Tuition sex story – हेलो दोस्तो.. इस सेक्सी कहानी में पढ़ें कैसे मैंने ट्यूशन वाली 19 साल की लड़की की बुर चुदाई की कामुकता मिटाई। उसको पटाया और बिस्तर पर सुलाकर उसकी बुर में लौड़ा डाला और खूब चोदा।
सेक्स कहानी पढ़ने वाले और पसंद करने वाले सभी पाठकों को मेरे खड़े लंड का हेलो।
मेरा नाम राजेश है और मैं 23 साल का एक लड़का हूं.. मेरे लंड का साइज 7 इंच है और इसकी एक खासियत है कि मेरा टोपा कुछ ज्यादा ही मोटा है।
मैं एक निजी कंपनी में नौकरी करता हूं और अब मैं अपनी एक सच्ची सेक्सी कहानी आप सभी को सुनाने जा रहा हूं। दोस्तों में जिस मकान में किराए पर रहता हूं, वहां पर एक खूबसूरत लड़का कुछ बच्चों को ट्यूशन पढ़ने आती है।
उसका नाम कमीनी है और उसकी उम्र 19 साल है। उसका फिगर ऐसा है कि कोई भी देखे तो उसकी चूत लेने को तैयार हो जाए। उसका साइज 32 -27 -34 है और उसका कलर दूध की तरह सफेद है.. वो एक सीधी साधी और घरेलू लड़की है और बीटेक के दूसरे साल में पढ़ती है।
दोस्तों जब से वो ट्यूशन पढ़ने आने लगी है, तबसे ही मैं उससे पहली नजर में उसकी चुदाई के सपने देखने लगा था.. क्योंकि वो जैसे ही घर पर आती है तो मेरा लंड तोप की तरह एकदम खड़ा हो जाता है और मैं उससे बड़ी ही मुश्किल से शांत कर पाता था… बाद में रात को उसका नाम की मुठ्ठ मारता था।
दोस्तों में कभी-कभी उसको स्माइल भी पास किया करता था… और वो भी मेरी तरफ हल्का सा मुस्कुरा देती थी… लेकिन कभी भी हमारी बात नहीं हो पाती थी।
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फिर एक दिन वो थोड़ा लेट हो गई.. तो मेरे बच्चों की ट्यूशन लेने लगा… और फिर अचानक मैंने देखा कि वो मेरे पीछे आ कर खड़ी हो गई…
तो मैं एकादम से उठ खड़ा हुआ… वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगेगी..
मैंने उससे पूछा – आज आपको देरी क्यों हो गई?
वो कहने लगी – घर के किसी काम की वजह से थोड़ा लेट हो गई..
मैं बच्चों से उनका होमवर्क सुनाने लगा…
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तो वो बोले – आपने यह एकदम ठीक किया.. ये बच्चे बहुत शैतान हैं और कभी भी अपना होमवर्क समय पर नहीं करते…
और फिर वो मुझे एक मीठी स्माइल देने लगी।

दोस्तों में तो ख़ुशी के मारे फूला नहीं समा रहा था। उस दिन से मेरी उसकी प्रति काम वासना और भी तेज हो गई और मुझे चोदने का प्लान बनाने लगा। एक अच्छा मौका तलाशने लगा।
मेरे पास मेरा एक लैपटॉप और इंटरनेट डिवाइस भी थे.. जिस पर मेरे अपने ऑफिस का काम करता था और वो मुझे काम करते हुए देखा करता था।
एक दिन में अपने कमरे में कम्प्युटर पर काम कर रहा था।
फिर छुट्टी के बाद कुछ बच्चे मेरे पास आकर बोले – अंकल प्लीज हमें अपनी मुंबई वाली फोटो दिखाओ और जब में फोटो दिखाने लगा तो वो कमीने को भी फोटो दिखाने के लिए खींचकर मेरे कमरे में ले आए।
फिर वो भी मेरे पीछे खड़ी होकर फोटो देखने लगी।
कुछ देर के बाद मैंने उससे पूछा – फोटो कैसी लगेगी?
तो वो बोले – बहुत अच्छे हैं…
दोस्तों, उस दिन मुझे बहुत अच्छा लगा.. क्योंकि उस दिन मैंने उसे बदन की खुशबू को बहुत नज़दीक से महसूस कराया।
आख़िर वो दिन आ ही गया.. जिस दिन का मुझे बहुत दिनों से इंतज़ार था।
उस दिन बच्चे अपने मम्मी पापा के साथ अपने रिश्तेदार के घर पर दावत में चले गए और मुझसे कह गए कि वो लोग शाम को देर से आएंगे और मैडम से कह देना कि बच्चे कल पढ़ लेंगे।
ये बात सुनकर मेरी तो जैसे लॉटरी ही निकल पड़ी और मैंने कहा की ठीक है।
फिर मैंने प्लान बनाया कि कैसे कामिनी को चोदा जाए..
तो मेरे घर के पास वाले मेडिकल स्टोर पर गया और नींद की दो गोलियाँ ले आया और एक फ्रूटी की बोतल भी ले आया।
फिर में भूखे शेर की तरह अपने शिकार का इंतज़ार करने लगा और अपना लेपटॉप खोलकर काम करने लगा और उसके साथ में मैंने एक नंगी फोटो वाली साइट भी खोल रखी थी।
शाम को ठीक 4 बजे डोर बेल बजा। मैंने जब दरवाजा खोला तो मेरे तो होश ही उड़ गए..
आज कामिनी सफेद टॉप और काले रंग की इलास्टिक वाला पायजामा पहनने हुई थी।
वो इस ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही हैं।
उसे देखते ही मेरे बरमूडे में हलचल सी होने लगी और मैंने बड़ी ही मुश्किल से उसे शांत किया।
वो अंदर आई और बच्चे के कमरे का दरवाजा बंद करके मुझसे पूछी – ये लोग कहां पर गए हैं?
मैंने उसे बताया कि वो बाहर गाए हुए हैं और देर रात तक आ जाएंगे… तो वो बोली की ठीक है।
उसने पूछा – क्या मैं आपका इंटरनेट उपयोग कर सकती हूं..? मुझे कुछ मेल चेक करना था..
मैंने कहा कि हां क्यों नहीं.. मैंने उसे लैपटॉप दे दिया.. पर मैं जल्दीबाजी में नंगी फोटो वाला पेज बंद करना भूल गया..
मैंने उसे कहा कि आप बैठो में आपके झूठ फ्रूटी लेकर आता हूं।

फिर वो बोली कि नहीं में बस मेल चेक कराके जा रही हूं लेकिन मैंने एक मिनट रुकने को कहा और झट से फ्रूटी को दो ग्लास में डाला और उसके ग्लास में दो वो वाली गोली डालकर हिला दी।
इस दौरान मैंने अपने कमरे की खिड़की से देखा कि उसने नंगी फोटो वाले पेज खोल लिया था और उसे देख रही थी।
मैंने सोचा कि इसको यहीं पर खड़ा होकर देखता हूं कि ये अब आगे क्या करती है.. तो मैं दो मिनट वहीं पर खड़ा होकर देखता हूं..
मैंने देखा कि उसका पूरा चेहरा लाल हो गया था और रोंगटे खड़े हो गए थे… वो अपने होंठ ऐसे चला रही थी.. जैसे मुंह का सारा थूक सूख गया हो।
फिर मैं एक आवाज के साथ वहां पर पहुंचूं तो उसे झट से पेज चेंज कर दिया और अपने मेल चेक करने लगी..
मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा चेहरा इतना लाल क्यों हो रहा है तो वो बोली कि कुछ नहीं बस ऐसे ही और फिर वो बोली कि अब मैं चलती हूं.. मैंने अपने मेल चेक कर लिया है।
मैंने उसे कहा कि ये फ्रूटी तो पीकर जाओ तो वो बोले कि नहीं बस धन्यवाद..
मैंने कहा कि अगर आप नहीं पियोगी तो ये खराब हो जाएगी तो वो मान गई और जल्दी से एक बार में ही फ्रूटी का पूरा का पूरा ग्लास पी गई।
फिर मैं उसे अपनी बातों में लगाने के लिए पूछने लगा कि तुम कहां पढ़ती हो और क्या पढ़ाई करती हो?
तो वो मुझे सब कुछ बताने लगेगी..
फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे घर में कितने लोग हैं और वो क्या करते..?
इन्हीं बातों को पूछते हुए मैंने उसे 15 मिनट तक व्यस्त रखा और फिर कुछ देर बाद मैंने देखा कि गोलियों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था..
उसके पूरे चहारे पर पसीना आने लगा।
वो मुझसे बोले कि मुझे बहुत अजीब सा लग रहा है और चक्कर भी आ रहे हैं… अब मैं चलती हूं..
तो मैंने उसे कहा कि अगर तुम्हारी ज्यादा तबीयत खराब है तो थोड़ी देर यहीं पर रुक जाओ और आराम कर लो, तो वो बोली कि नहीं मैं चली जाऊंगी..
ये सब देखकर मुझे मेरा प्लान ख़राब होता हुआ दिखा। वो उथकर खड़ी हो गई और डरावे की तरफ जाने लगी।
तभी अचानक से वो रुकी और पास पड़ी चारपाई पर बैठ गई और बोली कि मुझे बहुत ज़ोर से चक्कर आ रहे हैं..
मैं जैसे ही उसके पास गया तो वो गिराने लगी..
मैंने उसे संभालनी के लिए हाथ आगे बढ़ाया और उसकी पतली, चिकनी कमर पर हाथ रख दिया..
वो अब मेरे एक हाथ पर थे और मेरी उंगलियां उसके स्तन के किनारों में धंस गई.. जो कि रूई की तरह एकादम मुलायम थे।
फिर मैंने उसको चेक करने के लिए बहुत हिलाया लेकिन वो एकदम सुन्न पड़ी थी..
उसके गुलाबी होंठ मुझे गुलाब के पंखुड़ियाँ जैसे लग रहे थे..
मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने अपने होंठ उसके होंठों से लगा दिए… ऐसा करते ही मुझे 440 वोल्ट का झटका सा लगा.. और मेरा लंड ज़ोर-ज़ोर से फड़फड़ाने लगा…
मैं उसे अपनी गोद में उठाकर अपने कमरे में लेकर आ गया और बिस्तर पर लेटा दिया।
मैं उसे देखकर बहुत ही हेयरां था.. क्योंकि वो बेहोशी में और भी बहुत सुंदर लग रही थीं… उसके होंठ मुझे अपनी ओर बुला रहे थे।

फिर मैंने अपने कमरे की कुंडी लगा ली और उसके पास बैठ गया और धीरे से उसके बूब्ज़ पर अपना एक हाथ रखा..
हाथ रखते ही मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैंने किसी रूई के तकिए को पकड़ा हो.. मेरी उंगलियां उसके मुलायम बूब्ज़ में फंसी जा रही थीं।
फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्ज़ को हल्के हल्के दबाना शुरू कर दिया और अब मेरा 7 इंच का लंड मेरे बरमूडा में टेंट बन चुका था।
मैंने अपना बरमूडा और अंदर दोनों को एक साथ उतार दिया… अब मेरा लंड किसी भूखे शेर की तरह शिकार को तलाश कर रहा था।
मैं उसके चहरे की तरफ गया और उसके गुलाबी होंठों को किस किया.. उसके बाद मुख्य अपने तन हुए लंड को उसके नाज़ुक होंठों पर फेरने लगा.. जिसकी वजह से मेरे लंड से चिकना पानी निकलने लगा..
मैंने उसके होठों पर अपने लंड से लिपास्टिक की तरह लगा दिया तो अब उसके होठों पर और भी ज्यादा चमकाने लगे..
फिर मैंने उसका मुंह हल्के से दबाया.. जिसकी वजह से वो खुल गया और मैंने अपने लंड का टोपा उसके मुंह में डाल दिया और धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा..
करीब 10 मिनट तक ऐसा करने के बाद मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैं झड़ने वाला हूं तो मैं एकादाम से रुक गया और अपने लंड को जल्दी से बाहर खींच लिया।
फिर मैंने उसको हल्का सा उथाकर उसके टॉप को ऊपर कर दिया और फिर पूरा उतार दिया.. उसके बाद उसका इलास्टिक वाला पाजामा भी धीरे से उतार दिया..
अब जो दृश्य मेरे सामने था..उसको में आप सभी को अपने शब्दों से बता नहीं सकता..
उसने सफेद कलर की जालीदार ब्रा और जालीदार पेंटी का सेट पहनना हुआ था.. जिस में से उसके हाफ बूब्ज़ और चूत की लाइन की शुरुआत दिख रही थी..
मुझे ऐसा लग रहा था.. जैसे सफ़ेद लिबास में कोई परी मेरे सामने पड़ी हो…
मैं उसके ऊपर ऐसे ही लेट गया और उसके शरीर की गर्मी महसूस करने लगा..
उसकी छाती मेरी छाती से टकरा रही थी थे और मेरा लंड उसकी पेंटी से ढकी हुई चूत को फाड़ने को बैचेन था..
मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया।
उसके होंठ चूसने की वजह से और भी गुलाबी हो गए थे।
फिर मैंने अपना एक हाथ उसके कमर के नीचे डाल कर उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और धीरे से उसके बूब्ज़ को फ्री कर दिया..
उसके 32 साइज़ के बूब्ज़ क्या मस्त दिख रहे थे और मुझे मसलने के लिए उकासा रहे थे.. मैंने भी उन्हें नाराज़ ना करते हुए अपने दोनों हाथों में ले लिया और धीरे-धीरे प्यार से सहलाने लगा..
ये सब लगभग 15 मिनट तक चला।
फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी पेंटी को धीरे से नीचे खींचते हुए बाहर निकाल दिया..
अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी पड़े थे..
मैंने देखा कि उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे.. मुझे देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उसने अभी 3-4 दिन पहले ही अपनी चूत के बाल साफ किये होंगे..
मैंने बिना समय गंवाए उसके दोनों पैरों को फैलाया तो उसकी कुंवारी चूत मेरे सामने मुंह फैलाकर मुझे अपनी ओर बुलाने लगी..
मैंने मोबाइल टॉर्च से चेक किया तो पता चला कि वो बिल्कुल वर्जिन चूत थी। उसकी झिली साफ बरकरार दिख रही थी।
ये सब देखकर मेरा लंड और भी जोश में फूलने लगा..
अब मैंने बिना समय गँवाए उसकी कुंवारी चूत को अपने मुँह में भर लिया और ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा..
मेरे चाटने से उसकी चूत का रंग और भी निखर गया..

अब वो हल्की हल्की कसमसाने लगी थी… उसके मुंह से हल्की हल्की सिसकियां बाहर आने लगी थी… और उसकी चुत चिकना चिकना पानी छोड़ने लगी..
वो पानी कुछ नमकीन सा था..
उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी है।
चूत चाटने के बाद मैंने अपने लंड को सहलाया.. जो कि अब उसकी कुंवारी चूत फाड़ने को बिल्कुल तैयार था।
फिर मैंने अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगाया और उसकी चूत के मुँह पर रगड़ने लगा..
मेरे सब्र का बांध टूटने लगा..
मैं अपने लंड के टोपे को धीरे-धीरे उसकी चूत के अंदर ढकेलने लगा… लेकिन मेरी हर कोशिश बेकार गई.. क्योंकि जैसा कि मैंने आपको पहले बताया था, कि मेरा टोपा आगे से ज्यादा मोटा है.. इस तरह वो चूत के चिकने होने के कारण भी अंदर नहीं जा रहा था…
लेकिन मेरे ऊपर तो उसकी चूत का भूत सवार था।
मैंने जल्दी से तेल की बोतल उठाई और बहुत सारा तेल उसकी चूत में डाल दिया और ढेर सारा तेल अपने लंड पर लगा लिया..
मुझे यह सब कराटे एक घंटा हो चुका था और मुझे लग रहा था कि कामिनी पर दवा का असर हल्का हो रहा था…
मैंने समय ना गंवाते हुए अपना टोपा उसकी कुंवारी चूत पर लगाया और एक जोरदार झटका मारा.. जिसके मेरे लंड का टोपा उसकी चूत की दीवार को चीरता हुआ अंदर घुस गया और उसकी चूत खून उगलने लगी..
कामिनी बेहोशी में भी तड़पने लगी… मैं भी थम गया..
लेकिन अब कमीने को होश आने लगा था और वो दर्द से कर रही थी..
2 मिनट के बाद उसने धीरे-धीरे अपनी दोनों आंखें खोलीं तो वो अपनी स्थिति को देखते हुए बहुत परेशान हो गई।
दोस्तों में उसके ऊपर चढ़ा हुआ था… मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत में था और मेरे दोनों हाथ उसके ऊपर चोदे हुए थे..
होश में आते ही उसका सबसे पहला सवाल था कि तुमने ये क्या किया और वो मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से हटाने लगी..
लेकिन मेरी पकड़ भी उसके जिस्म पर बहुत बढ़िया थी..
मैंने उसे समझाते हुए कहा कि मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं.. इसलिए तुम्हारे साथ यह सब कर रहा हूं…
इस पर उसने कहाते हुए कहा कि ये प्यार नहीं तुम्हारा काम वासना है.. जो तुम मेरे शरीर हो से मिटा रहे हो और ऐसा कहते हुए उसने फिर से मुझे धक्का देने की कोशिश की..
लेकिन गोलियों के असर की वजह से उसके धक्के में कोई खास ताक़त नहीं थी।
फिर वो बोली कि मैं ये बात सबको बता दूंगी कि तुम मेरे साथ हो तो मैंने उसे बहुत समझाया कि इसे उसकी ही बदनामी होगी और कोई भी उससे शादी नहीं करेगा.. उसके घर वाले और वो किसी को भी मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे…तो इसपर वो कुछ सोचने लगी…
मौका पाते ही मैंने एक जोर का झटका दिया और अपना पूरा का पूरा लैंड उसकी चूत की गहराइयों में ढकेल दिया..
जिसकी वजह से वो एकदम बहुत ज़ोर से चिल्ला उठे..
मैंने झट से उसके होठों को अपने होठों से भींच लिया लिए ताकि उसकी आवाज बाहर ना जा सके… और अपने झटकों की स्पीड बढ़ा दे…
अब उसकी आंखों से आंसू आने लगे.. लेकिन मेरे ऊपर अब भूत सवार था।
फिर मैंने झटके और तेज कर दिए और उसके बूब्ज़ को दबाने लगा।
उसने अपने जिस्म की आग को बुझाते हुए देख अब विरोध करना एकदम बंद कर दिया…
मैं भी उसे किस कराटे हुए कहता हूं कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड बनाऊंगा और उसे बहुत सारी खुशियां दूंगा तो वो मेरे मुंह से ये सब सुनकर कुछ अच्छा महसूस करने लगेगी..
वो बोले कि क्या तुम मुझसे शादी भी करोगे तो मैंने वक्त की नजाकत समझते हुए हां कह दी..
वो खुश हो गई और इस बार उसने खुद मुझे मेरे होठों पर किस किया..
ये देख मेरा हौसला और बढ़ गया और मैंने चोदने की स्पीड और बढ़ा दी बड़ा दी..
अब वो भी मेरे साथ मजे कर रही थी और अपनी छूट भी हिला रही थी।
फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में झुकाने को कहा… और पीछे से लंड को चूत में डालकर चोदने लगा।
अब मेरा लंड पूरी तरह से उसकी चूत में अंदर बाहर जा रहा था…वो कामुक आवाज़ निकाल रही थी…
मैंने पीछे से उसे बूबज़ पकाकर मसालाने शुरू कर दिया..
कुछ देर की चुदाई के बाद वो अब झड़ाने की चरम सीमा पर थे… उसका शरीर अकड़ने लगा था…

वो मुझे रुकने को कहने लगी… लेकिन मैं कहां रुकने वाला था।
मैं तो उसे और भी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोद रहा था…
वो झड़ गई… उसकी चूत का पानी और खून मेरे लंड को लपेट रहा था..
पूरा कमरा फ़च-फ़च-फ़च-फ़च की आवाज़ से गूंज रहा था…
मेरी नज़र उसकी गांड के छेद पर पड़ी… जो भूरे रंग की थी और उसका लंड अंदर बाहर जाते हुए फैलता और सिकुड़ता जा रहा था…
ये गांड की छेद देखकर मेरा मन उसकी गांड की तरह आकर्षित हुआ…
लेकिन मैं जानता था कि एक सीधी साधी अच्छी लड़की अपनी गांड इतनी आसानी से नहीं देती।
फिर मैंने तेल की बोतल को उठाकर बहुत सारा तेल हाथ में लिया और उसकी गांड पर डाल दिया और गांड को सहलाने लगा..
वो बोली- क्या कर रहे हो..?
मैंने कहा – मैं तुम्हारी गांड को सहला रहा हूँ…
तो वो बोले – तुम ऐसा क्यों कर रहे हो..?
मैंने कहा – क्या तुम्हें ये सब अच्छा नहीं लग रहा?
वो बोली – अच्छा तो बहुत लग रहा है।
फिर मैं उसकी गांड सहलाने लगा… और मैंने धीरे से अपनी एक उंगली उसकी गांड में डाल दी..
वो उछल पड़ी और कहने लगी – तुम ये क्या कर रहे हो?
मैंने उसे कहा – कुछ नहीं बस ग़लती से अंदर चली गई..
वो बोले – प्लीज… अब मत करना.. मुझे बहुत दर्द होता है..
तो मैंने कहा – ठीक है…
और में उसकी गांड को सहलाने, मसालाने लगा..
वो भी धीरे-धीरे मदहोश होने लगी थी… मैंने मौका देखा ही अपना लंड उसकी गीली चूत से बाहर निकाला और एक ही झटके में टोपा उसकी गांड पर लगा कर जोर का धक्का मारा..
धक्के की वजह से उसके हाथ चारपाई पर फिसल गए और वो धम्म से चारपाई पर मेरे साथ गिर पड़ी..जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी गांड को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया..
वो ज़ोर से चिल्ला उठे..
मैंने अपना हाथ उसके मुंह पर रखकर उसका मुंह बंद कर दिया और बस ऐसे ही पड़ा रहा।
फिर कुछ देर बाद उसने मुझे हाथ अपने मुंह से हटाने को कहा और कहा और कहते हुए बोली – तुम मुझे आज मार ही डालोगे.. तुमने तो आज मेरी चूत के साथ-साथ मेरी गांड भी फाड़ दी।
मैने उसे प्यार से सहलाते हुए कहा – प्यार की गहराई को नापना बहुत जरूरी था।
फिर वो बोली – क्या तुम्हें आगे से प्यार की गहराई नहीं पता चली?
मैंने मुस्कुराते हुए लंड को थोड़ा बाहर खींचा और दोबारा अंदर डाल दिया..
वो उछल पड़ी और बोली – हटो… उफ्फ्फ… आह… माँ… बहुत दर्द हो रहा है…।
तो मैंने कहा – थोड़ी देर रुक जाओ.. सब ठीक हो जाएगा..
और मैं धीरे-धीरे धक्का मारने लगा..
अब उसे भी मजा आने लगा।
हमें चोदते हुए एक घंटा हो चुका था… मैं तेजी से उसकी गांड मार रहा था और वो भी कूद-कूद कर मेरा साथ दे रही थी..
मुझे लगा कि मैं अब झड़ने वाला हूं तो मैंने उससे पूछा – लंड का पानी कहां डालूं?
वो बोली – मेरी गांड में ही निकल दो..
उसे इतना कहते ही मेरे लंड का ज्वालामुखी फूट पड़ा और गरम गरम लावा ने उसकी गांड को भर दिया।
हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे और फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला..

जब उसने मेरे लंड को देखा तो वो चौंक गई और वो बोली – इतना बड़ा लंड मेरी चूत और गांड में घुसा हुआ था..!!! तभी तो मेरी जान निकलने को तैयार थे…!!!
फिर उसने मेरा लंड अपनी पेंटी से साफ किया और अपनी गीली चूत भी साफ की और कपड़े पहनने लगी..
कपडे पहनने के बाद वो मेरे गले लगी और बोली – कभी मुझे छोड़ कर मत जाना.. मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकूँगी।
फिर वो मेरे कमरे से जाने लगी लेकिन दर्द की वजह से उसे चला नहीं जा रहा था और वो लंगड़ाकर चल रही थी..
ये देखकर मैंने अपने लंड को सहलाया और उसे शाबाशी दी.. क्योंकि आज उसने एक कुंवारी चूत को फाड़ा था।