चुदाई की मेहनत रंग लाई

प्रेषक : आर्यन …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आर्यन है, में लखनऊ का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 27 साल है। दोस्तों आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालो के लिए यह जो में अपने इस सेक्स अनुभव को सुनाने जा रहा हूँ, यह घटना तब की है जब मैंने नया नया चेटिंग करना शुरू किया था और में चेटिंग में बहुत शेरो शायरी किया करता था। एक दिन एक औरत मुझे चेट करते हुए मिली और उसने मुझसे पूछा कि क्या तुम ही राकेश हो जो एक बहुत अच्छे शायर हो? मैंने उसको कहा कि हाँ। फिर वो मुझसे कहने लगी कि मैंने आपको कई बार शेरो शायरी करते हुए देखा है और मुझे आपकी शायरी बहुत अच्छी लगती है और फिर इस तरह हम दोनों की बातें शुरू हो गयी। फिर मुझसे वो धीरे धीरे इतना खुलकर बातें करने लगी कि उसने मुझे बताया कि वो दिल्ली की रहने वाली थी और एक शादीशुदा औरत थी और शादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी उसका अभी तक कोई बच्चा नहीं था और अब हम दोनों रोज ही चेटिंग करने लगे थे और फिर धीरे धीरे शेरो शायरी से हमारी बातें आगे भी बढ़ने लगी थी।

एक दिन मैंने उसको उसके जन्मदिन के बारे में पूछा तब उसने मुझे बताया कि उसका जन्मदिन अभी पिछले महीने में था। फिर में उसको उसी समय जन्मदिन के लिए मुबारकबाद देने लगा और कहने लगा कि मुझे आप माफ करना, मुझे पहले पता होता तो में पहले ही आपको पहले ही मुबारकबाद देता। अब वो मुझे धन्यवाद कहकर बोली कि सिर्फ़ जन्मदिन की बधाई ही दोगे क्या, तुम मुझे कोई उपहार नहीं दोगे? फिर उसी समय मैंने उसको कहा कि में इस समय नेट पर चेटिंग करते हुए तुमको क्या उपहार दे सकता हूँ? तभी वो तुरंत बोली कि क्या तुम मुझे एक किस नहीं कर सकते? तुम मुझे उपहार में एक किस दे दो। अब में उसके मुहं से यह बात सुनकर तुरंत समझ गया कि यह किस तरह के मूड में है और फिर मैंने उसको एक चुम्मा दे दिया और उस दिन से हम दोनों के बीच चेटिंग में कुछ कुछ सेक्स की बातें भी होना शुरू हो गयी और हम दोनों साइबर सेक्स भी करने लगे थे। एक दिन वो मुझसे बातें करते हुए कहने लगी क्या तुम मुझसे फोन पर भी बातें करते हुए ऐसे ही सेक्स की बातें कर सकते हो? और उसने मुझे अपना फोन नंबर भी उसी समय दे दिया।

फिर मैंने भी उसका नंबर लेकर उसको तुरंत फोन कर दिया और अब हम दोनों ने फोन पर भी एकदम खुलकर चूत लंड की बातें करना शुरू कर दिया था और धीरे धीरे यह सिलसिला आगे चलता ही गया और अब हम दोनों एक दूसरे से बिल्कुल फ्री होकर सेक्स की बातें करने लगे। फिर एक दिन मैंने उसको पूछा क्या तुम्हारा मन नहीं करता कि तुम मुझसे मिलो? तभी वो झट से बोल कि मेरा तो बहुत ज्यादा मन करता है कि में तुमसे मिलू बातें करूं और सिर्फ़ मिलना ही ना हो मुझे तुमसे एक बहुत बड़ा उपहार भी चाहिए, बोलो क्या तुम मुझे वो उपहार दे सकोगे? अब मैंने उसको पूछा वो क्या उपहार है जो तुम्हे अब मुझसे चाहिए? फिर वो कहने लगी कि मेरी शादी को पूरे पांच साल हो चुके है, लेकिन मेरे अपने कोई भी बच्चे नहीं है, मुझे एक बच्चा चाहिए जो कि मेरा पति मुझे नहीं दे पा रहा है, क्योंकि उसको कोई समस्या है। फिर मैंने तुरंत उसको बोला कि अगर में तुम्हारी यह कमी पूरी कर सकूँगा तो मुझे तुम्हारी मदद करने में बहुत ज्यादा खुशी होगी। अब हम दोनों इस तरह एक दूसरे से मिलने का विचार बनाने लगे थे और मेरी कुछ दिनों के बाद ही दिल्ली में अपने ऑफिस की तरफ से एक मीटिंग थी। फिर मैंने इसके बारे में उसको बताया और उससे कहा कि मुझे अपने काम की वजह से दिल्ली आना है।

अब उसने मेरे मुहं से यह बात सुनकर खुश होकर बोला कि हाँ ठीक है तुम्हारी जिस दिन मीटिंग होगी, तुम उसके एक दिन पहले यहाँ आ जाना में तुम्हे एयरपोर्ट पर ही आकर मिल जाउंगी। दोस्तों क्योंकि हम दोनों पहले एक दूसरे की फोटो नेट पर देख चुके थे, इसलिए एक दूसरे को पहचानने की कोई समस्या भी हमे नहीं होनी थी। फिर उसने मुझसे बोला कि वो अपने घर पर झूठ बोल देगी कि आज वो अपनी सहेली के साथ उसके घर पर ही रुकेगी, क्योंकि उसकी सहेली के घर पर कोई भी नहीं है और इस बहाने से वो मेरे साथ होटल में रुक जाएगी। दोस्तों फिर इस तरह से हम दोनों का मिलने का विचार बन गया, जिसकी वजह से हम दोनों ही बहुत खुश होने के साथ साथ उत्साहित भी एक दूसरे से मिलने के लिए बहुत थे। फिर मेरी फ्लाइट दूसरे दिन शाम को करीब 5:30 बजे दिल्ली पहुंच गई और में एयरपोर्ट से जैसे ही बाहर निकला और मैंने देखा कि वो अब मेरे सामने ही खड़ी थी। दोस्तों में उसकी सुंदरता उस गोरे बदन को देखकर बड़ा चकित था, क्योंकि वो किसी हॉट सेक्सी आंटी की तरह थी और उसने अपने बदन के हर एक अंग को बहुत ही सम्भालकर रखा था। अब मुझे उसके बड़े आकार के बूब्स वो गोरा सुंदर चेहरा पागल किए जा रहा था, क्योंकि वो तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा अच्छी नजर आ रही थी।

फिर हम दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भर लिया, वहीं पर चूमने लगे और फिर कुछ देर बाद हम टेक्सी में बैठ गये और बातें करने लगे थे। अब मैंने उस टेक्सी वाले को बोला कि वो पास ही किसी होटल में हमें ले चले। फिर हमने पहुंचकर उस एक होटल में कमरा ले लिया और उसके बाद हम कमरे में आ गये और फिर सोफे पर बैठ गये। दोस्तों वो मेरे साथ उस समय उस होटल के कमरे में आ तो गयी थी, लेकिन उसके चेहरे को देखकर लग रहा था कि उसको मन ही मन में कुछ घबराहट हो रही है, क्योंकि वो यह ऐसा काम अपनी मजबूरी की वजह से शायद पहली बार कर रही थी और इसलिए में उसके मन की बात को बड़े अच्छे से समझ चुका था। फिर इसलिए मैंने उसको शांत करने के लिए उसके साथ बातें हंसी मजाक करना शुरू कर दिया और फिर कुछ देर बाद मैंने हम दोनों के लिए कॉफी का ऑर्डर किया। फिर थोड़ी ही देर के बाद हमारे लिए कॉफी आ गयी, तब हम आसपास बैठकर वो कॉफी पीने लगे थे, तभी अचानक ही मेरे मन में पता नहीं क्या विचार आया और मैंने उसको पूछा क्या तुमने कभी होंठो कॉफी पी है? अब वो मुझसे पूछने लगी कि वो क्या होती है? तो मैंने उसको बोला कि तुम सबसे पहले अपनी दोनों आँखों को बंद करो, उसके बाद में तुम्हे दिखाता हूँ कि होंठो कॉफी कैसी होती है?

फिर उसने तुरंत मेरे कहते ही अपनी दोनों आँखों को बंद कर लिया, मैंने कॉफी का एक बड़ा सा घूँट लिया और उस कॉफी को अपने मुहं में भरकर मैंने उसके होंठो से अपने होंठ लगा दिए और अपने मुहं की कॉफी में धीरे धीरे उसके मुहं में डालने लगा था। अब वो भी उस कॉफी की एक एक बूँद का मज़ा अपनी दोनों आँखों को बंद करके लेने लगी थी और हम दोनों को पता ही नहीं चला कि कब हमारी वो कॉफी खत्म हो गयी और अब हम दोनों एक दूसरे के होंठो का स्वाद लेने लगे थे। दोस्तों हमारा वो चूमने का काम करीब दस मिनट चला और तभी अचानक से उसने मुझे हल्का सा धक्का देकर पीछे किया। अब मैंने देखा कि उसकी सांसे बहुत ज़ोर से चल रही थी और वो मुझसे बोली कि मुझे फ्रेश होने जाना है और वो मुझसे इतना कहकर तुरंत ही बाथरूम में चली गयी। फिर थोड़ी ही देर के बाद बाथरूम का दरवाज़ा खुला और वो कमरे में आकर ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी होकर अपने बाल ठीक करने लगी। फिर उसी समय मैंने उसको पीछे से बाहों में भरकर उसको अपनी तरफ घुमा लिया और हम दोनों एक बार फिर से चूमने में खो गये और वो काम करते हुए में उसकी गांड को अपनी मुट्ठी में दबाने लगा था। मेरे यह सब करने की वजह से वो बहुत गरम हो गयी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने धीरे से अपने एक हाथ को उसके बूब्स पर रख दिया और में उसको सहलाने लगा था। अब वो मुझसे कहने लगी कि राकेश मुझे कुछ अजीब सा डर लग रहा है, लेकिन मैंने उसकी किसी भी बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया, एकदम अनसुना करते हुए मैंने उसके ब्लाउज के हुक को खोलकर उसकी साड़ी को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेटीकोट और ब्रा में खड़ी थी। अब में उसकी कमर से उसको सहलाते हुए कुछ देर प्यार करके बेड पर बैठ गया और अब में उसके बूब्स को सहलाने लगा था। अब भी उसकी आंखे बंद ही थी, तभी मैंने एक हाथ से उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, जिसकी वजह से झट से पेटीकोट भी नीचे जमीन पर आ गया। अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा पेंटी में थी, मैंने उसको वैसे ही खड़ा रहने दिया और मैंने खड़ा होकर अपने भी सारे कपड़े अब उतार दिए और फिर उसको में अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले आया। अब हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे को चूमने प्यार करते हुए बेड पर आ गये, उस समय मेरे हाथ अपना काम कर रहे थे। फिर मैंने कुछ देर बाद उसकी ब्रा को भी उतार दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी, में तुरंत उसके ऊपर आ गया और उसके बड़े आकार में मुलायम बूब्स को अपने मुहं में भरकर उसका दूध पीने लगा था। ऐसा करने में मुझे बड़ा ही मस्त मज़ा आ रहा था।

फिर मैंने जैसे ही निप्पल को मुहं में भरकर चूसना शुरू किया वो झटके खाने लगी और जोश में आकर उसने मुझे अपनी बाहों में भरकर और ज़ोर से अपने निप्पल पर मेरा मुहं वो दबाने लगी थी। फिर में कुछ देर बूब्स को चूसने के बाद थोड़ा सा उठा और उसकी पेंटी को भी मैंने अब उतार दिया और अब मेरे सामने उसकी कामुक एकदम चिकनी चूत थी, जो उभरी हुई बहुत गोरी थी और उसको देखकर ही मेरा मन ललचाने लगा था। अब में उसकी जोश से भरी चूत को सहलाने लगा था और यह सब करके मेरा सात इंच का लंड अब एकदम टाइट हो चुका था। फिर में इस तरह से उसकी चूत और बूब्स के साथ कुछ देर तक खेलता ही रहा, जिसकी वजह से हम दोनों जोश में आकर पागल हो गए। अब में उसके मुहं की तरफ आया और उसके सर के नीचे हाथ डालकर मैंने उसका सर ऊपर करके उसके मुहं में अपना लंड डाल दिया। दोस्तों अपने लंड को उसके मुहं में डालते ही उसने भी जोश में आकर बहुत ज़ोर से उसको चूसना शुरू कर दिया। फिर करीब पांच मिनट तक मेरा लंड चूसने के बाद वो मुझसे कहने लगी कि अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा। अब तुम इस मोटे लंड से मेरी चूत की प्यास को बुझा दो, प्लीज जल्दी करो, क्यों तुम मुझे इतना तरसा रहे हो? जल्दी से तुम मेरी मस्त चुदाई करो जिसके लिए में इतने सालों से तरस रही हूँ आज तुम मुझे वो सुख दे दो, प्लीज मेरा सपना पूरा कर दो।

फिर में उसके मुहं से वो बात सुनकर तुरंत ही उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया और उसके दोनों पैरों को उठाकर में उसको बोला कि तुम इसको अपने हाथ से पकड़ लो। फिर उसने वैसा ही किया, उसके बाद मैंने एक हाथ से उसकी चूत को पूरा फैलाकर उसकी चूत में ऊपर से नीचे तक अपने लंड का टोपा रगड़ दिया। में उसकी गीली रसभरी चूत को अपने लंड से सहलाने लगा था। अब मेरे ऐसा करते ही वो बहुत ज़ोर से स्शह्ह्ह आअहह ओह्ह्ह करके झटके खाने लगी और फिर वो दोबारा मुझसे कहने लगी प्लीज इतना मत तड़पाओ मेरी जान, डाल दो इसको एक ही झटके में और मुझे वो मज़ा दे दो। फिर उसके इतना बोलते ही मैंने एक ही जोरदार झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और उस दर्द की वजह से उसके मुहं से एक चीख निकल गयी और उसने अपने दोनों पैरों से मुझे ज़ोर से भींच लिया। अब में भी धीरे धीरे अपनी स्पीड को बढ़ा रहा था और मेरी तेज स्पीड के साथ ही उसके मुहं से और तेज सिसकियाँ निकलने लगी थी, जिनको सुनकर मुझे और ज्यादा मज़ा आ रहा था। फिर इस तरह से में उसको करीब दस मिनट तक चोदता रहा और वो धक्के खाते हुए एक बार झड़ चुकी थी।

फिर इसके बाद मैंने अपना लंड बाहर निकालकर उसको बेड पर उल्टा लेटा दिया और उसके दोनों पैरों को पूरा फैलाकर मैंने उसके पैरों के बीच में आकर एक बार फिर से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और मैंने धक्के देकर उसकी चुदाई करना शुरू कर दिया। दोस्तों इस तरह से चुदाई करने में उसके मुहं से बहुत तेज चीख वो सिसकियों की आवाज निकल रही थी, जिनको सुनकर में और भी जोश में आकर अपनी पूरी ताक़त से अब उसकी चुदाई करने लगा था। दोस्तों अभी तक हमारी चुदाई को लगातार चलते हुए करीब 20-25 मिनट हो चुके थे। अब वो मुझसे कहने लगी थी आह्ह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ अब बस भी करो वरना अब में इस दर्द की वजह से मर ही जाउंगी ऊउईईईई माँ मुझसे यह दर्द अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा है तुम्हारा यह लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है, लेकिन मैंने उसकी किसी भी बात को नहीं सुना और में वैसे ही तेज धक्के देते हुए उसको चोदता रहा। फिर कुछ देर धक्के देते हुए मुझे अब लगा कि में अब झड़ने वाला हूँ और मैंने उसको बोला कि में अब झड़ने वाला हूँ। अब वो कहने लगी कि में दो बार झड़ चुकी हूँ और अब तुम अपने इस वीर्य से मेरी चूत को भर दो, मुझे उसको अपने अंदर महसूस करना है, प्लीज मुझे आज तुम अपने बच्चे की माँ बनाकर मुझे एक पूरी औरत बना दो।

फिर उसके बाद में उसकी बातें सुनकर धक्के देते हुए उसी के साथ झड़ गया, मैंने धक्के देते हुए अपने पूरे वीर्य को उसकी चूत की गहराईयों में डाल दिया, जिसकी वजह से मेरा वो जोश ठंडा हो गया और में थककर उसके ऊपर ही लेट गया। फिर थोड़ी ही देर के बाद हम दोनों अलग हुए, बाथरूम में चले गये और उसके बाद हम दोनों ने एक साथ नहाने ले मज़े लिए और कुछ देर वहां भी मज़े मस्ती करने के बाद हम वैसे ही पूरे नंगे ही आकर बेड पर बैठ गये। फिर थोड़ी देर हम मज़े से चुदाई की बातें करते रहे, हम दोनों को ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था और इस तरह से चुदाई की बातें करते हुए थोड़ी देर बाद मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया, लेकिन उसकी हालत मेरी एक बार चुदाई से ही खराब थी इसलिए वो बहुत मुश्किल प्यार से समझाने के बाद तैयार हुई और अब मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया और कमरे में डाइनिंग टेबल पर लेटाकर उसी जगह अपना लंड डालकर उसको दोबारा बहुत ज़ोर से धक्के देकर चोदा, कुछ देर चीखने चिल्लाने के बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो उसने भी मेरा साथ देना शुरू किया। अब में उसका वो जोश देखकर बड़ा चकित था मैंने भी खुश होकर तेज तेज धक्के देने शुरू किए और उसकी चूत को फाड़ दिया हर बार मैंने अपना वीर्य उसकी चूत के अंदर ही निकाला।

दोस्तों इस तरह हम दोनों उस पूरी रात चुदाई का मज़ा वैसे ही थोड़ी थोड़ी देर में लेते रहे और उस पूरी रात हमने बहुत जमकर चुदाई करके अपने मन की इच्छा को पूरा किया और हम दोनों ने पांच बार चुदाई के वो मज़े लिए और जब तक साथ रहे हमने कपड़े भी नहीं पहने और हम पूरे नंगे ही लेटे रहे। फिर उसके बाद में दूसरे दिन उसके साथ उस होटल से अपनी मीटिंग के लिए चला गया और मीटिंग को खत्म करके में वापस लखनऊ आ गया। फिर उस चुदाई के कुछ दिन बाद उसने मुझे एक दिन फोन किया, वो उस समय बहुत ज्यादा खुश थी। अब वो मुझसे कहने लगी कि राकेश एक अच्छी खबर है, तुम पापा बनने वाले हो और हमारी उस दिन रात की मेहनत आज रंग ला रही है, में सच कहूँ तो तुमने मुझे आज मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी दे दी है, में तुम्हे कैसे धन्यवाद कहूँ मुझे पता नहीं? दोस्तों में उसके मुहं से वो बात सुनकर खुश था, क्योंकि उसको मेरे उस काम से वो सुख मिल गया था, जिसके लिए वो इतने सालों से तरस रही थी और इस बात को आज पूरे चार साल हो चुके है।

दोस्तों आज हमारा एक बेटा है और वो अब पूरा तीन साल का हो चुका है। अब में जब कभी भी दिल्ली जाता हूँ तो में उसको ज़रूर किसी होटल में बुलाकर उसकी चुदाई करता हूँ और उसने मुझे कभी भी इस काम के लिए मना नहीं किया ।।

धन्यवाद …

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