दूध वाले को देखकर ईमान डोल गया

hindi sex story, antarvasna दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? चलिए पहले मैं अपने बारे में बता देती हूँ। मेरा नाम शालिनी है और मैं पुणे की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 28 वर्ष है और मैं बचपन से ही पुणे में रही हूं लेकिन मेरी शादी नागपुर में हुई है। मेरी शादी को एक वर्ष चुका है और मेरे पति अमित सरकारी विभाग में नौकरी करते है। मैं अमित के साथ ही रहती हूं, अमित की पोस्टिंग अभी नागपुर में ही  थी इसलिए हम लोग नागपुर में ही रहते थे। हम लोगों के साथ अमित के माता-पिता और उसकी बहन भी रहते थे लेकिन जब उनकी पोस्टिंग मुरादाबाद हो गई तो अमित बहुत ज्यादा दुखी हो गए और कहने लगे कि अब हमें इतनी ज्यादा दूर जाना पड़ेगा, अमित ने अपने माता पिता से कहा कि क्या मैं शालिनी को भी अपने साथ लेकर जा सकता हूं, अमित के माता पिता ने उसे कहा की तुम शालिनी को अपने साथ ही ले जाओ क्योंकि तुम इतनी दूर जा रहे हो और तुम्हें भी खाना बनाने में तकलीफ होगी, शालिनी अगर तुम्हारे साथ रहेगी तो तुम्हें भी अच्छा लगेगा, इसी के चलते मेरे पति मुझे अपने साथ ले गए।

हम लोग जब मुरादाबाद गए तो शुरुआत में हमें काफी तकलीफ हुई क्योंकि हम लोगों को मुरादाबाद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी और अमित भी पहली बार ही मुरादाबाद आए थे। हम लोग किसी को भी नहीं पहचानते थे, कुछ दिनों बाद आमित ने भी अपना ऑफिस जॉइन कर लिया और अब वह अपने ऑफिस जाने लगे थे। मैंने घर का सारा सामान धीरे धीरे रखवा दिया था और मैं घर पर ही रहती थी, मैं अकेले अकेले घर पर बहुत बोर हो जाती थी इसलिए मैं सोचने लगी की क्यों ना मैं कुछ कर लूं इसलिए मैंने अमित से इस बारे में जिक्र किया तो वह कहने लगे कि ठीक है यदि तुम कुछ करना चाहती हो तो तुम मुझे बता देना। मैंने अमित से कहा कि मैं अपना कोई छोटा सा काम करना चाहती हूं या फिर मैं ट्यूशन पढ़ाना चाहती हूं,  जिससे मेरा थोड़ा बहुत वक्त गुजर जाया करेंगा। अमित ने कहा ठीक है तुम मुझे बता देना तुम्हें जो भी उचित लगता है, अमित मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करते हैं, यह बात मुझे अच्छे से पता है इसीलिए मैं भी अमित की हर एक चीज का ख्याल रखती हूं और उन्हें कभी भी मैंने कोई भी परेशानी नहीं होने दी,  अमित भी मुझे बहुत समझते हैं और मेरी रिस्पेक्ट भी करते हैं।

हम दोनों की मुलाकात हमारे किसी रिश्तेदार के जरिये हुई थी और उन्होंने ही हम दोनों को मिलाया था। मैं जब अमित से पहली बार मिली तो मैं अमित की बातों से बहुत प्रभावित हुई थी लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसके घर वाले भी मेरे लिए रिश्ता भेजवा देंगे क्योंकि हमारे कोई रिलेटिव उनके पहचान के थे और उन्होंने हमारे घर पर रिश्ता भेज दिया। जब मैंने देखा कि यह तो अमित की फोटो है, उसके बाद मैंने अमित को फोन किया था और उसे कहा कि क्या तुम्हारे घर वाले तुम्हारे लिए लड़की देख रहे हैं, वह कहने लगा कि हां मेरे घर वाले मेरे लिए लड़की देख रहे हैं। मैंने जब उसे बताया कि तुम्हारे पिताजी ने मुझे फोटो दिखाई है और मैंने जब वह फोटो देखी तो मुझे तुम्हें फोन करने की सूची और मैंने तुम्हें फोन कर दिया। अमित कहने लगा यह तो तुमने बहुत अच्छा किया कि मुझे फोन कर के बता दिया। जब अमित ने अपने घर पर बात की तो वो कहने लगा कि लड़की ने हां कहदी है,  आप लोग शादी की तैयारी कीजिए। उसके बाद हम दोनों की शादी हो गई, हम दोनों के विचार भी काफी मिलते जुलते हैं, हम दोनों की पसंद भी एक जैसी ही है इसलिए हम दोनों के बीच कभी भी झगड़ा ही नहीं हुआ और ना ही अमित मुझसे कभी भी झगड़ा करते हैं। एक बार मैं घर पर ही थी, उस दिन मैं घर का काम कर रही थी और उस दिन मेरा हाथ चाकू से कट गया, मैंने अमित को यह बात नहीं बताई, शाम को वह घर पर आए तो उन्होंने मेरा हाथ देखा तो मेरा हाथ चाकू से कटा हुआ था।  वह बहुत ही चिंतित हो गए और कहने लगे कि क्या तुमने डॉक्टर को दिखाया, मैंने कहा कि नहीं मैंने डॉक्टर को नहीं दिखाया। वह कहने लगे कि छोटी मोटी लापरवाही मत किया करो, तुम अपना ध्यान दिया करो। जब उन्होंने मेरा देखा तो वह कहने लगे की तुम्हारा हाथ तो काफी कट चुका है। मैं और अमित बैठे हुए थे हम बात करने लगे, अमित कहने लगा कि तुम कुछ दिनों तक खाना मत बनाना मैं कुछ दिनों के लिए टिफिन लगवा लेता हूं क्योंकि तुम्हें बहुत दिक्कत होगी। मैंने अमित से कहा कि नहीं मैं घर का काम कर लूंगी,  तुम उसकी चिंता मत करो लेकिन वह मुझे कहने लगे कि नहीं तुम कुछ दिनों तक घर का काम मत करो।

मैं अब घर का काम नहीं कर रही थी, अमित कहने लगे कि तुम भोजपुरी रखवा लेना क्योंकि काफी समय से मैंने भी दूध नहीं पिया है और रात को मेरी आदत टूटने लगी है क्योंकि मुझे यह बात अच्छे से पता है कि मेरे पति को रात को दूध पीना बहुत अच्छा लगता है और उन्हें रात के वक्त हमेशा ही एक गिलास दूध चाहिए होता है इसीलिए मैंने पड़ोस में यही हमारे एक महिला रहती हैं। उनसे मैंने पूछा कि क्या यहां पर कोई अच्छा दूध देता है मुझे कहने लगे कि हमारे घर पर एक दूधवाला आता है यदि तुम कहो तो मैं उससे बात कर लेती हूं, वह तुम्हें भी दूध ले जाया करेगा मैंने कहा ठीक है आप एक बार मुझे उस से मिलवा दीजिएगा या जो वह आए तो आप उसे हमारा घर बता देना मैं उससे बात कर लूंगी। अगले दिन वह सुबह सुबह हमारे घर पर आ गया हम लोग उस वक्त को ही रखे थे और वह बहुत जल्दी आ गया क्योंकि वह सुबह के वक्त ही आ जाता था जब वहां आए तो हम इतना से बात की और उसे रेट पूछ लिया, वह कहने लगा कि मैं कल से आपको एक लीटर दूध दे दिया करूंगा, मैंने कहा ठीक है तुम कल से दूध ले जाया करना।

अगले दिन से दूध लेकर आने का भाव कुछ दिनों तक हम इतने भी टिफिन का आर्डर दिया क्योंकि मेरे हाथ में बहुत गहरा जख्म हो गया था और मैं शाम के वक्त हम इसको हमेशा ही एक गिलास दूध दे दिया करते जिससे कि उन्हें भी अब अच्छा लगने लगा क्योंकि वह भी काम में काफी व्यस्त रहते हैं इस वजह से उन्हें बहुत ज्यादा थकान हो जाती थे। अब हम लोग की दिनचर्या से चल रही थी और मैं खाली समय में अपने घर पर फोन कर दिया करते अमित भी जब मेरे साथ होते तो हम दोनों काफी अच्छा टाइम एक साथ बिताते हैं। एक दिन में मुझे कहने लगे हम लोग कहीं घूमने चलते हैं, मैंने कहा ठीक है आज हम लोग कहीं घूमने चलते हैं। उस दिन हम दोनों सुबह जल्दी घर से निकल गए और हम लोगों ने साथ में उसे मूवी देखी और जब हम लोग घर लौटे हो हम दोनों ही बहुत थक चुके थे, टिफिन वाले ने भी हमारे घर के दरवाजे पर टिफिन रखती है और वह चले गया था, हम लोगों ने भाव खाना खाया और उस दिन हम दोनों बहुत ही थक चुके थे और हम सो गए अंग्रेजी ना मुझको सुबह जल्दी जाना था इसलिए वहां जल्दी निकल गए मैं घर पर ही थी और मैं भी उसे जल्दी उठ गई तो घर का काम करने लगे। मैं घर का काम कर रही थी और उसी वक्त दूधवाला भी आ गया। जब उसने घर की डोर बेल को बजाया तो मैंने दरवाजा खोल दिया। जब मैंने दरवाजा खोला तो उस दिन कोई और ही लड़का आया हुआ था। मैंने उससे पूछा कि तुम नए आए हो क्या ? वह कहने लगा नहीं वह मेरे बड़े भैया हैं वह आज नहीं आए हैं क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं है इसी वजह से मैं आज लेट आया हूं। उस लड़के की लंबाई और कद काठी देखकर मैं उसकी तरफ आकर्षित होने लगी। सुबह सुबह ही मेरा मूड खराब हो गया मैंने जब उससे दूध लिया तो मैंने उसके हाथ पर अपने हाथ को टच कर लिया। उसे भी नहीं रहा गया वह घर के अंदर ही आ गया उसने दरवाजे को बंद कर लिया।

जब उसने दरवाजा बंद किया तो मैं उसे अपने साथ अपने बेडरूम में ले गई। मैंने उसकी पैंट को खोलता हुए उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया और काफी देर तक मैंने उसके लंड को चूसा जिससे कि उसका पानी भी बाहर आने लगा था। वह कहने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है आप जिस प्रकार से मेरे लंड को सकिंग कर रही है। मैंने काफी देर तक उसके लंड को चूसा जिससे वह पूरी उत्तेजना में आ गया था। उसने मुझे बिस्तर पर पटक दिया और मेरे कपड़े खोल दिए। उसने जब मेरी योनि के अंदर उंगली डाली तो मैं मचलने लगी और मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। उस लड़के ने अपने मोटे और कड़क लंड को मेरी चूत मे डाला तो मैं मजे मे आ गई। उसने मुझे तेज झटके मारे जिससे कि मेरा पूरा शरीर दर्द होने लगा और मैं अपने मुंह से मादक आवाज निकालने लगी। मैं उसकी तरफ आकर्षित होने लगी थी और मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से मैं उसके साथ सेक्स कर रही थी। जब उसका माल गिर गया तो उसने मुझे घोड़ी बना दिया। घोड़ी बनाकर उसने मुझे इतनी देर तक चोदा मेरा पूरा पानी बाहर आने लगा। मुझे बड मजा आने लगा मेरी चूत मे दर्द होने लगा था और मुझे भी एक अलग ही प्रकार की अनुभूति होती। उसने मुझे चोदना जारी रखा और बड़ी तेज गति से मुझे धक्के मारता रहा मैंने उसे कहा कि तुम मुझे बड़े अच्छे से चोद रहे हो मुझे बहुत ही मजा आ रहा है तुम जिस प्रकार से मुझे झटके मार रहे हो। जब उसका माल मेरी योनि में गया तो मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने उसे कहा कि जब भी तुम सुबह आओगे तो मुझे चोद दिया करना। वह कहने लगा अब से मैं ही आपको दूध देने के लिए आऊंगा मुझे भी आपके साथ सेक्स कर के बहुत मजा आया जिस प्रकार से आपने मेरा साथ दिया मुझे बहुत अच्छा लगा। जब भी वह सुबह आता है तो मैं हमेशा ही उसका इंतजार करती हूं और उस से अपनी चूत मरवाती हू। सुबह में दूध वाले से चुदती हू और शाम को मेरे पति दूध पीकर मुझे चोदते हैं।

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