कल्पना की मस्त जबरदस्त चुदाई

प्रेषक : मुनेश …

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हैल्लो दोस्तों, में सेक्सी मुनेश आज अपनी एक और स्टोरी लेकर आपके सामने आया हूँ। में आशा करता हूँ कि आपको मेरी स्टोरी बहुत पसंद आएगी, तो अब स्टोरी शुरू की जाए। हाँ तो दोस्तों अभी तो में एक मल्टीनेशनल कम्पनी में इंजिनियर हूँ, लेकिन ये बात तब की है, जब में फाइनल ईयर का स्टूडेंट था। हमारी क्लास में टोटल 66 स्टूडेंट्स थे, जिनमें 22 गर्ल्स थी, उन्ही में से एक थी कल्पना। फिर जब हमारी रिपोर्टिंग हुई तो मैंने उसे पहली बार देखा था और सोचा था कि इसे तो में अपनी गर्लफ्रेंड बनाऊंगा, चाहे कुछ भी करना पड़े। फिर हमारी Ist ईयर की क्लास स्टार्ट हुई। अब मैंने पहले दिन से ही क्लास लेना स्टार्ट कर दिया था, क्योंकि अब में कोई चान्स नहीं लेना चाहता था कि कोई और कल्पना पर नजर डाले। फिर वो 4 दिन के बाद कॉलेज आई। फिर कुछ दिन के बाद रैगिंग दौरान मेरे एक सीनियर ने मुझसे पूछा कि मुझे क्लास में सबसे ज़्यादा कौन सी लड़की पसंद है? तो मैंने कहा कि कल्पना। अब बस मैंने तो इतना ही कहा था और मेरे गाल पर एक जोरदार थप्पड़ पड़ा, तो बाद में मुझे पता चला कि वो उस सीनियर की कज़िन है।

अब तो मेरा इरादा और पक्का हो गया था, क्योंकि मुझे उसकी वजह से थप्पड़ भी पड़ चुका था। अब में कल्पना से क्लास में थोड़ी बहुत बातें करता था, हालाँकि में शुरू से ही को-एड स्कूल में पढ़ा हूँ, लेकिन कभी मैंने लड़कियो को भाव नहीं दिया था, क्योंकि में क्लास का दूसरा टॉपर था और लड़कियाँ खुद ही मेरे पास आती थी, लेकिन यहाँ की बात ही कुछ और थी। अब कॉलेज का पहला फ्रेंडशिप-डे था। अब सभी एक दूसरे को बैंड बाँध रहे थे। फिर में फ्रेंडशिप बैंड लेकर कल्पना के पास गया और उसे वो एक्सेप्ट करने के लिए कहा। तो तब उसने मुझे देखा और उस बैंड को देखा और कहा कि तुम्हारी मुझे दोस्ती का प्रस्ताव देने की हिम्मत कैसे हुई? क्या हो तुम? उसने सारी क्लास के सामने मुझसे ऐसा कहा था।

मुझे उस वक़्त इतना बुरा लगा था कि क्या बताऊँ? मेरी इतनी बेइज़्ज़ती कभी नहीं हुई थी। तब तक तो में सिर्फ़ कल्पना से दोस्ती करना चाहता था, लेकिन उसे चोदूंगा या और मेरी कुछ ऐसी कोई चाहत नहीं थी, लेकिन उस दिन मैंने सोच लिया था कि इस दिन का बदला में जरूर लूँगा। फिर उसके बाद मेरे कई अच्छे दोस्त बन गये, उनमें कई लड़कियाँ भी थी, क्योंकि में हमेशा से पढ़ाई में और प्रेक्टिकल्स में सबकी मदद करता था। अब हम IInd ईयर में आ गये थे, हमारे क्वालिटी ग्रुप बने तो उसमें कल्पना भी थी। में हमारे ग्रुप का सबसे बुद्धिमान स्टूडेंट था, अब सबको मेरी मदद चाहिए होती थी। में सबकी मदद करता था, ख़ासकर प्रेक्टिकल में कल्पना की भी करता था, लेकिन उससे उस दिन के बाद कभी बात नहीं की थी, इस बार फ्रेंडशिप-डे पर कल्पना ने मुझे प्रपोज़ किया, लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था। लेकिन मेरे क्वालिटी ग्रुप मेंबर्स के कहने पर मैंने बैंड बँधवा लिया, लेकिन मैंने बात तब भी नहीं की थी, वक़्त सारी बातो को भुला देता है।

अब हम सभी सब कुछ भूलकर मस्ती और पढ़ाई करने लगे थे। अब कप्लना मेरी गर्लफ्रेंड बन चुकी थी और सारा कॉलेज इस बात को जानता था। फिर मैंने 15 फरवरी 2016 को कल्पना से मेरे साथ मेरे मामा जी की लड़की की शादी में चलने को कहा तो उसने हाँ कर दिया, बाकी फ्रेंड्स भी हमारे साथ थे, अब में यहाँ एक बात बताना चाहूँगा कि हम दोनों ही हॉस्टल में रहते थे। अब 18 फरवरी को हम मेरे मामा जी के घर पर थे, हम कॉलेज से 8 दिन की छुट्टी लेकर आए थे, टीचर्स से संपर्क होने के कारण हमें कोई परेशानी नहीं थी। शादी 21 फरवरी की थी, अब मस्ती में शादी कंप्लीट हो गयी थी।

फिर उसके बाद मेरे सारे फ्रेंड्स अपने शहर चले गये। तब कल्पना ने भी कहा तो मैंने उसे नहीं जाने दिया। फिर में उसे अपने शहर लेकर आया, मेरे सारे फेमिली मेंबर्स अभी मामा जी के यहाँ ही थे और अगले 5 दिन तक नहीं आने वाले थे। फिर मैंने पड़ोस की आंटी से चाबी ली और सीधा बेड पर जाकर गिरा। फिर कप्लना ने हम दोनों के लिए चाय बनाई। फिर मैंने उसे अपना पूरा घर दिखाया और नहाने चला गया। अब कल्पना कंप्यूटर पर गाने सुन रही थी। फिर में बाथ लेकर बाहर आया तो मैंने देखा कि कल्पना का गोरा चेहरा एकदम लाल हो रहा था और वो तेज-तेज साँसे ले रही थी। फिर जब मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? तो उसने कहा कि कुछ नहीं और तेज़ी से अपने कपड़े लेकर बाथरूम में चली गयी। अब मेरी समझ में कुछ भी नहीं आया था, उसने गाने बंद कर दिए थे। तब मैंने सोचा कि में गाने स्टार्ट करता हूँ। फिर जैसे ही मैंने विंडो मीडीया प्लेयर ओपन किया, उसमें जो फाईल ऑलरेडी स्टोर थी वो प्ले हो गयी थी और उसे देखते ही मेरी समझ में सब कुछ आ गया था। दरअसल यह कंप्यूटर मेरे छोटे भाई जितेंद्र के लिए है, जो बी.सी.ए का छात्र है। अब उस पर ब्लू फिल्म लोड थी।

फिर जब मैंने ध्यान से देखा है तो ग्रिल एंजेलिना जॉली पूरी नंगी होकर डांस कर रही थी। फिर मैंने देखा तो वो सारी क्लीप थी, जो हॉलीवुड मूवी में होती तो है, लेकिन जब उन्हें इंडिया में रिलीज करते है तो हटा देते है। अब मुझे मज़ा आने लगा था और जितेंद्र पर हँसी भी आ रही थी, लेकिन वो भी तो लड़का है उसकी भी तो कुछ इच्छा होती होगी। फिर में उन्हें देखता रहा, वो एक से एक शानदार क्लिप थी, बेसिक इन्सिट का वो सीन भी था जिसकी वजह से उस एक्ट्रेस का तलाक हो गया था। तो तभी अचानक से मुझे ध्यान आया की बहुत देर हो गयी है, लेकिन कल्पना अभी तक बाथ लेकर नहीं आई। अब मेरा लंड तो टाईट होना ही था। अब में सोच रहा था कि क्यों ना कल्पना को चोदा जाए? अब घर में हम दोनों ही थे और कोई डर भी नहीं था। अब वो भी उत्तेजित थी और इधर में भी था।

फिर में चुपके से बाथरूम के पास गया, लेकिन वहाँ कोई आवाज नहीं थी तो मैंने एक बार तो सोचा कि कल्पना को आवाज़ दूँ, लेकिन मैंने धीरे से दरवाजे पर हाथ रखा तो वो खुल गया, यानि दरवाजा अंदर से लॉक नहीं था। तो मैंने देखा कि कल्पना अपने दोनों पैर फैलाकर बैठी थी और अपनी चूत को रगड़ रही थी। अब मेरा लंड तो पहले से ही टाईट था और अब इस सीन को देखकर तो वो मेरी पेंट से बाहर आने को तड़पने लगा था। तो तब मैंने कुछ भी नहीं सोचा और अपने सारे कपड़े बाहर ही उतारकर एकदम से अंदर चला गया। तो कल्पना मुझे देखकर एकदम चौंक गयी, लेकिन मुझे भी नंगा देखकर उसने अपना मुँह दूसरी तरफ कर किया था। फिर में उससे बोला

में : क्या हुआ मेरी जान? तुम भी नंगे हम भी नंगे, तो अब शर्म कैसी?

कल्पना : बदमाश बाहर जाओ।

में : नहीं जाऊंगा, में तो तुम्हें प्यार करूँगा, बोलो क्या करोगी?

कल्पना : तो में भी तुम्हें प्यार करूँगी।

अब मैंने उसे अपने सीने से लगा लिया था और उसके गले पर किस करने लगा था।

कल्पना : प्लीज मुझे और मत तड़पाओ, इतनी देर से तो तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ।

अब में उसके लिप्स पर किस करने लगा और उसकी चूत पर अपना एक हाथ फैरने लगा था। अब वो पूरी तरह एग्ज़ाइटेड थी। फिर उसने अपने हाथ जोड़कर कहा कि प्लीज अब मुझे और मत तड़पाओं, अगली बार जब करो तो चाहे जैसे करना, लेकिन इस बार मेरी चूत में अपना लंड डालकर इसकी खुजली मिटा दो, वरना में पागल हो जाउंगी। तब मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने उसे बाथरूम के गीले फर्श पर ही लेटा दिया। उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल उगे हुए थे, ऐसा लग रहा था कि उसने कुछ दिन पहले ही शेविंग की है। फिर मैंने अपने लंड को अपने एक हाथ में पकड़ा और उसकी चूत पर टिका दिया और हल्का सा आगे दबाया, लेकिन मेरा लंड फिसलकर नीचे चला गया था। फिर मैंने कुछ सोचा और वहाँ रखी क्रीम लेकर आया और उसे अपनी उँगली पर लेकर उसकी चूत में अंदर तक लगाई और थोड़ी अपने लंड पर भी लगाई। फिर मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधो पर रख लिए, तो उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत के मुहाने को और वाइड करने की कोशिश की तो मैंने एक बार फिर से अपना लंड कल्पना की चूत पर टिकाया और कहा कि डालूँ क्या? तो तब उसने कहा कि हाँ। फिर मैंने एकदम ज़ोर से शॉट मारा तो मेरा लगभग 2 इंच लंड घुसा, लेकिन वो एकदम से चिल्लाने लगी ओह मम्मी में मर गयी, प्लीज मुनेश निकाल इसे बाहर, वरना में मर जाउंगी, प्लीज में तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ निकालो इसे, मुझे नहीं चुदवाना। अब उसकी आँखो में आँसू आ गये थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने सोचा कि अगर इसे बाहर निकाल लिया, तो ये दुबारा डालने ही नहीं देगी इसलिए मैंने कहा कि ठीक है निकालता हूँ और उसके बूब्स को दबाने लगा था और उसके लिप्स पर किस करने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद कल्पना थोड़ी रिलेक्स हुई तो मैंने अपने लंड को थोड़ा हिलाया, लेकिन वो फिर से मना करने लगी थी। फिर मैंने कहा कि अरे में डाल नहीं रहा, निकाल रहा हूँ और फिर जैसे ही उसने अपनी बॉडी को रिलेक्स किया तो मैंने एकदम से जोरदार शॉट मारा तो मेरा आधे से ज्यादा लंड अंदर चला गया। तभी उसके मुँह से आवाज निकली आह मम्मी मार डाला मुझे, ओह मम्मी, मैंने तुम्हें मना किया था ना मत डालना, लेकिन तुम नहीं माने, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, में मर जाउंगी, आआहह, ओह, ओह, माँ मार डाला इसने मुझे, अब वो ऐसे चिल्लाने लगी थी और रोने लगी थी। तब मैंने सोचा कि शायद बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला। अब इसके लिए भी मुझे थोड़ा ज़ोर लगाना पड़ा था।

फिर जैसे ही मेरा लंड बाहर आया तो उसे देखकर तो मेरी जान ही निकल गयी थी, क्योंकि अब मेरा पूरा लंड खून से सना हुआ था और कल्पना की चूत से भी खून टपक रहा था। फिर उसे देखते ही वो बोली कि ओह माई गॉड तुमने तो मेरी चूत फाड़ दी, देखो कितना खून आ रहा है? आअहह, ऊऊहह, ओह मम्मी और फिर रोने लगी। मैंने फिर से उसके लिप्स चूसना और बूब्स दबाना स्टार्ट किया, लेकिन इस बार उसने मुझे अपना लंड दुबारा से नहीं डालने दिया था। फिर लगभग 15-20 मिनट के बाद वो रिलेक्स हुई तो मैंने अपना लंड फिर से उसकी चूत में घुसाना चाहा तो उसने कहा

कल्पना : नहीं मुझे नहीं चुदवाना, मेरी जान निकाल दी तुमने।

में : पहले तो बोल रही थी चोदो वरना में मर जाउंगी, पागल हो जाउंगी।

कल्पना : मुझे क्या पता था कि इतना दर्द होता है?

में : ओके, अब में धीरे से घुसाऊँगा और दर्द भी नहीं होगा, अगर हुआ तो स्टार्ट में थोड़ा सा होगा और फिर तुम्हें जन्नत का मजा आएगा।

फिर जैसे तैसे करके मैंने उसे मनाया और अब मैंने सोच लिया था कि इस बार नहीं मानूँगा। फिर मैंने दुबारा से अपने लंड पर थोड़ी क्रीम लगाई और अपने लंड को कल्पना की खून से सनी चूत पर रखा और अपने पूरे दम से एक धक्का मारा तो कल्पना की आँखे बाहर होने को आई। अब वो ऐसे तड़पने लगी थी जैसे मछली को पानी से बाहर निकालने पर वो तड़पती है। अब उसने छूटने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन मैंने उसे जाने नहीं दिया था और उसके लिप्स पर अपने लिप्स रखकर धक्के लगाने लगा था। अब वो रोने लगी थी, लेकिन में नहीं माना।

फिर 3-4 मिनट के बाद वो थोड़ी रिलेक्स लगने लगी तो मैंने अपने लिप्स उसके लिप्स से हटाए। तब वो बोली कि ऐसा लगता है आज मुझे मारकर ही मानोगे, तुम सेक्स कर रहे हो या रेप कर रहे हो, हटो वरना में चिल्लाऊँगी, लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा और अपने धक्के लगाना जारी रखा। फिर थोड़ी देर के बाद कल्पना को भी मज़ा आने लगा था ऑश, आहह और अंदर डालो, मेरी चूत के टुकड़े-टुकड़े कर दो, ओह मेरे राजा, मुझे क्या पता था चुदाई में इतना मज़ा आता है? और ज़ोर से, मेरी चूत का भोसड़ा बना डालो, चोदो मुझे और ज़ोर से धक्के मारो, इस तरह से वो चिल्लाने लगी थी। अब घर में कोई नहीं था इसलिए हमें किसी तरह की कोई चिंता नहीं थी। तभी अचानक से कल्पना बोली कि अब में तुम्हें चोदूंगी और फिर वो मुझे नीचे लेटाकर खुद मेरे ऊपर आ गयी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगी थी।

अब वो मेरे ऊपर से धक्के लगा रही थी और में नीचे धक्के लगा रहा था। अब ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई कॉम्पीटिशन चल रहा है, ओह मेरे राजा, मेरे मुनेश ऐसा लग रहा है जैसे में हैवान हूँ, चोदो मुझे, वाह मेरे राजा, आज मेरी चूत को फाड़ ही डालो और तभी अचानक से बोली कि आह में आ रही हूँ। तब मैंने कल्पना को नीचे पटका और तूफ़ानी रफ़्तार से धक्के मारने लगा। तभी अचानक से कल्पना एकदम से मुझसे चिपक गयी। तब में समझ गया कि ऐसा क्यों हुआ है? और फिर एक दो धक्के के बाद में भी खल्लास हो गया। फिर हम दोनों वही फर्श पर लेटे रहे ।।

धन्यवाद …

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