गर्मी के दिन किया एक लडके ने चुदाई

 

hindi sex stories, kamukta हाय मेरे भाई लोगों क्या चल रहा है और कैसी कट रही है आजकल आपकी ? मुझे पूरा विश्वास है कि आप लोग अच्छे होंगे और मस्ती कर रहे होंगे | मैंने आज तक कभी सेक्स या आम भाषा में कहे तो चुदाई का स्वाद नहीं लिया है पर मैंने इसे देखा ज़रूर है | मेरा नाम आपके लिए कोई ख़ास महत्व नहीं रखता आप बस अपनी कहानी से मतलब रखो और अपने लंड को संभाल के रखना नहीं तो कुछ गिर सकता है | जी हाँ मैं सही कह रहा हूँ और ये आपके लिए बहुत सही चीज़ है क्योकि आप सब कहानिया इसलिए ही पढ़ते हो | दोस्तों हम सब अलग अलग जगहों पर रहते हैं और वहा कोई न कोई ख़ास बात ज़रूर होती है | मैं जबलपुर से हूँ और हमारे यहाँ कई जगह पर चुदाई का नंगा नाच चलता है | कोई रोक टोक नहीं बस लड़की लाओ और चुदाई मचाओ | मेरे एक दोस्त ने भी ऐसा ही किया वो अपनी एक पुरानी सेटिंग की बहन को देवताल लेकर गया और वहां उसने उसके साथ रंगरलियाँ मनायीं पर उसके बाद जो हुआ वो आप जानकर हैरान हो जाओगे | चिलये दोस्तों अब समय हो गया है कहानी शुरू करने का और मैं ज्यादा इंतज़ार नहीं करवाने वाला हूँ |

मेरा दोस्त पंजाब का है लेकिन जबलपुर में अपने दादा के घर आया था | मेरी दोस्ती राहुल से एक घटना के वक्त हुई थी | मैं  अपनी गाड़ी से घर जा रहा था तभी मेरा एक्सीडेंट हो गया | मुझे चलना मुश्किल हो गया था | मुझे सिर्फ घर पहुचना था और घर पहुचकर अपने मामा के लिए दवाई ले जाना था | लेकिन एक्सीडेंट वाली घटना ने सब कुछ हिला कर रख दिया | मामा को दवाई देना था क्योकि वो अस्पताल में भर्ती थे | वो वकत मेरे लिए बहुत दर्द भरा था | मामा को दवाई पहुचाना था लेकिन मेरा फ़ोन ख़राब होने कि वजह से मै कुछ भी नहीं कर पाया | राहुल ने मेरे एक्सीडेंट को घम्भिर्था से लिया और देरी किये बिना | उसने मुझे उठाया और मुझे अस्पताल तक पहुचाया | उसने मेरे हाथ को कसकर पकड़ा था ताकि मेरा खून नही भहे | उसने पास के दुकान से चोट वाली सभेद पट्टी लायी और मेरे हाथ को बांधा ताकि खून बहना बंद हो जाये | उसके बाद लोगो कि सहायता से सड़क पर गिरी पड़ी गाड़ी को सड़क के किनारे कर दिया | उसने मुझे तब तक नहीं छोड़ा ताकि मुझे किसी प्रकार कि असहायता नहीं हो | मैं  दर्द से हलला कर रहा था | पैर में दर्द के कारण चल नही पा रहा था | मैंने लोगो से अस्पताल तक पहुचने के लिए आगरा किया और राहुल ने फिर भीड़ से निकल एम्बुलेंस के लिए इन्ताजार किये बिना एक और सज्जन कि सहायता से मुझे अस्पताल तक पहुचाया |  मुझे उसकी गाड़ी में बैठा कर करीब बहुत दूर पहुचना था क्योकि अस्पताल बहुत दूर था | बहुत खून
बहजाने के वजह से राहुल ने बहुत तेज गाड़ी चलाई | कुछ देर बाद हम लोग अस्पताल पहुच गए | फिर राहुल ने भाग कर डॉक्टर को लाया | डॉक्टर ने मेरा ट्रीटमेंट शुरू कर दिया | कुछ देर बाद उस डॉक्टर ने मुझे डिस्चार्ज किया और घर जाने के लिए अनुमती दिया | इतना कुछ करने के बाद भी उसने मुझे नहीं छोड़ा | उसने मुझे उसकी गाड़ी पर बैठाल कर मुझे मेरे घर तक पहुचा दिया | मेरे घर वालो ने राहुल को धन्यवाद दिया | मैंने भी उसे धन्यवाद दिया और उसका नंबर भी लिया | एक दिन बाद मैंने उसे फ़ोन किया और उसे मिलने के लिए आग्रह किया | वह मेरे घर छुट्टी पर आएगा उसने मुझ से वादा किया | मेरे आग्रह पर वह मेरे घर आया | उसने मेरे हाल पर तरश खाते हुआ कुछ खास सलाह दी | उसकी दी हुई सलाह के आधार पर मैंने कुछ दिन तक रोजाना खाने पर जोर दिया | मैंने हरी सब्जिया और किसमिस खाना शुरु किया | वाकई में उसकी सलाह से मुझे बहुत फायदा हुआ | मैं  कुछ दिन बाद लंगड़ाते हुए चलना शुर किया | राहुल उन दिनों मेरे घर पर आकर मेरी सहायता करता था | राहुल के दोस्ताना व्यावार के कारण उसकी और मेरी दोस्ती बहुत मजबूत हो गयी | राहुल वैसे तो बहुत सरल है लेकिन उसके दोस्ताना व्यव्हार के कारण बहुत लोग उसे पसंद भी करते है | राहुल पंजाब में गरीबो के लिए एक संस्था भी खोल रखी है | उस संस्था में आकर गरीब लोग भोजन करते है | इस कार्य में पंजाब के लोग भी उसकी सहायता करते है | कुछ दिन बीतने के बाद जब मैं  पूरी तरह से चलने लगा तो मैंने उसे भवर ताल गार्डन घुमाना के लिए लेकर गया | भवर्थल गार्डन जबलपुर के लोगो के लिए पूरी तरह से घूमने लायक गार्डन है | यह ना केवल बहुत बड़ा है पर सुविधा से युक्त भी है | भवर्थल गार्डन के पास में कुछ लोग शानदार व्यंजन भी तैयार करके बेचते है | उन व्यंजनों का खाने वाला उनकी प्रन्संसा करता है | राहुल और मैंने भी भवर्थल गार्डन के पास के व्यंजनों को खाया | उनके शानदार व्यंजनों के कारण मै और राहुल आक्सर वहा पर घूमने के लिए जाते थे | उन दिन बहुत गर्मी थी और वहा पर बहुत लोग उनकी छुट्टी बिताने के लिए वहा आते थे | मैं और राहुल अक्सार कही भी घुमते थे पर भवर्थल के तरह आज तक हमें कोई स्थान नहीं मिला | ख़ास पहलू भवर्थल गार्डन कि वहा पर आपको यतायात के साधन मिल जाता है | लोगो का रहन सहन भी दोस्ताना है |

आप कभी भी अगर कोई मुसीबत में होते है तो जबलपुर के लोग आपकी सहायता करने के लिए तैयार रहते है | वैसे तो जबलपुर में और भी परियतस्थल है | इस लिए अगर आप छुट्टियो में कही घूमने के लिए तयारी कर रहे हो तो अक्सर पहला महत्व जबलपुर को दीजिये | जबलपुर में रुकने के लिए खास होटल भी मौजूद है | वहा पर आप कुछ दिनों और आप कुछ ख़ास काम के लिए यहा आये है तो कुछ दिनों के लिए भी होटल में रुक सकते है | मेरा दोस्त राहुल बाहर रहता है और वो भी जबलपुर को पसंद करता है | जबलपुर कि व्यवस्था बहुत शानदार है | न केवल रहने के लिए पर घूमने के लिए भी |

मेरे दोस्त राहुल भी छुटियो में यहाँ घूमने के लिए आता है | एक बार उसने उसकी पुराणी गर्लफ्रेंड को यहाँ घूमने का आग्रह किया और उसकी गर्लफ्रेंड भी यहाँ आई हुई थी | लेकिन वह अकेली यहाँ नहीं आई थी | उसकी दो सहेलिया भी आयी थी | उन्होंने होटल बूक किया था | मेरा दोस्त वैसे तो पंजाब का है इसलिए वह उन लडकियों से अक्सर पंजाबी भाषा में बात करता था | मैंने भी उन लडकियों से पंजाबी भाषा में बात करने कि कोशिश कि पर मै कुछ ख़ास बात नहीं कर पाता था | मेरी दोस्ती सारी लडकियों से हो गयी थी | रोजाना हम सब घूमने के लिए जाते थे | क्योकि लडकिया कुछ दिनों के लिए छुटी पर आई थी हमें उन्हें रोज नये स्थानों पर लेना पडता था | मेरे दोस्त राहुल कि गर्लफ्रेंड थी शालिनी दोनों एक दुसरे को बचपन से पहचानते थे | एक दुसरे के घर पर भी जाते थे |

पर उनके घर वालो को उन दोनो के बारे में कुछ नहीं पता था | मेरा दोस्त राहुल उसके लिए तौफा लाता था और हम सबके सामने तौफा देता था | उसने एक दिन बहुत बड़ा कारनामा भी कर दिया था | उसने शालिनी के गाल में पप्पी ले लिया | इसके बाद वो दोनों एक दुसरे को पसंद करने लगे | हम सब को मालूम चल गया था कि दोनों एक दुसरे को पसंद करने लगे है | राहुल कुछ दिनों बाद उसे हम लोगो के सामने उसके गाल पर चुम्मा देने लगा | फिर तो सब कुछ सरल हो गाया था उसने एक दिन उसकी एक स्थान पर चुदाई कर दी | जब वो उस लडकी की चुदाई कर रहा था तब उस लडकी के कपड़े को उसने उतारा था | उसके बाद उसने जमीन के उपर चटाई को बिछाया था | उसके बाद उसने उस लडकी से कहा की तुम अब चटाई के उपर लेट जाओ फिर वो लडकी जब चटाई पर पड़ी हुई थी तब राहुल ने उसके दूध को अपने हाथ से दबाया | जब उस लडकी को चोदना था तब उसने उसकी चूत के अन्दर राहुल ने गाजर को डाला था | लेकिन जब वो गाजर को डाल रहा था तब उस लडकी ने मुझ से कहा कि गाजर तो खाने के लिए होता है तो तुम क्या कर रहे हो गाजर को मेरी चूत के अन्दर नही डालो | तुम गाजर की जगह पर तुम्हारा लंड अन्दर डालो | उसके बाद राहुल ने एक कपडा उसके हाथ में पकड़ा और उसकी चूत को पोछ रहा था क्योकि उस लडके की चूत साफ नही थी | क्योकि उस लडकी के चूत के उपर झांटके बाल थे | उस लडके ने झांटके बाल को हटाया लेकिन उस लड़का का माल उस लडकी के चूत के उपर गिरने लगा था इसलिए कपड़े की सहायता से उसके लंड से गिरते हुए माल को पोछा | उसके बाद उसने उस लडकी के चूत के अन्दर अपना लंड घुसेड दिया | उसने चुदाई करने के दौरान जमीन पर लेट गया था और वो लडकी उसके लंड के उपर बैठी हुई थी | लड़की को लेटकर वो उपर निचे कर रहा था ताकि उस लंड आसानी से घुसता रहे | जबलपुर में उसने सिर्फ उसने घूमने के लिए आग्रह किया था लेकिन दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और फिर यह चुदाई वाली घटना हो गयी | मेरे दोस्त ने उसके लिए सब कुछ किया था उसके होटल का खर्च भी उसी ने दिया था क्योकि वह सब लोगो कि सहायता करता है | लेकिन वक्त बदलने के बाद राहुल ने उसे सबके सामने जब चूम लिया तो सब कुछ बदल गया | उसने आज तक उसे चूमा नहीं था | मेरे सामने उसने उसकी चुदाई किया क्योकि वह मेरा दोस्त था उसने मुझे दूर ही रखा था | चुदाई करने के लिए उसने पहले उसका पजामा खोलो और उसकी चड्डी उतार दी | मेरा काम वह पर यह था कि मुझे सिर्फ बैठना था | पूरी तरह से उसे नंगा करने के बाद उसने उसकी बहुत देर तक चुदाई किया | कुल मिलाकर एक घटना कि तरह था |

चुदाई के वकत उसने कंडोम का प्रयोग किया था | उसकी चुदाई शानदार थी क्योकि उसने बहुत देर तक चुदाई किया | मेरा दोस्त राहुल फिर छुट्टी पूरी होने पर शिमला चला गया कोई काम कि वजह से | वैसे तो भारत देश में बहुत सारे घूमने लायक जगह है | शिमला में भी राहुल ने बाद में मुझे आने का आग्रह किया | वहा पर सबके लिए बहुत कुछ है | पर इस बार उसने शालिनी को शिमला पर नहीं बुलाया | शिमला में भी सारी सुविधाय उपलब्द है घूमने वालो के लिए | शिमला में रहते वक्त मुझे मालूम चला की मेरे मामा के लड़के का आफिस भी शिमला में है | जब हमारे पास फुर्सत वाला वक्त था तब मैंने और राहुल ने मेरे मामा के लड़का की आफिस में घूमने का फैसला किया | घुमते वक्त मैंने अपने ममेरे भाई से एक अनुमति मांगी थी | क्या मेरा दोस्त राहुल उसकी गर्लफ्रेंड को तुम्हारे आफिस घुमाना के लिए ला सकता है ? उसने भी हा कर दिया | मेरे दोस्त राहुल ने उसकी गर्लफ्रेंड को शिमला में बुलाया था | उसकी गर्लफ्रेंड ने इस बार सिर्फ एक सहेली को लेकर आई थी | उसकी गर्लफ्रेंड को घुमाना के बाद उसकी गर्लफ्रेंड को चोदने के लिए मेरे ममेरे भाई के यहा व्यवस्ता किया था | उसने उसकी गर्लफ्रेंड की चुदाई मेरे ममेरे भाई के आफिस में किया था | चुदाई के वक्त मेरा भाई भी वहा मौजूद था लेकिन वह कमरे के बहर था | मैं  अपने भाई के साथ बाहर बैठा हुआ था | हम दोनों राहुल के विषय में बात कर रहे थे | राहुल ने आफिस में उस लड़की को तब चोदा जब छुट्टी थी | छुट्टी के दौरान आफिस में कोई नहीं था इसलिए राहुल के लिए चुदाई करना सरल था | चुदाई के दिन उस लड़की की सहेली नहीं आई थी | क्योकि राहुल की गर्लफ्रेंड ने उसकी सहेली को कुछ नहीं बताया था | उसकी सहेली भी सुन्दर थी इसलिए मैं ने उस लड़की पर प्रभाव डालने के लिए | मेरी तरफ से उसको कुछ दिया था | उसे देने के बाद, उसकी सहेली ने मुझे धन्यवाद दिया था | मैं ने एक दिन उस लड़की की सहेली के लिए एक पिकनिक की व्यवस्था किया था |  पिकनिक में सारा खर्चा मेरी तरफ से था | पिकनिक के आयोजन के लिए सबने मुझे धन्यवाद दिया था |

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