antarvasnasexstories

meri biwi chudai or salhaj

meri biwi chudai or salhaj


Warning: printf(): Too few arguments in /homepages/40/d732237198/htdocs/clickandbuilds/DesiKhani/wp-content/themes/viral/inc/template-tags.php on line 113
मैं अपने बीवी से सन्तुष्ट हूँ और वह मुझसे सन्तुष्ट है, हम लोगों का यौन जीवन पूर्ण रूप से सफल है, अर्थात मेरा लन्ड लगभग आठ इन्च का है और जब मैं अपनी बीवी की चुदाई करता हूँ तो जब तक वह न झड़े मेरा लन्ड अपना पानी नहीं छोड़ता है, इस वजह से वह मुझसे खुश रहती है और चुदाई में भरपूर साथ देने की वजह से मैं भी उससे खुश रहता हूँ। मेरी उम्र 38 साल है एवं मेरी बीवी 34 साल की है, हमारे तीन बच्चे हैं, कुल मिला कर हम लोग अपने आप में बेहद खुश हैं, मेरी बीवी सुन्दर है, सेक्सी है, वह थोड़ी मोटी है जिसके कारण उसके चुच्चे बड़े बड़े हैं और उसका विशाल मादक चूतड़ मानो जन्नत हैं, मादक चूतड़ एकदम गोल बड़े हैं और जब कुतिया बना कर पीछे से चूत चोदता हूँ तो मादक चूतड़ देखकर लन्ड तुरन्त पानी छोड़ देता है और मैं उसके पीछे बैठ कर मादक चूतड़ और चूत देर तक सहलाता रहता हूँ, सुन्दर और बड़े मादक चूतड़ मेरी कमजोरी हैं, अक्सर मैं जब भी
ek anokha sayong

ek anokha sayong

antarvasnasexstories, aunty ki chudai ki kahani, bahan ki chudai, behan ki chudai, bhabhi chudai kahani, Bhabhi Ki Chudai, chudai ki hindi kahaniya, chudai ki kahani, chudai ki kahani photo ke sath, Dear sister's fuck, desi chudai, desi chudai kahani, Desi wife cheating sex stories, Desi wife sex stories, Desi wife sharing sex stories, Desi wife swapping sex stories, devar bhabhi ki chudai, DEVAR BHABHI SEX, devar bhabhi sex stories, english sex kahani, English Sex Stories, Family Sex Stories, Fuck in relationships, Girlfriend ki Chudai, girlfriend Sex stories, Hindi Sex Stories
  मैं एक बार एक गोरखपुर से दिल्ली ट्रेन का रिजेरवेशन न मिलने के कारण स्लीपर बस से यात्रा कर रहा था। मुझे सीट भी आखिरी, अपर स्लीपर, मिली जो दो लोगों के सोने की थी लेकिन शायद कोई सवारी न होने के कारण ही देर होने के बाद भी रुकी हुई थी। मेरे बैठने के साथ ही ड्राइवर ने बस चला दी। ड्रेस चेंज करने के बाद, लूँगी बनियान में ही थका होने के कारण 10 बजे के आसपास सो गया। चूंकि बस नानस्टाप थी, इसलिए भी निश्चिंत था कि अब रास्ते में कंडक्टर सवारियाँ तो लेगा नहीं। रात में महसूस हुआ कि कोई मेरे पास लेटा हुआ है और उसका हाथ मेरे लन्ड को सहला रहा है। पहले मैंने सोचा कि मेरा सपना होगा पर फिर वही हुआ तो चुपचाप बिना हिले ड़ुले यह देखने की कोशिश की कि यह हो क्या रहा है और कौन कर रहा है। बहाने से मैंने टटोलने के लिए अपना हाथ बढ़ाया तो हाथों को चूचियों का स्पर्श हुआ। मतलब कि मेरी सहयात्री कोई महिला थी। अब