दोस्त की बहन के साथ चुदाई लीला

प्रेषक : देवराज …

हैल्लो दोस्तों, आज में आप लोगों को अपने दोस्त की बड़ी बहन की सेक्स स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। मैंने  इससे पहले एक कहानी लिखी है, अब में आपको अपनी दूसरी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। आज में आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो मेरे दोस्त की बहन के साथ किए गये सेक्स की है। मेरा नाम देवराज है, में उत्तरप्रदेश से हूँ, जैसा कि मैंने आपको अपनी पहली कहानी में बताया है कि में एक 18 साल का हौनहार स्टूडेंट हूँ। ये कहानी आज से 3 दिन पहले की है, में रक्षाबन्धन की छुट्टी में घर पर अकेला था।   फिर रविवार को में अपने दोस्त के घर गया, उसकी एक बहन है, जिसका नाम भावना है, वो दिखने में   सेक्सी लगती थी, उसकी हाईट 5 फुट 6 इंच थी। में अक्सर अपने दोस्त के घर उसके पास जाता था, वो इतनी सुंदर और गोरी थी कि में उसे बयान नहीं कर सकता हूँ। मैंने उसके साथ सेक्स करने का प्लान तो कई बार बनाया, लेकिन मुझे मौका ही नहीं मिलता था। उस दिन मेरे दोस्त के मम्मी, पापा नॉएडा गये हुए थे। अब मेरा दोस्त और उसकी बहन घर पर अकेले थे, तो जब में उसके घर पहुँचा तो मेरे दोस्त ने मुझसे कहा कि वो भी नॉएडा जाना चाहता था, लेकिन भावना के एग्जॉम (यूनिट टेस्ट) की वजह से नहीं जा पाया।

फिर उसने कहा कि तुम कुछ दिन मेरे घर रुक जाओ तो में नॉएडा चला जाऊंगा। अब मेरे तो दिल की हसरत जैसे पूरी हो गयी थी, लेकिन उसे शक ना हो इसलिए में हिचकिचाने लगा, लेकिन वो रिक्वेस्ट करने लगा तो में तैयार हो गया। अब मेरा दोस्त दोपहर की ट्रेन से नॉएडा चला गया था। फिर उसे स्टेशन छोड़ने के बाद में जब उसके घर पहुँचा तो मैंने भावना को हाफ पैंट और टी-शर्ट में बेड पर बैठा पाया। में उसकी गोरी-गोरी टांगो को देखता ही रहता था, लेकिन उसने कभी ध्यान नहीं दिया था। फिर में कुछ देर तक उसके साथ बात करता रहा।

अब में सोने के लिए तैयार होने लगा था तो मैंने अपनी पैंट खोलकर टावल पहन लिया और बेड पर लेट गया। उसके घर में सिर्फ़ दो ही रूम थे चूँकि इस रूम में ए.सी था इसलिए वो भी उस रूम में आ गयी थी। अब भावना भी सीधी थी तो वो रूम के दरवाजा को बंद करके लाईट बंद करके नाईट बल्ब को जलाकर मेरे बगल में आकर लेट गयी थी। अब उसने अपनी पीठ को मेरी तरफ कर रखा था, तो में कुछ देर तक सोचता रहा और फिर कुछ देर के बाद मैंने निश्चय कर लिया कि अब मुझे सोचना नहीं चाहिए।  अब मैंने अपनी कमर को उसकी कमर से सटा दिया था, तो उसने अपनी कमर को थोड़ा सा खींचा। तो मैंने फिर से थोड़ी देर के बाद अपनी कमर को उसकी कमर से सटा दिया।

अब वो दीवार से सट चुकी थी, तो मैंने अपनी कमर को उसकी कमर से सटाने के बाद जैसे ही अपने एक हाथ को उसकी कमर पर रखा। तो उसने बोला कि आप ये क्या कर रहे हो? तो  मैंने बोला कि वही जो एक जवान लड़का एक सुंदर जवान और हसीन लड़की को अकेले में पाकर करता है। तो वो बोली नहीं में ये नहीं करूँगी। तो  मैंने बोला कि क्यों तुम्हारा मन नहीं करता है? तो वो बोली कि नहीं ये गलत है।  तो मैंने बोला कि गलत क्या है? ये तो बिल्कुल सत्य है। फिर मैंने ये कहते हुए उसकी पैंट के एक बटन को खोल दिया। तो उसने मेरे हाथ को पकड़कर अपनी कमर से हटा दिया तो मैंने पीछे से उसकी पैंट को खींच दिया। फिर वो उसकी पैंट को खींचकर पहनने लगी तो मैंने उसके हाथ को हटा दिया और उससे बोला कि क्यों दिखावा कर रही है? तुम्हारा मन भी तो है और फिर मैंने उसकी पैंट को अपने दोनों हाथों से पकड़कर खोल दिया। फिर उसने मुझे धक्का दे दिया और रूम का दरवाजा खोलने लगी। फिर मैंने उसे पकड़कर बेड पर गिरा दिया और उसके बूब्स दबाने लगा था।

फिर में अपने एक हाथ से लंड को पकड़कर अपने दूसरे हाथ को उसकी गांड पर फैरते हुए अपने लंड को उसकी गांड के छेद के पास ले गया और अपने एक हाथ से उसकी गांड को फैलाते हुए अपने लंड को उसकी गांड में जाने के लिए रास्ता दिखाया और अपने लंड को उसकी गांड के छेद के दरवाजे पर रखते हुए उसकी कमर को पकड़कर अपनी कमर का ज़ोर का झटका मारा। तो वो आआऔऊक्ककककका आआअ करके सिसक उठी। फिर मैंने पूछा कि क्या हो गया? तो वो बोली कि हाआआआआअ। फिर में अपने एक हाथ से उसकी कमर को पकड़कर उसको अपनी तरफ खींचकर अपने लंड को उसकी गांड में जल्दी से जल्दी ले जाने के लिए ज़ोर-ज़ोर के झटके मारने लगा। तो वो मेरे हर झटके के साथ आआहह, ओह, हाआआआआआत की आवाजे निकालने लगी, जो मेरे जोश को और भी बढ़ाती थी। अब कुछ देर में मैंने अपने पूरे लंड को उसकी गांड में घुसा दिया था।

फिर 10 मिनट की चुदाई के बाद मेरा वीर्य उसकी गांड में ही गिर गया तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाल दिया और कुछ देर तक वैसे ही लेटे रहने के बाद उठकर बाथरूम में चला गया। फिर मैंने पेशाब करने के बाद अपने लंड को पूरी तरह से साफ किया और रूम में वापस आया। तो मैंने रूम में आने के बाद भावना को वैसे ही बेड पर पड़ा पाया तो में बोला कि जाओं बाथरूम नहीं जाना, तो  वो बिना कुछ बोले बाथरूम में चली गयी। अब मैंने अगले दौर की तैयारी करनी शुरू कर दी थी। फिर मैंने अपने लंड को तेल के डिब्बे में डाल दिया और फिर जैसे ही भावना रूम में आई तो मैंने उससे पूरे कपड़े उतारने के लिए बोला। फिर वो बोली कि अब चोदोगे भी? तो  मैंने बोला कि हाँ ये तो अभी ट्रेलर था, अभी फाइनल तो बाकी है। फिर उसने अपनी टी-शर्ट और ब्रा को खोलकर बेड के पास रख दिया। मैंने देखा कि उसकी चूत पर तो एक भी बाल नहीं थे, में इसी तरह की चूत को चोदना पसंद करता हूँ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उसके एक हाथ को पकड़कर अपने लंड को उसके हाथ में पकड़ाते हुए उसे अपने मुँह में लेने के लिए बोला, क्योंकि में अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ था। तो उसने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और अब वो झुककर मेरे लंड को अपने मुँह में लेने के बाद चूसने लगी थी। अब में कुछ देर में ही बिल्कुल हॉट हो गया था। फिर मैंने उससे लंड छोड़कर बेड पर लेटने के लिए बोला, तो उसने अपने मुँह से मेरे लंड को बाहर निकाल दिया और बेड पर सीधी लेट गयी। फिर मैंने डिब्बे से तेल निकालकर उसकी चूत पर लगा दिया, उसकी चूत की साईज़ 3 इंच होगी। फिर मैंने उसकी जाँघ पर बैठकर उससे अपनी चूत को फैलाने के लिए बोला, भावना की चूत इतनी सुंदर थी कि में अपने लंड को जो कि लगभग 8 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है, एक झटके में पूरा अंदर डाल देना चाहता था। फिर मैंने अपने लंड को जैसे ही उसकी चूत के ऊपर रखा तो उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैला दिया।

फिर मैंने अपने लंड के टॉप को एक हल्के से झटके के साथ जैसे ही उसकी चूत के अंदर किया। तो वो आआआआआअहह की आवाज़ के साथ पूरी तरह से सिहर उठी। अब उसने अपने दोनों पैरो को पूरी तरह से टाईट कर दिया था। तो मैंने उसकी दोनों तनी हुई चूचीयों को अपनी दोनों हथेलियों में लेते हुए हल्का-हल्का दबाना शुरू किया। फिर मैंने कुछ देर के बाद देखा तो अब उसके पैर धीरे-धीरे ढीले पड़ने लगे थे, तो मैंने अपनी कमर को फिर से हिलाना शुरू कर दिया। अब उसके मुँह से फिर से आआअहह, आअहह, ऊऊसस, ऊआाअ, अहह, अहह की आवाजे निकलने लगी थी। अब मैंने उसकी चूचीयों को ज़ोर- ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया था। फिर कुछ देर के बाद मैंने एक ज़ोर का झटका मारा, तो वो आआ, हाईईईईईईईईईईईईई करके चिल्ला उठी। तो मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि ऐसा लगता है मेरी  चूत फट गयी है। अब मैंने अपने लंड के तीन हिस्से में से दो हिस्से को उसकी चूत में डाल दिया था।  अब में उसके पैरो को फैलाने के लिए उठकर बैठ गया था और उसके पैरो को पकड़कर समेटते हुए पूरा फैला दिया था। अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत में अंदर तक ले जाने का पूरा फ़ैसला कर लिया था।

फिर मैंने उसकी कमर को पकड़कर एक ज़ोर का झटका मारा तो इस बार तो वो आाहह नहीं, हाईईईईई, आआ, आआआआअ करके जैसे बुरी तरह से छटपटा उठी। फिर जब मैंने उसकी चूत को देखा तो मैंने पाया कि मेरा पूरा लंड उसकी गोरी चूत के अंदर जा चुका था। फिर जब मैंने देखा कि वो ऐसे शांत नहीं होगी तो में उसके ऊपर लेट गया और उसके होंठो को अपने होंठो में लेकर दबा लिया और अपने दोनों हाथों से उसकी दोनों चूचीयों को मसलने लगा। अब मैंने ज़ोर-ज़ोर से झटके लगाना भी शुरू कर दिया था। फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी कमर के नीचे देखा तो मैंने पाया कि वो भी अब अपनी कमर को हिलाने लगी थी, शायद अब उसे भी मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उससे पूछा कि मज़ा आ रहा है, तो उसने मुस्कुराकर अपने सिर को हिलाया। फिर कुछ देर तक इसी तरह से चुदाई करने के बाद मैंने अपने वीर्य को जैसे ही उसकी चूत में गिराया और उसके होंठो को कुछ देर तक चूसता रहा।

अब में एक तरफ उसकी दोनों चूचीयों को मसल रहा था, तो दूसरी तरफ उसके होंठो को चूस रहा था।  अब वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, अब हम दोनों बुरी तरह से थक चुके थे। फिर में कुछ देर तक उसके ऊपर ही लेटा रहा और थोड़ी देर के बाद उठकर अपने लंड को बाहर निकालकर भावना के बगल में लेट गया और फिर कुछ देर के बाद हम दोनों वैसे ही सो गये। फिर सुबह जब मेरी नींद खुली तो दिन के 9 बज रहे थे, अब मुझे अपने काम पर जाना था तो में उठकर तैयार हो गया। अब भावना भी उठ गयी थी, अब वो भी बहुत खुश थी। फिर मैंने मुस्कुराते हुए पूछा कि कैसी लगी रात की घटना? तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि बहुत अच्छा लगा, तुमने तो मेरी चूत ही फाड़ डाली। फिर मैंने उसके कपड़े पहनने के बाद दरवाज़ा खोला और अपने रूम के लिए निकल गया। फिर इसके बाद मैंने 3 दिन तक उसे खूब चोदा। अब उसने मेरे लंड पर अपने दातों के निशान छोड़ दिए थे।  फिर हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला, तो हमने खूब सेक्स किया और खूब इन्जॉय किया ।।

धन्यवाद …

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