घमंडी चूत का भोसड़ा बनाया

प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, फौलाद जैसे लंड वालों और कामसूत्रा की देवी गर्मा गर्म चूत वालियों को मेरा सेक्स भरा लंड से चूत और गांड को फटा-फट सटा-सट पेलता हुआ नमस्कार। में राज जोधपुर का रहने वाला हूँ और 25 साल का हूँ, हाईट 6 फुट, हथियार 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा, टोपा मशरूम के छत्ते जैसा बड़ा और गुलाबी, गोरा है, में हैंडसम और सेक्सी नवयुवक हूँ और बहुत ही प्राइवेट स्पेशल डिमांड पर प्ले-बॉय का काम करता हूँ।

में रोज सुबह सुबह 5 बजे के लगभग सैर पर निकलता हूँ तो एक दिन में सैर कर रहा था तो तभी मैंने देखा कि एक जगह अच्छी कॉलोनी में एक जवान कुत्तिया के पकोड़े जैसी फूली हुई चूत को एक तगड़ा लंड वाला कुत्ता अपनी जीभ से चाट रहा था और कुत्तिया मदहोश हुए जा रही थी। फिर मैंने इधर उधर देखा तो मैंने देखा कि सामने वाले घर की खिड़की से एक जवान औरत इस नज़ारे को देख रही थी और अपने फूली हुए छाती को मसल रही थी। अब में एक जगह छुपकर यह सारा नज़ारा देख रहा था। फिर कुत्ते ने छलाँग लगाते हुए कुत्तिया की चूत में अपना हथोड़ा जैसा लंड डाल दिया तो कुत्तिया भौं-भौं करने लगी और फिर वो कुत्ता खूब जमकर कुत्तिया को चोदने लगा।

अब उस औरत के मुँह से सिसकारी निकलने लगी थी, अब उसकी आँखे बंद होने लगी थी। तभी मैंने खिड़की के पास जाकर धीरे से कहा कि क्या आप भी ऐसा चाहती हो? तो उसने अपनी आँख खोली और तुरंत खिड़की बंद कर ली, तो मैंने सोचा कि डर गयी होगी। अब में कुत्ते और कुत्तिया की चुदाई का नज़ारा देख रहा था। तो तभी उस घर का गेट थोड़ा सा खुला और फिर उसमें से एक नौजवान औरत झाँकी तो में तुरंत उसके पास चला गया। फिर मैंने उसका नाम पूछा, तो उसने अपना नाम चाँद कंवर बताया। फिर उसने मुझसे पूछा कि आप कौन हो? यहाँ क्या कर रहे हो? तो मैंने उसे बताया कि में यहीं रहता हूँ और सैर पर निकला हूँ। फिर मैंने कहा कि आपको ये चाहिए क्या? तो उसने कहा कि मेरी शादी अभी 2 महीने पहले ही हुई है और मेरा पति मुझे संतुस्ट नहीं कर सकता है। फिर मैंने अपना पूरा परिचय दिया कि में एक प्ले-बॉय हूँ अगर आप मेरी सर्विस लेना चाहे तो में आपको स्पेशल डिसकाउंट दे सकता हूँ, क्योंकि वो माल बहुत ही अच्छी थी। अब मेरा भी मन मचल गया था, तो उसने झट से अपना दरवाजा बंद कर लिया। अब में क्या करता? तो में भी वहाँ से चला गया।

अब में रोज सैर करने उधर से निकलने लगा था और उसके घर के पास रुकता भी था। फिर 10 दिन के बाद उसने अपने घर से एक पर्ची फेंकी जिस पर उसका मोबाईल नंबर लिखा था। फिर मैंने घर आकर उसे फोन किया और ढेर सारी बातें की। तो काफ़ी नखरे करने के बाद वो मुझसे चुदवाने को तैयार हो गयी। उसे मनाने में मेरे पसीने छूट गये थे, मैंने डील सिर्फ़ 500 रुपए में फाइनल कर दी थी। अब घर नजदीक होने के कारण उसने मुझे उसी रात को 11 बजे बुलाया। मैंने तैयार होकर 11 बजे उसके डोर की बेल बजाई, तो उसने तुरंत ही दरवाजा खोल दिया और मेरे अंदर आते ही दरवाजा बंद कर लिया। फिर वो मेरे आगे चलते हुए अपने बेडरूम में आई, अब मेरा तो हाल बुरा था, लेकिन घर में कोई नहीं था। फिर इधर उधर की बातें करने के बाद वो मेरे तने हुए लंड को देखने लगी और मेरे पास आकर बैठ गयी। मैंने सिग्नल पाते ही उसकी गर्दन को पकड़कर उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया। तो फ्रेंच किस करते ही वो मचल उठी, क्या जवानी थी? फिर मैंने उसे 15 मिनट तक खूब चूसा।

फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसकी प्राइवेट जगह पर फैरना शुरू कर दिया। फिर मुझसे भी रहा नहीं गया तो मैंने फटाफट से उसके सारे कपड़े उतार दिए, क्या संगमरमर जैसा शरीर था उसका? फिर चाँद बोली कि आप मुझे अपने कपड़े उतारने दो प्लीज और फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए। फिर मैंने अपना खेल शुरू किया और उसके पूरे बदन को अपनी जीभ से सिर से पैर तक चाटने लगा। अब वो मदहोश हो रही थी और तरह-तरह की आवाज़ें निकाल रही थी। अब मैंने उसकी उन्नत चूची को अपने मुँह में ले जाकर चूस-चूसकर फूला दिया था। फिर चाँद बोली कि अब और मत तड़पाओ राजा, आ जाओ, तो मैंने उसे अनसुना कर दिया। फिर मैंने उसकी चूत की तरफ देखा तो माँ कसम मैंने आज तक ऐसी चूत कभी नहीं देखी थी एकदम गुलाबी, टाईट और पूरी क्लीन शेव थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में उसे कश्मीरी सेब समझकर ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को कुत्ते की तरह चाटने लगा। तभी चाँद ने आअहह, हहाईईईई में मरी राजा, मार डाला कहते हुए अपना पानी छोड़ दिया। अब में कुत्ते की तरह उसकी चूत को चाटने लगा था, क्या स्वाद था? जिसने चखा है वही जानता होगा। अब में उसकी चूत को खा जाना चाहता था, अब मैंने उसकी चूत को चाट-चाटकर लाल कर दिया था। फिर मैंने अपना तना हुआ हथियार उसके मुँह में डालना चाहा, तो वो मना करने लगी। फिर मैंने कहा कि रानी अपने पूरे पैसे मुझसे वसूल लो, फिर बाद में कुछ मत कहना। तो फिर वो शर्माते हुए मेरा धोड़े जैसा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। अब मेरा लंड तो शैर जैसा होने लगा था, अब इधर में भी उसकी मदमस्त चूत को 69 पोज़िशन में चाट रहा था। फिर 15 मिनट बाद मैंने उसकी बड़ी-बड़ी नाज़ुक और कठोर चूची पर अपना सारा माल गिरा दिया। अब चाँद भी झड़ चुकी थी, फिर हम दोनों ने उठकर बाथरूम में जाकर अपने आपको साफ किया और फिर वापस आकर में उसकी चूची को फिर से सहलाने लगा था।

अब चाँद भी मेरे लंड को सहलाने लगी थी तो कुछ ही देर में हम दोनों अपनी गर्मा गर्म जवानी के साथ चुदाई की जंग के लिए अपना अपना हथियार लेकर फिर से तैयार हो गये। फिर क्या था? चाँद कुत्तिया बनी और में कुत्ता बना और अपने लंड को उसकी गोरी-गोरी नशीली चूत पर निशाना साधकर ऐसा झटका मारा कि उसका पूरा शरीर भूकंप की तरह मचल गया और उसकी चूत की दरार फटने लगी। अब उसकी घमंडी चूत का सामना पागल हाथी के लंड से होने जा रहा था। अब वो चिल्ला उठी थी, लेकिन में नहीं माना और उसकी चूत में अपना लंड पेलता रहा। फिर मैंने कहा कि रंडी पहले चुदवाना नहीं चाहती थी, अब देख में कैसे तेरी चूत का भोसड़ा बनाता हूँ? फिर हर 5 मिनट के बाद में अपनी चोदने की स्टाइल चेंज करता रहा (दोस्तों ये बहुत ही प्राइवेट बात है अगर आप 5 मिनट में स्टाइल चेंज करोंगे तो जल्दी नहीं झडोगें और सुसताने का मौका भी मिल जाएगा, आजमा कर देखना) अब उसकी तो हालत पतली होने लगी थी, क्योंकि लगभग 30 मिनट से में उसे कुत्ते की तरह अपने घोड़े के लंड से धक्के मार-मारकर चोद रहा था।

अब उसकी चूत सूज गयी थी, अब इस बीच चाँद 3 बार झड़ चुकी थी तो वो बोली कि बस हो गया। तो में बोला कि मेरा तो अभी नहीं हुआ। फिर मैंने उससे कहा कि अगर तेरी चूत की हालत खराब हो गयी है तो अपनी गांड में ले लो, तो काफ़ी ना नुकुर के बाद वो मान गयी। फिर मैंने उसकी गांड की खूब चटाई की और फिर थोड़ी देर के बाद अपना लंड उसकी रसीली मदमस्त गांड के छेद पर रखकर धीरे-धीरे घुसाने लगा। तो वो चिल्लाने लगी, फिर मैंने कहा कि धीरज रखो बहुत मज़ा आएगा। अब में भी रुक-रुककर उसकी चूचीयों को दबाने लगा था और फिर ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। अब वो भी मस्त होकर मुझसे अपनी गांड मरवाने लगी थी। फिर मैंने उसकी गांड की ऐसी चुदाई की वो अपना पानी 2 बार छोड़ चुकी थी। तो तब कही जाकर मेरे लंड ने उसकी गांड में होली की पिचकारी की तरह अपने लंड से वीर्य की पिचकारी मारी। अब वो सिसकारियां भरने लगी थी और फिर चाँद निहाल हो गयी।

फिर उस रात में उसे 3 बजे तक चोदता रहा। फिर में 3 बजे अपना पैसा, जो खुश होकर उसने 1000 रुपये दिए थे, वो लेकर घर चला गया। फिर लगभग 4 महीने के बाद एक दिन वो मुझे सिटी बस में मिली, वो गर्भवती थी। फिर मैंने उससे पूछा तो वो बोली कि में तो निहाल हो गयी, में माँ बनने वाली हूँ, आपका यह उपकार सदा मेरे ऊपर रहेगा। तो मैंने कहा कि इसके मैंने आपसे पैसे लिए थे। तो चाँद बोली कि पैसा तो मेरा पति भी कमाता है, लेकिन जो सुख आपने मुझे दिया है वो अब मुझे जीवनभर याद रहेगा ।।

धन्यवाद …

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