सोनिया की गांड के परखच्चे

antarvasna, desi kahani

मेरा नाम राकेश है मैं मेरठ का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 30 वर्ष है। मैं जिस कंपनी में नौकरी करता था वहां से मेरी जॉब छूट गई और उसके बाद मैं काफी समय तक खाली बैठा रहा, मैंने सोचा कि मैं कुछ अपना ही काम शुरू कर लेता हूं। जब मैंने अपना काम शुरू किया तो कुछ समय तक तो मेरा काम अच्छा चला इसीलिए मैंने सोचा कि क्यों ना अब मैं ब्याज में पैसे ले लूं और अपने काम को और बड़ा करूं इसीलिए मैंने ब्याज में पैसे ले लिए, उसके बाद मैंने अपने काम को और भी बढ़ा लिया। जब मैंने अपने काम को बड़ा किया तो उसके बाद मेरा काम काफी अच्छा चलने लगा, मैं अपने काम से बहुत खुश था इसलिए मैंने एक प्रॉपर्टी ले ली।  उस प्रॉपर्टी के लिए मैंने बैंक से लोन ले लिया था और मैं अब बैंक की किस्त भरने लगा था। मैं समय पर बैंक की क़िस्त दे दिया करता, जिससे की मेरा लोन भी अच्छे से चल रहा था।

उसी बीच मेरी जिंदगी में एक लड़की ने दस्तक दी और मुझे उससे प्यार हो गया, उसका नाम सोनिया था। सोनिया और मैं करीब आने लगे, मुझे पता ही नहीं चला कि कब वह मुझसे इतना प्रेम करने लगी और मैं भी उसे बहुत ज्यादा प्रेम करने लगा था, मैं उस पर आंख बंद कर भरोसा कर लेता था। एक दिन वह मुझे कहने लगी कि मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता है, मैंने उसे कहा कि ठीक है तुम मुझसे पैसे ले लेना। मैंने उसे कुछ पैसे दे दिए, वह कॉलेज में पढ़ती थी, मैंने जब उसे पैसे दिए तो वह बहुत खुश हुई और उसने मुझे गले लगा लिया, उसके बाद कई बार वह मुझसे पैसे की डिमांड करने लगी, मैं उसे हमेशा ही पैसे दे दिया करता और उस पर आंख बंद करके भरोसा करता था। मैं उसे अपने घर भी लेकर आया और मैंने अपने माता पिता से भी सोनिया को मिलाया, मेरे माता-पिता को सोनिया बहुत ही पसंद थी लेकिन मुझे उसके बारे में पता नहीं था कि वह सिर्फ मुझसे पैसे लूट रही है, उसने कई लड़कों से ऐसे ही पैसे लूटे हैं।

उसने मेरी आंखों पर अपने प्यार का जाल बिछा दिया था, मैं उस पर बिल्कुल भी शक नहीं कर पाया। मुझे लगा कि सोनिया भी मेरे लिए पूरी तरीके से समर्पित है इसीलिए मैंने भी उसकी हर बात को मानना शुरू कर दिया और सोनिया भी मेरी हर बात को मानती थी। मुझे उसने कभी भी ऐसा शक नहीं होने दिया कि वह मुझसे प्रेम नहीं करती लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसके दिल में मेरे लिए बिल्कुल भी प्यार नहीं है और ना ही वह मुझसे प्यार करती है। एक दिन मैंने उसे एक लड़के के साथ देख लिया था, उसके बाद मैंने उससे पूछा लेकिन उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया, वह कहने लगी कि वह मेरा भाई है। मैंने उसे कहा कि यदि वह तुम्हारा हमारा भाई है तो  तुमने मुझे उससे कभी मिलाया क्यों नही,  वह कहने लगी कि वह मेरा दूर का भाई है और उस दिन वह मुझे मिल गया था तो इसीलिए मैंने उससे बात कर ली। उस दिन मुझे सोनिया पर शक हो गया था और मैं सोचने लगा कि यदि कभी सोनिया ने मुझे धोखा दे दिया तो मैं तो पूरी तरीके से बर्बाद हो जाऊंगा लेकिन तब तक उसने मुझे अपने जाल में फंसा लिया। मुझे उसने उस लड़के से मिलवाया तो वह लड़का भी कहने लगा कि सोनिया मेरी बहन है और हम दोनों दूर के रिश्तेदार हैं, मुझे भी उस दिन सोनिया पर पूरा यकीन हो गया और मैंने उस पर शक करना छोड़ दिया लेकिन मैं उस दिन बहुत गलत था, मुझे नहीं पता था कि वह मेरे साथ बहुत बड़ा गेम खेल रही है। एक दिन वह मेरे पास आई और कहने लगी कि मेरे पिताजी की बहुत ज्यादा तबीयत खराब है और वह बहुत ही सीरियस हो चुके हैं, मैं सोनिया से वैसे भी अंधा प्यार करता था तो मैंने उसे कहा कि उन्हें क्या हो गया है, वह कहने लगी कि उन्हें कैंसर हो गया है और वह बहुत सीरियस हो चुके हैं, डॉक्टरों ने कहां है कि यदि उनका जल्दी से ऑपरेशन नहीं हुआ तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। जब यह बात सोनिया ने मुझसे कहीं तो मैंने सोनिया से कहा कि क्या तुमने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया है, वह कहने लगी हां वह हॉस्पिटल में ही है और हमारे पास कुछ पैसे कम पड़ गए यदि तुम मेरी मदद कर दो तो मैं तुम्हें वह पैसे कुछ दिनों बाद ही लौटा दूंगी।

मैं सोनिया के प्यार में पागल था तो मैंने उसे पैसे दे दिए, मैंने जब सोनिया को पैसे दिए तो वह कहने लगी कि तुमने आज साबित कर दिया कि तुम मुझसे कितना ज्यादा प्यार करते हो। उसके बाद वह हो चली गई और मैं दुकान में बैठा हुआ था, मैंने सोनिया को फोन किया तो वह कहने लगी कि मैं अस्पताल में ही हूं और तुम्हें कुछ समय बाद मैं फोन करती हूं। मैंने जब सोनिया को फोन किया तो मुझे पता चला कि वह किसी और का नंबर है और सोनिया ने वह नंबर लिया हुआ था। मैंने जब उस व्यक्ति से पूछा तो वह कहने लगा कि सोनिया ने मुझे भी धोखा दिया है, मेरी और सोनिया की शादी हो चुकी थी लेकिन उसके बाद वह किसी और के साथ भाग गई। जब मुझे यह बात पता चली तो मैं उस व्यक्ति से मिला, वह व्यक्ति बहुत फूट फूट कर रो रहा था और कह रहा था कि क्या तुम्हें भी उसने बेवकूफ बना दिया, मैंने उसे कहा कि हां वह कह रही थी कि मेरे पिताजी की तबीयत खराब है, मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता है तो मैंने उसे कुछ पैसे दे दिए थे लेकिन उसके बाद से ना तो सोनिया का फोन लग रहा है और ना ही उसका कुछ पता है।

मुझे भी अब पूरा शक हो चुका था कि सोनिया ने मुझे चूना लगा दिया है और अब वह कभी भी मेरे पास वापस नहीं आने वाली है। मैं जब अपनी दुकान पर गया तो मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ और मुझे लगा कि शायद अब मैं इस हादसे से नहीं भरने वाला हूं क्योंकि मैंने पहले ही बहुत सारे पैसे बाजार से प्याज में लिए हुए थे और मैं वैसे ही कर्जे में चल रहा था और ऊपर से मैंने सोनिया को पैसे भी दे दिए थे। मेरे पास कुछ भी पैसे नहीं बचे थे इसलिए मैंने सोचा कि मैं शायद अब यह पैसे नहीं चुका पाऊंगा।  जितनी भी मेरे पास शेविंग थी, मैंने वह सब निकाल कर लोगों को लौटा दिए, जितना मुझसे हो सकता था मैंने उतने पैसे सबको लौटा दिए, उसके बावजूद भी काफी पैसे कम पड़ रहे थे लेकिन मैंने उन लोगों से समय मांग लिया और जब उन्हें मेरे बारे में जानकारी हुई तो उन लोगों ने मुझे समय दे दिया। मुझे लगा कि शायद अब मैं मेरठ में ना रहूं तो ही अच्छा रहेगा इसीलिए मैं सोचने लगा की मैं किसी और शहर जाकर बस जाता हूं।

मैं बहुत ज्यादा टूट चुका था और अब मैं बिल्कुल भी अपने बारे में नहीं सोच रहा था इसीलिए मैं बहुत शराब पीने लगा, मुझे लगा कि शायद अब मेरा जीवन बर्बाद हो चुका है लेकिन मुझे उस वक्त मेरे एक दोस्त ने बहुत ही सपोर्ट किया, उसने कहा कि तुम मेरे साथ चंडीगढ़ चलो, मैं उसके साथ चंडीगढ़ चला गया और मैं चंडीगढ़ में कुछ दिन काम करने लगा तो मैंने थोड़े बहुत पैसे लोगों के लौटा दिए थे। मैं बहुत ज्यादा ही दुखी था लेकिन मैं अपना काम भी अच्छे से कर पा रहा था। एक दिन मुझे एक व्यक्ति मिला वह कहने लगा कि क्या तुम जिगोलो सर्विस में काम करोगे उसके बदले तुम्हें बहुत अच्छे पैसे मिल जाया करेंगे। मैंने उसे कहा ठीक है मैं जिगोलो सर्विस में काम करने के लिए तैयार हूं। उस व्यक्ति ने मुझे एक महिला के पास भेजा और जब मैं उस महिला के पास गया तो मैंने देखा कि वह तो सोनिया है। मेरा पूरा दिमाग खराब हो गया और मैंने उसे कस कर पकड़ लिया। वह भागने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसकी सलवार को खोलते हुए उसकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मेरा लंड जैसे ही सोनिया की गांड में घुसा तो वह चिल्लाने लगी। मैंने उसे बड़ी तेज तेज धक्के देने शुरू किए और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

वह भी बहुत खुश हो रही थी और कह रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैंने उसे कहा कि तुम्हारी वजह से मेरी गांड फट गई है और मैं लोगों को मुंह दिखाने के लायक भी नहीं रहा। वह कहने लगी मैं तुम्हारे पैसे तुम्हें लौटा दूंगी तुम उसकी चिंता मत करो। मैं अब उसकी चूतडो को पकड़कर उसे धक्के दे रहा था वह बहुत चिल्ला रही थी। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसे धक्के दे रहा था। मैं उसकी गांड की गर्मी को ज्यादा समय तक नहीं झेल पाया और उसकी गांड के अंदर मेरा माल गिर गया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरे अंदर का गुस्सा अभी तक शांत नहीं हुआ था मैंने अपने लंड को हिलाते हुए दोबारा से सोनिया की गांड के अंदर डाल दिया। जब मेरा लंड सोनिया की गांड में घुसा तो मुझे बहुत मजा आने लगा मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है जिस प्रकार से तुम मुझे झटके दे रहे हो। मैंने सोनिया से कहा कि तुमने भी मेरी गांड फाड़ी है आज मैं तुम्हारी गांड के  परखच्चे उड़ा कर रख दूंगा। मैंने अब उसे बड़ी तेज तेज धक्के मारे उसकी गांड से कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर आने लगी थी लेकिन मुझे भी बहुत आनंद आ रहा था। मैं सोनिया को बड़ी तेजी से पेल रहा था जैसे ही मेरा माल दोबारा से सोनिया की गांड में घुसा तो मैंने अपने लंड को सोनिया की गांड से बाहर निकालते हुए सोनिया को अपनी बाहों में ले लिया। वह मुझे कहने लगी मैं तुम्हें तुम्हारे पैसे भी लौटा दूंगी। मैंने उसे कहा कि तुम मेरे पैसे मुझे अभी लौटा दो। उसने अपनी अलमारी से पैसे निकाले और उसके बाद मैंने उसे वह पैसे लिए। जितने समय तक वह चंडीगढ़ में थी मैंने उसकी गांड मारी। उसने मुझसे कहा कि मुझे अपनी गांड मरवाने में बहुत मजा आता है ना जाने उसने कितने लोगों के लंड अपनी गांड में लिए होंगे।

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