kamukta kahani

yaa to aaj phir kabhi nahi

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मामा ने पूछ, रात केसी गुर्जरी, नींद अच्छी से आयी य नहिन. yaa to aaj phir kabhi nahi – 1 मैंने कहा, जबरदस्त, ऐसी मुबारक रात सब को मिले. यह सुन कर सब ही मुस्कुरने लगे. भाई ने पूछा, सम ! तैराकी अच्छी से सीख ली न. मैंने जवाब दिया, बहुत कुछ सीख लिया. हम लोग घर पहुँच गये और मामा हम लोगोन को छोड़ कर अपने घर चले गये. उन्हें जाते हुए देख कर मैंने मुस्कुर कर शुक्रिया अदा किया और वोह मुस्क्रथे हुए चल्ले गये. मैं दिल में सोच रही थी कि अब अगली बार मामा से किस तरह मज लुंगी और अब तो कोई मुश्किल भी नहीं. मैं अपने कमरे में चली गयी और शोवेर लेकर सो गयी. सरी रात तो जगी थी. मैं ने तो फार्म हाउस में अपनी जिन्दगी की सब से सोहानी रात गुजरी थी. शाम को सो कर उठी और भाभी के कमरे में चली गयी. वोह भी अभी सो कर उठी थी. शायद उन्होने ने भी भाई के साथ फार्म हाउस का लुत्फ उथाय था. भाईया शोवेर ले रहे थे
Hindi Porn Story Makan Malik Ki Beti Ki

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मेरा नाम माधव शर्मा है, मैं इंदौर में पढ़ाई करता हूँ और यहाँ किराये के एक रूम में रहता हूँ। मेरी हिन्दी पोर्न स्टोरी की घटना आज से चार माह पहले की है जब मैं अपने नए रूम में रहने के लिए आया था, अभी दो दिन हुए थे यहाँ पर, एक दिन शाम के टाइम में सो कर उठा था, मेरा लंड लोअर में तम्बू बनाये हुए था और मैं उसे पकड़ कर मसलते हुए फोन पर बात करने लगा. तभी मेरी नजर खिड़की के बाहर गई जहाँ एक लड़की खड़ी थी और वो मेरे खड़े लंड को देख रही थी. मैं उसे देख के पहले तो धीरे से खिड़की से हट गया पर फिर मेरे मन में ख्याल आया क्यों न इसे लंड देखने दूँ. यह सोच कर मैं वहीं आकर खड़ा हो गया जहां से उसे मेरा लौड़ा मसलना दिखाई दे. मैंने अनजान बनते हुए लौड़ा मसलना चालू रखा और फोन पर बात करते रहा. थोड़ी देर बाद उसकी तरफ नजर घुमाई तो देखा कि वो जा चुकी थी। मेरा लौड़ा उसे देखते हुए देख कर तो उसे चोदने का मन होने लगा और मैं
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हैलो फ्रेंड्स, मैं जेसिका क्लार्क (बदला हुआ नाम) एक बार फिर उपस्थित हूँ नई कहानी के साथ! पर उसके पहले मैं आपसे कुछ बोलना चाहती हूँ, वो यह है कि कहानी को पढ़ने के बाद बहुत सारे लोग मुझसे मेरा मोबाइल नम्बर, व्हाट्सऐप नम्बर, फ़ोटो, मांगते हैं, जो मुझे अच्छा नहीं लगता, तो प्लीज कोई भी मुझसे ये सब न मांगें, और कोई पर्सनल जानकारी भी न मांगें क्योंकि कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिखी है, किसी के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाने के लिये नहीं. मैं मेरी निजी सेक्स लाइफ में बहुत खुश हूँ. अब मैं कहानी पर आती हूँ! बात अभी 3-4 दिनों पहले की है. मेरी सहेली रानी (बदला हुआ नाम) अपने घर गई तो मैं अकेली रह गई. मैं परीक्षित के पास गई, वो कुछ काम में व्यस्त थे और चिंटू भी कहीं पर व्यस्त थे. ऐसा नहीं है कि मुझे बुरा लग रहा था. पर रानी भी 15 दिनों के बाद आने वाली थी तो उससे मेरी फोन पर बातें हो रही थी. 2-3 दिन उसी त
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मेरा नाम अमित है और मैं बहराइच के रहने वाला हूं, फिलहाल पढ़ाई की वजह से मैं लखनऊ में रहता हूं। पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए मैं जिगोलो का काम भी करता हूं; इससे थोड़ी बहुत आमदनी भी हो जाती है और खर्चा भी निकल जाता है। जिगोलो के काम के चलते मेरी बहुत सारे लोगों से जान पहचान भी हो गई है, जिनमें अधिकतर आंटियां भाभियां और नई उम्र की लड़कियां भी हैं। जैसा कि सभी जानते हैं जिगोलो के काम में अपने आप को मेंटेन रखना बहुत जरूरी होता है हमारा शरीर ही हम लोगों को काम दिलाता है और नए-नए क्लाइंट दिलाता है। लखनऊ में मेरे बहुत सारे क्लाइंट थे ज्यादातर हमारी बुकिंग नाम बदल कर होती है इस तरह महीने में 10 से 12 दिन काम के निकल जाते हैं और अच्छी खासी आमदनी भी हो जाती है। एक दिन मैं बैठा हुआ था, तभी मेरे पास एक कॉल आई कॉल पिक करते ही, उधर से एक बहुत मीठी सुरीली सी आवाज सुनाई पड़ी। मैंने उससे पूछा