देवर से टांग उठाकर चुदवाया

प्रेषक : रितिका …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रितिका है, में 24 साल की हूँ। यह मेरी सच्ची कहानी है, यह मेरे साथ कुछ 3 महीने पहले हुई है। अब में आपको मेरे बारे में बताती हूँ। में मेरे पति, देवर और मेरे 1 साल के बेटे के साथ रहती हूँ। में 24 साल की हूँ और मेरी शादी को 2 साल हुए है। मेरे पति एम.आर की जॉब करते है और वो ज्यादातर महीने में 15-20 दिन टूर पर ही रहते है। मेरा देवर हमारे साथ ही रहता है, वो कॉलेज में पढ़ता है। मेरा देवर मुझ पर बहुत मरता है और जानबूझ कर मुझे छेड़ता रहता है। मैंने कई बार उसके बारे में अपने पति को बताया, तो वो बोले कि वो तुम्हारा देवर है और तुम उसकी भाभी हो और वो अभी नादान है तो वो तुम्हें परेशान तो करेगा ही इसलिए में उसकी हरकतों को नजरअंदाज कर देती थी, लेकिन जब मेरे पति टूर पर होते, तो मेरा देवर मुझे बहुत परेशान करता है, लेकिन में उसे हल्के में लेती थी।

यह करीब 3 महीने पहले की बात है, गर्मी के दिन चल रहे थे, उस टाइम हम लोग हमारे घर की छत पर सोने के लिए जाते थे। फिर मैंने रात को डिनर के बाद छत पर बिस्तर लगाया और फिर में मेरे देवर को आवाज देकर ऊपर सोने के लिए चली गई। फिर थोड़ी देर के बाद मेरा देवर भी वहाँ पर आ गया और सो गया। अब बिस्तर के एक कोने में थी और बीच में मेरा 1 साल का बेटा और दूसरी साईड पर मेरा देवर सो गया था। फिर कुछ देर के बाद मैंने पाया कि मेरे सीने पर किसी का हाथ चल रहा है तो मैंने धीरे से देखा तो मैंने पाया कि मेरा देवर मेरी बाजू में आ गया था और मेरे सीने पर अपना हाथ चला रहा था। अब मुझे कुछ अजीब सा लगा, लेकिन में अपनी आंखें बंद करके सोने का नाटक करने लगी। अब मेरी तरफ से कोई हरकत ना होने की वजह से उसकी हिम्मत और बढ़ गई थी और अब वो मेरे बूब्स को सहलाने लगा था। अब मुझमें अजीब सी सिहरन होने लगी थी और फिर में करवट बदलकर सीधी हो गई, तो उसने अपना हाथ हटा लिया और फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से मेरे बूब्स को सहलाने लगा।

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फिर वो मेरे ब्लाउज के बटन को खोलने लगा और फिर उसने एक-एक करके मेरे ब्लाउज के बटन को खोल दिया। अब वो मेरे नंगे बूब्स को धीरे-धीरे सहलाने लगा था और मेरे निप्पल को दबाने लगा था। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, शायद अब उसे भी पता चल गया था कि में जाग रही हूँ। फिर वो मेरे निप्पल को चूसने लगा, अब में बहुत ही गर्म हो रही थी तो में उठ गई और उससे कहा कि क्या कर रहे हो? तो उसने कहा कि भाभी आई लव यू वेरी मच। फिर मैंने उसकी आंखों में देखा और फिर मैंने उसे अपने कपड़े निकालने को कहा,  तो उसने तुरंत अपने सारे कपड़े निकाल दिए और पूरा नंगा हो गया। फिर मैंने उसके लंड को देखा तो वो बहुत ही बड़ा था। फिर उसने मेरे ब्लाउज को हटा दिया और मेरे पेटीकोट को एक ही झटके में निकाल दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो मुझे किस करने लगा और में भी उसे बहुत किस करने लगी थी। फिर उसने मेरी नाभि पर किस किया आहहहहह, ऊहहहहह, अब मुझे बहुत मजा आ रहा था और में बहुत ही गर्म हो चुकी थी। फिर वो मेरी चूत को चाटने लगा तो में अंगड़ाई लेने लगी ऊफ्फफ्फ्फ्फ़, अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? फिर मैंने उससे कहा कि प्लीज और मत तड़पाओ, प्लीज मुझे चोदो। फिर वो मेरे ऊपर सो गया और उसने उसके लंड को मेरी चूत पर रखा और फिर एक धक्का मारा तो उसका पूरा लंड एक ही झटके में मेरे अंदर चला गया। तो में जोर से चीख उठी आहहहहह, आहहहहह। फिर वो जोर-जोर से मुझे चोदता गया और में भी अपने कूल्हें उठा-उठाकर उसका साथ देने लगी और आहहहहह, आहहहहहहह, ऊहहहहहहहहहह की आवाजे निकालने लगी और वो जोर-जोर से चोदने लगा।

फिर थोड़ी देर के बाद उसने मेरी चूत में अपना गर्म लावा छोड़ दिया और फिर सारी रात हम दोनों एक दूसरे के साथ नंगे चिपकर सो गये। फिर उसके बाद उसका जब भी मन होता, तो वो मेरे ब्लाउज को हटाकर मेरे निप्पल को चूसता रहता, लेकिन वो मुझसे पूछे बिना मेरी चूत को नहीं छूता था। फिर एक दिन में नहा रही थी, तो वो भी बाथरुम में आ गया और मुझसे बाथरूम में प्यार की भीख मांगने लगा, तो में उसे मना नहीं कर पाई। फिर उसने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और हम शॉवर में एक साथ नहाने लगे। फिर में दीवार का सहारा लेकर खड़ी रही और उसने मुझे बहुत टाईट पकड़ा और और मेरे होठों का जूस पीने लगा और फिर मेरी एक टांग उठाकर फिर से मुझे चोदने लगा, उसने मुझे एक नया अनोखा सुख दिया था। अब में मेरे देवर से बहुत खुश थी, में मेरे देवर को बहुत चाहती हूँ और वो भी मुझे बहुत चाहता है और फिर हमने कई बार सेक्स किया। अब में मेरे देवर की दीवानी बन गई हूँ, में मेरे पति को भी बहुत चाहती हूँ और मेरे देवर को भी उतना ही चाहती हूँ, में ना पति को छोड़ सकती हूँ, ना देवर को। फिर इसके बाद हम दोनों ने खूब इन्जॉय किया और खूब सेक्स का आनंद उठाया ।।

धन्यवाद …

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