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Nadi Kinare Chut Pukare

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हाय फ्रेंड्स मेरा नाम चंदन है ये कहानी तब की है जब 20 साल का था, मे का महीना मैं हमेशा गाओं जाता था उस बार जब गाओं गया तो घर पे कोई नही था सिर्फ़ दादा दादी घर पे थे और कोई नही था मुझे बोर लग रहा था गर्मी बहुत था. हिन्दी सेक्स स्टोरीस हमारे गाओं मे एक नदी है जिसमे हमेशा पानी भरा हुआ रहता था वाहा एक बड़ा सा पेड़ था जिसके वजह से उस जगा बैठने मे मज़ा आता था. मैने 12 बजे वाहा जाने का प्लॅन बनाया वाहा जाके बैठा था की एक औरत वाहा आई जिसका उमर कुछ 40 के बीच मे होगी उसने शायद पेटिकोट नही पहना और ब्लाउस बिल्कुल नही पहना था उनका बूब्स साफ पता चलता और वो जब चलरहिति बूब्स हिल रहेते वो कुछ बर्तन लेके आई थीसाफ करने के लिए. वो मुझे देख के थोड़ा हसके पूछी कौन हो तुम और किसके घर आए हो मैने कहा मैं बद्री मेरा दादा जी है और मेरा नाम चंदन है तो वो बोले अछा और बर्तन नदी के कीनारे रख दिया और थोड़ा आगे