और पापा ने चोद दिया अपनी जवान बेटी को 2 • Hindi Sex Stories

 

गतान्क से आगे………..bap beti ki chudai sex kahani – papa ne chod diya jawan beti
पापा बोले : अच्छा यहाँ भी दर्द हो रहा है…ठीक है सीमा, अगर तुम्हे यहाँ भी दर्द हो रहा है तो मैं तुम्हारा यह दर्द अभी दूर कर देता हू. पर इस औजार से तुम्हे कुछ दर्द होगा, लेकिन फिर बहुत मज़ा आएगा.

में : कोई बात नही पापा, में अपना दर्द दूर करने के लिए कुछ भी करूँगी..

पापा: ठीक है सीमा, तुम तैय्यार हो जाओ, मैं तुम्हारा इस औजार से यहाँ का  दर्द दूर करता हू. लेकिन पहले कुछ तैय्यारि करनी पड़ेगी.

वो क्या पापा: मैं बोली

पापा ने कहा: बताता हू, ज़रा रूको तो, यह जल्दबाज़ी का काम नही होता है.

यह कहकर पापा ने अपने लंड को अपने हाथों में ले लिया और मेरे मूह के पास कर के बोले.. लो सीमा बेटी..पहले इससे कुछ देर चूसो… जब यह पूरी तरह से सख़्त (टाइट) जो जाएगा तो में इस पर तेल लगा कर तुम्हारा वो दर्द भी दूर कर दूँगा. जैसे तुम्हारी टांगो कर दर्द दूर कर दिया. है.में तुम्हारे इस छेद (होल) को चूस्ता हू ताकि दर्द से पहले कुछ आराम मिल सके. मेरी जीब का जो लार्वा होगा ना, वो तुम्हारी चूत में जाकर मलम का काम करेगा. जब में तुम्हारी इस मोरी में अपना हथियार डालूँगा तो तुम्हे दर्द बहुत कम होता. सीमा… तुम्हे पता है तुम्हारी इस मोरी (छेद/होल) को और मेरे इस हथियार को क्या कहते है..

मैं : नही पापा.. बताओ ना, प्लीज़, क्या कहते है:

पापा : सीमा, तुम्हारी जो यहाँ (पापा ने हाथ फेरते हुए कहा) होल है ना,उसे चूत, फुददी, बुर कहते है और इंग्लीश में उससे पुसी कहते है.

मैं : (शरमाते हुए) अच्छा पापा , और, आपके, इस (मेने पापा के लंड को हाथों में लेकर कर कहा) हथियार को क्या कहते हैं.

पापा : बेटे मेरे इस (पापा ने अपना लंड उँचा करते हुए कहा) हथियार को लंड, लन, लॉडा, लॉरा कहते है.

मैं : और पापा इंग्लीश में इसे क्या कहते है?

पापा : सीमा – इंग्लीश में इसे पेनिस कहते है.

मैं : अच्छा पापा.

पापा : अच्छा बेटी, अब में तुम्हारी चूत चूस्ता हू और तुम मेरे लंड को चूसो.

मैं : ठीक है पापा, अभी चूस्ति हू.

यह कहकर, मैने पापा के लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया. पापा का लंड बहुत लंबा मोटा और एकदम काला था. मुझे फिर से गधे और घोरे का लंड याद आ गया, जो कि तांगा-स्टॅंड पर खरे हुए घोरे को मैने कयी बार देखा था जब वो पैशाब करते थे तो उनका पूरा लंड बाहर निकल आता था और  वो उपर नीचे करते थे और फिर पैशाब करते थे. उनके पैशाब की धार भी बहुत मोटी होती थी.

मैं पापा से कहा…पापा यह तो बहुत मोटा और लंबा है, मेरे मूह मैं कैसे जाएगा.. पापा ने कहा …सीमा तुम कोशिश करो, यह फ्लेक्सिबल  होता है, तुम प्यार से चूसोगी तो ये तुम्हारे मूह मैं जाकर फिट हो जाएगा… तुम्हारी यह जो नीचे वाली जगह में डालना है उसमे भी तो यह देखना बिल्कुल फिट हो जाएगा.

मैने कहा: ठीक है पापा, कोशिश करती हू. मैं पापा के लंबे मोटे लंड को अपने दोनो हाथो में ले कर पापा के लंड का सुपरा अपने मूह में डालने की कोशिश करने लगी.पहले तो वो अंदर ही नही गया. फिर मैने अपने मूह को ज़ोर लगा कर चौड़ा किया और लंड का लाल-लाल सुपरा मेरे मूह में जाकर फस गया.. मेरी साँस रुकने लगी..मैने इशारे से पापा को कहा कि यह मेरे मूह में फस रहा है… पापा बोले

सीमा बेटी..डॉन’ट वरी, अभी थोरी देर में ठीक हो जाएगा तुम, मूह थोरा और खोल कर कोशिश करो, कोशिश करो बेटी…तभी तो तुम्हारा दर्द ठीक होगा.

मैने इशारे से कहा… ओके पापा मैं कोशिश करती हू.

मैं अपना मूह अपना पूरा ज़ोर लगा कर चौड़ा किया. अब तक जो पापा का लंबा-चौड़ा लंड मेरे मूह में फसा हुया था, कुछ ढीला हो गया..पापा बोले > बेटी थोड़ा हाथ से और तोड़ा मूह से इसे आगे पीच्छे करो… तभी यह टाइट होगा ना..

मैं पापा के लंड को मूह में आगे-पीछे करना चालू किया.. सचमुच पापा का लंड बहुत ही टाइट होने लगा था. मेरे हाथो को महसूस हो रहा था कि उनके लंड की नस्से टाइट होने लगी थी.

पापा ने भी मेरी दोनो टाँगों को और खोल कर मेरी चूत के मूह को फैला दिया और पहले मेरी चूत की फांको को मूह में भर कर चूसने लगे जैसे कोई बच्चा दूध चूस्ता है. फिर पापा दोनो फांको को खोल कर अपनी जीब अंदर डालकर अंदर-बाहर करने लगे.. मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी. मुझे ऐसे लग रहा था, जैसे कोई बिजली का कॅरेंट मेरी चूत से शुरू हो कर पूरे बदन मैं फैल रहा हो. मुझे पापा के चूत चूसने मैं बहुत मज़ा मिल रहा था.

ऐसा मज़ा मुझे आज तक नही मिला था. पापा ने कुछ देर चूत को चूसने के बाद, अपनी एक बड़ी उंगली मेरी चूत में डाल दी… आआहह आआअहह. … मेरे मूह से एक प्यारी सी आअहह निकल गयी जो की दर्द के कारण नही मज़े के कारण थी.

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