Kamukta Vidhwa ki Jawani

मेरा नाम इन्द्रा है. उमर २५ साल की लेकीन आज मैं एक विधवा हूँ.आज में मेरी जिंदगी का एक सेक्रेट आपको बयां कर रही हूँ.

मेरी शादी हुए २ साल बीत गए और मेरे पती मेरी शादी के ६ महीने बाद ही गुजर गए. मेरे पापा और मम्मी का देहांत ७ बर्ष पहले एक कार एक्सीडेंट मैं हो गया था. २ साल पहले मेरे दो भाई, सुनील और सुरेश ने बडे धूम-धाम सी मेरी शादी की. दोनो भाई मुझसे ७ और ५ साल बडे है. दोनो की शादियाँ हो चुकी है.

शादी तो बडे धूम-धाम सी हुयी लेकीन सुहाग रात सी ही मैं अपने आप को तघी हुयी महसूस करने लगी. मेरा पती रोहन बड़ा ही Sexy आदमी था. शुहाग रात की रात वह शराब के नशे मैं झूमता हुआ आया और मेरे साथ कोई बातें ना करके सिर्फ अपनी हवास मिटाने की कोशिश करने लगा. मेरे कपडे उसने खींच कर मुझेसे अलग कर दीये. मेरे नंगे जिस्म को देखकर उसकी आंखें चमक ने लगी.

आखीर क्यों नही चमकती. मेरे हुस्न है ही ऐसा. मेरी उफनती हुयी जवानी को देखकर कई घायल हो चुके है. गोरा-चिट्टा बदन और उस पर ऊपर वाले की मेहरबानी सी एकदम परफेक्ट उतार और चढाव. बड़ी आँखों के अलावा मेरे पतले और नाज़ुक होंठ. तरासे हुए मेरे मुम्मे और पतली कमर. गोल-गोल चुताड और गद्रायी हुयी जन्घें. कपडे पहने होने के बावजूद राह चलते हुए लोग आहें भरते थे फीर यहाँ तो मेरा जिस्म एक दम बेपर्दा मेरे पती की आँखों के सामने था.

रोहन ने झट सी अपने कपडे उतारे और झूमता हुआ मुझे अपनी बाँहों मैं लेकर बेदर्दी सी मेरे गाल और मेरे दोनो मुम्मो को मसलने लगा. अपने दांतों सी मुझे काट कर मेरे मुम्मो पर अपने निशान दे डाले. फीर अपने लंड को हाथ मैं लेकर मेरी टांगो को चौडा कीया और मुझ पर टूट पड़ा. उसका लंड दिखने मैं एक मज़बूत लंड धिकायी पड रह था. मुझे लगा की यह मुझे बुरी तरह सी रौंद डालेगा.

उसने मेरे दोनो होठों पर अपने होठ रखते हुए एक करारा शोट मेरी चूत पर दे मारा. मैं चीख सी बिल्बिलाई लेकीन मेरे होठ उसके होठो सी चिपके हुए थे. आवाज नही निकली लेकीन आँखों सी दर्द के अंशु बह निकले. फीर वह मुझे चोद्ता गया लेकीन ५ मिनट मैं ही मुझ पर से उतर कर बगल मैं सो गया. उसके लंड सी निकला वीर्य मेरी चूत और मेरी झंघो पर चिपचिपाहट पैदा कर रह था. मेरे जिस्म अभी तक तयार ही नही हुआ था की उसका रुस नीकल गया. मैंने सिसकते हुए सारी रात गुजारी.

फीर यह सिस्सला रोज होने लगा. अब मुझे रोहन के बारे मैं सब कुछ पता चल चूका था. वह बचपन से ही ऐयाशी करता आ रह था. उसकी कई औरतों से संबंध थे. इसी वजह से उसके घर वालो ने उसकी शादी कर दी की शादी के बाद सुधर जाएगा. लेकीन उसकी जवानी खतम हो चुकी थी. रोज मेरे बदन मैं आग लगा कर खुद चैन की नींद सोता और मैं रात भर कर्वातें बदलते हुए सारी रात निकाल देती. कभी-कभी ब्लू फिल्म्स की CD लाकर रुम के CD प्लेयर मैं मुझे फिल्म
दिखता.

Un फिल्म्स को देखकर मैं तो सुलगती रहती लेकीन रोहन ५-७ मिनट के मजे लेकर उनको रात भर देखता रहता. In फिल्मो की तरह ही कभी- कभी मेरी गांड भी मार देता. मुख से उसके लंड को ३-४ din मैं चूसना ही पड़ता. जीस din उसका लंड मेरे मुहं मैं जाता उस din मेरी चूत को सकूं रहता था. लेकीन धीरे-धीरे उसका कमजोर जिस्म और कमजोर पड़ता गया और शादी के ६ माह बाद इस दुनिया से गुजर गया.

मेरे दोनो भाई मुझे अपने साथ ही अपने घर ले आये. हालांकि दोनो अब अलग-अलग रहने लगे थे. दोनो के घर पास-पास ही थे. दो-Teen महीने तो जैसे-तैसे गुजर गए लेकीन अब मेरे अन्दर की वासना की आग मुझे जलाने लगी. हेर रात को भाभियों को भैया के साथ हंसी- मजाक करते देख मेरा मन भी छट-पटाने लगता. मेरी दोनो भाभिया है भी Sexy नातुरे की और मेरे दोनो भाइयो को अपने कंट्रोल मैं रखती थी. लेकीन ना जाने क्या हुआ की दोनो भाभियाँ मुझसे नाराज़ रहने लगी. उन्हें लगता
था की मैं उनकी CID करती हूँ. एक दीन मुझे लेकर घर मैं बड़ा हंगामा हुआ. फीर फैसला हुआ की मेरे नाम १० लाख की फिक्सड डिपॉजिट कर मुझे हमारे पुराने घर मैं रहना होगा. मैं बड़ी दुखी हुयी. ससुराल तो छुटा ही था अब मैका भी छुट रह है.

फीर मैं अपने भैया लोगो को दुखी नही करना चाहती थी. अपने पुराने मकान मैं आ गयी. यह मकान मेरे मम्मी पापा ने लीया था. १ बेडरूम और १ हॉल का कोतटेज था. कॉलेज के पास था. दीन भर तो चहल पहल रहती लेकीन शाम होने के बाद एक्का-दुक्का आदमी ही रोड पर नज़र आता. मैं अकेली उस घर मैं रहने लगी. जब दीन मैं मन नही लगता तो कॉलेज काम्पुस मैं चली जाती. आजकल के नौज़वान छोरे और छोकरियों को देखा करती थी. हालांकि मुझे कॉलेज छोड हुए ५ साल ही बीतें है लेकीन टब मैं और अब मैं काफी फरक आ चूका है.

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