकई में एक नंबर की माल लग रही है।

जब मैंने उनके होठों को किस किया तो वह भी अपने आप पर काबू नहीं रख पाई और उन्होंने भी मेरे होठों को चूमना शुरू कर दिया। मैंने जैसे ही उनके कपड़े खोले तो उनके बड़े बड़े स्तन देख कर मेरा पूरा मूड खराब होने लगा। मैंने उनके स्तनों पर अपने दांत के निशान मार दिए मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उनके स्तनों को चूस रहा था। उनकी योनि से पानी बाहर निकलने लगा था इसलिए वह भी मूड में हो गई। मैंने जैसे ही अपने लंड को बाहर निकाला तो उन्होंने तुरंत अपने मुंह में ले लिया और काफी देर तक मेरे लंड को चूसा। जब मैने उनके पूरे कपड़े खोले तो जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी योनि के अंदर डाला तो वह चिल्लाने लगी और मैंने बड़ी कसकर उन्हें पकड़ लिया। मैने उन्हें तेजी से चोदा लेकिन ज्यादा समय तक मैं उनकी चूत को झेल नहीं पाया और मेरा माल गिर गया। जब मैंने उन्हें घोड़ी बनाया तो उनके गांड के अंदर मैंने अपने लंड को डाला तो वह मचलने लगी और कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। मैंने भी उन्हें बड़ी तेज झटके मारे जिससे कि उनकी गांड का छेद पूरा चौड़ा हो चुका था और उन्हें बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। मुझे उन्हें झटके मारने में बड़ा मजा आ रहा था। जिस प्रकार से मैं उन्हें झटके दे रहा था वह मुझे कहने लगी मेरी गांड में बहुत ज्यादा दर्द हो रही है मुझसे ज्यादा समय तक तुम्हारे लंड की गर्मी को नहीं झेला जाएगा। जैसे ही मेरा माल उनकी गांड में गिरने वाला था तो मैंने जल्दी से अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनकी बडी बडी चूतडो पर अपने माल को गिरा दिया। मैंने अपने रुमाल से उनकी चूतडो पर गिरे वीर्य को साफ किया उसके बाद उन्होंने मुझे कहा कि मैं अब हमेशा ही तुम्हारे स्टोर में आ जाया करूंगी और तुम मेरी सेक्स की भूख को मिटा दिया करना। मैंने उन्हें कहा कि आप जब भी आएंगे तो मैं हमेशा ही आप की सेक्स की भूख को मिटाने के लिए तैयार मिलूंगा।

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