भाभी जान खल्लास हो गयी

प्रेषक : मनु …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मनु है। में दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 29 साल है, मैंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की डिग्री ली हुई है और एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता हूँ, फेयर कलर, गुड लुकिंग। अब में आपका समय ज्यादा ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। यह स्टोरी मेरे और मेरी एक भाभी के बीच की है, उनका नाम भावना है, उनकी उम्र 32 साल है, फेयर कलर, हाईट 5 फुट 3 इंच, उनका फिगर साईज 34-25-36 है, अगर एक तरफ उनकी चूचीयाँ कयामत थी, तो दूसरी तरफ उनकी गांड किसी को भी ललचाने पर मजबूर कर सकती थी। फिर भला में क्या चीज था? जो उनके जादू से बच पाता। अब में बस किसी मौके की तलाश में था, बस फिर जैसे ही मुझे मौक़ा मिला तो मैंने ना सिर्फ़ भाभी को चोद दिया, बल्कि चुदाई का एक ना ख़त्म होने वाला सिलसिला शुरू कर दिया। अब में भाभी को कई बार कपड़े बदलते हुए या नहाते हुए देख चुका था, मगर भाभी की तरफ पहल करते हुए मेरी जान जाती थी, मगर फिर भाभी को रिझाने के लिए एक तरकीब मेरी समझ में आई।

भैया अक्सर घर पर नहीं होते थे, वो एक मल्टीनेशनल कंपनी में है और अक्सर टूर पर बाहर जाते रहते है। अब जब भैया घर नहीं होते थे तो में अक्सर अपने कमरे में सेक्सी सी.डी के कवर्स या सेक्सी मैग्जीन टेबल पर रख देता था। फिर जब भाभी मुझे जगाने के लिए आती तो उन्हें वो मैग्जीन नजर आती थी। फिर एक दिन जब मेरी आँख खुली तो मैंने भाभी को एक सेक्सी मैग्जीन देखते हुए देखा। फिर भाभी ने मुझे देखा तो वो बोली कि कुछ नहीं और मुस्कुराती हुई चली गयी। फिर उसके बाद भाभी मुझसे करीब से करीब होती गयी। अब वो जब भी मेरे रूम में आती तो अक्सर उनका दुप्पटा उनके सीने पर नहीं होता था। कभी कभी उनकी कमीज का गला काफ़ी खुला होता था और वो मेरे सामने काफ़ी झुक जाती थी, जिससे मुझे उनके बूब्स साफ-साफ दिखाई देते थे। वो कभी-कभी कोशिश करती थी कि मेरे ज़्यादा करीब बैठे और अपना जिस्म मेरी बॉडी से टच करने की कोशिश करती थी। कभी-कभी पीछे से मेरे इतनी क़रीब आ जाती थी कि उनके बूब्स मेरी पीठ पर लगते थे। में भाभी की भावना को समझता था, लेकिन में अभी कोई स्टेप लेना नहीं चाहता था, में चाहता था कि भाभी खुद कोई कदम उठाए। आख़िरकार फिर वो दिन आ ही गया, भैया अपने टूर पर गये थे। अब में सुबह उठकर नहाने की तैयारी कर रहा था। अब मैंने अपने कपड़े उतारकर एक टावल लपेट रखा था, जिससे मेरा लंड बाहर निकल रहा था। तभी भाभी किसी काम से मेरे रूम में आई तो पहले मेरे लंड ने उन्हें सलामी दी, तो मैंने घबराकर अपने लंड को टावल में छुपाने की कोशिश की।

तब ही भाभी ने किसी बहाने से अपने हाथ में पकड़े हुए कपड़े गिरा दिए और उन्हें उठाने के लिए झुकी तो वो ना सिर्फ़ अपनी गांड मेरे लंड से रगड़ती हुई ले गयी, बल्कि अपनी गांड से मेरे लंड को थोड़ा सा प्रेस भी कर दिया। अब मेरे तो तन बदन में एक करंट सा दौड़ गया था। फिर मैंने मौक़ा मुनासिब समझते हुए भाभी को पीछे से पकड़ लिया और उन्हें किस करने लगा था। फिर मैंने बोला कि हम तो कब से इसी इंतज़ार में थे कि कब मौक़ा मिले और भाभी की चुदाई करे? तो पहले तो भाभी ने कुछ नहीं कहा और फिर अपने आपको छुड़ाते हुए कहा कि क्यों इतने बेताब हो रहे हो? थोड़ा इंतज़ार करो, में अभी आती हूँ। फिर जो जी चाहे कर लेना और सेक्सी स्माइल देती रूम से चली गयी। मगर अब मुझसे कहाँ इंतज़ार होता? तो में भाभी के पीछे पीछे उनके रूम में आ गया और उनको पीछे से पकड़ लिया। तब भाभी मुस्कुराते हुए बोली कि अब तो बड़ा जोश दिखा रहे हो। इससे पहले तो बुद्धू बने हुए थे, आख़िर मुझे ही कुछ करना पड़ा।

अब में भाभी के बूब्स को उनकी कमीज के ऊपर से ही सहला रहा था। फिर जब मैंने उनकी कमीज उतारनी चाही तो उन्होंने मुझे रोक दिया और कहा कि थोड़ा सब्र करो अपने रूम में जाओ और नहा धोकर फ्रेश हो जाओ, में भी 1 घंटे में आती हूँ। फिर में लाचर अपने रूम में आ गया और सोचने लगा कि क्या आज वाकई में वो खुशक़िस्मत दिन है? जिसका में इंतज़ार कर रहा था। फिर 1 घंटे के बाद भाभी मेरे रूम में आई तो में उन्हें देखकर हैरान रह गया, उन्होंने कॉटन का वाईट सूट पहना हुआ था और हल्का-हल्का मेकअप किया हुआ था। अब मदहोश कर देने वाले पर्फ्यूम से उनका जिस्म महक रहा था, भाभी बड़ी सेक्सी लग रही थी। फिर वो मेरे करीब आई और मेरे गले में अपनी बाहें डालकर मुझे अपनी तरफ खींचा। अब में उनके बूब्स अपनी छाती पर महसूस कर रहा था।

फिर उन्होंने मेरे लिप्स पर किस किया तो मेरे पूरे जिस्म में एक करंट सा दौड़ गया। फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी गांड पर फैरना शुरू किया और करीब 10 मिनट तक हमारी किसिंग जारी रही। अब मेरा लंड अब मेरे बस में नहीं था। फिर मैंने भाभी की कमीज उतारनी चाही। तब उन्होंने कहा कि इतनी क्या जल्दी है? थोड़ा सब्र करो, फिर तुम वो सब कुछ देख सकोगे जिसकी चाहत में तुम कितनी ही बार मास्टरबेट कर चुके हो? में सब जानती हूँ कि तुम मुझे देख-देखकर मास्टरबेट करते रहे हो। फिर उन्होंने अपनी कमीज बड़े ही सेक्सी और स्टाइलिश तरीके में उतारी, उनके रस भरे बूब्स काली ब्रा में क़ैद थे। अब में यह देखकर हैरान रह गया कि उनकी सलवार में नाड़े की जगह इलास्टिक थी। फिर उन्होंने अपनी सलवार पीछे से थोड़ी सी सरकाई और बेड पर लेट गयी और अपनी दोनों टाँगें उठाकर सेक्सी तरीके में अपनी सलवार भी उतार दी और फिर उठकर थिरकते हुए अपनी ब्रा भी उतार दी। अब भाभी मेरे सामने बड़े सेक्सी पोज में बिल्कुल नंगी खड़ी थी। अब वो हमेशा से ज़्यादा सेक्सी और खूबसूरत लग रही थी, हालाँकि मैंने कई बार उन्हें नंगा देखा था।

फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि में कैसी लग रही हूँ? मेरे बूब्स कैसे है? मेरी गांड कैसी लग रही है? मैंने कई बार तुम्हें अपने बूब्स और गांड को घूरते हुए देखा है, में तो बहुत पहले ही समझ गयी थी कि तुम्हारी नियत मेरे बारे में ठीक नहीं है। अब जिस वक़्त वो यह बातें कर रही थी तो वो लगातार अपने बूब्स सहला रही थी, हालाँकि मैंने कई सेक्सी मूवी देखी थी और कई लेडीस को चोद चुका था, लेकिन भाभी को इस तरह देखना मेरे लिए एक नया अनुभव था। भाभी के बूब्स काफ़ी बड़े-बड़े और गोल- गोल थे। फिर भाभी मेरे करीब आई और मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरी जीन्स के ऊपर से ही मेरे लंड पर अपना एक हाथ फैरने लगी थी। फिर उन्होंने मेरी जीन्स भी उतार दी और अपने नर्म मुलायम हाथों में मेरा सख़्त लंड थाम लिया। फिर मैंने उन्हें अपनी बाँहों में भर लिया और उनके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उनके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में उनका एक बूब्स चूस रहा था तो दूसरे बूब्स को अपने हाथों से सहला रहा था। अब भाभी मेरे बालों में अपने हाथ फैर रही थी। अब उनके मुँह से आह, ऊऊहह जैसी सेक्सी आवाजें निकल रही थी। फिर मैंने भाभी के बूब्स को दबाते हुए कहा कि भाभी आपके बूब्स तो बड़े ही शानदार और रसीले है, आपकी निपल्स तो बड़ी ही सख़्त, मजेदार और मीठी है। तब भाभी ने मुझे सेक्सी स्टाइल से देखा और अपनी आँखें बंद कर ली। अब भाभी उस वक़्त फुल हॉट और सेक्सी हो रही थी। अब में अपनी जीभ भाभी के बूब्स पर से हटाकर उनके नर्म और गुदाज पेट पर फैरने लगा था और अब धीरे-धीरे भाभी की जांघे मेरी पहुँच में थी। फिर मैंने उनकी दोनों टांगे फैलाकर उनकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी, उनकी चूत गीली हो रही थी। फिर उन्होंने मुझसे अपनी चूत चाटने के लिए कहा और बोली कि आज तक किसी ने मेरी चूत नहीं चाटी है, तुम्हारे भैया अपना लंड तो चुसवा लेते है, लेकिन उन्होंने आज तक मेरी चूत नहीं चाटी है, तो प्लीज मेरी चूत चाटो ना। तब मैंने कहा कि क्यों नहीं मेरी प्यारी भाभी? आज में आपकी ऐसी चूत चाटूंगा कि आप सारी ज़िंदगी याद रखोगी।

फिर में उनकी गुलाबी चूत के होंठ खोलकर उन पर अपनी जीभ फैरने लगा। अब मेरी खुरदरी जीभ जब उनके क्लिट से टकराती तो उनके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगती थी। अब में उनकी चूत में अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा था। अब भाभी की चूत में से नमकीन शहद टपकने लगा था। मैंने उनका सारा नमकीन शहद पी लिया और अपनी जीभ से भाभी को चोदता रहा। अब भाभी मदहोशी में अपना सिर तकिए पर इधर उधर पटक रही थी और प्लीज, उउउफफफफ्फ और करो तेज़ी से, प्लीज, एयाए, उउउफफफफ्फ, हाईई जान यह तुमने कैसा जादू कर दिया है? मेरी चूत में आग सी लग गयी है, आहह, हाईईईईई, में मर गयी माँ, मेरी जान, आहह, प्लीज जल्दी करो, तेज-तेज और फिर आख़िर में भाभी बिल्कुल खल्लास हो गयी और उनकी चूत ने बहुत सारा नमकीन रस छोड़ दिया, जो मैंने सारा पी लिया था।

फिर जब भाभी कुछ होश में आईं तो वो उठी और मुझे गले से लगाया और किस करके कहने लगी कि तुमने तो अपना काम कर दिया, अब देखो में क्या करती हूँ? फिर भाभी ने मेरे लंड की टोपी पर अपनी जीभ फैरनी शुरू की और फिर धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसको लॉलीपोप की तरह चूसने लगी थी। अब भाभी बहुत अच्छे से मेरा लंड चूस रही थी। अब में तो उस वक़्त मज़े और इन्जॉयमेंट की ऊँचाइयों पर था। फिर भाभी ने पहले आहिस्ता और फिर तेज़ी से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और फिर आख़िर में जब में झड़ने पर आया तो मैंने अपना लंड उनके मुँह से बाहर निकालना चाहा तो उन्होंने इशारे से कहा कि मेरे मुँह में ही निकालो। फिर तब मैंने अपना पूरा वीर्य उनके हलक में डाल दिया और वो भी एक बूँद बेकार किए बगैर मेरा सारा वीर्य पी गयी थी और फिर से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया था तो थोड़ी देर में ही मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया।

फिर भाभी ने कहा कि चलो असली मज़ा तो अब होगा और फिर वो बेड पर लेट गयी और अपनी दोनों टांगे ऊपर उठा दी, जिससे उनकी चूत ऊपर की तरफ उठ आई थी। फिर में उनके ऊपर लेट गया और फिर भाभी ने मेरा लंड अपनी चूत पर रखा तो मैंने एक स्लो पुश के साथ अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया, क्योंकि उनकी चूत पहले से ही गीली हो रही थी, इसलिए मेरा पूरा लंड बड़ी आसानी से उनकी चूत में चला गया था। फिर पहले तो में भाभी को आहिस्ता-आहिस्ता चोदता रहा और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और भाभी को सख्ती से चोदने लगा था। अब भाभी भी चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी और उउउफफफ्फ, हाईईईईई और तेज, जल्दी, प्लीज, तेज, उफफफ्फ, ऊऊहह की आवाजें निकाल रही थी। अब उनके बूब्स मेरे हर झटके के साथ हिल रहे थे, जो एक हसीन और दिलकश नज़ारा था। फिर थोड़ी देर तक इसी पोज़िशन में चोदने के बाद मैंने भाभी को घोड़ी (डॉगी स्टाइल) बनाया, तो उनकी खूबसूरत और चौड़ी गांड ऊपर की तरफ उठ आई और उनके बूब्स किसी आम की तरह लटकने लगे थे। तब मैंने भाभी की गांड पर अपना एक हाथ फैरते हुए अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और उनके बूब्स पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से झटके लगाने लगा था।

अब में भाभी को जी जान से चोद रहा था और अब भाभी भी चुदाई में मेरा भरपूर साथ दे रही थी। फिर काफ़ी देर तक चुदने के बाद भाभी ठंडी पड़ गयी। अब में भी अपनी चरम सीमा पर था तो तभी मैंने भाभी से कहा कि में झड़ने वाला हूँ। तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं, तुम मेरे अंदर ही निकालो। तो तभी मेरे लंड से वीर्य का फव्वारा निकला और भाभी की चूत मेरे वीर्य से भर गयी थी। अब में भी थककर भाभी के ऊपर ही लेट गया था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड भाभी की चूत में से बाहर निकाला जो मेरे वीर्य और भाभी के जूस से भरा हुआ था। तभी भाभी ने फिर से मेरे लंड को चाटना शुरू कर दिया और उसे बिल्कुल साफ कर दिया था। फिर हम दोनों बाथरूम में गये और बाथ लिया और फिर मैंने भाभी को बाथरूम में भी चोदा। फिर हमने बाहर आकर अपने-अपने कपड़े पहन लिए।

फिर मैंने भाभी से पूछा कि तुम्हें और किस-किसने चोदा है? तो तब भाभी ने बताया कि वो अपनी शादी के वक़्त तक वर्जिन थी और भैया के बाद मैंने ही उन्हें चोदा है। अब तो मेरा और भाभी की चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया था। अब हमें जब भी कोई मौक़ा मिलता तो हम चुदाई करते है। फिर मैंने भाभी को घर में हर जगह और हर पोज़िशन में चोदा है एक बार तो खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगते हुए भी हमने चुदाई की थी। अब भाभी भी मेरी चुदाई से बहुत खुश है और कहती है कि तुम बड़ी अच्छी चुदाई करते हो, तुमने मुझे चुदाई का सही लुत्फ दिया है ।।

धन्यवाद …

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