मौसी को लंड पर बैठाकर झूला झुलाया

प्रेषक : राजेश …

हैल्लो दोस्तों, ये बात उन दिनों की है जब मेरी मौसी सहारनपुर से आई थी, जो मेरी मम्मी से छोटी थी यानि कि उनकी उम्र 35 साल के करीब थी और उनके 3 बच्चे थे, उनके बच्चे भी उनके साथ आए थे, उनकी शादी 16 साल पहले हुई थी और उनके पति सरकारी जॉब करते थे और सपना मौसी अपनी फिगर का बहुत ख्याल रखती थी, एक तो उनका रंग गोरा था और गाल भी हमेशा गुलाबी रहते थे, उनकी चूची बहुत ज़्यादा बड़ी नहीं थी, लेकिन हाँ उनकी गांड बहुत जबरदस्त थी, जब वो चलती थी तो तब मेरा ध्यान अक्सर ही उनकी गांड पर अटक जाता था और वो साड़ी ही पहना करती थी, वो कसम से साड़ी में बिल्कुल कयामत लगती थी। उनका साड़ी बाँधने का स्टाइल भी नया था, वो नाभि के काफ़ी नीचे साड़ी बाँधती थी और वो हमेशा हाफ स्लीवलेस का डीपकट ब्लाउज पहना करती थी, जिससे कि जब भी वो झुकती थी तो उनके बूब्स का नज़ारा में बहुत आराम से ले लिया करता था।

अब में अपनी मम्मी और बुआ यहाँ तक कि कई बार बहन की चुदाई करने के बाद में बहुत ही चुदक्कड़ हो चुका था। मैंने एक रात मम्मी को चोदते हुए जब मौसी की तारीफ की तो तब मम्मी ने कहा कि साले मादरचोद मुझे पहले ही पता चल गया था कि तू मेरी बहन को बिना चोदे नहीं छोड़ेगा, क्योंकि में तुझे उसके बूब्स में झांकते हुए कई बार देख चुकी हूँ और तू जब भी उसके चूतड़ की तरफ देखता था, तो तब में समझ जाती थी कि तू साला बहनचोद अब अपनी मौसी की गांड भी मारेगा और वो छिनाल भी ब्लाउज भी ऐसा ही पहना करती है की उसकी सारी चूची बाहर लटकती रहती है, वो रंडी ऊपर का हुक भी नहीं लगाती है, कई बार तो तेरे पिता जी ने भी मुझसे उसको सही से कपड़े पहने की कह दी है।

वो बोले थे कि समझा लो मेरी साली को वरना बाद में ना कहना कि मैंने चूची दबा दी और में हंसकर टाल जाती थी। अब आज तू भी अपनी मौसी को चोदने को कह रहा है, तू भी साला बहुत हरामी हो गया है। आप सब तो जानते ही होंगे कि मम्मी को चुदवाते वक़्त गालियों से बात करना बहुत अच्छा लगता है, तब ही तो में इतनी देर से मम्मी की बक बक सुने जा रहा था। फिर में उनके बड़े-बड़े बलदार जैसे बूब्स को दबाते हुए बोला कि तो साली इसमें हर्ज़ ही क्या है? अगर अपनी बहन को मेरा लंड खिला देगी तो उसको तो मज़ा ही आ जाएगा, जब तुझे ही मज़ा आता है, वो तो तुझसे छोटी ही है और मौसा जी भी ज्यादा बाहर ही रहते है, उसकी चूत भी प्यासी ही रहती होगी, कसम से जब मेरा लंड उसकी टाईट चूत में जाएगा तो तब बहुत मज़ा आएगा, मम्मी प्लीज एक बार चुदवा दो ना। फिर तब मम्मी ने कहा कि अच्छा-अच्छा अब अभी तो मेरी चुदाई कर तुझको बाद में बताती हूँ और फिर उसके बाद मैंने मम्मी की चूत को चाटकर उनकी चूत में बहुत ही जोरदार ढंग से अपना पूरा 9 इंच का लंड घुसेड़ कर बहुत बेरहमी से पेला था।

आज मैंने थोड़ी देर के बाद ही मम्मी की चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया था और फिर मैंने एक बार पलटकर उनकी गांड भी मारी थी, जिससे मेरी मम्मी बहुत ही थक गयी थी और फिर हम दोनों सो गये थे। फिर दूसरे दिन जब में नहा रहा था, तो तब मैंने मम्मी की आवाज़ सुनी, वो सपना मौसी से कह रही थी कि सपना तुम कुछ उदास सी लग रही हो, क्या बात है? तो मौसी ने कहा कि कुछ नहीं दीदी बस थोड़ा थक गयी हूँ इसलिए, लेकिन मम्मी ने कहा कि नहीं कुछ तो बात है, प्लीज मुझे बताओ में तुम्हारी मदद करूँगी। तब तक में भी बाथरूम से बाहर निकल आया था। अब मौसी कुछ कहने ही जा रही थी, लेकिन मुझे देखकर फिर से चुप हो गयी। फिर तब में अपने रूम में चला गया और दरवाजा बंद करके कान इधर ही लगा दिए। फिर मौसी ने झिझकते हुए बोलना शुरू किया, क्या बताऊँ दीदी आजकल मेरी लाईफ में उनको लेकर बहुत प्रोब्लम है? तो तब मम्मी ने कहा कि खुलकर बताओ क्या बात है?

फिर तब मौसी ने कहा कि दीदी आजकल रिंकू के पापा मुझ पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे है, जबकि शादी के बाद से अभी 4 साल पहले तक तो वो मेरे साथ लगभग रोज ही सोते थे। तो तब मम्मी ने कहा कि अच्छा और खाली सोने से ही 3 बच्चे पैदा हो गये? तो मम्मी की बात सुनकर मौसी को हंसी आ गयी और मुझे भी अपनी छिनाल मम्मी की बात पर बहुत हंसी आई। फिर मम्मी ने कहा कि में तेरी परेशानी समझ गयी हूँ, तू यही कहना चाहती है कि अब आनंद तेरी ठीक तरह से चुदाई नहीं करता है, लेकिन इसमें परेशान होने की कोई बात नहीं है, वो भी तो तुम सबके लिए ही कमा रहा है ना, अब सारा वक़्त तेरी चूत के चक्कर में खराब तो नहीं कर सकता ना। तो मौसी ने कहा कि लेकिन दीदी अब तो हफ्तें हो जाते है उन्हें संभोग करे। तो तब मम्मी ने कहा कि संभोग ये क्या है? ये किस चीज का नाम है?

अरे मेरी नादान बन्नो इसे चुदाई कहते है और अब 3 बच्चे बाहर आने के बाद भी तू तो ऐसे शरमाती है जैसे कुँवारी कली हो, चल कोई बात नहीं आज में तेरी प्यास बुझवा दूँगी। तो तब मौसी ने कहा कि पता है, तुम क्या बताओंगी दीदी? यही ना की में अपनी चूत में मोमबत्ती करूँ, या कोई बैगन। तो तब मम्मी ने कहा कि पहले तो तू अपनी जुबान सही कर ऐसे-ऐसे शब्द बोलती है जो समझ में ही नहीं आते है  और में तेरी चूत में मोमबत्ती नहीं डालूंगी बल्कि आज तुझे पूरा 9 इंच का मोटा ताज़ा लंड खिलवाऊँगी।  अब मम्मी की बात सुनकर में बहुत खुश हो गया था और अब में आज रात मौसी की चूत मारने के बारे में सोचने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद ही मैंने सुना की मम्मी कह रही थी कि देख सपना में तुझे चुदवा तो दूँगी, लेकिन मेरी एक शर्त है। तो मौसी बोली कि क्या दीदी? तो मम्मी बोली कि तुझे चूत और लंड की बातें खुलकर करनी होंगी किसी बाज़ारू रंडी की तरह। तो तब मौसी ने कहा कि ठीक है, लेकिन आप मुझे चुदवाओगी किससे? तो तब मम्मी ने कहा कि वो रात को ही पता लग जाएगा।

फिर जैसे तैसे दिन काटने के बाद रात आई और सबके सोने के बाद मम्मी मेरे रूम में आई और मेरे होंठो पर किस करते हुए बोली कि चल मेरे चोदूं राजा आज अपनी मौसी की चूत का टेस्ट भी कर ले, ऐसी मम्मी कभी नहीं देखी होगी की खुद भी चुदवाए और अपनी बहन को भी चुदवाए। तब मैंने कहा कि मम्मी मौसी को बता दिया क्या उसकी चूत कौन मारेगा? तो मम्मी बोली कि बेटा अभी नहीं बताया है, अब तू जब चलेगा तब वो खुद ही देख लेगी। तो तब मैंने कहा कि उसको बुरा तो नहीं लगेगा ना? तो तब मम्मी बोली कि अरे बुरा कैसे मानेगी? साली की चूत में खुद ही चुदाई के कीड़े काट रहे है और जब कोई औरत एक बार चुदवाने की सोचती है तो तब फिर वो किसी से भी चुदवा लेती है और फिर में मम्मी के साथ उनके रूम में चला आया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर तब मौसी मम्मी के बेड पर बैठी थी और मुझे देखकर संभलकर बैठ गयी। फिर तब मम्मी ने कहा कि सपना देख लो अपने चोदूं को, आज यही तुम्हारी चूत मारेगा। अब उनकी बात सुनकर मौसी का चेहरा लाल हो गया था और वो झिझकते हुए बोली कि हाए दीदी आप कैसी बात कर रही है? भला में अपने भांजे से कैसे संभोग कर सकती हूँ? तो तब मेरी मम्मी ने कहा कि तू फिर मेरी शर्त भूल रही है, अरे जब में अपने सगे बेटे से चुदवा सकती हूँ और इसको अपने सामने ही अपनी बेटी की चूत भी मरवाने का मज़ा दिलवा चुकी हूँ, तो अब तुझे क्या मुश्किल है? तो मौसी बोली कि हाए दीदी आप कितनी बेशर्म हो? भला अपने लड़के से भी कोई मम्मी चुदवाती है। फिर मम्मी बोली कि तू बोल तुझे चुदवाना है या में अपनी चूत की खुजली तेरे सामने चुदवाकर मिटाऊँ, साली नाटक करती है, अरे घर की बात घर में ही रहेगी ससुराल जाकर पता नहीं मौहल्ले के किस लड़के से चुदवाने लगी तो एड्स का ख़तरा भी है, में कह रही हूँ कि राज से ही चुदवा ले घर की बात घर में ही रहेगी और इसका लंड भी बहुत सुंदर है।

फिर तब मौसी ने कहा कि दीदी मुझे तो शर्म आती है। फिर तब मम्मी ने मौसी की साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत के पास चिमटी काटते हुए कहा कि रानी एक बार लंड ले लेगी तो सुसराल जाना भूल जाएगी, चल अब जल्दी से साड़ी खोल डाल और ये कहकर मम्मी मौसी की साड़ी खींचने लगी। अब थोड़ी देर के बाद ही मौसी सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गयी थी और अब मुझसे बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो रहा था। फिर मैंने मम्मी की चूची दबाते हुए कहा कि मम्मी पहले एक बार आप चुदवा लो, फिर मौसी को देख लेंगे। फिर मम्मी ने कहा कि साले अब तू पहले अपनी मौसी को ही चोदना, मेरी नाक में दम कर दिया कि मौसी को चोदना है, अब जब उसको राज़ी कर लिया तो कह रहा है कि पहले मुझे चोदेगा, चल अपनी मौसी को अपना लंड दिखा और मम्मी ने झट से मेरी लुंगी खोल दी। में नीचे कुछ भी नहीं पहने था और मौसी को ब्लाउज और पेटीकोट में देखकर वैसे ही मेरा लंड फनफनाने लगा था।

फिर तब मम्मी ने मेरा लंड खींचते हुए मौसी की तरफ बढ़ाते हुए कहा कि लो जरा हाथ में लेकर देखो साले का कितना गर्म रहता है? और जैसे ही मौसी ने अपना नाज़ुक हाथ डरते हुए मेरे लंड पर लगाया, तो उन्हें एक झटका सा लगा और मौसी ने तुरंत अपना हाथ हटा लिया। फिर तब मम्मी ने कहा कि पकड़ साली और जल्दी से इसे चूस और मम्मी ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अब में तो पहले ही नंगा था। फिर मैंने मौसी का ब्लाउज भी खोल दिया और मौसी मेरा लंड छोड़कर अपनी चूची छुपाने लगी और अपने दोनों हाथ अपनी चूची पर रखकर बैठ गयी। फिर तब मम्मी पीछे की तरफ आई और मौसी के कान पर एक चुंबन लेते हुए बोली कि मेरी जान अब तो शर्माना छोड़ दो, अब तो तुमने इसका लंड भी देख लिया है और यक़ीनन अब तुम्हारी चूत भी पनिया गयी होगी और फिर मम्मी ने मौसी के दोनों हाथ हटा दिए।

फिर में झट से मौसी की चूची को दबाने लगा, वाऊ उनकी चूचीयाँ बहुत मज़ेदार थी, जहाँ मम्मी की चूचीयाँ लटक चुकी थी वही अभी मौसी की चूचीयों में टाईटनेस बाकी थी और उनके निप्पल में गजब का शेप था, जिसे में अपनी चुटकियों से रगड़ रहा था। अब मम्मी पीछे से मौसी की पीठ पर अपनी चूची रगड़ रही थी। अब मौसी ऊऊऊऊओफफ्फ, आआआअहह की सिसकारी निकाल रही थी। तो तब मैंने अपना एक हाथ सीधे उनके पेटीकोट के अंदर डाल दिया। फिर वो चीख पड़ी और मेरा हाथ हटाने लगी, लेकिन अब में कहाँ मानने वाला था? तो मैंने जल्दी से उनके पेटीकोट का नाड़ा ढीला किया और उनका पेटीकोट भी उनकी टाँगों से खींचकर निकाल दिया। अब मौसी बिल्कुल नंगी थी, अब उन्होंने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को छुपा लिया था। तो तब ही मम्मी ने पीछे से मौसी के दोनों हाथ पकड़ लिए और मुझसे बोली कि राज चल अब अपनी मौसी को चूत चाटने का मज़ा दे। फिर इतना सुनकर में मौसी की बिना बाल वाली फूली हुई गुलाबी चूत को देखने लगा, जिसकी फाँकें बहुत सुंदर लग रही थी।

अब में अपना एक हाथ मौसी की चूत पर फैरने लगा था। अब मेरा हाथ अपनी चूत पर पाकर मौसी चीख पड़ी और उनके मुँह से हाईईईईईईईईई इसस्स्स्स्सस्स की सिसकारी निकलने लगी थी। तो तब ही में उनकी फांकों को अपने हाथ से फैलाकर उसकी चूत का करीब से नज़ारा देखने लगा। उनकी चूत के अंदर का गुलाबी भाग बहुत ही खूबसूरत लग रहा था और उसमें से भीनी-भीनी खुशबू निकल रही थी। फिर मैंने जैसे ही अपनी जुबान निकालकर उसकी चूत पर रखी तो मौसी उछल पड़ी और हाईईईईईईईईईईई, इसस्स्स्स्ससस्स, हाईईईईई राज, उूउउफ्फ क्या करते हो? दीदी बहुत गुदगुदी हो रही है। फिर तब ही मौसी ने अपने दोनों हाथों से मेरा सिर पकड़ लिया और अपनी चूत पर मेरा मुँह दबाने लगी। फिर कुछ देर तक चाटने के बाद मैंने उसकी चूत में अपनी जुबान घुसा दी, तो जैसे ही मेरी जुबान उसकी चूत में घुसी तो वो उछल पड़ी हाए राम दीदी ये राज कितना गंदा है? उूउउफफफफ्फ़ बहुत गुदगुदी हो रही है। फिर मम्मी बोली कि अभी तो ये सिर्फ़ तेरी चूत को चूस और चाट ही रहा है, जब अपने खड़े लंड के झूले पर बैठाकर तुझे झूला झुलाएगा तब तू देखना इसके लंड में कितना दम है और ये कहकर मम्मी ज़ोर- ज़ोर से मौसी के बूब्स मसलने लगी और उसके  निप्पल को भी दबा रही थी और कभी-कभी अपने होंठो से मौसी के निप्पल दबा भी देती थी।

अब तो मौसी को डबल मज़ा आ रहा था, अब एक तरफ में अपनी जुबान उनकी चूत में डाले था और मम्मी उसकी चूची को दबा रही थी। अब तो मौसी के बदन में भी आग भड़क चुकी थी। अब वो सारी शर्म भूल चुकी थी और बेशर्म होते हुए कह रही थी आओं मेरे चोदू राजा चूसकर पी जाओ मेरे माल को, आआआआअहह, आआआआआईईईई, इसस्स्स्स्सस्सस्स, इस तरह का मज़ा तो तेरे मौसा जी ने भी कभी नहीं दिया है, आआआआआआआआहह और अपनी चूत को उचकाने लगी थी। अब में भी उनकी चूत की फांको को फैलाकर उनकी दोनों टांगे अपने कंधे में फंसाकर बहुत ही जोरदार तरीके से उसकी चुसाई कर रहा था और मेरी मम्मी से बोल रहा था कि आआआआआअहह मेरी छिनाल मम्मी आज तो तेरी बहन की चूत चाटने में बहुत मज़ा आ रहा है। तो मम्मी बोली कि मादरचोद अब जल्दी से इसकी चूत का पानी निकाल, इतनी देर से घुसा पड़ा है अभी तक एक पानी नहीं निकाल पाया।

फिर तब मैंने कहा कि मम्मी अब इसकी चूत अभी इतनी चुदी ही नहीं है और आज पहली बार ही तो बेचारी की चूत चुसाई हो रही है, भला इतनी जल्दी पानी कैसे छोड़ेगी? अब तेरी बात अलग है तेरी तो चूत का भोसड़ा बन चुका है। तब मम्मी गर्म हो गयी और मेरे सिर पर एक थप्पड़ मारते हुए बोली कि अब तू मारना मेरी चूत, गांड इतनी ज़ोर से लात मारूँगी कि अपनी मौसी की चूत में ही घुस जाएगा।  तो तब ही मौसी बोली कि साले बातें ही चोदोगे या अब मेरा पानी भी झड़ाओगे, में झड़ने वाली हूँ जल्दी- जल्दी अपनी जुबान चलाओ, मेरी चूत में ज़ोर-ज़ोर से धक्का मारो और फिर वो अपनी चूत को उचकाने लगी।

अब उनके मुँह से ऊऊऊऊफफफफफफफ्फ, उूउउइईईईईई, प्लीज जल्दी करो, ऊऊ राजा, आआअहह और तभी मेरी मौसी झड़ गयी और उनका ढेर सारा रस में बहुत ही चाव से पी गया और झड़ने के बाद मौसी एक तरफ बेड पर गिर गयी। फिर उसके बाद मैंने अपनी मम्मी की गांड मारी और मौसी को तो उस रात 4 बार चोदा ।।

धन्यवाद …

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