पुरानी खाती मीठी और तीखी यादें

हेल्लो फ्रेंड्स! मेरा नाम अनुज है और मैं दिखने मे काफ़ी हॅंडसम हूँ. मैं बहुत ही गुड पर्सनॅलिटी वाला लड़का हूँ. मेरी उम्र अभी काफ़ी कम है. यानी की मैं अभी 22 साल का हूँ.

और ये उम्र कुछ भी न्ही होती है. और ये तो आप बहुत ही अच्छे से जानते है. मैं बहुत ही हस्स्मुख टाइप का इंसान हूँ. मैं बहुत ही खुश हूँ की आज मैं आपको अपनी कहानी बताने जा रा हूँ. जो की आज से एक साल पुरानी है.

अब सोचा की आप सबको बता ही दू. इसलिए मैं अब अपनी कहानी ले कर आपके पास आ गया हूँ. चलो कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको थोड़ा बहुत अपने बारे मे भी बता देता हूँ.

मैं डेली ही जिम जाता हूँ और अपनी बॉडी का पूरा ध्यान रखता हूँ. मैं काफ़ी हॅंडसम भी हूँ तो मुझे पर कई लड़कियाँ भी मरती है. पर मैं उन पर ज़्यादा ध्यान न्ही देता हूँ. क्योकि मैं ज़्यादा ध्यान तो देता ही न्ही हूँ और ना ही इन मामलो मे कभी पड़ता हूँ.

चलो अब ज़्यादा और टाइम ना वेस्ट करते हुए, मैं आपको कहानी पर ले कर चलता हूँ. ये बात मेरे स्कूल टाइम की है. मैं तब 10त क्लास मे था और तब मेरी ही क्लास की एक लड़की संजलि के साथ मेरी बहुत अच्छी फ्रेंडशिप हो गई थी. वैसे तो हम सब के फ्रेंड्स होते है पर उसके साथ मेरी कुछ और ही फीलिंग्स थी.

तो बस उसके बाद मैने जब उसे अपने प्यार के बारे बताया तो उसने भी मुझे हा करदी. मैं बहुत खुश हो गया और काफ़ी ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गया. मुझे कुछ समझ न्ही आ रा था की मैं करू तो क्या करू.

अब मैं उससे मिलने भी लगा था, और हम एक साथ काफ़ी खुश भी रहा करते थे. और तो और मैं पागलो की तरह काफ़ी खुश भी रहता था. और उसे घूमने चलने को कहता था. मैं अब ऐसे ही उसे ले जाया करता था. मैं काफ़ी खुश भी था और मैं उससे सेक्स करना चाहता था. पर बोल ही नही पाता था.

अब ऐसे ही चल रा था पर तब मैने उससे सेक्स की बात कर ली थी, जिसकी वजह से वो मुझसे गुस्सा हो गई थी. और उसने मुझे सॉफ सॉफ कह दिया था की मैं अब तुम्हारे साथ तभी बोलुगी जब मैं खुद रेडी हो जाउंगी. और वो वाले दिन मैं तुम्हारे लिए बहुत बड़ी पार्टी भी रखुगी.

मैं भी तब उसके लिए काफ़ी पोज़ेसिव था, इसलिए मैने भी उसकी बात को मान लिया और फिर उसके बाद मैने उसे तब तक न्ही बुलाया जब तक वो खुद न्ही बोली.

और फिर ऐसे ही एक दिन मेरे पास उसका फोन आया, और फिर उसने मुझसे काहा की तुम कल मेरे घर पर शाम को 4 ब्जे आ जाना. मैने उसकी ये बात सुन कर पहले तो उसे मना ही कर दिया और फिर उसके बाद मैने उसके ज़्यादा कहने पर उसे हा कर दी. और तब उसने मुझसे ये भी काहा की हम दोनो ही घर पर अकेले होंगे.

तब मैं यही सोचता रहा की जो लड़की मेरे पास आना न्ही चाहती थी वो एक दम से मुझे अपने घर पर केसे बुला रही है. तभी ये बात मेरे माइंड मे ही रह गई और फिर ऐसे ही मैने भी ज़्यादा ना सोचते हुए हा कर दी.

सुबह को मैं तयार हुआ और शाम को उसके घर पहुच कर, डोर बेल बजाई तो उसने डोर ओपन किया. मैने देखा तो वो मेरे सामने खड़ी थी. कसम से आज वो काफ़ी प्यारी लग रही थी. उसने उस टाइम घर पर वेस्टर्न ड्रेस डाल रखी थी, जिसमे वो बहुत ही प्यारी लग रही थी. मैं तो उसे देखता ही रह गया.

मैं जब अंदर पहुचा तो मैने देखा की वाहा पर उसकी फ्रेंड्स भी आ रखी थी. और तब वाहा पर केक भी पड़ा हुआ था, और उस पर जो लिखा हुआ था वो पढ़ कर तो मैं शॉक हो गया.

क्योकि मैं तो भूल ही गया था, की आज के दिन ही पिछले साल मेरी उससे प्यार वाली बात हुई थी. मैं अब उसके साथ ये खुशी का खूब एंजाय्मेंट किया. और फिर ऐसे ही लगा रहा था. पर मैं ये जान न्ही पाया था, की अब वो मेरी होगी या न्ही और अगर होगी तो ये एक दम से मान जाएगी.

अब सब थोड़ी देर तक ऐसे ही चल रा था, मुझे तो कुछ भी समझ न्ही आ रा था. की आख़िर कार अब आगे क्या होने वाला है. फिर सब कुछ एंजाय्मेंट के बाद उसकी फ्रेंड उसकी बुआ के घर चली गई. उसकी बुआ का घर कुछ ही दूरी पर ही था, तो वो वही पर चली गई. और उसके बाद हम दोनो घर पर अकेले रह गये.

मैने उससे काहा की तुम तो मुझसे बात भी न्ही करना चाहती हो और फिर भी ये सब आज क्यो? तब उसने मुझे समझाने की कोशिश भी करी पर मैं ही न्ही समझ पाया.

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