चलो चूत के मैदान को फ़तह करते हैं

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नमस्ते दोस्तों, मैं भी आप की तरह शर्मीला हूँ | मुझे आज एक अवसर मिला है कि मैं मेरे से जुडी कुछ कहानियो पर प्रकाश डाल सकूं | मेरे शहर में लड़के और लडकियां आम सड़क पर एक गाडी में बैठकर और मुह में कपडे पहन कर घुमते हुए नजर आते है | वह फ़ोन पर इस तरह बातचीत करते है जैसे वह पति और पत्नी हो | चलिए अब मैं कुछ आपको सुनाता हूँ ऐसे ही एक लड़के की हकीकत | वह लड़का उस लड़की के लिए इस कदर किसी से लड़ने के लिए तैयार हो जाता जैसे वह ही उसके लिए सब कुछ है | मेरी राय है आप लोगो के लिए अगर आप किसी को पसंद करते है और वह लड़की है तो उसके लिए किसी से नहीं लड़ो | क्योकि आज आप उसके लिए लड़ रहे है और वो कल दुसरे से शादी करके चल देती है | लोग तो यहाँ तक कर जाते है जैसे सुसाइड | लड़की के लिए सुसाइड करने वाले बेवकूफ होते है | लडकी को आखिरकार रहना तो इसी दुनिया में है तो एक तरह से आप उनके पास में ही रहते है | फर्क इतना रहता है कि आप उसे छू नहीं सकते है | लेकिन सुसाइड करने वाला दूसरो को यह जताने की कोशिश करता है कि आपने मुझे दुख पहुचाया है और सुसिइड करके अब मैं आपको दुख पहुचाने की कोशिश कर रहा हूँ अगर आप भी निराश है आपकी कोई गर्लफ्रेंड छूट जाने से क्योकि वह अब दुसरे लड़के को ले कर घूमती है | तो निराश होने की ज़रुरत नहीं है आप अकेले हो कर भी आराम से रह सकते है | सबसे महतवपूर्ण राय है उसे दुसरे लड़के के साथ घुमने से नही रोको वरना लड़ाई हो सकती है | लड़ाई नहीं करो वरना आप घायल हो सकते है |

आपको इतना करना है आप आपकी पुरानी गर्लफ्रेंड से दोस्ती करने के लिए अलग – अलग तरीके अपनाओ | मेरी पुरानी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप होने से पहेले मैं उसकी चुदाई कर चुका हूँ | जब मैं उस लडकी की चुदाई कर रहा था तब पहले मैंने उस लडकी के कपड़े नही उतारे थे | उसके कपड़े बिना उतारे ही मैं उस लडकी को चोद रहा था | उस दिन जब उस लडकी की चुदाई चल रही थी तब उस दिन उस लडकी ने कुरती और पजामा पहना था | उसकी पजामा की रस्सी को खोलने के बाद मैं ने अपना लंड उसकी चूत के अन्दर घुसेड दिया | उसके बाद मैंने उस लडकी को दीवाल के पीछे लेकर गया | वहां इसलिए लेकर गया था क्योकि वहा कोई आ न जाये उसके बाद मैंने उस लडकी को जमीन पर लेटा दिया ताकि उस लडकी की चुदाई कर सकूँ | जब वो लडकी लेटी हुई थी तब मैंने उसकी चूत के अन्दर अपने लंड को डाल दिया | जब मेरे लंड से माल बाहर आने लगा तो मैंने उस लडकी को चोदना समाप्त किया | आप लोग जो चुदाई पर अधिक जोर देते है और लड़की छूटने पर भी खुश रहते है तो उनका जीवन बहुत सरल है | लेकिन वे लोग जो लड़की छूटने पर दुखी होते है तो उनको जिन्दगी जीना नहीं आता है | अरे दोस्तो लडकियां तो पल भर के लिए हाथ के मैंल की तरह है | पसीना बहाओ और मैंल हाथ मे अपने आप आ जायेगा | पुरानी गर्लफ्रेंड से वापिस दोस्ती करने के लिए पसीना बहाओ ताकि तरीका मालूम चले और आजमाओ | आपको सफलता अवश्य मिलेगी | मैं वैसे तो अमीर था और ऊचा भी लेकिन मेरे गुस्से के कारण उसको डाटने के कारण सब कुछ बिगड़ गया |

कुछ दिन बाद उसे रोजाना डाटने के कारण से उसने मुझे से दूरी बनाई | ताकि मुझ में बदलाव आये उसने इंतज़ार भी किया लकिन मैं हमेशा उसे चिल्लाया करता था | उसने कुल मिलाकर एक महीने तक मुझे झेला | मेरी डाट ने उसे मजबूर कर दिया और वह मुझे छोडकर एक दूसरा लड़का ले कर घुमने लगी | लेकिन कुछ दिन बाद एक दोस्त की सलाह को अपनाकर मुझे आराम मिला और मैंने फिर अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड से दोस्ती कर पाया करीब तीन साल तक मैं उससे दोस्ती करने लिए तरस रहा था | तीन साल पहले उससे अलग होने से पहले मैंने उसे चोदा भी था | चुदाई करने के वक्त मैं अपने भतीजे को साथ में रखता था | मैं उसे जब कभी चोदता था | मेरा भतीजा वहां रह कर रखवाली करता था ताकि अगर कोई आता था तो वो हल्ला कर देता था | उसकी सहायता से मैंने पुरानी गर्लफ्रेंड को लोगो से छुपाकर चोद चुका हूँ | उस लड़की को मैं भिन-भिन स्टाइल में उसकी चुदाई कर चुका हूँ | एक हादसा हुआ था जब मैं उसको लेकर कार से चल रहा था | सामने एक ट्रक आ रहा था और उसका चालक ट्रक को सड़क के बीच में चला रहा था और मेरी कार का एक किनारा ट्रक से टकरा गया और एक्सीडेंट हो गया | एक्सिडेन्ट इतना भयानक था मैं कि मेरा भतीजा और मेरी पुरानी गर्लफ्रेंड पूरी तरह से घायल हो चुके थे | मेरी गर्लफ्रेंड तो इतना घायल हो चुकी थी अगर उसे वक्त रहते अस्पताल नही पहुचाया जाता था तो बड़ी समस्या हो जाती | मैं ही केवल पैदल चल पा रहा था | मैंने एक ऑटो रिक्सा वाले को रोका और गुजारिश की कि दो लोग एक्सीडेंट के कारण घायल हो चुके है और मैं भी घायल हूँ इसलिए आप हम लोग को अस्पताल तक पहुचा दो | हमारी गंभीरता को देखकर उसने हम पर दया की और अस्पाताल पहुचा दिया | हमने एक्सीडेंट को अधिक महत्व नही देते हुए और चोटो से उभरने के बाद फिर से बाहर घुमने के लिए एक दिन कार निकाली और घुमने के लिए नये कपडे पहनकर एक लोकप्रिय स्थान की ओर चल पड़े | लौटते वक्त मैंने उसे कार में चोदा | मैंने कार को एक झाड़ के पीछे खडा कर दिया और मेरा भतीजा कार से उतरकर कार कुछ दूरी पर एक स्थान पर बैठ गया | उसका काम आने जाने वाले लोग को देखना था |

उसने मस्त कपडे पहने हुए थे जिनमे चुदाई करना बिलकुल भी मुश्किल नही था पर मैंने फिर भी उसको पूरा नंगा करने का मन बना लिया था | पहले तो मेने उसे चूमते हुए उसके पूरे शरीर पर अपने हाथ को फिराया उसके बाद मैंने उसकी चूत में उसकी पेंटी के ऊपर से ही हाथ फेरना शुरू कर दिया | वो अआहा आअह्ह्ह्ह उम्म्मम्म ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् करने लगी और थोड़ी देर बाद उसकी चूत के पानी से उसकी पेंटी गीली हो गयी | मेरे लंड से भी रस टपकने लगा और मुझे पटा चल गया कि इसको लंड चुसाना पड़ेगा | मैंने पेन्ट की ज़िप खोल के अपना लंड उसके मुंह के सामने रख दिया और उसके मुंह पर रगड़ने लगा | उसने मेरा लंड तुरंत अपने मुंह के अन्दर रख लिया और उसको चूसने लगी | वो मेरी गांड दबा दबा के मेरा लंड चूस रही थी और मेरे अन्टोलो को भी चाट रही थी | फिर मैंने उसको अपनी गांड भी चाटने पर मजबूर किया और उसने मेरी गांड को चाटा |

फिर मैंने उसको पीछे वाली सीट पर बैठा दिया और उसकी चूत को चाटने लगा और वो अआहा आअह्ह्ह्ह उम्म्मम्म ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् करने लगी और मेरा सर अपनी चूत में ऐसे घुसाने लगी जैसे मेरा सर ही अन्दर ले लेगी | उसके बाद मैंने उसके दूध भी पिए और उसके पूरे शरीर को चाटा और उसको तरीके से गरम कर दिया | फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में टिकाया और एक बार में पूरा अन्दर उतार दिया | वो चीलाई पर कुछ कर नही पाई और चुदती रही | कुछ देर बाद मैंने उसको अपने लंड पर बैठाया और उचकने के लिए कहा | वो वैसे करने लगी और अआहा आअह्ह्ह्ह उम्म्मम्म ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् करने लगी | मैंने उसको आधे घन्टे तक चोदा और उसकी चूत के अन्दर ही अपना माल भर दिया और चुदाई के बाद वो मेरा लंड चूस के साफ करने लगी | उसके बाद हम चले गए |

कार मे मैंने उसे देर तक चोदा | कुछ दिन बाद वह अपने चाचा के घर चली गयी | मुझे कुछ दिन बाद उसके न होने पर और बाहर चले जाने पर गुस्सा आने लगा | क्योकि मैं अमीर हूँ और कुछ मेरे हिसाब का व्यवस्थित नहीं होता था तो मैं क्रोदिथ हो जाता था क्योकि वह तीन साल के लिए बाहर चली गयी थी | बाद में मुझे एक दिन मुझे मालूम चला जब वह मेरे शाहर वापस लौटकर आई और उसके चाचा के जरिये मुझे मालूम चला कि वह अब बाहर हमेशा रहेगी | इसके बाद मैं उसके चाचा पर गुस्सा हो गया लेकिन गुस्से पर काबू करते हुए मैंने उसके चाचा को धन्यावाद दिया | उस दिन के बाद से मुझे इतना गुस्सा आता था और वह भी तीन साल बाद लौट कर आई थी |

दस दिन के रुकने के बाद वह फिर बहर जाने वाली थी और यह मेरे लिए गुससा होने का कारण बन गया | मैं  भी वहां चला गया जहा वह गयी थी लेकिन मैं भी काम करता हूँ इसलिए अपने शहर में आधिक रहना पडता है | अलग – अलग शहर में रहने के कारण ही मैं गुस्से में रहता था | मैंने उसे फोन पर बहुत चिल्लाया | मैं अक्सर उसे ताने देने लगा और ये दिन पर दिन बढ़ता गया | इस वजह के कारण वह मुझ से दूर रहने लगी और एक वक्त वह आया कि उसने मुझे अलविदा कह दिया | उस से अलग होने पर मैं बहुत दुखी हुआ | करीब तीन साल तक उससे अलग रहने के बाद मैं उससे फिर दोस्ती करने के लिए तरस रहा था | मैंने एक बार उसे दुसरे लड़के से अलग रहने का आग्रह किया लेकिन उस पर वह मुझ से गुस्सा हो गयी तब उसने मुझे कहा कि अलग रहो वरना मैं  कभी तुमसे दोस्ती नहीं करूंगी | वह मुझ से दोस्ती कर ले इसलिए मैंने उसे सभ्यता पूर्वक एक तोहफा दिया लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया | मुझे छुट्टी में एक दोस्त के शहर जाना था और वहां पहुँच कर उस दोस्त ने मुझे सुजाव दिया | अगर लड़की को पटाना है तो हसमुख बनो मतलब लड़की के लिए लड़ाई कभी नहीं करो | उन्हें किसी बहाने मजबूर करो आप से दोस्ती करने के लिए | डाटने का आदत अक्सर लोगो को तुमसे दूर रहने में मजबूर कर देती है |

जब मैं उसके सामने रहता हूँ तब मेरे दोस्त का मुझे सम्मान देना पसंद आता है | फिलहाल तो वो अभी मेरे साथ में कार्य कर रहा है | लेकिन आगे वो मेरे सामने इस तरह का हादसा होने नही देगा और मैं भी उसकी बात पर अमल कर रहा हु जिसकी वजह से मुझमे कुछ सुधार आया है | तो दोस्तों अब मिलते हैं नयी कहानी के साथ और अब मैं चलता हूँ काम है मुझे |

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