Chudai Sex kahani Three in one Hindi Sex Stories

Chudai Sex kahani Three in one मेरी उमर 35 साल की है. मेरा बदन एक दम गथीला है और मेरी लंबाई 5′ 6″ है. मेरा कॉक 7″ लंबा काफ़ी मोटा है. ये उस समय की बात है जब मैं अपने भैया के ससुराल गया था. मैं उस समय 20 साल का था. मेरे भैया की दो सालियाँ थी, जया और प्रेमा. जया 19 साल की और प्रेमा 18 साल की थी. मैं पहले भी काई बार भैया के ससुराल जा चुका था.

प्रेमा बहुत ही चंचल थी लेकिन जया उस से भी बढ़ कर चंचल थी. वो मुझसे बहुत मज़ाक करती थी. जया ने काई बार मज़ाक मज़ाक में मेरे गालों को काट भी लिया था. एक दिन उन दोनो ने कहा कि जीजू चलो आज पिक्चर देखने चलते हैं. मैं कहा ठीक है. पिक्चर हाल वहाँ से बहुत दूर था. हमे मतनी शो देखना था. इसलिए हम तीनो पिक्चर देखने के लिए 2 बजे पर ही घर से निकल गये. मैने एक ऑटो लिया. हम ऑटो में बैठे तो जया और प्रेमा बहुत मुस्कुरा रही थी. मैने पूचछा की क्या बात है तुम दोनो बहुत मुस्कुरा रही हो. जया बोली, “कुच्छ नहीं. ऐसे ही.” मैने कहा, “ज़रूर कोई बात है.” जया बोली, “अभी थोड़ी देर में मालूम हो जाएगा.” मुश्किल से 1 किमी. जाने के बाद जया ने एक घर के सामने ऑटो को रोक दिया और बोली मेरी एक सहेली शालु यहाँ रहती है. वो भी पिक्चर देखने जाना चाहती है. आओ अंदर चल कर उसे भी साथ ले लेते हैं. मैने ऑटो वेल को पैसा दिया और प्रेमा और जया के साथ शालु के घर पर चला गया. सहलू ने जया को देखा तो मुस्कुराते हुए बोली, “ले आई तुम जीजू को.” जया ने कहा हां मैं ले आई हूँ. जया और प्रेमा श्लालू के पास सोफे पर बैठ गयी. जया और शालु ने गॅप-शॅप शुरू कर दी. शालु की उमर भी लगभग 18 साल की थी. वो जया की सहेली थी. 15 मिनिट गुजर गये तो मैने जया से कहा कि पिक्चर नहीं जाना है क्या. बहुत देर हो रही है. वो बोली, “जीजू, असली शो तो यहाँ होगा. पिक्चर तो एक बहाना था. असल में तो हम तीनो को तो आपसे चुदवाना था.” मैं सकते में आ गया लेकिन अंदर ही अंदर बहुत खुश था. आज मुझे एक ही दिन में 3 चुतो को चोदने का मौका मिलने वाला था. उन तीनो ने ब्लाउस और मिनी स्कर्ट पहन रखा था. चुदाई के बारे में सोच कर मेरा लंड पॅंट के अंदर ही खड़ा हो गया. मैने उसे दबाना चाहा तो शालु बोली, “जीजू, पॅंट के अंदर क्या च्छूपा रहे हैं. ज़रा देखूं तो.” वो मेरे पास आई और मेरे पॅंट की चैन खोलने लगी. मैने अंदर आज चड्धि नहीं पहनी थी. चैन खोलने के बाद उसने मेरे लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया और बोली, “आपका तो बहुत बड़ा है. आज तो खूब मज़ा आएगा.” मेरा पूरा लंड अभी बाहर नहीं निकला था. मैने कहा, “अगर तुम तीनो को मुझसे चुदवाना है तो पहले तुम तीनो अपने कपड़े उतार दो और एक दम नंगी हो जाओ.” वो तीनो बहुत ही जोश में थी. जया बोली, “हम सभी अपने कपड़े अभी उतार देते हैं.” वो तीनो अपने कपड़े उतारने लगी और 2 मिनिट में ही मेरे सामने एक दम नंगी हो गयी. नंगी होने के बाद वो तीनो किसी मॉडेल की तरह अलग अलग स्टाइल में अपने बदन को मुझे दिखाने लगी. मेरा लंड एक दम तन गया. उन तीनो की चूत एक दम गुलाबी थी और उस पर एक भी बॉल नहीं थे. उन सब ने पूरी तैयारी कर रखी थी. मैं उन तीनो को चोदने के सपने देखने लगा. जया बोली, “जीजू, अब तुम भी अपने कपड़े उतारो और अपने पूरे लंड के दर्शन कराओ.” मैने भी अपने कपड़े उतार दिए और एक दम नंगा हो गया. मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था. मेरे लंड को देख कर जया बोली, “जीजू, तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है.” उसके बाद जया ने मुझे बेड के किनारे पर बिठा दिया और मेरी गोद में बैठ गयी और अपनी चूत से मेरे लंड को अपनी चूत से दबाते हुए मेरे होठों को चूमने लगी. शालु भी मेरे लेफ्ट साइड में आ कर बैठ गयी और मेरे गालों को ज़ोर ज़ोर से चूमने लगी. शालु अपनी चुचियाँ मेरे बदन पर रगड़ने लगी. उसके दोनो निपल एक दम टाइट हो गये थे. प्रेमा आकर मेरे राइट साइड में बैठ गयी और मेरा लंड सहलाने लगी. मेरा लंड तन कर एक दम लोहे की तरह हो गया. शालु ने मेरा हाथ अपनी चुचियों पर रख दिया और मैं उसकी निपल्स को मसल्ने लगा. प्रेमा अभी भी मेरा लंड सहला रही थी. मैने एक हाथ से बारी बारी से उनकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया. जया बहुत ही ज़्यादा जोश में आ गयी थी. उसने मेरी उंगली पकड़ कर अपनी चूत में डाल दी तो मैने अपनी उंगली उसकी चूत में अंदर बाहर करनी शुरू कर दी. जया मुझे बहुत ज़ोर ज़ोर से चूमने लगी. वो एक दम जोश से पागल हो रही थी. उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे लंड को चूसने लगी. शालु और प्रेमा एक दूसरे को चूमने लगी और एक दूसरे की चूत को सहलाने लगी. वो दोनो एक दूसरे की चुचियों को भी चूसने लगी. वो दोनो भी एक दम जोश में आ गयी थी. जया मेरे उपर 69 की पोज़िशन में हो गयी और मेरे लंड को बहुत तेज़ी के साथ चूसने लगी. मैने अपनी एक उंगली जया के चूत में डाल दी. उसकी चूत एक दम गीली हो गयी थी और मेरी उंगली एक दम भीग गयी. मैने अपनी उंगली उसकी चूत से निकाल कर उसकी गांद में डाल दी तो उसे थोडा दर्द हुआ. उसने मुझसे अपनी उंगली गांद से निकाल कर चूत में डालने को कहा. मैने प्रेमा से जया की चूची को चूसने को कहा जिस से उसे दर्द का एहसास ना हो. प्रेमा ने जया की चूची को चूसना शुरू कर दिया और जया शांत हो गयी. शालु भी जया के पास आ गयी और उसकी चूचियों को मसल्ने लगी. जया की चूत एक दम गीली हो गयी थी. मैने सबसे पहले जया को चोदने का मन बनाया. मैने जया को बेड पर लिटा दिया और उसके टाँगों के बीच आ गया. मैने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. वो और जोश में आ गयी और बोली, “जीजू, अब बर्दास्त नहीं हो रहा है. जल्दी डालो अपना लंड मेरी चूत में. खूब ज़ोर ज़ोर से चोदो मुझे.” मैने उसके चूतड़ के नीचे दो तकिये रख दिए तो उसकी चूत एक दम उपर उठ गयी. मैने अपने लंड का सूपड़ा उसकी चूत के बीच रख कर अंदर दबाया तो उसकी आँखों में आँसू आ गये तो मैं रुक गया. उसकी चूत बहुत टाइट थी. मैने प्रेमा और शालु से जया की चूची को चूसने और मसल्ने के लिए कहा. प्रेमा और शालु ने उसकी चूची को चूसना और मसलना शुरू कर दिया. जया और ज़्यादा जोश में आ गयी और बोली, “जीजू, अपना पूरा लंड घुसा दो मेरी चूत में. खूब ज़ोर ज़ोर से चोदो मुझे. तुम रुकना मत और मेरे चिल्लाने की कोई परवाह मत करना.” मैने अपना लंड जया की चूत में घुसाना शुरू कर दिया. थोडा ज़ोर लगाने के बाद मेरा आधा लंड जया की चूत में घुस गया. जया मुझे रोकने लगी लेकिन मैं रुका नहीं और एक जोरदार झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया.

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  • […] मेरा नाम समीर है. मेरी लम्बाई ६ फुट और कमर का नाप उस समय २८ इंच था जब की ये कहानी है. दिखने में ऊपर वाले की मेहरबानी से लड़कियों की नज़र चिपकाने लायक चेहरा और बदन है. जवानी की दहलीज़ पे कदम चढ़ने के बाद, लगभग २० साल की उम्र रही होगी। मैंने लण्ड की सार संभाल ठीक से करने के लिए नहाते समय लण्ड की मालिश सरसों के तेल से करनी शुरू कर दी. तेल बहुत तेज लगता था लेकिन थोडी देर सहन कर लेता था. लेकिन इसका नुकसान ये हुआ कि लण्ड का सुपाडा थोड़ा लाल हो गया और थोड़ा दर्द होने लग गया. ये देख के मुझे थोडी घबराहट हुई. मैंने अपने सर्किल में पूछताछ कि तो किसी ने मुझे बताया कि पास की कालोनी में हमारे घर से लगभग एक किलोमीटर दूर बड़े अस्पताल के स्किन रोग विशेषज्ञ रहते है उनको दिखा दू, अच्छे डॉक्टर है. शाम को ५ से ७ बजे तक देखते हैं एक दिन शाम डॉक्टर साब से मिलने गया, बेल बजाई, थोड़ा इंतजार के बाद दरवाजा एक लेडी ने खोला, लेडी कहना तो उनकी शान में गुस्ताखी होगी, वो तो क़यामत थी. ३१ इंच कमर, ३८ साइज़ के मम्मे, ५ फुट ७ इंच कद, २५ – २६ साल उम्र, फार्मी गेहूं जैसा रंग, चेहरा ऐसा की मेरी नज़र उनके चेहरे पर से हटने का नाम नही ले रही थी. उनकी आवाज आई “कहिये क्या काम है” मैंने पूछा – डॉक्टर साब है क्या. वो बोली नही है, क्या काम था. मैं – उनको दिखाना था. वो बोली – अन्दर आइये. उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया. वो मुझे कंसल्टिंग रूम में ले गई. बोली – हाँ बताइए क्या प्रॉब्लम है. मेरे तो होश उड़ गए ये सुन कर. इन लेडी को मेरी प्रॉब्लम क्या बताऊँ. मैं पहली बार किसी औरत के सामने ऐसी बात कर रहा था. मैंने हिम्मत करके कहा कि डॉक्टर साब को दिखाना था. उन्होंने मुझे ऊपर से नीचे तक एक गहरी नज़र से देखा और बोली कि वो तो है नही, उनका ट्रान्सफर इस समय जोधपुर है. और वो शनिवार और रविवार को यहीं होते है. लेकिन मैं भी डॉक्टर हूँ, बिना किसी दिक्कत के आप अपनी प्रॉब्लम मुझसे कह सकते हैं. ये सुन कर मेरी हथेलियों और पगथलियों में पसीना चुह चुहा आया. बहुत हिम्मत करके मैं ने हिचकते अटकते हुए धीरे धीरे अपनी प्रॉब्लम उनको बतानी शुरू की कि सरसों के तेल कि मालिश के कारण मेरे लण्ड में कुछ परेशानी आ गई है, उन्होंने लैंस उठाया और मेरे सामने आकर बोली – दिखाओ. ये सुन कर मेरे छक्के छूट गए. बहुत मुश्किल से अपने आप को कंट्रोल किया, मेरे कान गरम हो कर लाल हो गए. धीरे धीरे भारी हाथों से अपनी पैंट के हुक और जिप खोला, ऐसा लग रहा था मानो युग युग बीत रहे हैं. किसी तरह से पैंट को थोड़ा नीचे करके अंडरवियर के साइड से लण्ड को बाहर किया तो वो बोली – ऐसे नही, अंडरवियर उतारो. मैं ने अंडरवियर का नाडा खोल कर अंडरवियर को जांघो पर कर लिया. और लण्ड के सुपाडे की खाल को पीछे करके उनको दिखाया. उन्होंने मेरे हाथ को हटा कर अपने हाथ से मेरे लण्ड को पकड़ कर लैंस से सुपाडे को देखा. उनका मेरे लण्ड पर हाथ लगना था कि मेरे पूरे शरीर में करेंट लग गया और लाखों चीटियाँ मेरे शरीर पर रेंगने लगी, लण्ड ने अंगडाई लेनी शुरू कर दी. जिंदगी में पहली बार किसी स्त्री जात का हाथ लगा था वो भी किसी अप्सरा का. डॉक्टर बोली- ये क्या हो रहा है? तो मैंने कहा – इसमे मेरा क्या बस है। वो बोली – हाँ ये तो है! उन्होंने मेरी झांटो के बाल में ऊँगली से चारों ओर दबा के देखा, पूछा कोई गांठ है? मैंने कहा – नही. डॉक्टर बोली – किसी औरत के पास गए थे? मैंने कहा – नही! आज तक नही. देख-दाख के उन्होंने बताया कि सरसों के तेल की तेज़ी ने खाल छील दी है. मैं दवा लिख देती हूँ, दिन में तीन बार लगाओगे दो चार दिन में ठीक हो जाएगा. अब तक मेरा लण्ड अकड़ चुका था. मैंने थोडी हिम्मत जुटाई और पूछा- डॉक्टर साब मैं साइंस का स्टुडेंट हूँ. क्या आप मेरी जिज्ञासा को शांत कर सकती हैं, मैं शरीर के विज्ञानं में बहुत रूचि रखता हूँ. ये कहते हुए मैंने अपना अंडरवियर और पैंट ऊपर सरकानी चाही तो डॉक्टर ने कहा – अभी रुको और पूछो क्या पूछना चाहते हो? अब तक मेरी शर्म बहुत हद तक काबू में आ चुकी थी. कपड़े वैसे ही रहने दिए और मैं ने पूछा – ये होने का कारण क्या था? डॉक्टर – सरसों के तेल में बहुत तेज़ केमीकल होते हैं और ये अंग ढके रहने और नमी के कारण यहाँ की खाल बहुत नाजुक होती है जो ये तेज़ सहन नही कर सकती. यदि यहाँ की मालिश करनी हो तो नारियल का तेल काम में लो और नीचे जड़ से ऊपर की ओर इस तरह से मालिश करो ये कह कर उन्होंने अपनी मुट्ठी में मेरे लण्ड की जड़ से पकड़ कर हौले से ऊपर की ओर लाते हुए बताया इस तरह से मालिश करनी है और बहुत ज्यादा जोर से नही दबाना. लण्ड ब्लड के ज्यादा पम्पिंग होने से कठोर होता है, इस समय लण्ड से शरीर को जाने वाला ब्लड धीमे हो जाता है और पम्पिंग से आने वाला ब्लड बढ़ जाता है. बहुत जोर से दबा कर मालिश करने से लण्ड के ऊतकों को नुक्सान हो सकता है और लण्ड की कठोरता कम हो सकती है. वो बोली- रुको ! मैं आती हूँ ऐसे ही रहना. मैं हकबकाया सा खड़ा रहा, डॉक्टर जरा देर में वापस आई तो तीन चीजें उनके हाथ में थी – दवा की ट्यूब, नारियल तेल की बोतल और एक पारदर्शी छोटी बोतल जिसमे सुनहरे रंग का कुछ गाढा तरल था. मेरे पास आकर उन्होंने ये सारा सामान मेज़ पर रखा और ट्यूब खोल के चने की दाल जितनी दवा अपनी ऊँगली पे लगाई और मेरे लण्ड के सुपाडे की खाल पीछे करके लण्ड के सुपाडे पर मलने लगी. मल मल कर दवा को उन्होंने पूरा सुखा दिया. नाम था फोरडेर्म. अब बोली गुप्ता जी तेल की मालिश देखिये ऐसे करनी है। मैं ने कहा कि आप मेरा नाम नीरज बोलिए बहुत अच्छा लगेगा. chudai ki sex kahani hindi sex stories […]

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