डांस क्लास की लड़की को बड़े अच्छे से चोदा

sex stories in hindi

मेरा नाम रमन है मैं दिल्ली का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 23 वर्ष है, मेरा ग्रेजुएशन पूरा हो चुका है और मैं अब घर पर ही रहता हूं क्योंकि मेरे पिताजी बहुत बडे बिजनेस मैंन है इसीलिए मुझे किसी भी प्रकार की कोई आर्थिक समस्या नहीं है। मेरे बड़े भैया मेरे पिताजी के साथ काम संभालते हैं और मेरी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। मेरी मम्मी भी एक शोरूम चलाती है और वह शोरूम में ही बिजी रहती है इसलिए मैं घर में अकेला रहता हूं। मैं काफी समय से घर में ही बोर हो रहा था तो मैं सोचने लगा कि मुझे कुछ करना चाहिए इसीलिए मैंने इंटरनेट पर सर्च किया तो मुझे लगा कि मुझे डांस सीखना चाहिए इसीलिए हमें हमारे आस पास जितने भी डांस अकैडमी थी मैं वहां पूछने के लिए गया। मैंने उन्हें बताया कि मुझे थोड़ा भी डांस भी नहीं आता है,  मैं सिर्फ शौक से यहां पर डांस सीख रहा हूं।

मैं अब डांस क्लास जाने लगा। मुझे वह डांस क्लास बहुत अच्छा लगा क्योंकि वहां के काफी बच्चे कुछ अच्छा कर रहे हैं इसलिए मैंने वहां पर जाने का फैसला कर लिया। मेरे पिताजी से मेरी बहुत कम मुलाकात हो पाती थी क्योंकि वह अपने काम के सिलसिले में बिजी रहते हैं और मेरी मम्मी से भी सिर्फ शाम को ही बात हो पाती थी। मैंने जब उन्हें बताया कि मैं डांस सीखने के लिए जाने वाला हूं तो वह लोग कहने लगे कि ठीक है चले जाओ यह तो अच्छी बात है क्योंकि उन्हें भी इस बात का आभास था कि वह लोग मुझे बिल्कुल भी समय नहीं दे पाते और कम से कम मेरा मन तो लगा रहेगा, नहीं तो मैं घर ही बैठा रहता था। मेरे कॉलेज में भी ज्यादा दोस्त नहीं थे, यदि उनमें से कुछ दोस्त है भी तो वह लोग विदेश में पढ़ाई करने के लिए चले गए इसीलिए मैं अकेला हो गया। मैं जब पहले दिन डांस क्लास में गया तो मुझे वहां पर बहुत सारे बच्चे मिले मैं सोच रहा था कि यह सारे बच्चे शायद अपना भविष्य इसमें ही बनाना चाहते हैं और वह लोग बहुत अच्छा डांस कर रहे थे लेकिन मुझे तो बिल्कुल भी डांस करना नहीं आता था इसलिए मुझे थोड़ा शर्म आ रही थी,  मुझे अनकंफरटेबल सा महसूस हो रहा था।

मैंने जब अपने डांस टीचर से इस बारे में बात की तो वह कहने लगी कि यह बच्चे भी पहले तुम्हारी तरह ही थे लेकिन अब यह लोग अच्छा डांस करते हैं, समय के साथ साथ तुम भी डांस सीख जाओगे। मुझे लगा कि शायद वह सही कह रहे हैं इसलिए मैं डांस करने लगा। पहले दिन तो मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैं घर लौटा तो मेरा शरीर बहुत ज्यादा दर्द कर रहा था क्योंकि डांस करने में बहुत ज्यादा एनर्जी लगती है इसलिए मेरा शरीर बहुत दुख रहा था, उस दिन मैं इतना ज्यादा थक गया कि मुझे घर जाते ही नींद आ गई और मुझे पता भी नहीं चला कि कब सुबह हो गई। जब मैं सुबह उठा तो मेरे शरीर में बहुत अकड़न सी महसूस हो रही थी। मैंने सोचा क्यों ना मैं आज मसाज करवा लूं, मैं उस दिन तैयार होकर सुबह मसाज के लिए चला गया। मैं जब मॉल में गया तो मैंने मसाज करवाई और कुछ देर तक मॉल में ही बैठा रहा। मैं मॉल में बैठकर अपने पुराने दोस्तों को फोन कर रहा था, वह सब कह रहे हैं थे कि हम लोग तो वहीं पर रहने वाले हैं और वह कहने लगे कि विदेश में ही अच्छा है, हमारे पिताजी भी यहीं पर है इसीलिए वह लोग यहीं पर उनके साथ रह रहे हैं। मैं काफी देर तक मॉल में घूमता रहा, उसके बाद मैं अपने घर लौट गया। जब मैं अपने घर लौटा तो मुझे लगा कि अब मेरा शरीर थोड़ा ठीक है इसलिए मैं अपने लैपटॉप में मूवी देखने लगा। मैंने अपने कानों में हेडफोन लगाए हुए थे और मैं मूवी देख रहा था। ना जाने मुझे कब गहरी नींद आ गई मुझे मालूम भी नहीं पड़ा और मैं मूवी देखते देखते ही सो गया। जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा की मेरे डांस क्लास जाने का वक्त हो चुका है, मैंने जल्दी से अपने कपड़े पहने और मैं डांस क्लास चला गया क्योंकि मैं शाम के वक्त ही डांस क्लास जाता था इसलिए मैं जल्दी से तैयार होकर क्लास में चला गया। जब मैं वहां पहुंचा तो मैंने अपने डांस टीचर से कहा कि आज सुबह मेरा बहुत तेज दर्द हो रहा था, वह कहने लगे कि हां एक-दो दिन तक तुम्हें समस्या होगी, उसके बाद जैसे-जैसे तुम्हें समय हो जाएगा तुम्हारा शरीर खुल जाएगा।

अब मैं दो-तीन दिन तक शाम को ही आ रहा था लेकिन मुझे लगा कि मुझे सुबह के वक्त आना चाहिए। अब मेरे शरीर में बिल्कुल भी दर्द नहीं था और मैं इस बारे में सोचना कि मुझे सुबह आना चाहिए और मुझे काफी समय हो चुका था शाम के वक्त आते हुए। मैंने अपने समय में बदलाव कर दिया और मैं सुबह के वक्त आने लगा। जब मैं सुबह आता था तो उसमें कई नये बच्चे थे, मेरा उनसे बिल्कुल भी परिचय नहीं था। थोड़े समय मे उन लोगों से मेरी भी दोस्ती होने लगी थी क्योंकि मुझे काफी समय हो चुका था। उनमें से एक लड़की गिटार सीखने आती थी, उसका नाम आशा है। वह बहुत ही अच्छा डांस करती है और मैं उसे हमेशा ही देखता था, जब वह डांस करती थी। हमारे सुबह वाले बैच में वह सबसे ज्यादा अच्छा डांस करती थी इसलिए मैं उसे ही देखता रहता था। अब मेरे डांस में भी अच्छा सुधार हो चुका था और मैं भी अच्छा डांस करने लगा था। मेरी और आशा की भी बात होने लगी थी, मैं आशा से बात करता था तो मुझे उससे बात करना अच्छा लगता था। मैंने जब उससे अपने बारे में बताया तो उसे बहुत अच्छा लगा। जब मैंने उससे उसके बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि मेरे माता-पिता का देहांत काफी पहले हो चुका है और मैं अपने चाचा चाची के साथ रहती हूं।

मुझे यह सुनकर बहुत बुरा लगा। मैंने उससे इस बारे में जब बात की तो वह कहने लगी कि मेरे माता-पिता का देहांत एक कार एक्सीडेंट में हो गया और मेरे चाचा चाची ने हीं उसके बाद मुझे पाला है लेकिन कहीं ना कहीं वह अपने चाचा और चाची से बिल्कुल भी खुश नहीं थी क्योंकि वह उसके माता-पिता की जगह नहीं ले पाए थे और उससे बहुत ज्यादा काम करवाते थे। जब धीरे-धीरे उसकी और मेरी बात होने लगी तो मैंने उसे कहा कि तुम अपने लिए अलग से कहीं घर क्यों नहीं ले लेती वह कहने लगी कि मैं अभी कुछ भी नहीं कर रही हूं और ना ही मेरे पास इतने पैसे हैं कि मैं कहीं अलग घर ले सकूँ। मैंने जब उसे सुझाव दिया कि तुम्हें कहीं पर नौकरी कर लेनी चाहिए और जब तुम्हारे पास पैसे आ जाए तो तुम अपने लिए घर ले लेना। वह कहने लगी की यह बात तो सही है परंतु मेरे चाचा चाची मुझे नौकरी नहीं करने देंगे। मैंने आशा से कहा तुम एक हिम्मत तो करो बाकी मैं तुम्हारे लिए कहीं पर नौकरी देख लेता हूं। आशा और मेरे बीच में बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। वह हमेशा ही मुझसे बहुत अच्छे से बात करती थी और मुझे अपनी हर बात बताया करती थी। मैंने आशा से कहा कि तुम मेरे पिताजी के ऑफिस में काम कर लो, मैं तुम्हारे लिए अपने पिताजी से बात कर लूंगा और तुम वहां पर पार्ट टाइम कर लिया करना। उसने पहले अपने चाची से पूछा तो उन्होंने उससे पहले तो मना किया लेकिन उसके बाद उन्होंने हां कह दिया। अब वह मेरे पिताजी के ऑफिस में ही काम करने लगी क्योंकि मैंने अपने पिताजी से आशा के बारे में बात की थी और उन्होंने कहा यदि वह तुम्हारी दोस्त है तो हमें कोई भी आपत्ति नहीं है। अब वह मेरे पिताजी के ऑफिस में ही काम करने लगी थी  और उसे कुछ पैसे भी मिलने लगे। हम दोनों की नजदीकियां भी बहुत बढ़ने लगी थी। आशा और मेरी बहुत बातें होती थी इसलिए मैंने एक दिन उसे कहा कि तुम मेरे घर पर आ जाओ जब वह मेरे घर पर आई तो हम दोनों बैठ कर बातें कर रहे थे और आशा के मेरे घर पर आने से किसी को भी आपत्ति नहीं थी क्योंकि सब लोग उसे पहचानते थे।

हम दोनों मेरे रूम में बैठे हुए थे मैंने आशा की जांघ पर हाथ रखा तो वह मेरे इशारे समझ गई और मैंने उसके बालों को भी सहलाना शुरू कर दिया। मैंने जैसे ही उसके स्तनों पर हाथ रखा तो वह मचलने लगी मैंने उसके स्तनों को उसके कपड़े से बाहर निकालते हुए अपने मुंह में ले लिया। काफी देर तक उसके स्तनों का रसपान करने के बाद मैंने उसके गुलाब जैसे होठों को भी अपने होठो में लेकर चूसा जिससे कि उसकी योनि से पूरा तरल पदार्थ बाहर निकल आया। मैंने जब उसकी टाइट जींस को उतारा तो उसकी बड़ी बड़ी गांड मुझे दिखाई दे गई और मैंने उसकी गांड को दबाना शुरू कर दिया। मैंने जैसे ही उसकी पैंटी को नीचे किया तो उसकी योनि में एक भी बाल नहीं था मैंने जब अपनी उंगली को उसकी योनि पर लगाया तो वह मचलने लगी। मैं उसकी चूत को चाटा रहा था तो उसकी योनि से पानी निकल रहा था। मैंने अपने लंड को आशा के मुंह में डाल दिया और वह मेरे को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी काफी देर तक ऐसा करने के बाद मैंने उसके दोनों पैरों को खोल लिया उसकी योनि में अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी नरम और मुलायम योनि में गया तो उसके मुंह से इतनी तेज आवाज निकली की मुझे मजा आने लगा। वह अपने पैरों को खोलने लगी मैं भी उसे उतनी ही तेजी से झटके दे रहा था उसकी योनि से खून भी निकल रहा था और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब मैं उसे झटके दिए जा रहा था। मैंने उसे इतनी तेज झटके मारे उसका पूरा शरीर दर्द होने लगा और मुझे बहुत अच्छा लगा लेकिन मैं उसकी टाइट चूत को ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाया मेरा वीर्य उसकी योनि में गिर गया। जब मेरा माल उसकी योनि में गया तो वह बहुत ही खुश हो गई उसके बाद से आशा और मेरे बीच में कई बार सेक्स संबंध बन चुके हैं आशा को भी मेरे साथ में सेक्स करने में बड़ा मजा आता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *