किरायेदार की लडकी मेरी जोरू है

hindi sex stories, antarvasna हाय मेरे बड़े चुदक्कड दोस्तो | मैं आज आपको अपने एक रोचक घटना के विषय में कुछ सुनाने वाला हूँ | ये घटना रोचक इसलिए है क्योकि मैं जब इस घटना को अन्जाम दे रहा था तब एक लड़की ने मेरा साथ दिया | मैं उस लड़की को चोदने में व्यस्त था और वो समय मेरे लिए एक रोचक समय था | मैं अपने घर पर टीवी देख रहा था और मेरे घर पर किरायेदार आये हुए थे | उसे किराये के मकान की ज़रूरत थी | उसकी आवस्यकता को देखकर मैंने उस किरायेदार से कहा की तुम मेरे घर पर रह सकते हो | मुझे तब मालूम नही था कि उसकी पत्नी भी उसके साथ रहने के लिए आ सकती है | जब वो मेरे घर पर रहने के लिए आया था तब उसने मुझे बताया की वो अकेला ही मेरे घर पर रहने वाला है क्योकि वो किसी फैक्ट्री में कार्य करता है | मैंने भी उसके कहने पर हाँ कह दिया और उसको अपना मकान किराये पर दे दिया | मेरा कमरा भी उसके साथ वाले कमरे से जुड़ा हुआ था | इसलिए जब भी मुझे उस किरायेदार से मिलना होता था तो मुझे सिर्फ अपने कमरे से निकलना पड़ता था और मैं उस किरायेदार से मिल लेता था | कुछ महीने तक वो मेरे मकान पर अकेला रहा करता था | फिर उसने एक दिन मुझ से कहा कि उसके बच्चे घूमने के लिए मेरे पास आ रहे है | तो मैंने उससे कहा हाँ तुम तुमाहरे बच्चो को यहाँ पर रहने के लिए कह सकते हो वैसे भी मैंने तुम्हे जो मकान दिया है उसमे तीन कमरे मौजूद है | उसके बच्चे बड़े और जवान थे | इसलिए मैंने जब उस किरायेदार के बच्चो में से उसकी एक लड़की को देखा तो मुझे वो लड़की रोचक लगने लगी | मेरा कमरा भी वही पर था जहा पर उसके बच्चो का था |

मैं उस लड़की को देखने के लिए घर से बाहर निकलकर उस लड़की के आने का इन्तजार करता था | मेरी आमदनी का जरिया भी मेरा दिया हुआ मकान था | मुझे लेकिन अपनी आमदनी को बढ़ाना था इसलिए मैं नौकरी की तलाश में लगा रहता था | एक दिन मैं घर के आंगन में टहल रहा था तभी वो लड़की नजर आई | उस लड़की ने मुझे नमस्ते किया और कहने लगी आप ने नास्ता कर लिया है | मैंने उसे हस्ते हुआ कहा कि नही | उसने मुझ से कहा मैंने अभी कुछ नही बनाया है | लेकिन कुछ समय के बाद मैं आपके लिए कुछ बनाकर लाने वाली हूँ | मैं उसकी आँखों को देख रहा था और जब वो मुझ से बात कर रही थी तो हस रही थी और उसके दूध हिल रहे थे | मुझे उसके दूध को अपने हाथो से मसलना था इसलिए मैंने एक नया प्लान बनाया ताकि मैं उसके दुग्ध से खेल सकू | कुछ समय बाद उस लड़की का बड़ा भाई घर से बाहर जा रहा था पर वो मेरे पास आकर रुक गया और कहने लगा कि आपका मकान बढ़िया है | मुझे उसने कहा की मेरी छोटी बहन आपके लिए नास्ता तैयार कर रही है | अगर आपको ऐतराज नही है तो आप हमारे कमरे में आकर नास्ता कर सकते है | लेकिन मैंने उसके भाई से कहा कि मैं बाहर नास्ता करने वाला हूँ आप मेरे लिए आँगन में नास्ता भेज देना | अगर मैं उसके भाई से कहता कि मैं आप लोग के कमरे पर आकर नास्ता कर सकता हूँ तो उसके भाई को लगता की मैं एक असभ्य लड़का हूँ जो की जवान लडकियो के आने पर उनके पास घूम रहा है और मैं फिर उसकी छोटी बहन के दूध को कभी नही अपने हाथो से मसल सकता था | मेरा फैसला ही मेरे लिए एक कामयाबी बना | उन लोगो को लगने लगा की मैं एक सभ्य लड़का हूँ | इसलिए वो जब भी मेरे शहर घुमने के लिए आया करते थे तो मेरे किराये के मकान में रुका करते थे | रोजाना उनके घर पर जब नास्ता बना करता था तो वो लोग मुझे नास्ता देने के लिए आया करते थे | उन लोगो से मेरी पहचान हो चुकी थी | मुझे एक बहाना मिला जिससे मैं उस लड़की के करीब पहुच सकूँ | उसका भाई मेरे शहर में कोई प्राइवेट जॉब करता था | वो अपने पापा को सहारा देने के लिए प्राइवेट जॉब किया करता था | मैं उस लड़की के भाई से मिलने के लिए कमरे में घुसता था | उस लड़की का भाई भी मेरे लिए नए जॉब  तलाश करके लाया करता था | लेकिन मैं जॉब करने के लिए तयार नही होता था | क्योकि जॉब के बहाने मैं उस लड़की के करीब पहुचने की कोशिश किया करता था |

कुछ महीने तक तो ऐसा चलता रहा लेकिन जब उन लोग ने मुझे एक सदस्य का दर्जा दिया तो मेरे लिए उस लड़की के दूध को दबाना सरल हो गया | मैं अब उस लड़के की बहनो से आसानी से बात कर सकता था | मैं जब अपने मकान के आंगन में घुमा करता था तो उसकी बहने आंगन में मौजूद रहती थी और मुझ से बात किया करती थी | ऐसा करना मेरे लिए एक नया अनुभव था | मैं किसी लड़की को पाने के लिए ये कर रहा था | एक दिन जब हमे किसी के घर से कार्ड आया था तब उस लड़के की बहन मेरे साथ पार्टी में चलने के लिए कपडे पहनकर तैयार हो रही थी | मुझे अब कुछ ख़ास करना था इसलिए मैंने अब ऐसा किया कि उनके घर पर कुछ भोजन पहुचाया | अब मुझे अपने जीवन में उस लड़की को पाना का इरादा कर लिया था लेकिन मैं सिर्फ उस लड़की के दूध दबाना को लगा हुआ था | लेकिन मैं कुछ भी नही कर पाया था | जब मैं उसकी छोटी बहन को अपनी गाडी पर बैठाकर पार्टी में ले जाया करता था | तो मैं गाडी का ब्रेक लगाया करता था ताकि वो मुझे पीछे से गले लगाये | जब भी मैं गाडी का ब्रेक लगा देता था तो वो मुझ से चिपक जाती थी और मुझे गले लगा लेती थी | ऐसा करने पर मुझे लगता था की वो मेरे करीब आ रही है | जब हम लोग पार्टी में पहुच जाते थे तो उसकी छोटी बहन मेरे पास खड़ी रहती थी और मुझ से बात किया करती थी | पार्टी के दौरान जब हम लोग भोजन खाते थे तब उस लड़की का भाई और उसकी बहन मेरे साथ खड़ी रहती थी | पार्टी के दौरान मैं उस लड़की से दुनिया की बाते किया करता था | वो समय मेरे लिए एक सुनहरा समय हुआ करता था क्योकि मैं वो कर सकता था जिसके लिए मैंने एक योजना बनाई थी | उस लड़की का फोन नम्बर मेरे पास था लेकिन मैं उसको कभी भी ये नही कहता था की तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो अगर मैं ऐसा कहता तो उसका बड़ा भाई मेरा मकान छोड़ सकता था और कही अन्य जगह रहने के लिए उनको साथ में लेकर चला जाता |

समय बीतता गया और एक दिन मुझे उस लड़की के दूध दबाने का अवसर मिल गया | वो आंगन में कपडे सुखा रही थी और उस दिन मकान में कोई नही था | उस लड़की का बड़ा भाई , पापा और उसकी बड़ी बहन घर के बाहर उनके कार्यो के वजय से गए हुए थे | ये मौका मेरे लिए एक सुनहरा मौका था | देर किया बिने मैं गेट के पास पहुचा और गेट को अन्दर से बन्द कर दिया ताकि अगर कोई आ जाता तो मुझे मालूम चल जाता की कोई आया हुआ है और मैं उस लड़की के दूध दबाना और उसे अगर चोद रहा होता तो उसे चोदना छोड़ देता | मैंने जब देखा की वो लड़की आंगन में कपडे सुखा रही है तो मैं उस लड़की के पास पहुच गया और उससे कहा की मुझे भूख लग रही है तो क्या तुम मेरे लिए कुछ बनाकर खिला सकती हो | उसने तब मुझ से कहा की दाल , चावल , रोटी और आलू की सब्जी बनी हुई है तुम्हे खाना है तो मैं तुमाहरे लिए ले कर आ सकती हूँ | मैंने उसे कहा की मुझे दाल चावल नही खाना है आप मेरे लिए हलवा बना दो | वो लड़की कपडे सुखाने के बाद किचन के अन्दर चली गयी और मेरे लिए हलुआ बनाने लग गयी | अब मैं भी उस लड़की के साथ किचन में घुस सकता था |

मैंने उस लड़की से कहा की तुम कहा पर हो मेरे लिए पानी ला कर दे सकती हो | उसने मुझ से कहा हाँ मैं आपके लिए पानी लेकर आ रही हूँ | उसने मुझे पानी का एक गिलास दिया और मैंने पानी पिया | फिर मैंने उस लड़की से कहा की अगर तुम्हे हलुआ बनाने में देरी हो रही है तो तुम मुझे दाल , चावल , रोटी और सब्जी दे दो | उसने मेरे लिए भोजन परोस दिया | मैंने उससे कहा की तुम भी मेरे साथ भोजन कर लो | तब उसने एक अलग थाली लाई और वो मेरे साथ भोजन करने लगी | भोजन खाते समय मैं उस लड़की से हसी मजाक कर रहा था | मौके का फायदा उठाकर मैंने उस लड़की के हातो को पकड़ा और उसके होटो को चूमने लगा | कुछ समय तक उसके होटो को चूमने के बाद मैंने उसे गले लगा लिया और उस लड़की ने भी मुझे गले लगा लिया | अब क्या था मैंने उस लड़की के दूध दबाना शुरु कर दिया | उसके दूध बड़े थे इसलिए मुझे उस लड़की के दूध दबाने का सौक था | मैं उसके दूध को अपने हातो से मसल रहा था | वो सुनहरा समय मेरी जिन्दगी में पहला अनुभव था | उस लड़की से पहेले मैंने कभी किसी अन्य लड़की को नही चोदा था | मैंने चुदाई के विषय में सुना तो था लेकिन कभी किसी लड़की को नही चोदा था | उस लड़की के दूध दबाने के बाद मैंने उसके चूत में अपने हात डाल दिया | मैं उसके चूत को अपने हातो से सहला रहा था | उस लड़की की चूत में लम्बे बाल उगे हुए थे | उसकी चूत लाल हो गयी थी जब मैं उस लड़की को चोद रहा था और उससे पानी निकल रहा था | कुछ समय तक चोदने के बाद मेरे लंड से माल गिरने लगा और इस वजह से मैंने उस लड़की को चोदना रोक दिया | पर कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने उससे कहा मेरा लंड चूसो और उसने मेरे लंड को चूस के खड़ा कर दिया | उसके बाद फर मैंने उसकी चूत में अपना लंड दाल दिया और उसके बाद मैंने उसको मस्त चोदा | उसके बाद मैंने उसकी गांड भी मारी और उसके बाद मैंने पूरा माल उसकी गांड के ऊपर ही निकाल दिया | अब हम अक्सर चुदाई करते हैं |

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