जीजू और मेरा सेक्सी न्यू साल

हेल्लो फ्रेंड्स, कैसे हो आप सब! मेरा नाम सोनिया है. मैं बहोत ही सेक्सी हूँ.मेरा रंग गोरा है और एक दम चिकना मक्खन बदन है जिसे हाथ लगाते ही लोगो के लौडे खड़े हो जाते है.

मैं अपनी फॅमिली मे अपनी मम्मी पापा और बेहेन के साथ रहती हूँ. हम दो बहने है जिसमे से मैं छोटी हूँ और मैं काफ़ी ज़्यादा सेक्सी हूँ. मैं आज कॉलेज मे हूँ और सच कहु तो मैने आज तक अपने कई आशिक़ बदले है और कइयो से कितनी बार चुदि भी हूँ.

आज मैं आपको अपनी कहानी बताने जा रही हूँ जो की मेरी ही कहानी है और सच मे आपको पढ़ कर काफ़ी मज़ा आने वाला है.

तो दोस्तो, मैं तो एक नंबर की रखैल हूँ. मेरी नज़रे तो पहली बार मेरे स्कूल के फ्रेंड पर पड़ी थी. उस समय मैं 10 त मे हुआ करती थी और उसके साथ फिर मेरी फ्रेंडशिप हुई. और फिर उसके बाद मैने धीरे धीरे मिलना शुरू किया.

पहले तो हमने वैसे ही मिलना शुरू किया. फिर धीरे धीरे ऐसे ही हम मूवी थियेटर मे मिले. फिर धीरे धीरे करके हमारे बीच मे किस्सिंग हुई.

पहले तो मैं ज़्यादा शरमाई पर उसके बाद मेरा मज़ा आने लग गया. अब ऐसे ही हमारे बीच अब कुछ और हुआ. एक बार हम केफे गये तो वाहा पर उसने मेरे बूब्स दबाए जिसके दबाने से मैं तो पागल ही हो गई. मेरे जिस्म मे एक करेंट सा दौड़ गया और उसके बाद मैने भी उसका साथ दिया.

और फिर हम ऐसे ही धीरे धीरे आगे बढ़ते चले गये और फिर ऐसे ही उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया.तब ये मेरे लिए पहली बार था तो मैं घबरा गई जो ली लाजमी था.

फिर वाहा जहा हम जाते थे वाहा काफ़ी कपल आने लग गये और एक प्राइवेट मीटिंग भी होने लग गई जिससे की किसी को कुछ पता न्ही चल सकता था. जो की मुझे भी काफ़ी अछा लग रहा था.

और फिर तब उसने मुझे वीडियो दिखा कर अपना लौडा भी चुस्वाया जिसको चूसने मे बहोत मज़ा भी आया. मैं तो पागल होने लग गई और फिर एक दिन उसने मेरे बूब्स को चूसा.

मैं ऐसे ही फिर उसके बाद उसके लंड से चुद गई. जब मैं चुदि तो बहोट ही ज़्यादा रोई और काफ़ी खून भी निकला. पर बाद मे खूब मज़ा भी आया इसलिए उसके बाद मैं खूब चुदना शुरू हो गई.

बस फिर वो मुझे चोद कर चला गया तो मैने कई नये यार बनाए और उनसे भी काफ़ी बार चुदि.

अब दीदी की भी शादी हो गई थी और मेरे जीजू स्मार्ट थे जो की मुझ पर भी लाइन मारते थे. और एक दिन नये साल से एक दिन पहले वो यहा आ गये और पापा और जीजू ने मिल कर पेग लगाए और फिर खाना खा कर हम सब रज़ाई मे बैठ कर टीवी देखने लग गये.

दीदी फिर जीजू और फिर मैं और आगे को मम्मी बैठे थे हम सब देख रहे थे और तब धीरे धीरे करके दीदी और मम्मी को नींद आने लग गई.

मम्मी सोने चली गई, दूसरी साइड मेरी दीदी को भी नींद की झोंके आ रहे थे. तभी जीजू ने मेरी रज़ाई मे अपना हाथ घुसा लिया. मैं उनकी साइड थोडा सा सरक पड़ी.

हम दोनो की नज़रें टीवी पर ही थी, ताकि किसी को हमारे उपर शक ना हो. फिर जीजू का हाथ मेरी चूत पर घूमने लग गया. इससे मैं एक दम गरम सी हो गई, और मैने भी देर ना करते हुए अपना हाथ उनकी लोवर पर रख कर उनका लंड पकड़ लिया. मैने देखा की उनका लंड पहले से ही खड़ा था.

जीजू ने भी मेरा हाथ पकड़ कर अपनी लोवर के अंदर कर लिया. अब मेरे हाथ मे उनका लंड था, उनका लंड काफ़ी मोटा लग रहा था. मैं अपने हाथ से उनके लंड को उपर नीचे करके मूठ मारने लग गई. जीजू एक दम मस्त हो गये और जैसे ही दीदी ने दूसरी तरफ अपना मूह किया. तभी जीजू ने मेरे होंठो पर किस कर लिया.

जीजू – जानू तुम सो गई क्या ?

दीदी – हा मुझे नींद आ रही है, चलो अब सोने चलते है ना.

जीजू – ठीक है, तुमने दूध पिया ?

दीदी – न्ही मुझे न्ही पीना.

जीजू – तुमने पीना न्ही है, वो तो मैं पीला दूँगा,

फिर जीजू ने मेरे हाथ मे दो गोली दी और मुझे कहा – सोनिया जाओ अपनी बेहेन के लिए दूध गरम करके लाओ.

ये सुन कर मैं उठ कर किचन मे चली गई. मैं जीजू का इशारा समझ चुकी थी, मैने वो दो गोली दूध मे घोल कर जीजू को लाकर दे दिया. फिर जीजू ने दीदी को ज़बरदस्ती दूध पीला दिया. फिर वो दोनो मेरे रूम से उठ कर अपने रूम मे सोने के लिए चले गये.

इधर मैं भी सिर्फ़ पेंटी और टॉप पेहेन कर जीजू के आने का वेट करने लग गई. करीब 30 मिनिट बाद जीजू मेरे रूम मे आ गये.

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