सरिता मेम की दिन रात मस्त चुदाई

प्रेषक : आदित्य …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आदित्य है और में भी आप सभी की तरह कामुकता डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ। दोस्तों में आज बहुत सारी सेक्सी कहानियों को पढ़ने के बाद अपनी कहानी भी एक सच्ची घटना को लिखकर आप सभी की सेवा में भेजने जा रहा हूँ, जो कि मेरे जीवन में घटित हुई एक सच्ची कहानी मेरा अनुभव है। दोस्तों यह कहानी आज से तीन साल पहले शुरू हुई, जब में अपने किसी काम की वजह से अपने ही शहर के बाजार से अपने लिए कपड़े खरीदने एक दुकान पर गया हुआ था। दोस्तों मैंने देखा कि उस दुकान पर एक 35 साल की महिला बैठी हुई थी और उसको देखकर मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैंने उसको पहले भी कहीं देखा था। अब में उसको बहुत ध्यान से देखते हुए सोचने लगा था और कुछ विचारों में डूबा हुआ था। फिर जैसे ही उस औरत की नजर मेरे ऊपर पड़ी, तब मैंने उसी समय अपनी नजर को घुमा लिया और फिर ऐसा चार-पांच बार हुआ। फिर जब में कुछ देर बाद उस दुकान से वापस आने लगा तभी उस महिला ने मुझसे पूछा कि मैंने आपको पहले कहीं देखा है? फिर उसी समय में भी बोल पड़ा कि हाँ मैंने भी आपको पहले कहीं देखा है में इतनी देर से वहीं बात सोच रहा था। अब उस महिला ने मुझसे मेरा नाम पूछा, तब मैंने कहा कि मेरा नाम आदित्य है और तभी वो महिला मुस्कुराते हुए बोली।

महिला : आदित्य, तू इतना बड़ा हो गया।

में : माफ करना मेडम, लेकिन मैंने आपको अभी तक नहीं पहचाना।

महिला : हाँ तू मुझे पहचानेगा भी कैसे? आज पूरे सात साल के बाद जो मुझे तू देख रहा है।

में : आप हो कौन यह तो मुझे भी बताओ?

महिला : मेरा नाम सरिता है, में तुझे सात साल पहले 9वीं की कोचिंग पढ़ाती थी।

अब मुझे तुरंत याद आ गया और मैंने उनको कहा कि मेडम आप इतने सालों के बाद आज मुझे यहाँ दिखाई दी है, आप आज तक कहाँ थी? तब मेडम कहने लगी कि में तुझे सब कुछ बताउंगी, पहले मुझे मेरे घर तक छोड़ो। फिर मैंने अपनी मोटरसाईकिल पर मेडम को बैठाया और उनसे पूछा कि आपके घर में तो सात साल से में ताला लगा देख रहूँ, आप कहाँ रह रही हो। अब मेडम बोली कि में कल ही अपने मयके कानपुर से सात साल के बाद आई हूँ, सात साल पहले मेरे पति की मौत के बाद से में अपने मयके में ही थी। अब इधर-उधर की बातें करते हुए मेडम का घर भी आ ही गया और मेडम मुझसे बोली कि मोटरसाईकिल खड़ी कर दो चाय पीकर जाना। अब में मोटरसाईकिल को स्टेंड पर खड़ा करके मेडम के घर के अंदर चला गया। फिर मैंने अंदर जाकर मेडम से पूछा कि सात साल के बाद यहाँ आने का  आपका अब मकसद क्या है? तब मेडम बोली कि इस घर की कीमत लाखों रुपए है यहाँ एक या दो साल रहने के बाद इस घर को बेच दूंगी, जब तक किसी स्कूल में पढ़ाऊँगी। अब बातें करते-करते चाय भी बन चुकी थी, तब मैंने चाय पीते हुए मेडम से कहा कि मेडम अगर आपको किसी भी चीज़ की ज़रूरत पड़े, तो आप मुझे बुला लेना।

फिर मेडम बोली कि तुम मुझे अपना मोबाईल नंबर दे दो, क्योंकि मुझे अब ज़रूरत तो पड़नी है मुझे इस घर की सफाई भी करनी है और कोई स्कूल भी देखना है में जिसमे जाकर  पढ़ा सकूँ। फिर उसी समय मैंने कहा कि हाँ ठीक है, में आपके घर की सफाई करवा दूंगा। अब मेडम मुझसे पूछने लगी कि कब करवाओगे? तब मैंने कहा कि में अपने घर पर अपने कपड़े रखकर अभी आता हूँ उसके बाद शुरू करते है। फिर में यह बात कहकर उठा और अपने घर जाने लगा, मेडम बोली कि जल्दी आना, मैंने कहाँ कि हाँ ठीक है बस में कुछ देर में वापस आया और में यह बात कहकर अपने घर की तरफ चल दिया। फिर जब में घर से वापस आया, तब मैंने देखा कि मेरी वो मेडम उस समय बस ब्लाउज और पेटिकोट में काम कर रही थी और मुझे देखकर मेडम मुझसे बोली कि जल्दी से आजा। अब में अपनी शर्ट उतारकर उनके साथ काम करने लगा, मैंने देखा कि उस समय मेडम पसीने से पूरी भीगी हुई थी, जिसकी वजह से उनके भीगे हुए ब्लाउज से उनके बूब्स का उभार मुझे साफ-साफ नज़र आ रहा था। फिर में चकित होकर बड़े ध्यान से उनकी गोरी उभरी हुई छाती को देखने लगा, बार बार मेरी नजर वहीं जा रही थी। तभी मेडम पूछने लगी कि ऐसे घूरकर क्या देख रहा है? तब मैंने कहा कि कुछ नहीं मेडम। फिर मेडम बोली कि कुछ तो है और वो मुस्कुराने लगी।

फिर कुछ देर काम करने के बाद मैंने हिम्मत करके मेडम से कहा कि आप बहुत सुंदर है। अब मेडम हंसते हुए कहने कि तू पहले भी बहुत शरारती था और आज भी है। दोस्तों अब तक दोपहर के करीब दो बज चुके थे, मेडम कहने लगी कि मुझे भूख लगी है बाहर से कुछ खाने के लिए ले आओ में तुम्हें पैसे देती हूँ। फिर मैंने कहा कि मेडम आप क्यों दोगी? में आपका छात्र हूँ में दे दूँगा और फिर में यह बात उनको कहकर चला गया। फिर करीब तीस मिनट के बाद जब में वापस आया और मैंने दरवाजा खोला तब देखा कि मेडम सोफे पर लेटकर आराम कर रही थी। अब में उनके बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से महसूस कर रहा था और जब मैंने उनके पैरों की तरफ देखा, तो उन्होंने अपना एक पैर घुटने से मोड़ा हुआ था। फिर में उनके पैरों की तरफ गया और उनके पेटीकोट के अंदर झाककर देखने लगा। अब मुझे मेडम की गोरी गदराई हुई जांघे और गुलाबी रंग की पेंटी नजर आ रही थी। फिर मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके मेडम के पेटिकोट को पकड़कर थोड़ा सा ऊपर उठा दिया और अब में उनकी जांघो को सहलाने लगा, लेकिन मेडम की तरफ से बिल्कुल भी हलचल को ना देखकर मेरी हिम्मत पहले से ज्यादा बढ़ गई। फिर मैंने हिम्मत करके उनकी पेंटी को हाथ लगाया, मेरा हाथ लगते ही मेडम उठ गयी और कहने लगी कि तू यह क्या कर रहा है?

अब मेरा चेहरा शरम से लाल हो चुका था, मेरे मुँह से कोई भी आवाज़ नहीं निकल रही थी। फिर मेडम मुस्कुराते हुए बोली कि तू बहुत शरारती हो गया है, चल खाना खा ले और उसके बाद हम काम करते है। फिर खाने के बाद हम दोनों दोबारा अपने काम में लग गये, समय ऐसे ही गुज़रता चला गया और उस समय रात के 9 बज रहे थे। अब मुझे आश्चर्य इस बात का था कि कि में बड़ी देर से बिल्कुल भी नहीं बोला था। फिर जब मेडम ने घड़ी की तरफ देखा तब वो मुझसे कहने लगी कि 9 बज गये और हमारा  यह काम अभी भी पूरा ख़त्म नहीं हो सका, मुझे रात को 11-12 बजे तक अकेले ही लगकर काम करना पड़ेगा, अगर तुम रुक सकते हो तो रुक जाओ। अब मैंने कहा कि हाँ ठीक है, मेडम में अपने घर फ़ोन करके बता दूंगा कि में अपने दोस्त के घर हूँ और कल सुबह तक वापस आ जाऊंगा। फिर मेडम बोली कि हाँ ठीक है और फिर हम दोनों ने 11 बजे तक सारा काम ख़त्म कर लिया और उसके बाद मेडम मुझसे बोली कि में नहाकर अभी आती हूँ उसके बाद हम सो जाएंगे, मुझसे यह बात कहकर मेडम नहाने बाथरूम में चली गयी। फिर जब वो नहाकर वापस आई तब मैंने देखा कि वो एक पारदर्शी नाइटी पहने हुए थी।

दोस्तों में आप सभी को अपनी मैडम के शरीर के बारे में भी बता दूँ, मेडम का रंग गोरा, बूब्स का आकार करीब 36 इंच कमर 30 और गांड 38 इंच। फिर जब वो नहाकर आई, उस समय मैंने देखा कि मेडम की आँखों में एक अलग सी चमक मुझे नजर आ रही थी। अब मेडम मुझसे बोली कि आदित्य तू भी नहा ले और में भी तुरंत उसी समय नहाने चला गया। फिर जब में नहाकर वापस आया अब मेरा अंडरवियर भीग जाने की वजह से उस समय में सिर्फ़ टावल में था। फिर जब में मेडम के बेडरूम के पास आया, तब मेडम कहने लगी कि सारे घर में सामान फैला हुआ है, तुम भी इसी पलंग पर लेट जाओ। फिर में मेडम के बेडरूम में गया और अपनी तिरछी नजर से देखा कि मेडम की नाइटी उनके घुटनों के ऊपर थी। अब यह द्रश्य देखकर मेरा सात इंच का लंड खड़ा हो गया था, उसको मेडम ने देख लिया था। फिर में चुपचाप मेडम की तरफ अपनी पीठ करके लेट गया, लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी और में बस अपनी दोनों आँखों को बंद करके लेटा रहा। फिर करीब एक घंटे के बाद मेडम ने मुझे आवाज दी, लेकिन में कुछ नहीं बोला। अब में यह बात सोचने लगा था कि मेडम इस समय मुझे आवाज क्यों दे रही है? तभी मेडम ने मेरी तरफ अपनी करवट लेकर मेरे ऊपर अपना एक हाथ रख दिया और वो मेरे लंड को टटोलने लगी।

अब उन्होंने अपना एक हाथ मेरे टावल के अंदर डालकर मेरा लंड पकड़ लिया और वो उसको अपने नरम हाथ से  सहलाने लगी थी। दोस्तों उस स्पर्श को पाकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया, तभी मेडम मुझसे कहने लगी कि मुझे पता है कि आदित्य तुम अब तक जाग रहे हो, मेरी तरफ देखो। फिर मैंने अपनी आंखे खोली और में बड़ी ही हैरत से मेडम की तरफ देखने लगा। अब मेडम मुझसे कहने लगी कि मेरे पति की मौत को पूरे सात साल हो गये है, जब से आज तक मैंने ना तो सेक्स किया है और ना ही सेक्स के बारे में सोचा है, क्योंकि मेरे मायके वाले बहुत सख़्त है, लेकिन आज जब तुमने मेरे गुप्तांगो को छुआ, तब सात साल के बाद आज दोबारा से मेरी सेक्स की भूख जाग गयी। फिरमैंने तुम्हें उस समय इसलिए मना कर दिया था कि में खुद नहीं सोच पा रही थी कि तुम्हारे साथ यह सब ठीक रहेगा या नहीं? फिर मैंने बहुत सोचने के बाद यह फ़ैसला लिया है कि तुम मेरे साथ यह सब करने के लिए सबसे अच्छे हो और फिर इतना कहकर मेडम ने तुरंत ही मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए। अब मैंने भी हिम्मत करके मेडम की तरफ करवट ले ली और उन्हें अपनी बाहों में भर लिया और फिर मैंने उनको कहा कि मेडम मुझे कुछ नहीं आता।

तब मेडम बोली कि में तुम्हे सब कुछ सीखा दूँगी और फिर मेडम ने अपनी नाइटी को उतार दिया, मैंने देखा कि उनकी ब्रा में केद बूब्स अब बाहर आने के लिए मचलने लगे थे। फिर मेडम कहने लगी कि अब बाकी के कपड़े तुम्हें उतारने है, चलो अब मेरे बूब्स को दबाओ। अब मैंने मेडम के बूब्स को दबाते हुए उनकी पीठ पर अपना एक हाथ ले जाकर उनकी ब्रा को खोल दिया और में मेडम के गोलमटोल बूब्स को देखकर एकदम पागल हो गया। फिर मेडम कहने लगी कि चल अब निप्पल को मुहं में लेकर तू इसका मेरा सारा का सारा दूध पी जा। अब मैंने उनके एक बूब्स के हल्के भूरे रंग के निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और में उसको चूसने लगा, जिसकी वजह से मेडम के मुँह से सस्सस्स आह्ह्ह ऊह्ह्ह की आवाजे निकलने लगी थी। फिर में निप्पल को चूसते हुए अपने एक हाथ से उनका दूसरा बूब्स भी दबाने लगा, जिसकी वजह से वो जोश में आकर कहने लगी हाँ चूस मेरे बूब्स को और ज़ोर से चूस मादरचोद आज तू इनको खा ले हाँ और ज़ोर से दबा, मार दे मुझे जालिम। अब में मेडम की उत्तेजना को देखकर और भी जोश में आ गया था। फिर मेडम बोली कि तू बहुत अच्छा चूसता है और क्या उतना ही अच्छा चाटता भी है? चल अब मेरी पेंटी को उतार। फिर मैंने यह बात सुनकर तुरंत ही मेडम की पेंटी को उतार दिया, जिसकी वजह से मेडम की झाटो वाली चूत अब मेरे सामने थी।

फिर मेडम मुझसे बोली कि देख क्या रहा है? मादरचोद चल इस पर अपना मुँह रख और इसको चाटना शुरू कर यह इस पूरी दुनिया की बहुत कीमती जगह है और फिर उन्होंने मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह अपनी चूत पर रख दिया। अब में अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा, मैंने पहली बार चूत को चाटा था और वो बहुत ही मस्त अनुभव था जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता, इसलिए में मन ही मन वो सब करके बड़ा खुश था। फिर मेडम कहने लगी कि क्या ऊपर ही चाटेगा  खजाना तो इसके अंदर है और यह बात कहते हुए उन्होंने अपने एक हाथ से अपनी चूत के होंठो को खोल दिया, तब मैंने देखा कि उनकी चूत अंदर से एकदम गुलाबी थी। फिर मैंने अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर डाल दिया और में उसको अंदर बाहर करने लगा, वो बड़ा ही अजीब सा मज़ा था। अब जोश मज़े मस्ती की वजह से मेडम बड़बड़ा रही थी, ऊह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ मार डाला हाँ और तेज कर मादरचोद और कर ऊऊईईईईई आह्ह्ह मज़ा आ गया और फिर यह सब कहते हुए मेडम एकदम से अकड़ने लगी और उसकी चूत से पानी निकलने लगा। अब मैंने अपना मुँह उनकी चूत से दूर हटाना चाहा, लेकिन मेडम ने मेरे बाल कसकर पकड़ लिए, जिसकी वजह से मेरे पूरे मुँह पर मेडम की चूत का पानी लग गया। फिर 30 सेकिंड के बाद मेडम ने मेरा सर छोड़ दिया और में तुरंत पीछे हटकर सीधा बैठ गया।

अब मैंने मेडम से कहा कि यह आप कैसा सेक्स करती हो? मुझे तो इसके बारे में पहले से कुछ भी नहीं पता यह तो बड़ा ही अजीब सा काम है। फिर उसी समय मेडम बोली कि चुप हो जा मादरचोद कुत्ते अभी क्या? अभी तो में तुझे अपना पेशाब भी पिलाऊँगी और में भी तेरा पेशाब पिऊँगी, क्योंकि यही तो असली सेक्स है मेरे राजा और फिर मेरा लंड पकड़कर वो उसको अपनी जीभ से चाटने लगी और अब मेरे लंड को अपने मुँह में भरकर आगे पीछे करने लगी। अब मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था, कुछ देर बाद जैसे ही मेरा वीर्य निकलने वाला था, मैंने मेडम से कहा कि आप अब अपना मुँह दूर हटा लो। फिर मेडम ने मेरी बात को सुनकर तुरंत मेरे लंड को पहले से ज्यादा अंदर अपने मुँह में भर लिया, जिसकी वजह से में उनके मुहं में झड़ गया और वो चूसते हिलाते हुए मेरा सारा वीर्य पी गयी। फिर जब उसने मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाला और वो खुश होकर मुस्कुराकर मुझसे कहने लगी कि वाह तेरा तो बहुत मज़ेदार स्वादिष्ट वीर्य था, मुझे इसको चूसकर बड़ा मस्त मज़ा आया। दोस्तों मुझे उनके साथ अब उन सभी कामों में बहुत मज़ा आ रहा था, मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। अब मेडम मुझसे कहने लगी कि चलो अब हम बाथरूम में चलते है और में मेडम के साथ बाथरूम में चला गया।

फिर मेडम मुझसे पूछने लगी क्या तुम्हे पेशाब करना है? तब मैंने झट से हाँ कह दिया। अब मेडम कहने लगी कि तुम मेरे मुँह में पेशाब करना शुरू करो और वो इतना कहकर अपना मुँह पूरा खोलकर मेरे सामने बैठ गयी। फिर मैंने भी बिना देर किए अपनी धार को उसके मुँह में मारना शुरू कर दिया, वो मेरा आधा पेशाब पी गयी थी और आधा उसके मुँह से निकलकर उसके बूब्स से होता हुआ, उसकी चूत से नीचे टपकने लगा था। फिर जब में पेशाब चुका था, तब मेडम बोली कि अब मेरी बारी है और अब तुम नीचे बैठ जाओ, में भी यह बात सुनकर नीचे बैठ गया। अब मेडम ने मेरे बालों को पकड़कर अपने पैरों को पूरा फैलाया और मेरे चेहरे पर अपना निशाना लगाते हुए मेडम ने पेशाब करना शुरू कर दिया। अब उसका गरम पेशाब मेरे चेहरे से होता हुआ जमीन पर टपक रहा था, लेकिन मैंने उसका पेशाब नहीं पीया। फिर जब हम दोनों कुछ देर बाद बाथरूम से बाहर आए, तब मेडम मुझसे बोली कि सेक्स का मज़ा तो तभी है जब खुलकर सेक्स किया जाए और गंदी गालियों का प्रयोग भरपूर किया जाए, तुम मुझे कुछ भी बुला सकते हो, गालियाँ दे सकते हो चलो अब पलंग पर चलते है। अब मेडम मुझसे बोली कि अब हम दोनों 69 आसन में मज़े लेते है।

फिर मैंने उनको पूछा कि मेडम यह 69 आसन क्या होता है? तब मेडम बोली कि तुझे अभी सब पता चल जाएगा बस तू नीचे लेट जा, में वो बात सुनकर पलंग पर लेट गया। अब मेडम ने मेरे चेहरे की तरफ अपने दोनों पैर किए और वो अपनी चूत को मेरे मुँह के पास ले आई और मेरे लंड को अपने हाथ से हिलाने लगी और कहने लगी कि चल कुत्ते मेरी चूत को चाट जैसे कोई कुत्ता किसी कुतिया की चूत को चाटता है। फिर वो इतना कहकर मेरे मुरझाए हुए लंड को ऐसे चूसने लगी जैसे वो लंड ना होकर कोई लॉलीपोप हो। अब में भी खुश होकर मेडम का साथ देते हुए उनकी चूत और गांड को अपनी जीभ से चाटने लगा और कुछ देर तक चाटने के बाद में मेडम के ऊपर आ गया। फिर मैंने एक धक्का ज़ोर से लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड मेडम के मुँह में समा गया और मेडम दर्द से छटपटाने लगी थी। अब मैंने उनकी वो हालत को देखकर अपना लंड वापस बाहर निकाल लिया, जिसकी वजह से मेडम को थोड़ा सा आराम मिल गया और मेडम मुझसे कहने लगी कि मादरचोद मुझे मारने का विचार है क्या? तब मैंने उनको कहा कि कुतिया तुझे चाटने का बहुत शौक है ना, ले में आज अपने लंड को तेरे हलक तक डालकर तुझसे चटवाऊँगा।

अब मेडम मेरे मुहं से वो बात सुनकर हंस पड़ी और वो बोली कि तू तो बहुत जल्दी समझदार हो गया, हाँ इसी तरह से गालियाँ दे मुझे बहुत मज़ा आता है चुदाई के समय यह सब सुनकर में मन खुश हो जाता है। अब मेरा लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा था, यह देखकर मेडम कहने लगी कि अब चाटने का कार्य बंद करके चोदन कार्य का शुभारंभ किया जाए और वो हंस पड़ी। फिर में उनके ऊपर से हट गया, तभी मेडम मुझसे कहने लगी कि तू मेरे दोनों पैरों के बीच में आजा। अब में उनके पैरों के बीच में आकर उनकी चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा, तभी मेडम बोली कि जालिम क्यों तू मुझे इस तरह से तड़पा रहा है? अब अंदर डाल भी दे। अब मेडम की इस तड़प से मुझे एक अलग तरह का विचार मिला। फिर में अंदर ना डालकर उनकी चूत पर अपने लंड को रगड़ता रहा, तब मेडम दोबारा से कहने लगी कि अंदर डाल जल्दी से में पिछले सात साल से लंड के लिए तड़प रही हूँ मादरचोद कुत्ते जल्दी से अंदर डाल दे। अब मुझे भी अंदर डालने की इच्छा हो रही थी और जैसे ही मैंने अपने लंड का टोपा मेडम की चूत के मुख्य दरवाजे पर रखकर अंदर किया, मेडम की साँसे रुक गयी। अब उनके मुँह से श्श्ससस्शह की आवाज निकल रही थी। फिर मेडम बोली कि धीरे-धीरे कर सात साल से मेरी चूत में एक उंगली के अलावा कुछ नहीं गया।

अब मैंने इतना सुनकर एक झटका और लगा दिया जिसकी वजह से मेरा तीन इंच लंड मेडम की चूत में चला गया। अब मेडम दर्द से तड़पती हुई मुझसे कह रही थी कि बस कर कुत्ते कमीने अब तू इसको बाहर निकाल दे मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने कहा कि अभी तो तुम्हे मेरा लंड खाने की बहुत जल्दी थी और अब क्या हुआ? और यह बात कहते हुए मैंने एक और ज़ोर का झटका लगा दिया जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड मेडम की चूत में समा गया और मेडम कबूतरी की तरह फड़फडाने लगी और वो कुछ देर बाद दर्द से मचलते हुए कहने लगी ऊह्ह्ह ऊईईई माँ फाड़ दिया साले कुत्ते तुने मेरी चूत को, निकाल ले अब तू जल्दी से इसको बाहर निकाल ले मुझे बहुत तेज दर्द और जलन हो रही है ऊईईईईइ माँ में मर गई अब देखता क्या है? तू जल्दी से निकाल ले, लेकिन मैंने फिर भी अपने लंड को बाहर नहीं निकाला और में मेडम की चूत की तरफ देखने लगा। अब मैंने देखा कि मेडम की चूत के होंठ मेरे लंड के साथ चूत के अंदर दबे हुए थे, उनकी चूत बहुत ही टाईट थी और गरम भी थी। फिर कुछ देर तक ऐसे ही रहने के बाद मेडम धीरे धीरे पहले की तरह शांत हो गयी और वो अपने आँसू साफ करने लगी थी, शायद उनका दर्द अब पहले से ज्यादा कम हो चुका था।

अब मैंने अपने लंड को बाहर खीचना शुरू किया और लंड का टोपा बाहर लाकर मैंने सही मौका देखकर एक ज़ोर का धक्का मारते हुए अपना पूरा लंड मेडम की चूत में जड़ तक डाल दिया। फिर मेडम मेरे उस धक्के की वजह से एक बार फिर से तड़प गयी और वो कहने लगी कि बस कर अब तू इसको निकाल ले बाहर, लेकिन में नहीं माना और में हल्के-हल्के धक्के लगाता रहा। फिर कुछ देर के बाद मेडम भी शांत हो गयी, यह सब देखकर मैंने अपने धक्के और भी तेज कर दिए। अब मेडम को मेरे साथ मज़ा आने लगा था, वो अपने मुँह से सिसकियों की आवाजे निकाल रही थी और मुझसे कह रही थी आह्ह्हह्ह्ह्ह हाँ ऐसे ही चोदो मुझे मेरे राजा आज तुम फाड़ दो मेरी चूत को और तेज़ करो ऊह्ह्ह्हह हाँ मेरे राजा आह्ह्ह उमम्मम्म ऊऊईईईईईई और में उनकी वो बातें सुनकर अपनी तरफ से धक्के लगाता रहा। फिर कुछ देर बाद मेडम बोली कि अब दूसरी तरह से करते है और में यह बात सुनकर उनके ऊपर से हट गया। अब मेरे हटते ही मेडम तुरंत मेरे सामने कुतिया की तरह झुककर अपनी गांड को हिलाने लगी और कहने लगी कि अब तुम जल्दी से डालो। फिर में अपने घुटनों पर बैठकर मेडम के पीछे आ गया, मेडम ने नीचे झुककर अपने बूब्स को बिस्तर से लगा लिया और अपनी गांड को ऊपर उठा लिया, जिसकी वजह से मेडम की चूत मेरी आँखों के सामने पूरी तरह से खुल गयी।

फिर मैंने मेडम की चूत पर बहुत सारा थूक लगाया और में अपना लंड मेडम की चूत के अंदर डालने लगा, जिसकी वजह से मेडम अपने मुहं से बड़ी ही मादक आवाजे निकाल रही थी और में मेडम की चूत में अपने लंड को डालकर उनको चोदने का मधुर आनंद ले रहा था। अब इस बीच मेडम शायद दो बार अपना पानी छोड़ चुकी थी और करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद मैंने मेडम से कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ। अब मेडम कहने लगी कि मेरे मुँह में झाड़ दो और वो तुरंत अपनी चूत से मेरा लंड बाहर निकालकर कुतिया की तरह अपना पूरा मुँह खोलकर बैठ गयी और मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़कर अपने मुँह में भरकर चूसने लगी। फिर उसी समय मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और मेडम उसको बड़े मज़े से पी गयी और फिर हम दोनों वहीं पर एक दूसरे को अपनी बाहों में भरकर लेट गये। फिर मेडम मुझसे बोली कि आदित्य मेरे राजा आज मज़ा आ गया है, मुझे ऐसा मज़ा कभी मेरे पति भी नहीं दे पाए तुम मुझे हमेशा ऐसे ही चोदते रहना, आज से में तुम्हारी रंडी हूँ और तुम मेरे मालिक हो। अब मैंने कहा कि मेडम आपने मुझे पहली बार चूत के दर्शन करवाए है, हाँ में आपको हमेशा ऐसे ही चुदाई के मज़े दूंगा जब भी आप मुझसे कहोगी में चला आऊंगा।

अब मेडम बोली कि मुझे तुम मेडम मत कहो मेरा नाम सरिता है, आज से तुम मुझे सिर्फ सरिता कहकर बुलाओ। फिर मैंने बोला कि हाँ मेरी जान सरिता तुम यहाँ जितने दिन रहोगी, मेरी रंडी बनकर ही रहोगी और में तुम्हें हमेशा चोदूंगा क्या तुम्हे मंजूर है? तब सरिता ने अपना सर हाँ में हिला दिया, मैंने अपनी एक उंगली को सरिता की चूत में डाल दिया जिसकी वजह से सरिता उछल पड़ी। फिर उस रात को मैंने मेडम को एक बार और चोदा, अब तक सुबह के चार बज चुके थे, इसलिए मेडम मुझसे कहने लगी कि अब हम थोड़ी देर सो लेते है और फिर हम दोनों नंगे ही सो गये और सुबह दस बजे साथ-साथ उठे। फिर हम लोगों ने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहने और फिर हाथ मुँह धोकर मेडम ने हमारे लिए चाय बनाई और फिर हम दोनों ने चाय पी और उसके बाद में अपने घर चला आया। फिर तीन-चार दिन तक तो में हर रात को मेडम के घर में रुका, लेकिन फिर घरवालों को जवाब देने की वजह से हमारा वो खेल अब दिन में शुरू हो गया, लेकिन में महीने में एक या दो रात तो मेडम के साथ रुकता हूँ और हर दिन में जब सरिता स्कूल से पढ़ाकर आती है, जब उसको चोदता हूँ और बड़े मज़े लेता हूँ।

धन्यवाद …

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