चाची को मोटे लंड से चोदा

प्रेषक : सज्जाद …

नमस्कार दोस्तों, आप लोगो की तरह में भी कामुकता डॉट कॉम का पिछले कुछ सालों से चाहने वाला हूँ, मैंने हर एक देसी सेक्सी कहानी को पढ़कर उसके मज़े लिए है और आज में भी अपना एक खुद का सच्चा सेक्स अनुभव लिखकर आप सभी की सेवा में आया हूँ। दोस्तों में आज जो यह कहानी आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी चाची की है, सबसे पहले में मेरे और मेरी चाची के बारे में आप सभी को बताना चाहूँगा। दोस्तों मेरा नाम सज्जाद है और में एक कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा हूँ और इस बीच में अब तक बहुत सारी लड़कियों को चोद चुका हूँ, मेरी उम्र 19 साल है मेरा कद अच्छा खासा रंग गोरा। दोस्तों में दिखने में एकदम मस्त लगता हूँ मेरे लंड का आकार छे इंच लंबा और बहुत मोटा भी है इसलिए सभी लड़कियाँ अपनी चुदाई मेरे साथ करवाते समय घंटो तक मेरे लंड को चूसकर मज़े करती है और में उनको हर बार अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट कर देता हूँ। दोस्तों जब में अपने कॉलेज में था, तब मैंने चुदाई कैसे करते है और उसमे कैसा मज़ा आता है? यह सभी बातें सीखकर में पूरी तरह से समझ चुका था कि मस्त मज़ेदार चुदाई कैसे करते है?

दोस्तों मेरी चाची उनकी उम्र 29 साल है, उनका नाम सुनीता है और उनको हम सभी छोटी चाची के नाम से भी बुलाते है, उनकी लम्बाई 5.5 इंच और वो दिखने में सुंदर उनका भरा हुआ बदन बड़ा आकर्षक लगता है। दोस्तों उनके बूब्स का आकार करीब 38 इंच है उनके पूरे बदन का आकार 38-30-36 है उनका रंग सांवला है, उनके लंबे काले घने बाल भी है। फिर वो जब भी उनके कूल्हों को मटकाती हुई चलती तब उनको देखकर हर एक लड़का बिल्कुल पागल हो जाता है और उनकी नजरे चाची के सेक्सी बदन से हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं होती, वो उनको घूर घूरकर देखा करते। दोस्तों अब में आप सभी को मेरी आज की कहानी सुनाता हूँ हमारे घर में पूरे आठ सदस्य है, जिसमे में मेरी दादी माँ और मेरी बहन चाचा-चाची उनका एक लड़का और लड़की वो भी हमारे साथ ही रहती है। दोस्तों मेरी चाची ऊपर से लेकर नीचे तक बहुत ही सेक्सी मस्त माल है, जिनको देखकर हर किसी का लंड एक ही बार में तनकर खड़ा हो जाए। दोस्तों यह उन दिनों की बात है जब गर्मियों का मौसम था, इस वजह से हम सभी लोग छत पर एक साथ सोते थे मेरे साथ मेरे चाचा-चाची और मेरे चाचा की लड़की भी छत पर सोती थी और बाकी के सभी लोग नीचे सोते थे।

फिर उस दिन रात को जब में बहुत गहरी नींद में सो रहा था, तभी देर रात को मैंने अपनी चाची की सिसकियों की आवाज़ सुनी और में उस आवाज को सुनकर एकदम से डरकर बहुत चकित होकर जाग गया। फिर मैंने बहुत ध्यान से सुना कि मेरी चाची ज़ोर ज़ोर से सिसकियां भर रही थी और अब में तुरंत समझ गया कि मेरा चाचा उनकी चुदाई कर रहे है। अब मैंने धीरे से चादर को अपने मुहं से ऊपर उठाया और में देखने लगा, में वो सब देखकर बहुत चकित रह गया। अब मैंने देखा कि मेरे चाचा-चाची की चूत को अपनी जीभ से चाट रहा था, मेरी चाची उस समय पूरी नंगी होकर मेरे चाचा से लिपटी हुई थी और उसके वो सेक्सी रेशमी काले बाल जो मुझे हर बार पागल किया करते थे वो उस समय खुले हुए थे। अब चाची चुदाई के मज़े लेते हुए सिसकियां भर रही थी उनके मुहं से आहह्ह्ह्ह उफफफफफ्फ़ उम्म्म्ममम की आवाजे आ रही थी और में वैसे ही वो आवाजे सुनकर एकदम गरम हो गया। तभी चाचा ने चाची की चूत को शायद काटा होगा, इसलिए चाची दर्द से चिल्ला उठी और उसी समय चाचा ने अपना एक हाथ उसके मुहं पर रख दिया और वो कहने लगे कि ज्यादा ज़ोर से मत चिल्लाओ नहीं तो पास में सो रहे सुमित और अनु जाग जाएँगी। अब चाची कहने लगी कि आप इतना ज़ोर से जानवरों की तरह करोगे तो में दर्द से चिल्लाउंगी नहीं तो और क्या करूँगी?

फिर वो कहने लगे कि हाँ ठीक है मेरी रानी में अब नहीं काटता और वो फिर से चाची की चूत को अपनी जीभ से चाटने लगे और चाची एक बार फिर से सिसकियाँ भरने लगी आहह्ह्ह आप यह क्या कर रहे हो ऊह्ह्ह्ह फाड़ दोगे क्या आईईईईई में कहीं भागी ऊईईईईई नहीं जा रही हूँ प्लीज थोड़ा धीरे करो उम्म्महह माँ में मर गई मुझे पहले मालूम होता की इतना दर्द दोगे तो में कभी तुमसे शादी नहीं करती। अब चाचा भी जोश में आ गए, वो कहने लगे कि रानी अभी तो सिर्फ़ में तुम्हारी चूत को चाट ही रहा हूँ अभी थोड़ी देर रूको, फिर में तुम्हे दिखाऊंगा कि दर्द किसे कहते है? अब चाचा ऊपर आ गए चाची को कहा कि ले चल अब मुहं खोल और चूस ले इसको और अब मेरे चाचा का लंड चाची के मुहं में था और वो उसको बहुत मज़े से चूस रही थी और बड़ी ही सेक्सी आवाज़े निकल रही थी। फिर वो कुछ देर बाद कहने लगी अजी तुम्हारा निकल रहा है, चाचा ने बोला कि तो पी जा उसको और फिर चाची ने सारा वीर्य चूसकर पी लिया और जो बचा हुआ था, उसको वो अपने बूब्स पर रगड़ने लगी और अब चाचा को नीचे लेटाकर चाची ऊपर आ गई।

अब मैंने देखा कि चाची के लंबे काले बाल कूल्हों को ढक रहे थे और बाकी चाचा के ऊपर थे, चाची ने चाचा के कान को काटा उसके मुहं में अपनी जीभ को डालकर वो उसको चूमने लगी आहह्ह्ह्ह उम्म्म्म। अब वो दोनों बहुत जोश में थे चाची फिर से ऊपर उठ गयी और वो अपनी चूत को चाचा के मुहं पर रगड़ने लगी, चाचा उस समय बहुत ही जोश में थे और चाची की वो काले रंग के बालों से भरी हुई चूत एकदम गीली हो चुकी थी और इधर मेरा लंड भी पूरा टाइट हो गया था। अब मेरे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूं? अगर में अपने लंड को हिलाता तो उन दोनों को समझ आ जाता, में फिर से उनको देखने लगा। अब चाची-चाचा को कहने लगी ओ जी अब आप मुझे और कितना तरसाओगे डाल दो ना अंदर और अब चाची-चाचा के नीचे आ गई। फिर चाचा ने अपना लंड धीरे से चाची की चूत पर रखा, चाची ने सिसकियाँ भरी श्श्स्स्स्स्स्स उम्म्म्म प्लीज अब डाल दो अंदर वरना में मर जाउंगी। अब चाचा ने अपने लंड को धीरे से दबाव बनाते हुए उसकी चूत के अंदर डालना शुरू किया अभी तक तो चाचा के लंड का टोपा ही उसकी चूत के अंदर गया था, लेकिन चाची दर्द की वजह से सिसकियां भरने लगी अहह्ह्ह उम्म्म्ममम यह क्या कर रहे हो? चाचा पूछने लगे रानी क्यों मारूं क्या झटका? तब चाची बोली हाँ मारो ना, किससे पूछ रहे हो यह तुम्हारी ही तो है आह।

अब चाचा ने ज़ोर से एक झटका मार दिया, जिसकी वजह से चाची चिल्ला उठी उंमआ में मर गई उम्म्म्मम और इतने में मुझे इधर थोड़ी सी हलचल अनु (मेरे अंकल की लड़की) की चादर के अंदर दिखाई पड़ी। अब में तुरंत समझ गया कि इस समय चाची की चुदाई के द्रश्य का मज़ा अनु भी ले रही है और उधर चाचा ने चाची को झटके लगाने शुरू किए। अब चाची नीचे से अपने कूल्हों को उठा रही थी, वो आवाज़े भी निकाल रही थी उम्म्म्म अहह्ह्ह धीरे आईईईईई प्लीज थोड़ा धीरे करो मेरे राजा क्या आज तुम मुझे मार ही डालोगे? उफ्फ्फ्फ़ हाँ फाड़ दो मेरी चूत को उम्म् अह्ह्हह उईईईईई माँ उन दोनों की सिसकियों ने उस रात का पूरा शांत माहोल सेक्सी आवाज़ों से भर दिया और कम से भी कम बीस मिनट की चुदाई के बाद चाचा अब धीरे धीरे एकदम शांत पड़ गए। अब में समझ गया कि चाचा ने अपने लंड का गरम गरम लावा चाची की चूत में छोड़ दिया है और फिर दस मिनट के बाद चाचा-चाची के ऊपर से उठे और पूछने क्यों मेरी रानी मज़ा आया? अब चाची कहने लगी कि आज तो तुमने मुझे मार ही दिया इतने जोरदार धक्के दिए है कि मुझे पूरा हिलाकर रख दिया मुझे क्या पता था कि तुम आज ऐसे मेरे साथ करने वाले हो वरना में पहले से ही मना कर देती, लेकिन तुम्हे इतना जोश दिखाने की क्या जरूरत थी?

अब वो कहने लगी में क्या कहीं भागी जा रही थी जो इतना बेसब्रो की तरह मेरे साथ यह सब आज आपने किया? फिर उसके बाद वो दोनों अपने अपने कपड़े पहनकर सो गए, लेकिन में अब पूरी रात भर उनकी चुदाई के बारे में सोचता रहा और में हर कभी रात को उनकी चुदाई को देखने लगा था उन दोनों को चुदाई में मज़ा आता और मुझे उसको चोरीछिपे देखने में मज़ा आने लगा था। अब तो मैंने भी मन ही मन में ठान लिया था कि में एक ना एक दिन अपनी उस चुदक्कड़ चाची को जरुर बहुत जमकर उसकी चुदाई के मज़े लूँगा और अब तो हर दिन किसी भी समय उठते बैठते चाची मुझे बिल्कुल नंगी दिखाई देने लगी, लेकिन मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूं और कैसे उनकी चुदाई करूं? में कैसे भी कुछ भी करके उसकी चूत को पाना चाहता था। फिर उस दिन सुबह में चाची के कमरे में गया जो पहली मंजिल पर था, लेकिन मुझे कोई भी नजर नहीं आया और जब में थोड़ा अंदर गया, तब मैंने थोड़ा ध्यान से सुना कि उनके बाथरूम से पानी की आवाज़ आ रही थी। फिर उसी समय मैंने मन ही मन खुश होकर सोचा कि आज मेरे पास अपनी चाची को नहाते हुए नंगा देखने का यह बहुत अच्छा मौका है।

अब में यह बात सोचकर संडास के अंदर जाकर नल के ऊपर चढ़कर दीवार के ऊपर से पास वाले बाथरूम में देख रहा था। फिर मैंने देखा कि उस समय चाची अपने पूरे कपड़े उतारकर नहा रही थी, उनके बाल खुले हुए थे उनका पूरा नंगा सेक्सी भीगा हुआ बदन मेरे शरीर में आग लगा रहा था। अब चाची के बड़े बड़े बूब्स बहुत सेक्सी लग रहे थे, में कुछ देर मज़े लेता रहा तभी अचानक से मेरा पैर फिसल गया और में गिर पड़ा, उस वजह से एक जोरदार आवाज़ हुई और उस आवाज को सुनकर चाची चिल्लाई कौन है? उसने शायद मुझे पहचान लिया था वो बाथरूम से बाहर आती तब तक में वहाँ से भाग निकला, लेकिन चाची को पूरी तरह से समझ में आ गया था कि मैंने उनको नहाते हुए नंगा देख लिया है। फिर मैंने भी महसूस किया कि अब उनका मेरे साथ बोलने मुझसे बातें करना और उनका पूरा स्वाभाव में बहुत ज्यादा बदलाव आ गया था। अब चाची मुझसे थोड़ी हिचकिचाकर बातें किया करती थी, वैसे मेरा तो हर रोज रात का यही काम था कि में अपनी चाची और चाचा की चुदाई बड़े मज़े से देखा करता था, लेकिन मेरे दूसरे वाले अंकल मतलब अनु के पिता जो उस समय दिल्ली में रहते थे। अब वो कुछ समय से बहुत ज्यादा बीमार चल रहे थे और मेरी आंटी का देहांत तो चार साल पहले ही हो गया था, इसलिए अंकल ने अनु को हमारे साथ रहने के लिए भेज दिया था।

एक दिन अंकल के बहुत बीमार होने की वजह से मेरे चाचा को अचानक से हैदराबाद जाना पड़ा और वो अनु को भी अपने साथ में ले गए, लेकिन चाची को उनके काम से छुट्टी ना मिलने की वजह से वो भी उनके साथ जा ना सकी। फिर हैदराबाद जाकर मेरे चाचा ने फोन किया और बताया कि शायद उनको वहाँ पर महीना भर रुकना पड़ सकता है, क्योंकि चाचा जी की तबीयत अब पहले से भी बहुत ज्यादा खराब हो चुकी थी और इसलिए उनको एक बड़े हॉस्पिटल में लेकर जाना पड़ा। दोस्तों यहाँ पर चाची की तो जैसे वो सभी बातें सुनकर जान ही निकल गयी, जब चाचा ने महीने भर रुकने की बात बताई तब वो एकदम उदास हो गई और उनके चेहरे का रंग फीका पड़ गया। फिर उस रात से ऊपर छत पर सिर्फ़ में और चाची ही सोने लगे थे और पहले सप्ताह में तो हमारे बीच में कुछ भी नहीं हुआ, लेकिन दूसरे सप्ताह में मुझे चाची की चाचा के प्रति उनकी कमी वो तड़प साफ साफ नजर आ रही थी। दोस्तों वो इसलिए था क्योंकि चाचा-चाची को हर कभी रात को जमकर चोदते थे और छुट्टी के दिन तो वो दिनभर चुदाई किया करते थे। फिर दूसरे सप्ताह में मैंने बहुत बार ध्यान दिया कि अब चाची अपनी प्यासी तड़पती हुई चूत के ऊपर अक्सर अपने एक हाथ को रखकर उसको सहलाने लगती। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

एक रात को चाची ने एक बड़ी मस्त मेक्सी पहनी हुई थी और वो छत पर आ गई, उनके लंबे बाल उस समय खुले हुए थे शायद चाची ने अपनी मेक्सी के अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी। अब मैंने ध्यान से देखा कि चाची के बूब्स कुछ ढीले लटके हुए से मुझे लग रहे थे और आकार बड़ा होने की वजह से वो उस मेक्सी से साफ उभरे हुए साफ नजर आ रहे थे। फिर रात के करीब 11.30 बजे थे, उस समय में मेरा बिस्तर एक कोने में लगा रहा था और चाची का बिस्तर छत के बीचों बीच लगा हुआ था। अब मैंने देखा कि चाची भी ऊपर आ गई है और फिर मैंने उनके सामने सोने का नाटक किया, चाची ने देखा कि में अब गहरी नींद में सो गया हूँ। फिर वो भी अपने बिस्तर पर आकर लेट गई, लेकिन चाचा की कमी की वजह से उनको अब नींद नहीं आ रही थी और इसलिए वो बार बार करवटे बदलते हुए सोने का प्रयास कर रही थी। फिर अचानक से कुछ देर बाद मैंने देखा कि चाची ने अब अपनी मेक्सी को ऊपर उठा लिया था और वो अपनी चूत पर हाथ घुमा रही थी, शायद उसने मेक्सी के अंदर पेंटी भी नहीं पहनी थी। दोस्तों उस अंधेरे की वजह से मुझे ठीक से कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था, लेकिन हाँ जब उसका हाथ आगे पीछे होता हुआ मुझे देखाई दिया, तब में तुरंत समझ गया कि उसने कुछ भी नहीं पहना है।

अब चाची की वो भरी हुई जांघे और बालों से भरी हुई चूत मुझे दिख रही थी और चाची के हाथ में कुछ था जिसको वो धीरे धीरे अपनी चूत के अंदर बाहर कर रही थी। दोस्तों शायद उसके हाथ में रोटी बनाने का डंडा मतलब बेलन था और उसको वो अपनी चूत के अंदर डालकर अंदर बाहर करके सिसकियां भर रही थी। दोस्तों यह सब दो तीन रातों तक ऐसे ही चलता रहा, लेकिन फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने सोच लिया कि आज कुछ भी हो जाए, में चाची की जरुर एक बार चुदाई के मज़े लूँगा। अब उस रात को एक बार फिर से चाची का वो काम दोबारा चालू हो गया, थोड़ी देर के बाद में हल्की सी आवाज़ में बोला क्या में आपकी कुछ मदद करूं? चाची मेरी आवाज को सुनकर एकदम से बहुत घबरा गयी और वो मेरी तरफ देखकर मुझसे बोली सुमित क्या तुम अब तक जाग रहे हो? अब में बोला कि नहीं में तो नींद में बड़बड़ा रहा हूँ। अब चाची तुरंत समझ गयी कि में उनसे क्या चाहता हूँ? आज चाची को भी रहा नहीं गया और इसलिए उसने मुझसे कहा कि अच्छा तो शायद उस दिन भी तुम नींद में मुझे नहाते हुए देख रहे थे। फिर में कहने लगा कि हाँ आप ऐसा ही समझ लो और अब वो मुझसे पूछने लगी, तुम नींद में क्या क्या करना चाहतो हो? मैंने बोला कि बहुत कुछ।

अब चाची धीरे से पास आई और वो कहने लगी कि चल एक तरफ होकर सो में आज तेरे साथ तेरे बिस्तर पर सोना चाहती हूँ। फिर मुझसे इतना कहकर चाची मेरे बिस्तर पर आ गई और वो मुझसे एकदम सटकर लेटी हुई थी। फिर वो मुझसे कुछ देर बाद कहने लगी कि बेटा तेरे चाचा यहाँ पर नहीं है और इसलिए मुझे नींद भी नहीं आती है, में क्या करूं? अब मैंने उनको बोला कि चाचा नहीं है तो क्या हुआ में तो आपके पास हूँ ना? तभी वो मुझसे बोली कि अरे तू तो मेरा भांजा है। अब में उनको बोला कि फिर क्या हुआ? जो चाचा कर सकते है क्या में वो नहीं कर सकता? अब चाची मेरी वो बातें सुनकर जोश में आ गई और वो तुरंत मेरे लंड पर हाथ फेरने लगी। अब वो मुझसे पूछने लगी क्या सच कहता है तू आज से तू मेरी आग को बुझाएगा? अब मैंने भी तुरंत ही चाची की मेक्सी को ऊपर उठाया और में उनकी चूत पर हाथ फेरते हुए उनको बोला कि आप एक बार मुझे अपनी सेवा का मौका तो देकर देखो उसके बाद आप चाचा को छोड़कर मेरे साथ सोने के लिए तरसा करोगी। फिर उसी समय चाची ने झट से मेरे पजामे का नाड़ा खोल दिया और उन्होंने जल्दी से मेरी अंडरवियर के अंदर अपना एक हाथ डाल दिया और वो मेरे लंड को सहलाने लगी।

अब मैंने भी चाची की मेक्सी को उतार दिया और मेरा वो शक एकदम सही था कि चाची ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी। अब चाची भी पूरी तरह से जोश में आ चुकी थी, उसने मेरे सारे कपड़ों को उतार दिया और अब तक हम दोनों बहुत जोश में थे, मेरा एक हाथ चाची की जाँघ पर था और उसकी जाँघ मेरी जाँघ पर थी। फिर में उसकी जाँघ को पीछे से सहला भी रहा था और मेरा लंड उसकी चूत पर छू रहा था और मेरा दूसरा हाथ उसके रेशमी बालों में था और उसके मुहं में मेरा मुहं मेरी जीभ उसकी जीभ को सहला रही थी। अब मैंने उनको बोला कि चाची तुम बहुत सेक्सी हो तुम्हारे यह रेशमी लटकते हुए बाल मुझे पागल बना देते है, चाची प्लीज इसे ऐसे ही रखना काटना मत और फिर चाची भी मेरे मुहं में मुहं डाले चूम रही थी। अब में उसके मोटे मोटे बूब्स को दबा रहा था आहह्ह्ह वाह क्या मस्त मज़ा आ रहा था उम्म्म्मम सही में वो बहुत हॉट थी, मेरा लंड उसकी चूत पर घिस रहा था। फिर मैंने पूछा चाची क्या में आपकी चूत को चाट सकता हूँ? चाची कहने लगी कि हाँ बेटा यह आज से तेरी ही है हाँ चाट ले। अब मैंने चाची को नीचे लेटा दिया और मैंने उसके दोनों पैरों को पूरा फैला दिया। फिर मैंने देखा कि उसकी चूत थोड़ी सी गीली हो चुकी थी, चूत की झांटे बढ़ी हुई थी। में जीभ को झांटो पर घुमाने लगा।

अब चाची ने सिसकियाँ भरना शुरू किया और कहने लगी अहह्ह्ह उम्म्म्म में इसके लिए दो दिन से बहुत तरस रही थी अहह्ह्ह्हह में उसकी चूत को चाटने लगा। अब मेरी जीभ चूत पर घूम रही थी उसकी चूत का बहुत नमकीन स्वाद था। फिर मैंने उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से छेड़ना शुरू किया और में उसको अपनी जीभ से चाटने लगा और वो एकदम से कसमसा गयी कहने लगी आह्ह्ह् तुम यह क्या कर रहे हो ऊऊऊह्ह्ह्ह क्या तुम आज मुझे मार ही डालोगे? अब उसकी आवाजो की वजह से मेरे अंदर  और भी जोश भर रहा था, मैंने मेरी जीभ को उसकी चूत के छेद में डाल दिया और अब में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। फिर वो और भी ज्यादा पागल हो गई ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी थी। दोस्तों मेरी चाची क्या मस्त सेक्सी थी? अहह्ह्ह्ह में भी उसकी चूत को चूसकर बिल्कुल पागल हो गया। फिर मैंने पूछा चाची क्या तुम मुझसे अपनी चुदाई करवाना चाहोगी? चाची बोली कि हाँ तेरे चाचा जब तक नहीं आते तब तक तो में हर रोज तेरे लंड से अपनी चुदाई के मज़े लूंगी और उसके बाद तुम्हे मुझे घर के बाहर किसी हॉटल में ले जाकर भी मेरी चुदाई करनी पड़ेगी।

फिर में उनकी सभी बातों के लिए तैयार हो गया और एक बार फिर से में अपनी जीभ को उसकी चूत के दाने के ऊपर घिसने लगा और मैंने पूछा चाची अब मेरा लंड एकदम टाइट हो गया है क्या में डाल दूँ अंदर? चाची बोली कि साले खुद का हो गया तो अंदर डालने लगा, चल उसको पहले मेरे मुहं में दे। अब में उनको बोला कि मुझे ऐसा लगता है कि आपको शायद मेरा लंड पसंद नहीं आएगा इसलिए मैंने आपसे मेरे लंड को मुहं में डालने के लिए नहीं पूछा। फिर अब मेरा लंड देखकर चाची एकदम पागल हो गई, वो मुझसे कहने लगी क्या रे यह क्या है? तू क्या रोज इसकी मालिश करता है? मुझे ऐसा लगता है कि शायद आज मेरी चूत के अंदर से एक बार फिर से कुंवारी लड़की की तरह खून निकलेगा? उम्म्म्म और यह सब कहते हुए उसने मेरे लंड को पूरा अपने मुहं में भर लिया और वो एकदम पागलों की तरह उसको चूसने लगी उम्म्म्म मेरे राजा अब तक तूने इसको इतने दिनों से कहाँ छुपाया था? फिर बहुत देर तक मेरे लंड को अच्छी तरह से चूसने के बाद में उनको बोला कि चाची अब आप इसको बाहर निकाल दो, क्योंकि अब मेरा झड़ने वाला है। अब चाची कहने लगी कि हाँ कोई बात नहीं है तू मेरे मुहं में झाड़ दे।

फिर उसी समय मेरा लंड झड़ गया और चाची के मुहं में मेरा पूरा गरम वीर्य निकल गया और में तो उस जोश की वजह से एकदम पागल हो गया। अब मैंने देखा कि चाची के गुलाबी होंठ उसका वो चेहरा मेरे वीर्य से भर हुआ था। फिर उसने मुझे नीचे लेटा दिया और वो उसकी चूत को मेरे मुहं के ऊपर रखकर घुमाने लगी अहह्ह्ह्हह उम्म्म्मम उस वजह से बहुत मज़ा आ रह था। दोस्तों चाची की चूत का रस मेरी जीभ को लग रहा था, जिसकी वजह से में एकदम पागल हो उठा और मैंने चाची को बोला कि बस मुझसे अब नहीं रहा जा रहा, प्लीज मुझे मेरे लंड को आपकी चूत के अंदर डालने दो। अब चाची मुझसे कहने लगी हाँ अब आजा मेरे राजा तू जल्दी से मेरे ऊपर आजा और तेरा पूरा ज़ोर निकाल दे। फिर उसके बाल मेरे पेट के ऊपर सट गये, जिसकी वजह से मुझे मेरे शरीर में एक अजीब सी गुदगुदी होने लगी और उसी समय मैंने चाची से बोला कि वो अपने बालो को मेरे शरीर के ऊपर धीरे धीरे फिराए। फिर में चाची के नीचे आ गया और चाची उसके काले, लंबे, घने रेशमी बाल मेरे शरीर के ऊपर घुमाने लगी थी, जिसकी वजह से में एकदम पागल हो रहा था।

अब मैंने झट से चाची को पकड़कर नीचे ले लिया और में बोला कि बस सस्स्स्स्स्स अब मुझे अंदर लो चाची। फिर चाची ने मेरा लंड अपनी चूत पर सेट किया और वो बोली कि चल राजा डाल दे इसको मेरे अंदर क्योंकि तेरे लंड को मेरी चूत के घर की बहुत ज्यादा जरुरत है। फिर जैसे ही मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के अंदर गया, वो चिल्ला पड़ी ऊउईईईईई माँ आह्ह्ह्हह में मर गई अब प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करो मेरे राजा उफ्फ्फ्फ़। अब में दो मिनट के लिए शांत हो गया और फिर मैंने पूरी ताकत के साथ इतना ज़ोर का एक झटका मारा कि चाची की छाती उस धक्के से हिलकर एकदम ऊपर उठ गयी और वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई आईईईईइ। अब मेरा पूरा लंड चाची की चूत में जा चुका था और चाची पूछने लगी यह क्या कर रहे हो? निकाल दो बाहर क्या मार ही डालोगे? उह्ह्ह्ह प्लीज बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने कोई बात ना मानी में बोला कि चुप बैठ साली रंडी तू अब थोड़ा सा दर्द सहन कर उसके बाद तू अपनी गांड को उठा उठाकर मज़ा लेगी। अब चाची कहने लगी कि हाँ रे साले कुत्ते, लेकिन दर्द भी तो बहुत हो रहा है। फिर में उसको कहने लगा कि मेरी प्यारी चाची बस थोड़ा सा दर्द होगा, क्योंकि अब बस हो गया और में पांच मिनट तक ऐसे ही चाची को समझता रहा।

फिर चाची दर्द कम होने के बाद थोड़ी नरम हो गई और मैंने धीर धीरे धक्के मारने शुरू किए चाची को अब भी दर्द हो रहा था, लेकिन थोड़ी ही देर में चाची जोश में आ गई आह्ह्ह्ह उम्म्म्मम ऊफ्फ्फ की आवाज़ों से पूरा समा मस्त हो उठा था। अब मुझे क्या मस्त मज़ा आ रहा था? में किसी भी शब्दों में नहीं बता सकता, मेरी चाची और में हम दोनों ही अब स्वर्ग में थे, चाची अब मेरा इतना अच्छा साथ दे रही थी। अब वो मुझसे कह रही थी उउम्म् सुमित तुम कितने नशीले हो अहह्ह्ह्ह चोदो मुझे फाड़ दे रे मेरी चूत को अहहह्ह्ह चोदो मुझे जमकर दो मुझे चुदाई के मस्त मज़े। अब हम दोनों बहुत जोश में थे और इतने में चाची भी झड़ गयी, लेकिन में अभी तक झड़ा नहीं था और इसलिए में लगातार ही धक्के देता रहा। फिर करीब दस मिनट के बाद चाची एक बार फिर से झड़ गई और कम से कम तीस मिनट तक लगातार उसको धक्के देकर चोदने के बाद मेरा लंड अब झड़ने के लिए तैयार हो गया था और इसलिए में उनको बोला कि चाची में अब झड़ने वाला हूँ। अब आप मुझे बताओ में क्या करूं? वो मुझसे कहने लगी कि पूछता क्या है? साले डाल दे तेरे लंड का पानी मेरी चूत में और मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर दे। फिर में दो चार धक्के देकर झड़ गया आह्ह्ह्ह् यह बहुत गरम है क्या माल दिया रे आईईई तूने आज मुझे बहुत मज़ा दिया रे।

अब में कहने लगा कि मेरा लंड पूरा गीला हो गया है, तभी चाची बोली कि बाहर निकाल और इसको इस अपनी चाची के मुहं पर डाल दे। फिर मैंने तुरंत अपने लंड को चूत से बाहर निकाल लिया और चाची के मुहं और उसके पूरे बदन पर अपने वीर्य को गिरा दिया और मैंने उस रात को चाची की चार बार बहुत मस्त जमकर चुदाई के मज़े लिए और उसके बाद हम दोनों सो गए। फिर मैंने देखा कि चाची दूसरे दिन बहुत ही खुश थी, करीब तीन सप्ताह तक यह काम हर रोज रात को हमारे बीच ऐसे ही चलता रहा। फिर एक दिन चाचा का फोन आया और चाचा कहने लगे कि शायद उनको अभी और 15 दिन वहां पर लगने वाले थे। फिर उस बात को सुनकर चाची और भी ज्यादा खुश हो गई और उन 15 दिनों में मैंने हर रात को अपनी चाची की चूत को चोद चोदकर उसका भोसड़ा बना दिया था और फिर 15 दिन के बाद मेरे चाचा अनु को भी अपने साथ में लेकर आ गए, लेकिन उस रात चाचा जब चाची की चुदाई कर रहे थे। अब मैंने सुनकर महसूस किया कि चाची उसके हर एक झटको को बहुत आराम से झेल रही थी और चाची के मुहं से सिसकियाँ या चीखने की आवाज भी नहीं आई, वो बहुत आराम से अपनी चूत में मेरे चाचा का लंड ले रही थी।

अब चाचा भी उसको जोरदार धक्के देकर चोदते रहे उनकी यह चुदाई करीब बीस मिनट ही चली क्योंकि बहुत दिनों बाद लंड में जमा वीर्य कम समय में बाहर निकल गया। दोस्तों में आज भी अपनी चाची को जब भी मुझे कोई ठीक समय या अच्छा मौका मिलता है, तभी उसी जोश के साथ उसको चोदता हूँ और कभी घर में तो, कभी होटल में भी उसको अपने साथ ले जाकर उसकी मस्त चुदाई करता हूँ ।।

धन्यवाद …

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