चाची की चुदाई दुबई में

प्रेषक : राजन …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राजन है और यह मेरी कामुकता डॉट कॉम पर यह पहली कहानी है, लेकिन में कहानियाँ बहुत समय से पढ़ रहा हूँ, क्योंकि ऐसा करके मेरा मन बहुत खुश होता है। अब में आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों में चार साल पहले दुबई अपने काम की वजह से गया था, वहाँ मुझे दो-तीन साल रुकना था, में दो महीने वहाँ रहता था और एक महीने के लिए वापस भारत आता। दोस्तों दुबई में मेरे एक अंकल रहते है, उन्होंने मुझसे कहा कि तुम मेरे घर पर ही रहो और इसलिए में उनके घर पर ही रहता था। दोस्तों मेरे अंकल के घर में उनकी पत्नी और एक लड़का था, जो कि पढ़ाई करता था, मेरे अंकल की उम्र 48 साल और आंटी की उम्र 40 साल थी। अब में आप सभी को मेरी आंटी के बारे में बताता हूँ, वो कोई ज़्यादा सुंदर तो नहीं थी, लेकिन उनके बूब्स बहुत मस्त थे और खासतौर पर उनकी गांड तो बड़ी ही सेक्सी थी। अब उनके घर रहते हुए मुझे करीब 6 महीने हो गये थे और मैंने कभी भी उनके बारे में बुरा नहीं सोचा था। अंकल सुबह पांच बजे अपने ऑफिस चले जाते और उनका लड़का सात बजे कॉलेज चला जाता था और मेरा खुद का कारोबार था, इसलिए में घर से लेट ही निकलता था।

फिर जब में सुबह उठता तो उस समय आंटी अकेली घर में होती थी, हम दोनों सुबह एक साथ चाय पीते और बातें करते थे और में उसके बाद अपने ऑफिस चला जाता था। एक दिन में उठकर सोफे पर बैठकर अख़बार पढ़ रहा था और उस समय मेरी आंटी झाड़ू लगा रही थी, मुझे उनके गाउन से उनके बूब्स साफ-साफ नजर आ रहे थे। फिर मेरा ध्यान अचानक से उनकी तरफ गया तो में एकदम हैरान रह गया कि 40 साल की औरत के बूब्स इतने बड़े गोलमटोल कैसे हो सकते है? उन्होंने उस समय काले रंग की ब्रा पहनी थी। अब में अख़बार पढ़ना छोड़कर बूब्स को देखता ही रह गया, उसी समय उनकी नज़र मेरे ऊपर पर पड़ी और वो समझ गयी कि में क्या देख रहा हूँ? तब उसने हल्की सी मुस्कान दी और वापस से झाड़ू लगाने लगी। अब में उनकी हरकत की वजह से एकदम हैरान हो गया था कि वो अच्छी तरह से जानती थी कि में क्या देख रहा हूँ? लेकिन फिर भी उसने अपना गाउन ठीक नहीं किया। अब इस घटना के बाद मुझे आंटी में रूचि होने लगी थी और में रात को कई बार उनके नाम की मुठ मारने लगा था, लेकिन मेरी इसके आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई।

एक दिन हम सब लोग बाहर घूमने निकले, रास्ते में हमे अंकल के एक दोस्त मिल गये और वो कार में आगे की सीट पर बैठ गये, में मेरा चचेरा भाई और आंटी पीछे बैठ गये। अब आंटी हम दोनों के बीच में बैठी थी, में आज तक उनके इतने करीब कभी नहीं बैठा था। फिर कुछ देर बाद मैंने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर जैसे ही अपनी पेंट में से कुछ निकालना चाहा वैसे अपने हाथ को ले जाकर उनके कूल्हों को छू लिया, तब वो मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी। दोस्तों उस समय थोड़ा अंधेरा था और इसलिए किसी का ध्यान नहीं गया, मैंने फिर से थोड़ी हिम्मत करके उनकी गांड को दबाया, वो दोबारा मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। अब मुझे पूरा विश्वास हो गया था कि आंटी भी मेरे साथ मज़े कर रही है, तभी मैंने अपना एक हाथ धीरे से उनकी छाती पर रखा और उनके ब्लाउज के ऊपर से बूब्स को सहलाने लगा, लेकिन उसी समय वो मेरे कान में बोली कि कोई देख लेगा। अब मुझे पूरा विश्वास हो गया था कि आंटी भी मुझसे चुदवाना चाहती है, मैंने अपना एक हाथ उनकी जाँघ पर रख दिया और में धीरे-धीरे सहलाने लगा, तब तक हम हमारी मंजिल के पास आ गये।

फिर वहाँ उतरकर हम लोग रेत में चलने लगे। वहाँ मेरे कज़िन के कुछ दोस्त भी उसको लोग मिल गये, वो उनके साथ बहुत दूर चला गया और अंकल और उनके दोस्त बीच पर बैठकर बातें करने लगे। अब बहुत अंधेरा हो गया था, अंकल बोले कि तुम और आंटी बीच पर वॉक करना चाहो तो चले जाओ, हम यहीं बैठे है। फिर आंटी मेरी तरफ देखकर बोली कि चल में तुझे भी घुमा देती हूँ और अब में तो इसी मौके की तलाश में था। फिर हम लोग बीच पर चलते-चलते थोड़ी दूर चले गये, जहाँ से मेरे अंकल अंधेरे की वजह से दिखाई ना दे, आंटी मुझसे बोली कि चल थोड़ी देर बैठते है और हम दोनों वहीं बैठ गये। अब आंटी मुझसे पूछने लगी कि तू कार में क्या कर रहा था? तब मैंने कहा कि कुछ नहीं। फिर वो बोली कि में जानती हूँ, तू क्या कर रहा था? तब मैंने उनको कहा कि जानती हो तो क्यों पूछती हो? और फिर मैंने अपना एक हाथ उनके बूब्स पर रखा और हल्के से दबाने लगा। अब आंटी ने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रखा और वो छुकर महसूस करके बोली कि बाप रे इतना बड़ा, में हंसकर बोला कि यह लंड है छोटे बच्चे की लुल्ली नहीं है। अब वो बोली कि तेरे अंकल की तो लुल्ली ही है, वो तो चार इंच की छोटे बच्चे जैसी है।

फिर मैंने अपना एक हाथ उनके पेटीकोट में डाला और उनकी जांघो को सहलाने लगा और धीरे-धीरे अपना एक हाथ ऊपर ले जाने लगा और जब मेरा हाथ उनकी चूत पर पहुँच गया, तब में छूकर हैरान हो गया। दोस्तों उसकी चूत इतनी गीली थी कि जैसे उसने पेशाब कर दिया हो। मैंने कहा कि यह क्या है? तब वो बोली कि तू जब से कार में मेरे बूब्स दबा रहा था तब से यही हाल है। फिर मैंने अपनी पेंट की चैन को खोला और अपना लंड बाहर निकाल लिया। अब आंटी ने तुरंत मेरा लंड अपने हाथ में लिया और वो बोली कि आज पूरे दस साल के बाद ऐसा लंड देखा है। फिर मैंने आंटी से पूछा कि तो पहले किसका देखा था? तब वो बोली कि में उन दिनों भारत थी तो वहाँ पर दो-तीन लोगों से मैंने अपनी चूत को चुदवाई, लेकिन दुबई आने के बाद कभी मौका ही नहीं मिला। अब में यह सुनकर बहुत खुश हो गया कि अब में इनको बहुत आराम से चोद सकता हूँ। फिर उसने मेरे लंड को सहलाते हुए अपने मुँह में ले लिया। में अपना एक हाथ उसकी चूत पर फैरता रहा और दूसरे हाथ से उनके ब्लाउज के ऊपर से बूब्स को दबा रहा था। अब वो मेरे लंड को चूसते हुए मौन कर रही थी। में इतना जोश में आ गया कि मेरा पानी निकल गया और में बोल ही नहीं सका कि मेरा निकलने वाला है।

अब मेरा पूरा पानी उसके मुँह में चला गया, वो पूरा का पूरा बड़े मज़े लेकर गटक गयी और जब मुझे होश आया, तब वो मेरे लंड को अभी भी चूस रही थी। फिर मैंने उसको उठाकर उसके दोनों पैरों को फैला दिया और उसकी पेंटी को साईड में करके उसकी चूत पर अपना मुँह रखा जिसकी वजह से तो वो पागल सी हो गयी और कहने लगी हाए राजन यह क्या कर दिया? आहह तूने तो मुझे बिल्कुल पागल ही कर दिया, ऊऊहहह आहह तेरे अंकल ने कभी मेरी चूत को नहीं चाटा ऊफ्फ्फ माँ हाँ प्लीज़ ज़ोर से चाट, काट ले आहह यह साली कब से तड़प रही है? ऊउईईईईइ ऊहह्ह्हहह उतना बोलकर उसने अपना पानी छोड़ दिया। दोस्तों मैंने आज तक किसी भी औरत को इतनी देर तक झड़ते हुए नहीं देखा, अब उसके पानी से मेरा पूरा मुँह भर गया और अब वो एकदम बेहोश हो गयी थी और रेत पर ही लेट गयी थी। फिर जब में उठा और उनको बुलाया, तब उसने कोई जवाब नहीं दिया जिसकी वजह से में घबरा गया कि यह क्या हो गया? लेकिन वो अपनी आंखे बंद किए ही बड़बड़ाने लगी आऊऊ माँ राजन यह तूने क्या किया? तूने तो मुझे जन्नत दिखा दी, मुझे जिंदगी में आज तक ऐसा मज़ा कभी नहीं आया, प्लीज़ मुझे अपने लंड से चोद ले। अब यह चूत तुम्हारी गुलाम है तू जब मुझे जैसे चाहे वैसे चोद सकता है।

फिर इतने में अंकल ने हमे आवाज़ लगाई, तब वो तुरंत उठ गयी और बोली कि इस हिजड़े को भी अभी बुलाना था। अब मैंने बोला कि आंटी घर जाकर करेंगे, वो बोली कि राजन आज की रात कैसे निकलेगी? तेरे चाटने से ही मेरी यह हालत हुई है, तो अब तू चोदेगा तो क्या हालत होगी? और फिर हम कुछ देर बाद घर आ गये। फिर जब वो बाथरूम में जाकर अपने कपड़े बदलने लगी, तब उसने मुझे इशारा किया और में भी उनके पीछे चला गया। अब अंकल और मेरा भाई टी.वी देख रहे थे और उनका मेरे ऊपर बिल्कुल भी ध्यान नहीं गया था। फिर में धीरे से आंटी के पीछे बाथरूम में चला गया। तब मैंने देखा कि वो अपना ब्लाउज उतार चुकी थी और अब अपनी ब्रा के हुक खोल रही थी। अब मैंने झट से उनके बूब्स को पकड़ लिया और अपने मुँह में ले लिया। वो कहने लगी कि मेरे राजा आज की रात सब्र कर लो, उसके बाद कल सुबह हमारी है। फिर में यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और तुरंत बाहर निकलकर कमरे में आ गया। दोस्तों उस रात में सो भी नहीं सका मुझे बस अपनी आंटी के साथ उनकी चुदाई करना का इंतजार था और में बड़ी ही बेसब्री से सुबह होने का इंतजार करता रहा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मेरी अच्छी किस्मत से सुबह करीब पांच बजे अंकल किसी जरूरी काम की वजह से ऑफिस चले गये। में पेशाब करने के बहाने से अपने भाई के पास से उठकर कमरे से बाहर निकला और सीधा आंटी के कमरे में जाकर मैंने देखा तो वो अपना गाउन उठाकर अपनी चूत को सहला रही थी और आहह ऊउफ़्फ़्फ़ की आवाज़ कर रही थी। अब वो कुछ बड़बड़ा रही थी, लेकिन में धीमी आवाज होने की वजह से सुन नहीं सका, लेकिन उस द्रश्य को देखकर अब में इतना गरम हो गया था कि मुझे लगा कि जल्दी से जाकर उसकी चूत में अपना लंड डाल दूँ, लेकिन मुझे अपने भाई के उठने का डर था। फिर करीब सात बजे मेरा भाई उठकर कॉलेज चला गया। में सोने का बहाना करके अपनी आंखे बंद करके लेटा था। अब में देखना चाहता था कि आंटी क्या करती है? फिर जैसे ही मेरा कजिन गया, आंटी दरवाजा बंद करके मेरे पास आई और आते ही उन्होंने तुरंत अपना गाउन उतार दिया और झट से मेरी लुंगी को उठाकर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। अब वो मेरे लंड को ऐसे चूसने लगी थी जैसे वो कई सालों से प्यासी हो। अब में भी उनके बूब्स को उनकी ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा था और मौन करने लगा था, आहह चूस लो आंटी मेरा लंड तुम्हारा ही है।

तभी आंटी बोली कि मुझे आंटी मत बोल में तेरी रंडी हूँ, तू मुझे नाम लेकर बुला। फिर मैंने बोला कि ऊहह मेरी सविता चूस यह मेरा लंड आह्ह्ह मेरा पानी निकलने वाला है आहह ऊऊह्ह्हह में गया और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना पानी छोड़ दिया। फिर वो तब तक मेरा लंड चूसती रही जब तक मेरा लंड पूरा साफ ना हो जाए, मैंने उसको पलंग पर लेटा दिया और उसकी ब्रा के हुक खोलकर आंटी के बूब्स को नंगा कर दिया और अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब वो चिल्लाने लगी हाँ राजा चूस ले यह तेरे लिए ही है, आहह्ह्ह हाँ काट ले पूरा खा जाओ और में अपना एक हाथ उसकी पेंटी के ऊपर रखकर उसकी चूत को सहलाने लगा। अब वो इतनी मदहोश हो चुकी थी कि वो जोश में आकर मुझे गालियाँ देने लगी आह्ह्ह्ह ऊऊहह्ह्ह साले मादरचोद क्या कर रहा है? मेरी चूत को जल्दी से चोद दे आह्ह्ह्ह मेरे बूब्स को खा जा वाह तेरा कितना बड़ा लंड है? जल्दी से मुझे दे दे। फिर में उसकी पेंटी के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत को मसलने लगा। अब वो छटपटाने लगी जैसे वो होश में ना हो और बाद में बड़बड़ाने भी लगी कि यह भोसड़ा साला कितने दिनों से लंड लेने के लिए तड़प रहा था? अरे भोसड़ी के अब तो तू मुझे मत तड़पा आआहह वरना तुझे पाप लगेगा।

फिर में अचानक से नीचे आ गया और उसकी पेंटी को एक तरफ करके में उसकी चूत को चाटने लगा, उसने मेरा सर पकड़कर इतना ज़ोर से दबाया कि जैसे वो मेरा पूरा सर ही अब अपनी चूत में डालना चाहती हो और फिर बोली कि चूस ले मुझे खाजा मेरी चूत को काट आह्ह्हह तेरे अंकल ने कभी यहाँ मुँह तक भी नहीं लगाया ऊऊहह आह्ह्ह्ह में मर जाऊंगी ओह्ह्ह्ह। अब वो अपने हाथों से अपने बूब्स को दबाने लगी थी। फिर अचानक से उसका शरीर सिकुड़ने लगा और उसकी चूत झटके मारने लगी, आहह मैंने देखा कि आंटी की चूत अब पानी छोड़ रही थी, कसम से जैसे वो पेशाब लगी हो इतना पानी छोड़ा। फिर में भी चूत का पूरा पानी पी गया और वो थोड़ी देर तक अपनी आंखे बंद करके वैसे ही पड़ी रही, इतने में मेरा लंड दोबारा से तनकर खड़ा हो गया, मैंने उसको बताए कि झट से मेरा लंड उसकी चूत के ऊपर रखकर एक धक्का मारा। अब वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्ला उठी आहह्ह्ह भोसड़ी के यह क्या कर दिया? तूने मेरी चूत को फाड़ डाला। फिर मैंने दूसरा धक्का मारा तो मेरा लंड जड़ तक उसकी चूत में समा गया और वो चिल्ला उठी, आह्ह्ह मादरचोद यह तेरे बाप का माल है क्या? जो बिना पूछे डाल दिया आहह्ह्ह बाहर निकाल अपना लंड मुझे नहीं चुदवाना।

अब मैंने कहा कि साली रंडी कल से तेरी चूत में बहुत खुजली हो रही थी और आज जब मैंने अपना लंड डाला तब तू चुदाई करवाने से मना कर रही है रंडी। अब तो यह लंड तेरी चूत को फाड़कर ही बाहर निकलेगा। तेरी माँ की चूत, तू अब देखना में आज तेरी कैसे जमकर चुदाई करता हूँ? और फिर मैंने ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाना चालू किए। अब उसको भी बड़ा मज़ा आने लगा था और वो बोलने लगी कि आहह्ह्ह चोद मुझे ज़ोर से चोद मुझे 40 साल में ऐसा मज़ा कभी नहीं आया आअहह मेरी चूत का भोसड़ा बना दे ऊह्ह्ह में तेरी रखेल हूँ। अब में तुझसे रोज चुदवाऊंगी चोद और ज़ोर से चोद। फिर मैंने अपने धक्के की रफ़्तार को कम किया, वो चिल्लाने लगी और मुझसे कहने लगी साले अब क्यों रुकता है? पहले तो तू बड़ी-बड़ी बातें करता था, लेकिन अब तुझे क्या हुआ? चोद मुझे और फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से अपना पानी छोड़ने लगी। अब उसके पानी से उसकी चूत पूरी भर चुकी थी और अब उसकी चूत से पच-पच की आवाजे आने लगी थी। अब में उसको ज़ोर-ज़ोर से धक्के देकर उसको चोदने लगा था और उसके दोनों बूब्स को बारी-बारी से अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था। फिर वो मेरे कूल्हों को पकड़कर अपनी गांड को उछालने लगी थी, में भी बड़बड़ाने लगा था आहह मेरी रानी मेरी रंडी क्या मस्त चूत है तेरी? ऐसी तो जवान लड़की की भी नहीं होगी।

फिर वो भी आहह ऑश करने लगी और बोली कि बातें ना कर चोदूं तू मुझे मन लगाकर चोद। तब मैंने उसको बोला कि तेरी माँ की चूत मारुँ तू मुझे गाली देती है और फिर मुझे ना बोलती है, आहह आज तो तू गयी और फिर थोड़ी देर के बाद वो दूसरी बार झड़ गयी। अब मेरा भी आने वाला था, इसलिए मैंने उसकी कमर के नीचे अपना हाथ डालकर उसके कूल्हों को पकड़ लिया और फिर एक ज़ोर का धक्का मारा और उनके पर सो गया। दोस्तों मेरा इतना पानी निकला कि जब मैंने अपना लंड बाहर निकाला तब उसकी चूत से पानी बाहर आने लगा। अब वो अपनी उंगली से उस पानी को चाटने लगी थी और फिर में उसके ऊपर से हटकर उसके पास में ही लेट गया। फिर वो बोली कि राजन आज तक में ऐसे कभी नहीं चुदी हूँ। तूने मुझे क्या मस्त मज़ा देकर चोदा है? तू देख मेरी यह चूत पूरी लाल हो गयी है। फिर हम दोनों उठकर बाथरूम जाने लगे, वो बोली कि हम एक साथ नहा लेते है और में भी उसके पीछे जाने लगा। अब वो पूरी नंगी ही जाने लगी थी, तभी मेरा ध्यान उसकी गांड पर गया, जिसको देखकर मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा होने लगा था। फिर जब वो बाथरूम में कुछ लेने के लिए झुकी, तब मैंने अपना एक हाथ उसकी गांड पर रख दिया।

अब वो पलटकर बोली कि अरे अभी दिल नहीं भरा क्या? और फिर उसने मेरे लंड को देखा और बोली कि अरे यह दोबारा क्यों खड़ा हुआ? तब मैंने कहा कि इसने नयी जगह देख ली है, वो बोली कि कौन सी? तब मैंने उसकी गांड पर अपना एक हाथ रखकर कहा कि यह इसका अंदर जाने का नया ठिकाना है। फिर वो डरते हुए बोली कि नहीं रे मेरी गांड अभी तक किसी ने नहीं मारी है। अब मैंने कहा कि तब तो मुझे तेरी गांड की शुरुआत करनी पड़ेगी और फिर में नीचे झुक गया और उसकी गांड पर अपनी जीभ को फैरने लगा, जिसकी वजह से वो मस्त होने लगी थी और कुतिया वाले आसन में हो गयी। फिर उसके अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को फैला दिया और बोली कि ले गांड भी मार ले और फिर में उसकी गांड को चाटने लगा। अब वो बोली कि यह क्या हो रहा है? मुझे ऐसा मज़ा आज तक नहीं आया, चाट मेरी गांड। फिर मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दी और उसकी गांड चाटने लगा। अब वो थोड़ी देर में ही झड़ गयी और साथ में उसकी चूत से पानी की धार निकलने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रख दिया और धीरे-धीरे अंदर डालने लगा। अब वो बोली कि राजा धीरे डालना, में दो-तीन इंच अपना लंड डालकर रुक गया और पीछे से उसके बूब्स दबाने लगा।

अब उसको भी मज़ा आने लगा था। वो अपनी गांड को मेरी तरफ करने लगी थी, में समझ गया कि अब वो गांड मरवाने के लिए तैयार है। फिर मैंने उसको पीछे से पकड़कर ज़ोर से एक धक्का लगा दिया जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया और वो इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि में डर गया और मन ही मन में सोचने लगा कि कहीं आवाज को सुनकर पड़ोस वाले ना आ जाए। फिर वो बोली कि यह क्या किया? पहले मेरी चूत और अब मेरी गांड फाड़ दी। भोसड़ी के अब नहीं चुदवाना मुझे आहह ओह्ह्ह ऊईईई माँ में मर गयी, लेकिन मैंने उसकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और में उसको लगातार धक्के देकर चोदने लगा और अपने एक हाथ से उसके बूब्स को भी दबा रहा था और एक हाथ से उसकी चूत को मसल रहा था। अब उसको मज़ा आने लगा था और बोलने लगी कि आह्ह्ह गांड मारने में कितना मज़ा आ रहा है? अब तो में गांड ही मरवाऊंगी जल्दी चोद ज़ोर-ज़ोर से चोद। फिर थोड़ी देर बाद उसने दोबारा से अपना पानी छोड़ा, तब उसकी चूत से जैसे पेशाब निकलता हो वैसे पानी गिरने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद मेरा भी पानी निकल गया और फिर में नीचे बैठ गया। अब उसके बाद हर सुबह को में उसको चोदता। कई बार तो मेरा भाई और अंकल टी.वी देखते रहते और में रसोई में जाकर उनका पेटीकोट उठाकर पीछे से आंटी की चुदाई कर लेता और हम दोनों बड़े मस्त मज़े लेते ।।

धन्यवाद …

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