Karan Chacha Ne Sikhaya Sex Gyan

करन चाचा आज दो साल बाद आने वाले थे पूरे तीन महीने के लिए, पिछली बार जब आए थे तो मुझे खूब घुमाने ले जाते एक दिन बस मैं सीट नही थी तो मुझे गोद मैं बैठा दिया उस वक्त वो उन्नीस साल के थे थोड़ी देर बाद अचानक मुझे मेरी गॅंड पर कोई लोहे जैसी चीज़ लगी.

मैं समझ नही पाई जैसे जैसी बस चलती करन चाचा हल्के हल्के हिलते उस दिन के बदसे जब भी मौका मिलता मुझे गोद में बिठाते फिर आहिस्ता आहिस्ता मुझे अपने हाथों सी नीचे की और दबाते या मुझे नीचे से धक्का मरते रात को सोते वक़्त मुझपर सो जाते और फिर उसी तरह मुझपर हिलते और कुछ देर बाद थककर सो जाते.उनके जाने तक रोज़ यही खेल होता मैने इस खेल के बारे मे मेरी फ्रेंड रानी को बताया उसने बताया की उसके बड़े भैया भी उसके साथ यही खेल खेलते हैं पर उसके भाई अपनि पैंट उतार कर खेलते है उनके टाँगो के बीच कुछ मोटा सा चीज़ है उसके आस पास बहोत बाल है कभी कभी वो उसका मूह खोलकर उसको अंदर डालते है.

अब इतने दीनो बाद रानी ने मुझे बताया की उसके भैया अब रात मे उसके अंदर डाल देते है और उसको लंड बोलते हैं अब तो रानी को मज़ा भी आता है.

करन चाचा शाम को घर पहुँचे रानी को देखते थोड़े डर गये उन्हे पता चल गया था की मुझे अब तक शायद उस खेल का पता चल गया था वो जीन्स और टी शर्ट पहने हुए थे जिम बॉडी थी बगल मे ट्रिम किए हुए बाल नज़र आ रहे थे शेव नही किया हल्की डाडी और मूच थी बहोत हॅंडसम लग रहे थे.

मैने भी जान भुजकर मिनी स्कर्ट और टी शर्ट पहना था मेरी छाती हल्की उभर कर आई थी.इसके पहले वो मुझसे मिलते मैं दौड़कर उनसे लिपट गयी और जान भूजकर अपनी छाती उनके बदन से चिपका दी वो कन्फ्यूज़ थे फिर उन्होने भी मुझे गले लगाया और थोड़ा ज़ोर से दबाया मा पापा खड़े हम चाचा भतीजी का प्यार देख मुस्कुरा रहे थे.

उन्हे पता भी नही की हम दोनो क्या कर रहे थे अलग होने पर मैने चोरी से चाचा के टाँगो के बीच देखा वो जगह उभर गयी थी मैं समझ गयी की चाचा का खड़ा है. चाय नाश्ते के बाद मा वॉक और पापा सोसाइटी की मीटिंग के लिए चले गये.

चाचा बेडरूम मे फ्रेश हो रहे थे जैसे ही मुझे लगा वो बाथरूम से बाहर निकले मैं बेडरूम मे चली गयी करन चाचा तौलिया लिपटे खड़े अपना अंडरवेर ढूंड रहे थे मुझे देखते मुस्कुराए और बेड पर बैठ गये उनका नंगा बदन हल्के हल्के पानी से भीगा हुआ था मुझे पता था की उन्होने तौलिए के अंदर कुछ नही पहना था.

चाचा आई मिस्ड यू सो मच कहते हुए मैं उनके गोद मे बैठ गयी अर्रे क्या कर रही हो .क्यूँ पहले तो आप हमेशा मुझे गोद मे बिठा ते थे अब क्यूँ नही मैने पूछा.पहले कुछ और बात थी उन्होने ने मुझे हटाने की कोशिश की पर मैने उनके गले मे हाथ डाल दिया और बैठे रही.चाचा ने शरम से अपनी नज़ारे झुका ली उनका लंड खड़ा हो चुका था.

तुम जाओ मुझे चेंज करना है मैं अचानक उठी उनका लंड टॉवेल से बाहर झाँक रहा था उन्होने अपना हाथ उस पर रख दिया.अछा तो यह वो चीज़ थी और मैं सोचती लोहा है. आई एम सॉरी मुझसे ग़लती हो गयी उन्होने कहाँ.

पर मेरी चुत गिल्ली हो चुकी थी मैं उनके बगल मे लेट गयी और अपनी टाँगे खोल दी मेरा स्कर्ट उपर उठ गया मेरी पैंटी नज़र आ रही थी मैं आँखें बंद कर लेट गयी काफ़ी वक़्त तक कुछ नही हुआ मैने आँखे खोली चाचा ने टॉवेल फेक दिया था और नंगे बैठे हुए थे.

उनका मोटा लाल लंड साँप की तरह डोल रहा था.मैं आँखें फिर बंद की, मेरी दोनो टाँगे हटाने लगे और चाचा का मूह उनके बीच था वो मेरी चुत चाट रहे थे मुझे लगा मैं स्वर्ग मे हू.

मेरी चुत चिप छिपा गयी थी चाचा अपनी उंगली से मेरी चुत सहला रहे थे करन चाचा अह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह्ह मैं मदहोश हो गई.

फिर चाचा मेरी चुत चाट ते चाट ते मुड़े और अपना लंड मेरे मूह पर रगड़ने लगे मेरी साँसें उनके झाटो से रुक गयी उनके लंड के आस पास बहोट बाल थे मैं उनके झाटे चूमने लगी चाचा ने चुत चाट ते चाट ते एक हाथ से अपना लंड मेरे मूह पर रखा और कहा ले लो.

मैं चूसने लगी चाचा और मदहोश हो गये अब उनकी पूरी जीब मेरी चुत मे थी. करन चाचा प्लीज़ अभी वो करो जो मर्द औरत के साथ करता है.क्या तुम्हारे मूह से सुनना है उन्होने कहा चोदो.

मैने कहाँ.बस वो पागल हो गये मुझे पीठ के बल पटक दिया पूझपर चढ़ गये उनका शरीर गरम था मैं उनके जिम बॉडी में दबी हुई थी वो मेरे होट चूस रहे थे मेरे मूह मे उनका लॅंड था और उनके मूह मे मेरी चुत की खुसबू थी.

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