सेक्सी कॉलेज गर्ल की मस्त चुदाई

प्रेषक : जॉन …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी की तरह में भी कामुकता डॉट कॉम पर पिछले कुछ सालों से लगातार सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ और मुझे यह सभी कहानियाँ बहुत अच्छी भी लगती है। दोस्तों आज में आप सभी को अपनी भी एक बिल्कुल सच्ची घटना को सुनाने जा रहा हूँ, यह मेरा एक बहुत मज़ेदार सेक्स अनुभव है और इस कहानी में मैंने अपने कॉलेज की लड़की के साथ उसकी पहली चुदाई करके उसकी कुंवारी चूत को अपने लंड से धक्के देकर पूरी तरह से संतुष्ट किया। अब में अपना और उस लड़की की परिचय करवाते हुए अपनी इस कहानी को शुरू करता हूँ। दोस्तों मुझे कम उम्र से ही सेक्स से जुड़ी हुई बातें और चुदाई के कामों में बड़ी रूचि रही है और इसलिए में इस काम को करने में अब बहुत अनुभवी हो गया हूँ। दोस्तों मैंने अपने स्कूल कॉलेज की कई लड़कियों के साथ सेक्स के बहुत मज़े लिए और आज में कॉलेज की एक लड़की जिसका नाम सोनिया था, उसके साथ अपनी पहली चुदाई का किस्सा सुनाने जा रहा हूँ। दोस्तों मेरा नाम जॉन है, मेरी उम्र 32 साल है और में दिखने में एकदम ठीकठाक लगता हूँ। दोस्तों मेरे कॉलेज में सोनिया नाम की एक लड़की पढ़ती थी, जिसके साथ मेरा बहुत बार हंसी मजाक होता था, उस वजह से धीरे धीरे हमारे बीच प्यार बढ़ने लगा। दोस्तों वो लड़की बहुत ही सुंदर गोरी होने की वजह से बड़ी ही आकर्षक लगती थी, जिसकी वजह से में उसको अब चोदने के सपने देखने लगा था।

दोस्तों उसके बूब्स का आकार 32-28-32 और उसकी उम्र बीस साल थी और एक ही साल में हमारे बीच बड़ी गहरी दोस्ती। फिर उसके बाद एक दिन चुदाई का वो दिन भी आ ही गया, जिसका मुझे कब से इंतजार था और वैसे यह आग तो हम दोनों के अंदर बराबर की लगी थी, क्योंकि वो भी पूरी जवान होने के बाद चुदाई के सपने देखने लगी थी। अब में आप सभी को बताता हूँ कि यह कहानी कैसे शुरू हुई? दोस्तों वो कॉलेज मेरे घर के पास ही था और में वहाँ पर हर दिन आता जाता था और कुछ दिनों बाद हमारी दोस्ती हो जाने पर अब उसको में अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर कॉलेज और वहीं से उसके घर के पास भी छोड़ दिया करता था। दोस्तों जब भी वो कॉलेज आती तो में लगातार बस उसी को घूरकर देखता रहता था और वो भी धीरे धीरे अब मुझे देखने लगी थी। फिर एक दिन वो लेट हो रही थी और इसलिए उसने मुझसे समय पूछा। अब मैंने हंसकर जवाब दिया और वो भी मेरी तरफ मुस्कुरा गई, हर दिन हम अब एक दूसरे को देखने लगे थे और अब हमारी आँखों आँखों में बातें होने लगी थी। फिर मैंने उसको एक दिन एक सेक्सी कहानी की किताब दे दी, यह कहकर कि यह कुछ नोट्स है जो यहाँ पर गिरे हुए थे, हो सकता है कि यह उसके काम के हो और मैंने उसमे अपना मोबाइल नंबर भी लिख दिया।

फिर उसने उसी शाम को मेरे पास फोन करके मुझसे कहा कि उसको यह मेरे दिए हुए नोट्स बहुत पसंद आए है, लेकिन क्या आप मुझे हर दिन इस तरह के नोट्स दे सकते हो? मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं? फिर में हर दिन उसके लिए एक कहानी ले जाता और वो हर दिन कहानी को पढ़कर पागल होने लगी थी। फिर एक दिन उसने मुझे फोन किया और कहा कि में आपसे एक बार मिलना चाहती हूँ और इन नोट्स के बारे में कुछ बात भी करना चाहती हूँ। अब मैंने उसके मुहं से वो बात सुनकर खुश होकर कहा कि हाँ ठीक है, में आपसे मिलने के लिए तैयार हूँ और फिर हम दोनों ने मिलने का विचार बनाया और हम एक जगह पर जाकर मिले। दोस्तों हमारी उस पहली मुलाक़ात में हम दोनों ने सिर्फ़ चुदाई और सेक्स के बारे में कुछ उससे जुड़ी हुई बातें की और वो बार बार मुझसे पूछती रही कि सेक्स करने से कुछ होता तो नहीं? फिर हमारी दूसरी मुलाक़ात में भी ठीक ऐसा ही हुआ, लेकिन फिर तीसरी बार मिलने पर उसने मुझसे कहा कि इस तरह तो मज़ा ही नहीं आता कि हम हर कभी मिलते है और बैठकर बातें करते है और फिर वापस अपने अपने घर चले जाते है।

अब मैंने बिल्कुल नासमझ बनकर उसको पूछा कि फिर क्या होना चाहिए, जिसकी वजह से हमें मिलने पर मज़े आए? तभी उसने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मुझे नहीं पता, लेकिन कुछ और अलग हटकर होना चाहिए, क्योंकि तुम्हारी उन कहानियों को पढ़ते समय में बिल्कुल पागल हो जाती हूँ। फिर मेरे मन में पता नहीं एक अजीब सी बैचेनी होने लगती है, जिसकी वजह से में अपने खो देती हूँ और में अब शांत होना चाहती हूँ। दोस्तों में उसके इतना घुमा फिराकर कहने का मतलब ठीक तरह से समझ गया था कि यह अब मुझसे क्या कह रही है? और यह मेरे साथ अब क्या चाहती है? फिर भी मैंने जानबूझ कर उसके सामने बिल्कुल अंजान बनकर कहा कि मेरे समझ में कुछ भी नहीं आया कि तुम क्या कहना चाहती हो? अब में एक बार फिर उसको पूछने लगा कि हाँ तुम ही बताओ और क्या होना चाहिए? अब उसने शरमाते हुए कहा कि मुझे पता नहीं, लेकिन कुछ अलग भी होना चाहिए और कहा कि तुम समझा करो ना, में खुद अपने मुहं से वो सभी बातें तुम्हे नहीं कह सकती, प्लीज तुम समझा करो ना। दोस्तों में तो पहली बार में भी बड़ी अच्छी तरह से समझ गया था और अब कुछ सोच रहा था, साथ ही उसकी चुदाई करने का विचार भी बना रहा था।

फिर आखिरकार मैंने उसको कह दिया कि फिर हम किसी होटल में चलते है और वहीं हमारा यह काम पूरा होगा। अब वो कहने लगी कि होटल में अगर किसी ने हमें देख लिया तो वो क्या सोचेगे? क्योंकि वो सब लोग देखेंगे में हमारे कॉलेज के कपड़ो में जो उनको नजर आउंगी। फिर मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है फिर कल तुम अपने घर वाले कपड़े पहनकर ही आ जाना और अपने घर में यह बात भी बोलकर आना कि हमारे कॉलेज में एक छोटी की पार्टी की तैयारी तुम्हे करनी है और कॉलेज से कुछ दूरी पर आकर तुम मेरा इंतजार करना। अब वो यह बातें सुनकर खुश होकर कहने लगी कि हाँ ठीक है, चलो में तुम्हारे कहने पर ऐसा ही करके देखती हूँ। दोस्तों अगले दिन मैंने एक होटल में एक कमरा पहले से ही बुक करवा दिया और फिर हम दोनों अपनी उस जगह पर ठीक उसी समय मिलकर, उस होटल में पहुंच गए। दोस्तों में उस दिन मन ही मन बहुत खुश था, क्योंकि आज मुझे उसकी चुदाई करने का मौका जो मिलने वाला था, जिसके विचार में बहुत दिनों से बना रहा था। फिर उसके बाद हम कमरे में जाकर बैठकर बातें करने लगे थे। कुछ देर बाद मैंने टीवी को चालू कर दिया और फिर हम दोबारा बातें करने लगे और टीवी को भी देखने लगे।

दोस्तों उस समय में उसके बिल्कुल पास में बैठा हुआ था और मैंने कुछ देर बाद उसका एक हाथ अपने हाथ में ले लिया और में उस समय बहुत चकित रह गया, क्योंकि उसका हाथ बड़ा मुलायम था और वो उस समय इतनी गरम हो रही थी कि में बता नहीं सकता। फिर मैंने इसके बारे में उसको बताया, तब वो मुझसे कहने लगी कि मुझे अब कुछ हो रहा है। अब मैंने सही मौका देखकर उसके हाथ को दबाना सहलाना भी शुरू कर दिया, वो लेट गई और में उसको मसाज करने लगा, मैंने उसके सर से सहलाना शुरू किया और में धीरे धीरे उसके जिस्म पर आ गया। अब मैंने उसके बूब्स को कपड़ो के ऊपर से दबाना शुरू किया, लेकिन उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और उसके बाद में तुरंत समझ गया कि इसको कोई भी आपत्ति नहीं है। अब यह गरम होकर मेरे साथ वो सब करने के लिए तैयार है, जो में इसके साथ अब करना चाहता हूँ। फिर जब मैंने उसके बूब्स पर अपने एक हाथ को रखा, तब उसने एकदम से अपनी दोनों आँखों को खोल दिया और अब में डर गया कि वो कहीं मुझसे नाराज़ तो नहीं हो गई, लेकिन फिर यह देखकर में बिल्कुल हैरान हो गया कि उसने अब मेरा वो हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर दबाकर रखा और दबाना शुरू कर दिया और फिर उसने मुझे एक बड़ी ही सेक्सी तरह से देखकर मुस्कुरा दिया।

अब मेरा लंड उसकी इस हरकत की वजह से एकदम से तनकर खड़ा हो गया और उसने उसी समय तुरंत अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर मेरा लंड पकड़ लिया और फिर उसको दबाना भी शुरू कर दिया। अब में धीरे धीरे अपने होश खोने लगा था, मैंने अब अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिए और फिर मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया। दोस्तों वाह उफफफ्फ़ वो कितनी हॉट थी और ना जाने कब से उसके बदन में जवानी की आग लगी थी? फिर मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए, वाह क्या शानदार जिस्म था? में तो पागल ही हुआ जा रहा था। अब मैंने पागलों की तरह उसके बूब्स को दबाना सहलाना शुरू कर दिया और वो उउउंम्म आअहह उउउफ़फ्फ़ करने लगी और मैंने उसके बूब्स को दबाते हुए मज़े लिए वो तो और भी पागल सी हो गई। फिर उसके बूब्स के मज़े लेते हुए मैंने अपनी गति को बढ़ा दिया और में ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स को सक करने लगा, जैसा वो भी चाहती थी और वो अब मुझसे बोल भी रही थी, हाँ ज़ोर से दबाओ मेरे बूब्स को ज़ोर से दबाओ। फिर उसके बूब्स के मज़े लेते हुए में अब उसके पूरे जिस्म को भी सहलाने लगा था और फिर में उसकी चूत पर आ गया और में उसकी चूत को सहलाने लगा। अब वो एकदम से उछल पड़ी और मैंने उसकी चूत के होंठो को अपनी उंगली से खोलकर तुरंत अपना मुहं लगाकर चूसने लगा और जीभ को अंदर डालकर चोदने लगा।

दोस्तों ऊफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह वाह क्या मज़ा था? जीभ से चोदते हुए मैंने उसकी चूत में अपनी ऊँगली को भी डाल दिया। अब उसके मुहं से हल्की सी चीख निकल गई, क्योंकि मैंने उसको बहुत गरम कर दिया था और वो भी उस समय ऐसी लग रही थी जैसे कि वो अपने होश में नहीं थी। फिर वो मेरे यह सब करते हुए कुछ देर बाद झड़ने लगी और वो मुझसे बोली कि में अब झड़ने वाली हूँ। अब मैंने उसको कहा कि कोई बात नहीं और कुछ देर बाद वो झड़ गई और फिर मैंने उसका सारा पानी पी लिया, वाह क्या स्वाद था? फिर उसने मेरा अंडरवियर उतारा और मेरा लंड देखकर उसको एकदम से तेज झटका सा लगा और वो थोड़ा सा चकित होकर पीछे हो गई और वो मुझसे कहने लगी कि में तुम्हे अपनी चूत नहीं दूंगी, क्योंकि यह अभी तक कुंवारी है और इतना मोटा लंड यह अपने अंदर नहीं ले सकती ऊफ़फ्फ़ में तो इसको लेकर मर ही जाउंगी। फिर वो मुझसे कहने लगी कि मेरी एक दोस्त ने मुझे बताया था कि पहली बार चुदाई करवाने पर लंड को अपनी चूत के अंदर लेने से बहुत दर्द तकलीफ़ भी होती है, इसलिए ना बाबा ना में तुमसे अपनी चुदाई नहीं करवा सकती। अब मैंने उसको बहुत प्यार से समझाया और कहा कि देखो ऐसा कुछ भी नहीं होता जैसा तुम्हे बताया गया है और अगर ऐसा होता तो कोई भी लड़की अपनी चुदाई नहीं करवाती।अब तुम देखना तुम्हे कुछ देर बाद इस काम को करने के बाद बड़ा मज़ा आने लगेगा, लेकिन वो इतना कहने पर भी नहीं मानी। फिर मैंने उसको कहा कि चलो एक बार तुम इसको पकड़कर देख लो कुछ नहीं होता, यह तुम्हे खा नहीं जाएगा। फिर उसने मेरे कहने पर डरते हुए मेरे लंड को पकड़कर सहलाने के बाद उसके साथ खेलना शुरू किया और में अब उसके बूब्स से खेलने लगा। अब मैंने उसको बताया कि लंड को कैसे रगड़ते है, मतलब कि मुठ कैसे मारी जाती है? मैंने उसको थोड़ा सा तेल दिया और उसने वो मेरे लंड पर लगाकर उसके ऊपर नीचे अपनी मुठ्ठी को करते हुए मुठ मारना शुरू कर दिया। अब मुझे उसके ऐसा करने से बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था, उसके नरम मुलायम हाथ मेरे लंड को बहुत मज़ा दे रहे थे और फिर कुछ देर बाद मैंने उसको कहा कि तुम अब इसको अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू करो। दोस्तों पहले तो उसने ऐसा करने से साफ मना कर दिया वो कहने लगी कि यह गंदा होता है, में ऐसा गंदा काम नहीं कर सकती। फिर मैंने उसको बड़े प्यार से समझाकर कहा क्या तुम्हे सेक्स का मज़ा नहीं लेना? देखो अभी मैंने भी तो तुम्हारी चूत को अपनी जीभ से चाटा है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो मान गई, जब वो मेरे लंड को अपने मुहं में भरकर चूसने लगी तब बस में क्या बताऊँ मुझे क्या और कैसा मज़ा आ रहा था? और अब उसको भी यह काम करने में बड़ा मज़ा आ रहा था। फिर कुछ देर बाद में उसकी चूत को चाटने लगा, उस समय मुझे तो बहुत मज़ा आने लगा था और अब हम लोग 69 आसन में आ गए और फिर कुछ देर बाद हम दोनों ही एक के बाद एक झड़ गए और हम दोनों ने एक दूसरे के जूस को मज़े से पी लिया। अब वो बहुत गरम होकर जोश में थी इसलिए वो मुझसे कहने लगी कि मेरा मन तो बहुत कर रहा है कि में तुम्हारे इस लंड को अपनी चूत में ले लूँ, लेकिन दर्द के बारे में सोचकर मुझे बड़ा डर लगता है। अब मैंने अपनी बड़ी ऊँगली पर तेल लगाया और उसको धीरे से मैंने उसकी चूत के अंदर डाल दिया और आगे पीछे करने लगा, वो सिसकियाँ लेने लगी आहहह ऊऊईईईई मुझे तेज दर्द हो रहा है। फिर मैंने उसको कहा कि देखना अभी तुम्हे मज़ा भी आना शुरू होगा और फिर थोड़ी ही देर के बाद उसको मज़ा आने लगा और कुछ देर के बाद ही वो झड़ गई। फिर मैंने दोबारा अपनी ऊँगली को उसकी चूत में डालकर अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और वो दर्द से चिल्लाने लगी ऊऊफफ्फ़ आआहह ऊउईईई माँ में मर गयी, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद उसको दोबारा मज़ा आने लगा।

अब वो सिसकियाँ लेते हुए कहने लगी आहह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह मुझे अब बड़ा मज़ा आ रहा है और मैंने उसको कहा कि ऐसे ही जब में अपने लंड को तुम्हारी चूत में डालकर उसको अंदर बाहर करूंगा, उस समय भी तुम्हे बड़ा मस्त मज़ा आएगा, चलो लंड को डालकर भी ऐसा ही करते है। दोस्तों इस बार वो मान गई मेरा लंड एक बार फिर से अपने पूरे जोश में आ चुका था, मेरा लंड अब उसकी चुदाई करने के लिए तैयार होकर तनकर खड़ा था। अब मैंने सबसे पहले अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया और अपने लंड का टोपा उसकी चूत के होंठो पर रखकर मसलने लगा था और चूत के होंठो-दाने को अपने लंड से सहलाने लगा था। अब उसको मेरे ऐसा करने से मज़ा आया और वो जोश में आकर उछलने लगी, मुझसे कहने लगी कि तुम अब इसको अंदर डाल दो मुझसे ज्यादा बर्दाश्त नहीं होता। तभी मैंने उसके मुहं से यह बात सुनकर तुरंत ही उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसकी जांघो को कसकर पकड़ लिया, क्योंकि में बड़ी अच्छी तरह से जानता था कि यह एक बार फिर से चुदाई करवाने में नखरा नाटक करेगी। अब मैंने हल्का से अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखकर धक्का देकर अंदर डालना शुरू किया और वो चिल्ला पड़ी ऊऊफ़फ्फ़ आईईईई में मर गयी, मुझे दर्द हो रहा है तुम अब इसको बाहर निकालो।

अब मैंने एक ज़ोर का झटका लगा दिया और उस तेज धक्के के साथ ही अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया ऊफ़फ्फ़ ऊउईईईई आहह्ह्ह उसने चीखना चाहा, लेकिन मैंने तुरंत ही अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया और मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया। दोस्तों उसने मेरे लंड को अपनी चूत से बाहर निकालने की बड़ी कोशिश की, लेकिन मेरा लंड था कि अब उसकी चूत के बाहर आने को तैयार ही ना था और मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी थी और मज़ा आया कि मुझे एक कुंवारी चूत की चुदाई करने का मौका जो मिल रहा था और उसकी वो कुंवारी चूत इतनी टाइट थी कि मुझे लंड को आगे पीछे करने में बड़ा ज़ोर लगाना पड़ा। अब दर्द की वजह से उसकी आँखों से आँसू निकलना शुरू हो गए थे, लेकिन मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना लगातार शुरू कर दिया था और अब मैंने पहले से भी ज्यादा ज़ोर ज़ोर से झटके लगाने शुरू कर दिए और वो बड़ी फड़फड़ा रही थी, लेकिन मैंने भी उसको इस तरह से जकड़कर उसकी चुदाई करना शुरू किया था कि वो लाख बार भी मुझसे छूटने की कोशिश कर ले, लेकिन उसके बावजूद भी वो नहीं छुड़ा सकती। दोस्तों वो दर्द से बड़ी तड़पी, लेकिन मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदना बंद नहीं किया और में लगातार धक्के मारता ही रहा।

फिर कुछ देर बाद उसको भी मेरे धक्के से मज़ा आने लगा था और अब उसकी आँखों में वही मस्ती भरी हुई थी और उसने जोश में आकर मुझसे कहना शुरू किया हाँ चोदो मुझे ज़ोर से चोदो ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ ऐसे ही मुझे अब मज़ा आने लगा है, तुम ज़ोर से धक्के देकर इसको पूरा अंदर तक डालो चोदो मुझे जमकर मेरी चूत की खुजली को खत्म कर दो इसने मुझे बड़ा परेशान किया है। अब मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों से नीचे उतार लिया और उस समय उसकी चूत को देखा, चूत से खून निकल रहा था। दोस्तों वो बात सुनकर देखकर डर जाएगी इसलिए मैंने उसको कुछ भी नहीं कहा, क्योंकि वैसे यह नई बात नहीं है यह पहली बार में सभी के साथ होता है। फिर मैंने उस खून को एक कपड़े से साफ किया और अब उसको मैंने अपने सामने घोड़ी की तरह होने के लिए कहा। अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर ही तुरंत तैयार हो गई, मैंने अब थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगाया और फिर उसकी चूत में अपने लंड को डाल दिया। अब वो कहने लगी कि आआहह वाह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है, में इस मज़े को लेने के लिए पता नहीं कब से तरस रही थी और फिर मैंने यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से झटके लगाने शुरू किए बहुत देर की चुदाई करने के बाद वो बहुत फड़फड़ाने लगी।

अब में तुरंत समझ गया कि यह अब झड़ने वाली है और फिर कुछ देर बाद यही हुआ और उसने अपनी गांड को आगे पीछे करके ज़ोर ज़ोर से झटके दिए और उसकी चूत से रस निकलने लगा था। फिर मैंने वो रस भी अपने लंड पर लगा लिया और फिर दोबारा अपने लंड को उसकी चूत में डालकर धक्के देने लगा था। दोस्तों मुझे अब तेज धक्के देकर उसकी चुदाई करने में इतना मस्त मज़ा आ रहा था कि में आपको बता नहीं सकता, उसकी गीली चूत में मेरा लंड फिसलता हुआ अंदर बाहर होने लगा था और फिर बड़ी देर उसकी चुदाई करने के बाद मेरा लंड भी तेज झटको के साथ ही झड़ गया। फिर मैंने तुरंत अपने लंड को बाहर निकालकर उसके बूब्स पर अपना सारा वीर्य निकाल दिया और फिर उसके बाद हम दोनों साथ ही बाथरूम में नहाने चले गए और नहाते हुए ही मस्ती करने। दोस्तों उसके गोरे कामुक जिस्म को देखकर दोबारा से मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया। अब वो झट से समझ गई कि में एक बार फिर से उसकी चुदाई करना चाहता हूँ, तभी उसने मेरा लंड अपने एक हाथ में पकड़ा और धीरे से सहलाते हुए पूरा जोश में लाकर हल्के से उसने अपनी चूत के मुहं पर टोपा रखकर अपनी तरफ से धक्का देकर उसको अपनी चूत के अंदर डाल लिया और फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम अब मुझे चोदो ज्यादा से ज्यादा तेज धक्के देकर तुम मेरी इस चूत के अंदर की आग को बुझा दो।

अब मैंने एक बार फिर से उसको चोदना शुरू किया और उसके बाद हम कमरे में आ गए, तब उसने मुझसे कहा कि में तो बस ऐसे ही डर रही थी, यह तो बड़ा मज़े वाला काम है और में अब अपनी बाक़ी दो तीन दोस्तों को भी यह बात कहूंगी कि चुदाई करवाने में थोड़ी सी तकलीफ़ जरुर होती है, लेकिन उस दर्द तकलीफ़ में भी बड़ा मज़ा आता है और वो दर्द बहुत मीठा मीठा होता है। अब वो मुझसे कहने लगी कि में चाहती हूँ कि आज रात को भी में तुम्हारे साथ ही रहूं और चुदाई के मज़े लेकर अपनी जवानी की इस आग को पूरा बुझाकर शांत कर लूँ। फिर मैंने उसको कहा कि मुझे तो इस काम को करने में कोई भी ऐतराज़ नहीं है और अगर तुम चाहती हो तो यहाँ रह सकती हो, लेकिन मेरी एक शर्त है। अब वो मुझसे पूछने लगी कि वो क्या है? तब मैंने उसको कहा कि हम कमरे में कपड़े नहीं पहनेगे हम दोनों पूरे नंगे ही रहेंगे। अब वो मेरी इस बात को तुरंत मान गई, लेकिन उसको अपने घर तो जाना ही था, क्योंकि वो तो सिर्फ कॉलेज के समय तक ही मेरे साथ रुक सकती थी, लेकिन मुझे बाद में पता चला कि उसने उस दिन मेरे पास आने से पहले अपने घर वालों को कहा था कि कॉलेज में पार्टी की तैयारी चल रही है।फिर मुझे इस वजह से आने में देरी भी हो सकती है और इसलिए वो रात को अपनी दोस्त जो कॉलेज के पास ही रहती है वो उसके घर ही रुक जाएगी और वहां से दूसरे दिन सुबह उठकर अपनी ट्यूशन से होकर ही वापस घर आ जाएगी। अब वो मुझसे बोली कि तुम मुझे शाम को 6 बजे छोड़ देना, क्योंकि वो 4 बजे अपनी ट्यूशन जाती थी और 6 बजे वापस आ जाती थी। फिर मैंने उसकी वो सभी बातें सुनकर कहा कि हाँ क्यों नहीं यार मुझे क्या चाहिए था? वो सब अब मिल चुका था। अब हम दोनों कमरे में पूरे नंगे ही लेटे रहे और कुछ देर बाद खाने के लिए मैंने ऑर्डर किया और जब हमारा खाना आ गया, तब वो उठकर बाथरूम में जाने लगी। दोस्तों मैंने ध्यान से देखा कि उस समय वो ठीक तरह से चल भी नहीं पा रही थी, उस पहली चुदाई ने उसकी चाल को बिल्कुल बदल दिया था। फिर मैंने उसको वापस कमरे में बुलाकर सबसे पहले खाना खाया और उसके बाद मैंने उसको पलंग पर लेटाकर उसके पूरे शरीर की मसाज करना शुरू किया और वो काम करते समय ही मैंने उसकी चूत को भी चाटा। अब वो एक बार फिर से मेरे लंड को देखने लगी और वो कहने लगी कि मुझे भी तुम अपना लंड दे दो और वो यह कहकर एक बार फिर से मेरे लंड को चूसने लगी।

दोस्तों हम दोनों अभी तक झड़े भी नहीं थे और एक दूसरे के जिस्म से मज़े कर रहे थे और पता ही नहीं चला कि कब शाम हो गई? वाह क्या मस्त हसीन दिन था? उस दिन मैंने उसको चार बार चोदा और बहुत बार ऊँगली से भी चुदाई के मज़े दिए और फिर पांच बजे जब हम उठे तब मैंने देखा कि उसको ठीक तरह से चला नहीं जा रहा था और मैंने देखा कि उसकी चूत इतनी जबर्दस्त चुदाई करवाने की वजह से सूज चुकी थी। अब मैंने उसकी चूत पर बाम लगाया और कुछ देर में ही जोश में आकर वो एक बार फिर से अपनी चुदाई करवाने के लिए तैयार हो गई, लेकिन इस बार मैंने उसको साफ मना कर दिया, उसको कहा कि अब तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है, में तुम्हे अगली बार चुदाई के मज़े दूंगा। तब वो बड़ी मुश्किल से मेरी इस बात को मानी और फिर वो तैयार होकर अपनी ट्यूशन और फिर उसके बाद अपने घर चली गई ।।

धन्यवाद …

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