bhabhi ko ghar mai choda • Hindi Sex Stories

 

Bhabhi ki chudai (रेणुका को ट्रेन मैंने कैसे चुदाई किया उसके आगे का शेष भाग )

गाँव में मुझे सिर्फ दो दिन का काम था इस लिए मैं 5 मार्च को वापस आ गया ! जब से रेणुका भाभी की चुदाई किया तब से उनसे रोज मोबाइल पर लम्बी बाते होने लगी ! बात बात एक दिन पूछ लिया की कब आओगी तो बताया की 8 मार्च जाऊगी ! तब मैंने कहा ”ट्रेन में मजा नहीं आया” तो हसने लगी और बोली ”ठीक है और कही जगह देख लेंगे जहा खूब मजा आये” और इस तरह से रोज रोज बाते करने लगा भाभी से खूब गन्दी गन्दी बातें करना ! आखिर भाभी 8 मार्च को साम के समय वापस आ गई ! तो मैंने मन ही मन प्लान बना लिया की कल दिन में भाभी को नहला कर चोदा जाए और फिर ये प्लान भाभी को बताया तो मना कर दिया और बोली ”कल नहीं परसो” तो मैंने कहा ”परसों तो रंगपंचमी है सभी घर में रहेंगे” तो भाभी बोली ”मैं कुछ सोच कर ही कह रही हूँ” तब मैंने पूंछा ”कितने बजे” तो भाभी बोली ”साम को 4:30 के बाद जब होली
खुमार उतर जाएगा सभी नहाने धोने लग जायेगे तब” पर मेरे से रहा नहीं गया और फिर से पूंछ लिया की ”भाई साहब,और गुड़िया तो नहीं रहेंगे घर पर” तो भाभी बोली ” गुड़िया को इंटरब्यू दिलाने चले जाएंगे सुबह-सुबह तो रात तक वापस आयेगे” बस फिर क्या था मैंने मन ही मन प्लान बना लिया की भाभी को उनके बैडरूम में तबियत से चुदाई करूंगा ! ये सोच सोच कर 2 रात तक टीक से नींद नहीं आई ! जैसे तैसे 10 मार्च आया तो खुसी के मारे दिन भर इधर उधर घूम घूम कर खूब रंग खेला कुछ दोस्तों के साथ कई पैग सराब के भी लगा लिए दोपहर के 3 बजे तक ! 3 बाद घर गया नहाया रंग साफ़ किया खाना खाया और थोड़ी देर तक आराम करने के बाद करीब 4 बजकर 15 मिनट पर घर से निकल लिया और पैदल ही रेणुका भाभी के घर आ गया ! रेणुका भाभी के घर आसपास सन्नाटा हो गया था सभी नहाने धोने में ब्यस्त हो गए थे !

चुपचाप गेट खोला और दरबाजे को खोलने लगा तो नहीं खुला,अंदर से चिटकनी लगी थी तब मैंने साइड से झाककर देखा तो चिटकनी खिड़की के पास ही लगी थी तब मैंने हाथ डालकर चिटकिनी को बिना आवाज किये खोल दिया और चप्पल सहित अंदर खुस गया और धीरे दरवाजा लगाया साइड में चप्पल रखा और दबे पाँव से भाभी को तलासने लगा तो किसी रूम में नहीं दिखी तो बैडरूम में जाने लगा तो बाथरूम से नहाने की आवाज आ रही थी तो बाथरूम के तरफ चला गया तो देखा की भाभी सलवार ब्रा में बाथरूम को साफ़ कर रही थी तो मैंने तुरंत मेरा मोबाइल निकाला और चुपचाप फोटो लेने लगा जब मोबाइल का फ्लेस चमका तब भाभी पलट कर देखी और हलके दिखावटी गुस्से से बोली ”ये क्या बदतमीजी है” तब भी मैं बार बार मोबाइल के कैमरे से फोटो लिए जा रहा था तो बोली ”बाद में सभी डिलीट कर देना” तो मैंने कहा ”चिंता नहीं करो भौजाई साहब कोई नहीं देखेगा मेरे सिवा” इसके बाद बोली ” अब बंद करिये नहीं तो पानी डाल दूंगी मोबाइल में” और नहाने वाले प्लास्टिक के मग भरा तो मैंने जल्दी से मोबाइल लेकर भगा और बैडरूम आकार सभी कपडे उतार कर एक दम से नंगा होकर बाथरूम में घुस गया और फिर रेणुका भाभी के पीछे पीठ की तरफ खड़ा हो गया और फिर एक एक करके गले से, पीठ से, कमर से, हाथों में साबुन लगा लगा कर रंग को छुड़ाने लगा मैं जैसे रंग छुड़ाता

जाता वैसे वैसे रेणुका भाभी के ऊपर चुदाने का रंग चढ़ता जाता आखिर में गले से रंग छुड़ाते हुए चूचियों पर साबुन लगाया और फिर चूचियों के ऊपर नीचे हाथ खिसका खिसका कर घिसने लगा ! वाऊ क्या बढ़िया अनुभव था उस समय बाथरूम का, मेरा खड़ा हुआ लण्ड रेणुका भाभी की पीठ से टकरा रहा था और भाभी की बड़ी बड़ी टाइट चूचियाँ मेरे हाथ से मछली की तरह बार बार फिसल रही थी इस तरह से लगातार 4 मिनट तक भाभी की चूचियों का रंग निकालता रहा काफी हद तक चूचियों का रंग निकल गया पर भाभी के ऊपर चुदाई का रंग चढ़ने लगा ! अब भाभी मेरे हाथो को पकड़ कर अपनी तरफ खीचने लगी फिर भी मैं चूचियों को मसले जा रहा था तब भाभी मेरे मोटे लण्ड को पकड़ कर खिलाने लगी तो मैं भाभी के सामने आ गया और भाभी मुह के पास लण्ड ले गया और भाभी के मुहं में डालने लगा तो भाभी ने लण्ड लेने के पहले सुपाड़े की चमड़ी को पीछे खिसकाया और लण्ड को धोया और बड़ी आसानी से मुह डाल लिया तो मैंने लण्ड को आगे पीछे करने लगा 1 मिनट तक करने के बाद भाभी ने लण्ड को मुह और बोली ”ये किस दिन काम आएगी” (अपनी बुर की तरफ इसारा किया) इतना कहकर मेरे हाथ को पकड़ कर खींचा और नीचे बैठा दिया तो मैंने भाभी की दोनों टांगो को अपनी कमर की तरफ खींचा और कमर से सटाते हुए अपनी दोनों टांगो को भाभी की कमर के पास सटा दिया और फिर भाभी की चूत में लण्ड को बड़ी आसानी से घुसा दिया (आज भाभी की चूत एकदम से चिकनी थी लगता है आज अभी अभी सफाई किया था )और भाभी की कमर में हाथ रख कर अपनी तरफ खीच लिया और बाथरूम की चिकनी फर्स पर अपने चूतड़ को हिलाने लगा भाभी भी अपने चूतड़ों हिला हिला कर चुदाई का मजा लेने लगी ! पर मैंने आज सराब पी रखी थी इस लिए दिमाग में कुछ अलग ही सैतानी सूझ पड़ रही थी ! मैंने चुदाई बंद किया और भाभी को पकड़ कर उठाया और बाथरूम में ही घोड़ी बना दिया और घोड़े की तरह पीछे से चुदाई सुरु कर दिया पर भाभी के घुटनों में दर्द होने लगा लगा क्योकि फर्स के कारण तो भाभी पेट की तरफ से बाथरूम में लेट गई और मैंने फिर लण्ड घुसेड़ कर चोदने लगा पर भाभी के मोटे मोटे चूतड़ों के कारण मेरा छोटा सा लण्ड अंदर तक नहीं जा रहा था तो मैंने भाभी को बोला ”चलिए बेड पर चलते हैं यहाँ मजा नहीं आ रहा है” तो भाभी तुरंत तैयार हो गई और दोनों बैडरूम में आ गए !

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